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बांसवाड़ा जिले के खूंटा लालु पारंगी छायणा गांव में खेती का समय आ गया है। इस मौसम में गांव के किसान मक्का, सोयाबीन, चावल, मूंगफली, ज्वार और बाजरा जैसी फसलें बो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के आधे किसानों ने अभी बुवाई का काम शुरू किया है, वहीं अन्य आधे किसानों ने अपनी खेती का काम पहले ही पूरा कर लिया है।

13 hrs ago
user_Mahesh Rot
Mahesh Rot
Farmer आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
13 hrs ago

बांसवाड़ा जिले के खूंटा लालु पारंगी छायणा गांव में खेती का समय आ गया है। इस मौसम में गांव के किसान मक्का, सोयाबीन, चावल, मूंगफली, ज्वार और बाजरा जैसी फसलें बो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के आधे किसानों ने अभी बुवाई का काम शुरू किया है, वहीं अन्य आधे किसानों ने अपनी खेती का काम पहले ही पूरा कर लिया है।

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  • शनिवार को आस्था, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में कुशलगढ़ से 61 श्रद्धालुओं का एक दल पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा पर निकलने से पहले सभी तीर्थयात्री नगर के प्रसिद्ध गणपति मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, समृद्धि, खुशहाली तथा अमन-चैन के लिए मंगल कामना की। इस अवसर पर पंडित हेमेंद्र पांडिया और कमलेश टेलर ने श्रद्धालुओं से सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करवाया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूँज उठा। तीर्थयात्रियों की विदाई के समय गणपति मंदिर परिसर में सैकड़ों परिजन, मित्र और नगरवासी उपस्थित रहे। ढोल-नगाड़ों और "बम-बम भोले" व "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएँ पहनाकर और तिलक लगाकर भावभीनी विदाई दी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर शिवमय और भक्तिमय हो गया। शिवाजी मंच के संरक्षक कैलाश राव ने यात्रियों का स्वागत करते हुए तीर्थ यात्राओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने बाबा अमरनाथ की यात्रा को श्रद्धा, विश्वास और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा के सुखमय, आनंदमय और मंगलमय होने की कामना की, साथ ही बाबा बर्फानी का आशीर्वाद पूरे क्षेत्र और देश पर बना रहने की प्रार्थना की। यात्रा संयोजक एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी ने इस 18 दिवसीय पवित्र अमरनाथ यात्रा को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का महापर्व कहा। उन्होंने नगरवासियों के प्रेम और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बाबा बर्फानी से पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। यात्रा के अनुमानित कार्यक्रम के अनुसार, श्रद्धालुओं का यह जत्था कुशलगढ़ से रवाना होकर विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों से होते हुए पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन करेगा। इस दौरान यात्रा दल जम्मू, कटरा, श्रीनगर, पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी और पवित्र अमरनाथ गुफा पहुँचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा, तथा वापसी में भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए अपने नगर लौटेगा। विदाई के क्षणों में अपार जनसमूह उमड़ पड़ा, जहाँ परिजनों ने नम आँखों और श्रद्धा से भरे मन से अपने प्रियजनों को विदा किया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जयघोष और ढोल-धमाकों के बीच सभी 61 श्रद्धालुओं को बस में बैठाकर अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों ने पत्रकार सुनील शर्मा और ममता शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की बधाई दी। नगरवासियों ने सभी यात्रियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा तथा उनके सकुशल लौटने के लिए बाबा बर्फानी से प्रार्थना की।
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    शनिवार को आस्था, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में कुशलगढ़ से 61 श्रद्धालुओं का एक दल पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा पर निकलने से पहले सभी तीर्थयात्री नगर के प्रसिद्ध गणपति मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, समृद्धि, खुशहाली तथा अमन-चैन के लिए मंगल कामना की। इस अवसर पर पंडित हेमेंद्र पांडिया और कमलेश टेलर ने श्रद्धालुओं से सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करवाया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूँज उठा।

