डूंगरपुर पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निकट सुपरविजन में पूरे जिले में 'एरिया डोमिनेशन' के तहत एक व्यापक और विशेष धरपकड़ अभियान चलाया। इस बड़ी कार्रवाई में जिला पुलिस की कुल 40 टीमों के 166 अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के कुल 238 संदिग्ध और वांछित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को विभिन्न संगीन मामलों में वांछित कुल 105 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में लंबे समय से वांछित चल रहे 3 प्रमुख अभियुक्तों को पकड़ा गया। इसके अलावा, स्थाई वारंटी, उद्घोषित अपराधी और धारा 335 के तहत 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, वहीं सामान्य प्रकरणों में वांछित 9 अन्य अपराधियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने धारा 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड 81 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। अपराध पर लगाम कसने के लिए जिलेभर के कुल 35 चिन्हित हिस्ट्रीशीटरों की भौतिक जांच कर उन्हें कानून के दायरे में पाबन्द किया गया। इसके अतिरिक्त, संपत्ति संबंधी अपराधों और एनडीपीएस एक्ट में पूर्व में चालानशुदा रहे 5 अपराधियों से गहन पूछताछ की गई तथा लोकल स्पेशल एक्ट के अंतर्गत 8 महत्वपूर्ण कार्रवाइयां अमल में लाई गईं। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग थानों की टीमों ने अवैध गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई की। थाना कुँआ पुलिस ने अवैध रूप से पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को डिटेन कर अग्रिम कार्रवाई के लिए माइनिंग विभाग को सूचित किया। वहीं, दूसरी ओर थाना सदर पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 400 लीटर अवैध महुआ वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में विश्वास व अपराधियों में भय पैदा करने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
डूंगरपुर पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निकट सुपरविजन में पूरे जिले में 'एरिया डोमिनेशन' के तहत एक व्यापक और विशेष धरपकड़ अभियान चलाया। इस बड़ी कार्रवाई में जिला पुलिस की कुल 40 टीमों के 166 अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के कुल 238 संदिग्ध और वांछित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को विभिन्न संगीन मामलों में वांछित कुल 105 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में लंबे समय से वांछित चल रहे 3 प्रमुख अभियुक्तों को पकड़ा गया। इसके अलावा, स्थाई वारंटी, उद्घोषित अपराधी और धारा 335 के तहत 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, वहीं सामान्य प्रकरणों में वांछित 9 अन्य अपराधियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने धारा 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड 81 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। अपराध पर लगाम कसने के लिए जिलेभर के कुल 35 चिन्हित हिस्ट्रीशीटरों की भौतिक जांच कर उन्हें कानून के दायरे में पाबन्द किया गया। इसके अतिरिक्त, संपत्ति संबंधी अपराधों और एनडीपीएस एक्ट में पूर्व में चालानशुदा रहे 5 अपराधियों से गहन पूछताछ की गई तथा लोकल स्पेशल एक्ट के अंतर्गत 8 महत्वपूर्ण कार्रवाइयां अमल में लाई गईं। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग थानों की टीमों ने अवैध गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई की। थाना कुँआ पुलिस ने अवैध रूप से पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को डिटेन कर अग्रिम कार्रवाई के लिए माइनिंग विभाग को सूचित किया। वहीं, दूसरी ओर थाना सदर पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 400 लीटर अवैध महुआ वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में विश्वास व अपराधियों में भय पैदा करने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
- डूंगरपुर में आगामी पंचायती राज चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बूथ स्तर पर अपनी जमीनी किलेबंदी शुरू कर दी है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए, भाजपा देवसोमनाथ मंडल की मासिक बैठक रविवार को देवसोमनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने, उसके विस्तार और आगामी चुनावों के लिए रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जबकि भाजपा जिला उपाध्यक्ष धनेश्वर अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के लिए रूपरेखा तैयार करना था। