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डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में राहगीरों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 01 बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कावा उर्फ कावालाल है, जो पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 05 प्रकरण दर्ज हैं। अभियुक्तगणों ने प्रार्थी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए रातापाणी कुड़ीयागुण के जंगल में अपना हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में छुपने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले को लेकर वृत्त अधिकारी सीमलवाड़ा मदन लाल विश्नोई ने भी बाइट दी है।
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डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में राहगीरों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 01 बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कावा उर्फ कावालाल है, जो पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 05 प्रकरण दर्ज हैं। अभियुक्तगणों ने प्रार्थी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए रातापाणी कुड़ीयागुण के जंगल में अपना हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में छुपने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले को लेकर वृत्त अधिकारी सीमलवाड़ा मदन लाल विश्नोई ने भी बाइट दी है।
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- डूंगरपुर के पुलिस थाना रामसागड़ा अंतर्गत हुई लूट की घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में, जहाँ प्रार्थियों से मारपीट और लूट को अंजाम दिया गया था, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक बाल अपचारी को निरूद्ध किया है। पुलिस से बचने के लिए अभियुक्त घटना को अंजाम देने के बाद रातापानी कुड़ियागुण के जंगलों में महिलाओं के भेष में छिपे हुए थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कावा उर्फ कावालाल भी शामिल है, जिसके खिलाफ मारपीट के छह प्रकरण दर्ज थे और वह पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना रामसागड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में राहगीरों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 01 बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कावा उर्फ कावालाल है, जो पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 05 प्रकरण दर्ज हैं। अभियुक्तगणों ने प्रार्थी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए रातापाणी कुड़ीयागुण के जंगल में अपना हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में छुपने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले को लेकर वृत्त अधिकारी सीमलवाड़ा मदन लाल विश्नोई ने भी बाइट दी है।1
- सीमलवाड़ा कस्बे में पुल निर्माण कार्य के चलते छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग खोला गया, लेकिन बिना उचित यातायात व्यवस्था के यह रास्ता कस्बे की गलियों और बाजारों को जाम का केंद्र बना रहा है। पुलिस प्रशासन की अनुपस्थिति के कारण धंबोला स्थित बाजार दिनभर जाम से बेहाल रहा, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। दरअसल, पुल निर्माण के कारण धंबोला स्थित बीएसएनएल टावर के पास मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया था। इसके बाद छोटे-बड़े वाहनों के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबा कच्चा बायपास मार्ग बनाया गया था, जिससे दोपहिया चालकों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानी हो रही थी। कस्बेवासियों की लगातार मांग और आमजन की दिक्कत को देखते हुए विभाग ने रविवार को छोटे वाहनों के लिए यह वैकल्पिक मार्ग खोल दिया। हालांकि, यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। रास्ता खुलते ही छोटे वाहन निजी बस स्टैंड से होकर कस्बे की संकरी गलियों और मुख्य बाजार में प्रवेश करने लगे। वाहनों का दबाव बढ़ने से पूरे दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिसने पैदल चलने वालों को भी कठिनाई में डाल दिया। स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि पुल निर्माण कार्य शुरू हुए आठ दिन से अधिक हो चुके हैं, फिर भी पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। बाजार में न तो यातायात पुलिस तैनात की गई और न ही वाहनों के संचालन की कोई वैकल्पिक योजना लागू की गई, जिसका खामियाजा रोजाना आमजन, दुकानदारों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चेताया कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से तुरंत मुख्य बाजार और संवेदनशील चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात करने और प्रभावी यातायात संचालन व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि पुल निर्माण के दौरान लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके।3
- समाज सेवी हितेश सिंघाड़ा के जन्मदिवस के अवसर पर समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि यदि अच्छे, पढ़े-लिखे और युवा लोग आगे आकर क्षेत्र में जन जागरण का कार्य करेंगे, तो समाज में निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। अहारी ने यह भी कहा कि योग्य लोगों को सामाजिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से आगे आना चाहिए, क्योंकि इसी से इस क्षेत्र के वातावरण और राजनीति में 'रोटेशन' और 'पारदर्शिता' सुनिश्चित हो सकेगी।1
- मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में उज्जैन रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, चार जिलों के कुल 117 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त लगभग 22 क्विंटल 45 किलो 915 ग्राम मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इन जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ 80 लाख आंकी गई है। उज्जैन पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 39 प्रकरणों में जब्त 3 क्विंटल 66 किलो 988 ग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक नष्ट कराया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य प्रकरण में जब्त 902 ग्राम अफीम को नियमानुसार अधिकृत भंडारण केंद्र में जमा करवाया गया। ड्रग विनष्टीकरण समिति ने शुक्रवार को 112 प्रकरणों से जुड़े 2245.915 किलोग्राम मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर-नयागांव स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की उच्च तापमान वाली भट्टी में पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी तरह से नष्ट किया। वहीं, पांच गंभीर प्रकरणों में जब्त 3.967 किलोग्राम अफीम को सुरक्षित भंडारण के लिए नीमच स्थित अल्कालाइड फैक्ट्री में जमा कराया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक और ड्रग विनष्टीकरण समिति के अध्यक्ष नवनीत भसीन के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस.के. गुप्ता की उपस्थिति में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई। उज्जैन पुलिस ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही, जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित कर समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, परिवहन या भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।3
- बांसवाड़ा जिले के खूंटा लालु पारंगी छायणा गांव में खेती का समय आ गया है। इस मौसम में गांव के किसान मक्का, सोयाबीन, चावल, मूंगफली, ज्वार और बाजरा जैसी फसलें बो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के आधे किसानों ने अभी बुवाई का काम शुरू किया है, वहीं अन्य आधे किसानों ने अपनी खेती का काम पहले ही पूरा कर लिया है।1
- बांसवाड़ा-डूंगरपुर से सांसद राजकुमार रोत का एक पूरा बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह बयान व्यापक रूप से लोगों द्वारा देखा और सुना जा रहा है।1
- प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी के देव सोमनाथ मंडल की एक आवश्यक मासिक बैठक डूंगरपुर के देव सोमनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जिला उपाध्यक्ष धनेश्वर अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करना था। इसके अतिरिक्त, संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को सुना गया, तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनके समाधान को लेकर भी आवश्यक चर्चा की गई। वक्ताओं ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती, जनसेवा और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडल महामंत्री महेंद्र पाटीदार और विरमल परमार, कांतिलाल पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष छतरसिंह चारण, हीराभगत और वल्लभ पाटीदार, मंडल मंत्री हीरालाल खराड़ी, मंडल सह प्रभारी बाहुदर पाटीदार, वरिष्ठ नेता प्रेमनाथ पाटीदार, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनसुख पाटीदार, कन्यालाल अहारी, शंकरलाल कलाल, धुलेश्वर पाटीदार, वीरेन्द्र अहारी सहित मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1