तीर्थयात्रियों की विदाई के समय गणपति मंदिर परिसर में सैकड़ों परिजन, मित्र और नगरवासी उपस्थित रहे। ढोल-नगाड़ों और "बम-बम भोले" व "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएँ पहनाकर और तिलक लगाकर भावभीनी विदाई दी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर शिवमय और भक्तिमय हो गया। शिवाजी मंच के संरक्षक कैलाश राव ने यात्रियों का स्वागत करते हुए तीर्थ यात्राओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने बाबा अमरनाथ की यात्रा को श्रद्धा, विश्वास और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा के सुखमय, आनंदमय और मंगलमय होने की कामना की, साथ ही बाबा बर्फानी का आशीर्वाद पूरे क्षेत्र और देश पर बना रहने की प्रार्थना की। यात्रा संयोजक एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी ने इस 18 दिवसीय पवित्र अमरनाथ यात्रा को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का महापर्व कहा। उन्होंने नगरवासियों के प्रेम और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बाबा बर्फानी से पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

यात्रा के अनुमानित कार्यक्रम के अनुसार, श्रद्धालुओं का यह जत्था कुशलगढ़ से रवाना होकर विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों से होते हुए पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन करेगा। इस दौरान यात्रा दल जम्मू, कटरा, श्रीनगर, पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी और पवित्र अमरनाथ गुफा पहुँचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा, तथा वापसी में भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए अपने नगर लौटेगा। विदाई के क्षणों में अपार जनसमूह उमड़ पड़ा, जहाँ परिजनों ने नम आँखों और श्रद्धा से भरे मन से अपने प्रियजनों को विदा किया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जयघोष और ढोल-धमाकों के बीच सभी 61 श्रद्धालुओं को बस में बैठाकर अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों ने पत्रकार सुनील शर्मा और ममता शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की बधाई दी। नगरवासियों ने सभी यात्रियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा तथा उनके सकुशल लौटने के लिए बाबा बर्फानी से प्रार्थना की।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर रामसागड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गत दिनों हुई सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए महिलाओं के कपड़े पहनकर रातापानी-कुडीयागुण के घने जंगलों में छिपे हुए थे। मुख्य आरोपी कावा उर्फ कावालाल पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। घटना 19 जून की रात करीब 8.30 से 9 बजे के बीच हुई थी, जिसकी रिपोर्ट प्रार्थी कैलाश मीणा निवासी नयातालाब गमड़ी अहाड़ा ने 20 जून को थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, कैलाश का चचेरा भाई पीयूष अपनी साली के साथ मोटरसाइकिल से लौट रहा था, तभी गामड़ी अहाड़ा से पहले सीमेंट ईंट फैक्ट्री के पास मोड़ पर एक मोटरसाइकिल पर सवार चार अज्ञात बदमाशों ने उनका पीछा कर रोका। बदमाशों ने मारपीट कर जबरन मोबाइल फोन, आवश्यक दस्तावेज़ और जेब में रखे 500 रुपये छीन लिए। विरोध करने पर पीड़ितों पर पत्थरों से भी वार किया गया, जिससे वे घायल हो गए थे। वारदात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में रामसागड़ा थानाधिकारी कैलाश पंचारिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि पूर्व चालानशुदा अपराधी और हिस्ट्रीशीटर कावा और टिंकू फरार हैं। बाद में पता चला कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में जंगलों में छिपे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने जंगलों में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों और बाल अपचारी को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर कड़ी पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी संदीप के साथ मिलकर इस लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी कावा उर्फ कावालाल निवासी गामड़ी अहाड़ा और टिंकू निवासी लोड़वाडा के पास से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और राहगीरों को डराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक धारदार चाकू बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी कावा उर्फ कावालाल के खिलाफ मारपीट, आर्म्स एक्ट और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में 5 प्रकरण दर्ज हैं, वहीं आरोपी टिंकू के खिलाफ 2 और बाल अपचारी के खिलाफ 3 मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य साथियों और कड़ियों को लेकर आगे की तफ्तीश में जुटी है।
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    डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर रामसागड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गत दिनों हुई सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए महिलाओं के कपड़े पहनकर रातापानी-कुडीयागुण के घने जंगलों में छिपे हुए थे। मुख्य आरोपी कावा उर्फ कावालाल पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