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से जनता की सेवा को प्राथमिकता देने और चुनावों में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्रियता से जुटने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं की स्थानीय समस्याओं और सुझावों को सुना गया, जिस पर पार्टी पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष इन मुद्दों को उठाने और जल्द समाधान करवाने का भरोसा दिया। इस संगठनात्मक बैठक में भाजपा के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता एकजुट दिखाई दिए। उपस्थित प्रमुख नेताओं में मंडल महामंत्री महेंद्र पाटीदार व विरमल परमार, कांतिलाल पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष छतरसिंह चारण, हीराभगत व वल्लभ पाटीदार, मंडल मंत्री हीरालाल खराड़ी, मंडल सह प्रभारी बहादुर पाटीदार, वरिष्ठ नेता प्रेमनाथ पाटीदार और पूर्व मंडल अध्यक्ष मनसुख पाटीदार शामिल थे। इनके अतिरिक्त, कन्हैयालाल अहारी, शंकरलाल कलाल, धुलेश्वर पाटीदार, वीरेन्द्र अहारी और दिनेश उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी बैठक में भाग लेकर आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।1
- डूंगरपुर के पुलिस थाना रामसागड़ा अंतर्गत हुई लूट की घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में, जहाँ प्रार्थियों से मारपीट और लूट को अंजाम दिया गया था, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक बाल अपचारी को निरूद्ध किया है। पुलिस से बचने के लिए अभियुक्त घटना को अंजाम देने के बाद रातापानी कुड़ियागुण के जंगलों में महिलाओं के भेष में छिपे हुए थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कावा उर्फ कावालाल भी शामिल है, जिसके खिलाफ मारपीट के छह प्रकरण दर्ज थे और वह पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना रामसागड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में राहगीरों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 01 बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कावा उर्फ कावालाल है, जो पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 05 प्रकरण दर्ज हैं। अभियुक्तगणों ने प्रार्थी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए रातापाणी कुड़ीयागुण के जंगल में अपना हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में छुपने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले को लेकर वृत्त अधिकारी सीमलवाड़ा मदन लाल विश्नोई ने भी बाइट दी है।1
- विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा के जन्मदिन के अवसर पर रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में संगठन की नई कार्यकारिणी का सम्मान किया गया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सुशील ओझा के विचारों तथा विप्र समाज के हित में उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संगठन की शाखाओं का विस्तार करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रत्येक परिवार द्वारा अपने घर के सामने एक वृक्ष लगाने और फलों के सूखे बीजों को खाली स्थानों पर रोपित करने का भी संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर बिहार के बिलोटी गांव के वीर सपूत भरत तिवारी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने सर्व समाज के हितों के लिए संघर्ष किया था। नई कार्यकारिणी के गठन पर नवनियुक्त पदाधिकारियों का तिलक लगाकर और उपर्णा पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन भगवान परशुराम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। विप्र फाउंडेशन की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीति पंड्या ने संगठन की सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए सभी से सेवा और संगठन के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला महामंत्री रमेश पंड्या, सीमलवाड़ा अध्यक्ष आशीष त्रिवेदी, सचिव विपिन पंड्या, सीमलवाड़ा महिला अध्यक्ष रेणुका भट्ट, संगठन महामंत्री मीशा पंड्या, कार्यकारिणी सदस्य विद्या पंड्या और शिल्पा पंड्या सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- सीमलवाड़ा कस्बे में पुल निर्माण कार्य के चलते छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग खोला गया, लेकिन बिना उचित यातायात व्यवस्था के यह रास्ता कस्बे की गलियों और बाजारों को जाम का केंद्र बना रहा है। पुलिस प्रशासन की अनुपस्थिति के कारण धंबोला स्थित बाजार दिनभर जाम से बेहाल रहा, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। दरअसल, पुल निर्माण के कारण धंबोला स्थित बीएसएनएल टावर के पास मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया था। इसके बाद छोटे-बड़े वाहनों के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबा कच्चा बायपास मार्ग बनाया गया था, जिससे दोपहिया चालकों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानी