पीलीभीत ब्रेकिंग: जिलाधिकारी ने खेत में उतरकर जांची गेहूं की उत्पादकता, CCE एग्री ऐप पर फीडिंग के दिए निर्देश पीलीभीत। जनपद में रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई का काम जोरों पर है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को विकासखण्ड मरौरी के ग्राम पंचायत चंदोई का दौरा किया। जिलाधिकारी ने न केवल फसल की स्थिति देखी, बल्कि स्वयं खेत में खड़े होकर क्रॉप कटिंग (Crop Cutting) के माध्यम से गेहूं की उत्पादकता की बारीकी से जांच की। उत्पादकता के आंकड़े और तकनीकी निरीक्षण निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की मौजूदगी में दो अलग-अलग गाटों (खेत के हिस्सों) में क्रॉप कटिंग का प्रयोग संपन्न हुआ। जांच में गेहूं की उत्पादकता के निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए: प्रथम गाटा: 18.160 किलोग्राम द्वितीय गाटा: 15.230 किलोग्राम DM ने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय लेखपाल से फसल की नपाई और कटाई की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। उन्होंने विशेष रूप से CCE एग्री ऐप पर डेटा की ऑनलाइन फीडिंग को लेकर जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी आंकड़े समय से और पारदर्शिता के साथ पोर्टल पर दर्ज किए जाएं। किसानों से अपील: सुरक्षा और पंजीकरण पर जोर खेत पर मौजूद किसानों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे: फार्मर रजिस्ट्री समय से पूर्ण कराएं। प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई के लिए फसलों का बीमा जरूर करवाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर लाभ पाने के लिए अपना किसान पंजीकरण अपडेट रखें। "क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्राप्त आंकड़े जिले की औसत उत्पादकता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य और सुरक्षा मिले।" — ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी मौके पर मौजूद अधिकारी निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी टीम भी मुस्तैद रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से: क्षेत्रीय कानूनगो एवं लेखपाल अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी इफको टोकियो (IFFCO-TOKIO) कंपनी के प्रतिनिधि इस निरीक्षण से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि फसल कटाई और उत्पादन के आंकड़ों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीलीभीत ब्रेकिंग: जिलाधिकारी ने खेत में उतरकर जांची गेहूं की उत्पादकता, CCE एग्री ऐप पर फीडिंग के दिए निर्देश पीलीभीत। जनपद में रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई का काम जोरों पर है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को विकासखण्ड मरौरी के ग्राम पंचायत चंदोई का दौरा किया। जिलाधिकारी ने न केवल फसल की स्थिति देखी, बल्कि स्वयं खेत में खड़े होकर क्रॉप कटिंग (Crop Cutting) के माध्यम से गेहूं की उत्पादकता की बारीकी से जांच की। उत्पादकता के आंकड़े और तकनीकी निरीक्षण निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की मौजूदगी में दो अलग-अलग गाटों (खेत के हिस्सों) में क्रॉप कटिंग का प्रयोग संपन्न हुआ। जांच में गेहूं की उत्पादकता के निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए: प्रथम गाटा: 18.160 किलोग्राम द्वितीय गाटा: 15.230 किलोग्राम DM ने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय लेखपाल से फसल की नपाई और कटाई की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। उन्होंने विशेष रूप से CCE एग्री ऐप पर डेटा की ऑनलाइन फीडिंग को लेकर जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी आंकड़े समय से और पारदर्शिता के साथ पोर्टल पर दर्ज किए जाएं। किसानों से अपील: सुरक्षा और पंजीकरण पर जोर खेत पर मौजूद किसानों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे: फार्मर रजिस्ट्री समय से पूर्ण कराएं। प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई के लिए फसलों का बीमा जरूर करवाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर लाभ पाने के लिए अपना किसान पंजीकरण अपडेट रखें। "क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्राप्त आंकड़े जिले की औसत उत्पादकता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य और सुरक्षा मिले।" — ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी मौके पर मौजूद अधिकारी निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी टीम भी मुस्तैद रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से: क्षेत्रीय कानूनगो एवं लेखपाल अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी इफको टोकियो (IFFCO-TOKIO) कंपनी के प्रतिनिधि इस निरीक्षण से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि फसल कटाई और उत्पादन के आंकड़ों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- पीलीभीत। जनपद में नशे के काले कारोबार पर प्रहार करते हुए पीलीभीत पुलिस ने आज मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी निस्तारण कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के कुशल निर्देशन में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने करोड़ों रुपये के अवैध मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। प्रमुख बिंदु: कार्रवाई का ब्यौरा नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस ने निम्नलिखित आंकड़े साझा किए: कुल मुकदमे: 95 विभिन्न मुकदमों से संबंधित माल। कुल वजन: 70.908 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ। बाजार मूल्य: नष्ट की गई खेप की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग ₹2.15 करोड़ है। कहाँ और कैसे हुई कार्रवाई? यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संपन्न की गई। जब्त किए गए नशीले पदार्थों को बरेली के परसाखेड़ा स्थित ENVIRAD MEDICARE PVT. LTD. ले जाया गया, जहाँ इन्सिनेटर (भट्टी) के माध्यम से उन्हें पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया गया। "जिले में नशे के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी रहेगा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।" — पीलीभीत पुलिस प्रशासन अपराधियों पर कड़ा प्रहार पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के नेतृत्व में जिले में अपराधियों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि पीलीभीत को नशा मुक्त बनाया जा सके।1