घटना 19 जून की रात करीब 8.30 से 9 बजे के बीच हुई थी, जिसकी रिपोर्ट प्रार्थी कैलाश मीणा निवासी नयातालाब गमड़ी अहाड़ा ने 20 जून को थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, कैलाश का चचेरा भाई पीयूष अपनी साली के साथ मोटरसाइकिल से लौट रहा था, तभी गामड़ी अहाड़ा से पहले सीमेंट ईंट फैक्ट्री के पास मोड़ पर एक मोटरसाइकिल पर सवार चार अज्ञात बदमाशों ने उनका पीछा कर रोका। बदमाशों ने मारपीट कर जबरन मोबाइल फोन, आवश्यक दस्तावेज़ और जेब में रखे 500 रुपये छीन लिए। विरोध करने पर पीड़ितों पर पत्थरों से भी वार किया गया, जिससे वे घायल हो गए थे।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में रामसागड़ा थानाधिकारी कैलाश पंचारिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि पूर्व चालानशुदा अपराधी और हिस्ट्रीशीटर कावा और टिंकू फरार हैं। बाद में पता चला कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में जंगलों में छिपे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने जंगलों में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों और बाल अपचारी को हिरासत में ले लिया।

थाने लाकर कड़ी पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी संदीप के साथ मिलकर इस लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी कावा उर्फ कावालाल निवासी गामड़ी अहाड़ा और टिंकू निवासी लोड़वाडा के पास से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और राहगीरों को डराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक धारदार चाकू बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी कावा उर्फ कावालाल के खिलाफ मारपीट, आर्म्स एक्ट और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में 5 प्रकरण दर्ज हैं, वहीं आरोपी टिंकू के खिलाफ 2 और बाल अपचारी के खिलाफ 3 मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य साथियों और कड़ियों को लेकर आगे की तफ्तीश में जुटी है।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • डूंगरपुर के पुलिस थाना रामसागड़ा अंतर्गत हुई लूट की घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में, जहाँ प्रार्थियों से मारपीट और लूट को अंजाम दिया गया था, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक बाल अपचारी को निरूद्ध किया है। पुलिस से बचने के लिए अभियुक्त घटना को अंजाम देने के बाद रातापानी कुड़ियागुण के जंगलों में महिलाओं के भेष में छिपे हुए थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कावा उर्फ कावालाल भी शामिल है, जिसके खिलाफ मारपीट के छह प्रकरण दर्ज थे और वह पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना रामसागड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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    डूंगरपुर के पुलिस थाना रामसागड़ा अंतर्गत हुई लूट की घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में, जहाँ प्रार्थियों से मारपीट और लूट को अंजाम दिया गया था, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक बाल अपचारी को निरूद्ध किया है।

पुलिस से बचने के लिए अभियुक्त घटना को अंजाम देने के बाद रातापानी कुड़ियागुण के जंगलों में महिलाओं के भेष में छिपे हुए थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कावा उर्फ कावालाल भी शामिल है, जिसके खिलाफ मारपीट के छह प्रकरण दर्ज थे और वह पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना रामसागड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में राहगीरों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 01 बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कावा उर्फ कावालाल है, जो पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 05 प्रकरण दर्ज हैं। अभियुक्तगणों ने प्रार्थी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए रातापाणी कुड़ीयागुण के जंगल में अपना हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में छुपने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले को लेकर वृत्त अधिकारी सीमलवाड़ा मदन लाल विश्नोई ने भी बाइट दी है।
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    डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में राहगीरों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 01 बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक कावा उर्फ कावालाल है, जो पुलिस थाना रामसागड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 05 प्रकरण दर्ज हैं।

अभियुक्तगणों ने प्रार्थी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए रातापाणी कुड़ीयागुण के जंगल में अपना हुलिया बदलकर महिलाओं के वेश में छुपने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले को लेकर वृत्त अधिकारी सीमलवाड़ा मदन लाल विश्नोई ने भी बाइट दी है।
    user_Maheshwar choubisa
    Maheshwar choubisa
    Graphic designer डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में उज्जैन रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, चार जिलों के कुल 117 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त लगभग 22 क्विंटल 45 किलो 915 ग्राम मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इन जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ 80 लाख आंकी गई है। उज्जैन पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 39 प्रकरणों में जब्त 3 क्विंटल 66 किलो 988 ग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक नष्ट कराया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य प्रकरण में जब्त 902 ग्राम अफीम को नियमानुसार अधिकृत भंडारण केंद्र में जमा करवाया गया। ड्रग विनष्टीकरण समिति ने शुक्रवार को 112 प्रकरणों से जुड़े 2245.915 किलोग्राम मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर-नयागांव स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की उच्च तापमान वाली भट्टी में पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी तरह से नष्ट किया। वहीं, पांच गंभीर प्रकरणों में जब्त 3.967 किलोग्राम अफीम को सुरक्षित भंडारण के लिए नीमच स्थित अल्कालाइड फैक्ट्री में जमा कराया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक और ड्रग विनष्टीकरण समिति के अध्यक्ष नवनीत भसीन के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस.के. गुप्ता की उपस्थिति में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई। उज्जैन पुलिस ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही, जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित कर समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, परिवहन या भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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    मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में उज्जैन रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, चार जिलों के कुल 117 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त लगभग 22 क्विंटल 45 किलो 915 ग्राम मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इन जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ 80 लाख आंकी गई है।