हो रही थी। कस्बेवासियों की लगातार मांग और आमजन की दिक्कत को देखते हुए विभाग ने रविवार को छोटे वाहनों के लिए यह वैकल्पिक मार्ग खोल दिया। हालांकि, यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। रास्ता खुलते ही छोटे वाहन निजी बस स्टैंड से होकर कस्बे की संकरी गलियों और मुख्य बाजार में प्रवेश करने लगे। वाहनों का दबाव बढ़ने से पूरे दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिसने पैदल चलने वालों को भी कठिनाई में डाल दिया। स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि पुल निर्माण कार्य शुरू हुए आठ दिन से अधिक हो चुके हैं, फिर भी पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। बाजार में न तो यातायात पुलिस तैनात की गई और न ही वाहनों के संचालन की कोई वैकल्पिक योजना लागू की गई, जिसका खामियाजा रोजाना आमजन, दुकानदारों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चेताया कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से तुरंत मुख्य बाजार और संवेदनशील चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात करने और प्रभावी यातायात संचालन व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि पुल निर्माण के दौरान लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके।3
- समाज सेवी हितेश सिंघाड़ा के जन्मदिवस के अवसर पर समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि यदि अच्छे, पढ़े-लिखे और युवा लोग आगे आकर क्षेत्र में जन जागरण का कार्य करेंगे, तो समाज में निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। अहारी ने यह भी कहा कि योग्य लोगों को सामाजिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से आगे आना चाहिए, क्योंकि इसी से इस क्षेत्र के वातावरण और राजनीति में 'रोटेशन' और 'पारदर्शिता' सुनिश्चित हो सकेगी।1
- डूंगरपुर पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निकट सुपरविजन में पूरे जिले में 'एरिया डोमिनेशन' के तहत एक व्यापक और विशेष धरपकड़ अभियान चलाया। इस बड़ी कार्रवाई में जिला पुलिस की कुल 40 टीमों के 166 अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के कुल 238 संदिग्ध और वांछित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को विभिन्न संगीन मामलों में वांछित कुल 105 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में लंबे समय से वांछित चल रहे 3 प्रमुख अभियुक्तों को पकड़ा गया। इसके अलावा, स्थाई वारंटी, उद्घोषित अपराधी और धारा 335 के तहत 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, वहीं सामान्य प्रकरणों में वांछित 9 अन्य अपराधियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने धारा 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड 81 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। अपराध पर लगाम कसने के लिए जिलेभर के कुल 35 चिन्हित हिस्ट्रीशीटरों की भौतिक जांच कर उन्हें कानून के दायरे में पाबन्द किया गया। इसके अतिरिक्त, संपत्ति संबंधी अपराधों और एनडीपीएस एक्ट में पूर्व में चालानशुदा रहे 5 अपराधियों से गहन पूछताछ की गई तथा लोकल स्पेशल एक्ट के अंतर्गत 8 महत्वपूर्ण कार्रवाइयां अमल में लाई गईं। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग थानों की टीमों ने अवैध गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई की। थाना कुँआ पुलिस ने अवैध रूप से पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को डिटेन कर अग्रिम कार्रवाई के लिए माइनिंग विभाग को सूचित किया। वहीं, दूसरी ओर थाना सदर पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 400 लीटर अवैध महुआ वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में विश्वास व अपराधियों में भय पैदा करने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।1
- डूंगरपुर जिले के पूंजपुर मार्ग पर एक ऑटो के अनियंत्रित होकर पलट जाने से उसमें सवार दो बच्चों सहित कुल सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद सभी घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना दोवड़ा थाना क्षेत्र के लापिया के पास पूंजपुर रोड पर उस समय हुई, जब चुंडीयावाड़ा गांव निवासी हितेंद्र सिंह राठौड़ अपने परिवार के साथ चुंडीयावाड़ा से गडा सियालिया स्थित अपने रिश्तेदारों से मिलकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी बाड़ से टकराकर पलट गया। घायलों में हितेंद्र सिंह राठौड़, उनकी माता देवू कुंवर, बेटियां झलक और सेजल सहित कुल सात लोग शामिल हैं, जिनमें से तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों का इलाज डूंगरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है।1