- बीसलपुर। मानसी पब्लिक स्कूल के निकट अचानक लगी आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। देखते ही देखते आग की चिंगारियों ने विकराल रूप ले लिया और करीब 27 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। खेतों में धधकती आग और उठते धुएं के बीच किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दीं। अपनी मेहनत की कमाई को जलते देख कई किसान भावुक हो उठे। घटना की सूचना मिलते ही बीसलपुर कोतवाली पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहीं स्थानीय किसानों ने भी ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग को नियंत्रित किया जा सका। गनीमत यह रही कि अधिकांश किसानों ने अपनी फसल पहले ही कटवा ली थी, अन्यथा नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। सूचना मिलते ही तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों का आकलन कर शासन स्तर से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी।1
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- पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित गांव देवीपुरा के पास देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर तीन दुकानों में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि देवीपुरा गांव के समीप स्थित दुकानों में देर रात आग लग गई, जिसमें बालाजी ऑटो सर्विस की दुकान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दुकान स्वामी प्रोसेनजीत चौधरी के अनुसार करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं आसपास की दुकानों में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया। दुकान मालिक ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को धूपबत्ती लगाकर दुकान बंद करते हैं और बत्ती बुझने के बाद ही वहां से जाते हैं। सुबह करीब 6 बजे जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रोसनजीत चौधरी को “सुबह 6 बजे जानकारी मिली, जब तक आया तब तक सब जल चुका था… करीब 2 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।” फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तहरीर दे दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा l1
- सीओ कार्यालय में संयुक्त किसान संगठनों का घेराव, गेहूं खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन व गिरफ्तारी की मांग पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन किसानों और किसान नेताओं पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा किसानों पर फार्मर रजिस्ट्री सहित नए-नए नियम लागू कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही विरोध करने वाले किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के विरोध में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसान सीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरने को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं होती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ से नहीं एसपी और डीएम से वार्ता करने की मांग के बाद ही समाप्त होगा धरना प्रदर्शन।2
- बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र में पार्लर कर्मचारी की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर घटना का सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। क्षेत्राधिकारी प्रथम श्री आशुतोष शिवम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें गठित की गईं और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपी की पहचान की। दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अभियुक्त ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।1
- पीलीभीत। जनपद में रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई का काम जोरों पर है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को विकासखण्ड मरौरी के ग्राम पंचायत चंदोई का दौरा किया। जिलाधिकारी ने न केवल फसल की स्थिति देखी, बल्कि स्वयं खेत में खड़े होकर क्रॉप कटिंग (Crop Cutting) के माध्यम से गेहूं की उत्पादकता की बारीकी से जांच की। उत्पादकता के आंकड़े और तकनीकी निरीक्षण निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की मौजूदगी में दो अलग-अलग गाटों (खेत के हिस्सों) में क्रॉप कटिंग का प्रयोग संपन्न हुआ। जांच में गेहूं की उत्पादकता के निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए: प्रथम गाटा: 18.160 किलोग्राम द्वितीय गाटा: 15.230 किलोग्राम DM ने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय लेखपाल से फसल की नपाई और कटाई की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। उन्होंने विशेष रूप से CCE एग्री ऐप पर डेटा की ऑनलाइन फीडिंग को लेकर जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी आंकड़े समय से और पारदर्शिता के साथ पोर्टल पर दर्ज किए जाएं। किसानों से अपील: सुरक्षा और पंजीकरण पर जोर खेत पर मौजूद किसानों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे: फार्मर रजिस्ट्री समय से पूर्ण कराएं। प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई के लिए फसलों का बीमा जरूर करवाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर लाभ पाने के लिए अपना किसान पंजीकरण अपडेट रखें। "क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्राप्त आंकड़े जिले की औसत उत्पादकता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य और सुरक्षा मिले।" — ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी मौके पर मौजूद अधिकारी निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी टीम भी मुस्तैद रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से: क्षेत्रीय कानूनगो एवं लेखपाल अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी इफको टोकियो (IFFCO-TOKIO) कंपनी के प्रतिनिधि इस निरीक्षण से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि फसल कटाई और उत्पादन के आंकड़ों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1