उज्जैन पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 39 प्रकरणों में जब्त 3 क्विंटल 66 किलो 988 ग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक नष्ट कराया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य प्रकरण में जब्त 902 ग्राम अफीम को नियमानुसार अधिकृत भंडारण केंद्र में जमा करवाया गया। ड्रग विनष्टीकरण समिति ने शुक्रवार को 112 प्रकरणों से जुड़े 2245.915 किलोग्राम मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर-नयागांव स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की उच्च तापमान वाली भट्टी में पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी तरह से नष्ट किया। वहीं, पांच गंभीर प्रकरणों में जब्त 3.967 किलोग्राम अफीम को सुरक्षित भंडारण के लिए नीमच स्थित अल्कालाइड फैक्ट्री में जमा कराया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक और ड्रग विनष्टीकरण समिति के अध्यक्ष नवनीत भसीन के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस.के. गुप्ता की उपस्थिति में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई।

उज्जैन पुलिस ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही, जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित कर समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, परिवहन या भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
    user_Padmavat Media
    Padmavat Media
    Newspaper publisher सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • धरियावद के राजकीय उपजिला चिकित्सालय के नवीन परिसर में चिकित्सा कर्मियों द्वारा भूमि को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्रमदान एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेन्द्र बागड़िया ने बताया कि चिकित्सालय के नवीन परिसर में प्रतिवर्ष डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कार्मिकों द्वारा पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष परिसर में 151 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 350 नीम, पीपल, अमरूद, नारियल, गिलोय, बरगद, तुलसी, गुलाब सहित विभिन्न प्रजातियों के उपयोगी एवं औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगाए जा चुके हैं। चिकित्सा स्टाफ और डॉक्टर समय-समय पर इन पौधों की देखरेख एवं सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सालय का नवीन परिसर विकसित, आकर्षक एवं मनमोहक स्वरूप ग्रहण कर रहा है। अस्पताल परिसर में पेड़-पौधों की मौजूदगी को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। इस अवसर पर डॉ. बागड़िया ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. जैन, डॉ. दिग्विजय सिंह, नर्सिंग अधीक्षक कमलेश कोठारी सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं कार्मिकों का इस पुनीत कार्य में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
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    धरियावद के राजकीय उपजिला चिकित्सालय के नवीन परिसर में चिकित्सा कर्मियों द्वारा भूमि को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्रमदान एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेन्द्र बागड़िया ने बताया कि चिकित्सालय के नवीन परिसर में प्रतिवर्ष डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कार्मिकों द्वारा पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष परिसर में 151 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 350 नीम, पीपल, अमरूद, नारियल, गिलोय, बरगद, तुलसी, गुलाब सहित विभिन्न प्रजातियों के उपयोगी एवं औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगाए जा चुके हैं। चिकित्सा स्टाफ और डॉक्टर समय-समय पर इन पौधों की देखरेख एवं सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सालय का नवीन परिसर विकसित, आकर्षक एवं मनमोहक स्वरूप ग्रहण कर रहा है। अस्पताल परिसर में पेड़-पौधों की मौजूदगी को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है।

इस अवसर पर डॉ. बागड़िया ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. जैन, डॉ. दिग्विजय सिंह, नर्सिंग अधीक्षक कमलेश कोठारी सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं कार्मिकों का इस पुनीत कार्य में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • धंबोला ग्राम पंचायत में तहसील कार्यालय के पास स्थित पुराने सरकारी क्वार्टर्स आज सरकारी उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में बदल चुके हैं। वर्ष 1979-80 में तहसील कर्मचारियों के आवास के लिए बने ये भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे न केवल सरकारी जमीन बेकार पड़ी है बल्कि आमजन के लिए खतरा भी पैदा हो गया है। दशकों से खाली पड़े इन भवनों की टूटी दीवारें, बिखरा मलबा और उगी झाड़ियाँ इनकी बदहाली की गवाही दे रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1993 तक अधिकांश क्वार्टर्स रहने लायक नहीं बचे थे, और कुछ वर्ष पहले इन्हीं खंडहरों में से एक भवन से मानव कंकाल मिलने की घटना भी सामने आई थी। इस घटना के बाद से यह परिसर लोगों में भय का कारण बन गया है और सुनसान पड़े इन भवनों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इन खंडहर हो चुके क्वार्टर्स के पास अक्षर एकेडमी सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, वागड़ सेंट्रल पब्लिक स्कूल और ब्राइट डे स्कूल जैसे कई विद्यालय संचालित हैं, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन आते-जाते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है क्योंकि जर्जर दीवारें कभी भी ढह सकती हैं। वे प्रशासन से अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय इन खंडहरों को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन खंडहरों को हटाकर यहाँ डीएसपी कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थापित किए जाएँ। उनका तर्क है कि इसी परिसर में पहले से ही तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, न्यायालय कार्यालय और जलदाय विभाग कार्यालय के साथ विद्युत विभाग का एक्सईएन कार्यालय संचालित है। यदि अन्य विभाग भी इसी स्थान पर स्थापित हो जाएँ, तो आमजन को विभिन्न स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा और सभी प्रशासनिक सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी यह सरकारी भूमि जनहित में उपयोग की प्रतीक्षा कर रही है, और यहाँ आधुनिक प्रशासनिक संकुल विकसित होने से धंबोला-सिमलवाड़ा क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिल सकती है, साथ ही बेकार पड़ी भूमि का भी सार्थक उपयोग होगा।
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    धंबोला ग्राम पंचायत में तहसील कार्यालय के पास स्थित पुराने सरकारी क्वार्टर्स आज सरकारी उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में बदल चुके हैं। वर्ष 1979-80 में तहसील कर्मचारियों के आवास के लिए बने ये भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे न केवल सरकारी जमीन बेकार पड़ी है बल्कि आमजन के लिए खतरा भी पैदा हो गया है।

दशकों से खाली पड़े इन भवनों की टूटी दीवारें, बिखरा मलबा और उगी झाड़ियाँ इनकी बदहाली की गवाही दे रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1993 तक अधिकांश क्वार्टर्स रहने लायक नहीं बचे थे, और कुछ वर्ष पहले इन्हीं खंडहरों में से एक भवन से मानव कंकाल मिलने की घटना भी सामने आई थी। इस घटना के बाद से यह परिसर लोगों में भय का कारण बन गया है और सुनसान पड़े इन भवनों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इन खंडहर हो चुके क्वार्टर्स के पास अक्षर एकेडमी सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, वागड़ सेंट्रल पब्लिक स्कूल और ब्राइट डे स्कूल जैसे कई विद्यालय संचालित हैं, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन आते-जाते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है क्योंकि जर्जर दीवारें कभी भी ढह सकती हैं। वे प्रशासन से अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय इन खंडहरों को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन खंडहरों को हटाकर यहाँ डीएसपी कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थापित किए जाएँ। उनका तर्क है कि इसी परिसर में पहले से ही तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, न्यायालय कार्यालय और जलदाय विभाग कार्यालय के साथ विद्युत विभाग का एक्सईएन कार्यालय संचालित है।

यदि अन्य विभाग भी इसी स्थान पर स्थापित हो जाएँ, तो आमजन को विभिन्न स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा और सभी प्रशासनिक सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी यह सरकारी भूमि जनहित में उपयोग की प्रतीक्षा कर रही है, और यहाँ आधुनिक प्रशासनिक संकुल विकसित होने से धंबोला-सिमलवाड़ा क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिल सकती है, साथ ही बेकार पड़ी भूमि का भी सार्थक उपयोग होगा।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के हिराता लोलकपुर निवासी एक आदिवासी श्रमिक, कमलेश मईडा, की अहमदाबाद में काम के दौरान नारियल गिरने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में, आदिवासी विकास यूनियन संगठन (अहमदाबाद) के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिल गया है। संगठन के कड़े रुख और तीन दिवसीय त्रिपक्षीय वार्ता के दबाव के आगे झुकते हुए, प्रबंधन 4,25,000 रुपये की सम्मानजनक मुआवजा राशि देने पर सहमत हुआ है, जिससे पीड़ित परिवार को तात्कालिक आर्थिक संबल प्राप्त हुआ। प्राप्त विवरण के अनुसार, कमलेश मईडा पुत्र गटूलाल मईडा आजीविका के लिए अहमदाबाद गए थे, जहाँ वे एक बंगले पर घरेलू कामकाज (घर घाटी) कर रहे थे। पिछले दिनों जब वे मालिक के पालतू कुत्ते को टहलाने बंगले के परिसर में निकले थे, तभी पास के नारियल के पेड़ से एक भारी नारियल उनके सिर पर आ गिरा। इस भीषण चोट से कमलेश मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे लगभग 10 दिनों तक जीवन और मृत्यु से जूझते रहे और आखिरकार 1 जुलाई को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कमलेश की असामयिक मृत्यु ने उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया था। कमलेश की मौत के बाद, शुरुआत में नियोक्ता ने परिजनों को केवल 2 लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। चूंकि कमलेश अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, इसलिए परिजनों ने इस नाममात्र की राशि को अस्वीकार करते हुए उचित मुआवजे की मांग की, जिसे नियोक्ता ने खारिज कर दिया। नियोक्ता के इस अड़ियल रवैये से परेशान होकर, निराश परिजनों ने आदिवासी विकास यूनियन संगठन को इसकी सूचना दी। संगठन की टीम तुरंत अहमदाबाद पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय प्रशासन और नियोक्ता पर दबाव बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित न्याय और सम्मानजनक मुआवजा नहीं मिलेगा, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन के पदाधिकारियों और नियोक्ता के बीच लगातार तीन दिनों तक गहन दौर की वार्ता चली। आखिरकार, संगठन की एकजुटता और न्यायसंगत रुख के सामने नियोक्ता को झुकना पड़ा और कुल 4.25 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी। इस राशि में से 1,25,000 रुपये नकद तुरंत प्रदान किए गए, जबकि 3,00,000 रुपये का बैंक चेक मृतक की पत्नी और माता के नाम पर जारी किया गया। इस सराहनीय और त्वरित न्याय दिलाने के कार्य के लिए मृतक के परिजनों सहित पूरे समाज ने संगठन की टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह जानकारी संगठन के मीडिया प्रभारी विजयपाल मेणात ने संवाददाता संतोष व्यास को दी।
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    डूंगरपुर जिले के हिराता लोलकपुर निवासी एक आदिवासी श्रमिक, कमलेश मईडा, की अहमदाबाद में काम के दौरान नारियल गिरने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में, आदिवासी विकास यूनियन संगठन (अहमदाबाद) के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिल गया है। संगठन के कड़े रुख और तीन दिवसीय त्रिपक्षीय वार्ता के दबाव के आगे झुकते हुए, प्रबंधन 4,25,000 रुपये की सम्मानजनक मुआवजा राशि देने पर सहमत हुआ है, जिससे पीड़ित परिवार को तात्कालिक आर्थिक संबल प्राप्त हुआ।

प्राप्त विवरण के अनुसार, कमलेश मईडा पुत्र गटूलाल मईडा आजीविका के लिए अहमदाबाद गए थे, जहाँ वे एक बंगले पर घरेलू कामकाज (घर घाटी) कर रहे थे। पिछले दिनों जब वे मालिक के पालतू कुत्ते को टहलाने बंगले के परिसर में निकले थे, तभी पास के नारियल के पेड़ से एक भारी नारियल उनके सिर पर आ गिरा। इस भीषण चोट से कमलेश मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे लगभग 10 दिनों तक जीवन और मृत्यु से जूझते रहे और आखिरकार 1 जुलाई को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कमलेश की असामयिक मृत्यु ने उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया था।

कमलेश की मौत के बाद, शुरुआत में नियोक्ता ने परिजनों को केवल 2 लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। चूंकि कमलेश अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, इसलिए परिजनों ने इस नाममात्र की राशि को अस्वीकार करते हुए उचित मुआवजे की मांग की, जिसे नियोक्ता ने खारिज कर दिया। नियोक्ता के इस अड़ियल रवैये से परेशान होकर, निराश परिजनों ने आदिवासी विकास यूनियन संगठन को इसकी सूचना दी। संगठन की टीम तुरंत अहमदाबाद पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय प्रशासन और नियोक्ता पर दबाव बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित न्याय और सम्मानजनक मुआवजा नहीं मिलेगा, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

संगठन के पदाधिकारियों और नियोक्ता के बीच लगातार तीन दिनों तक गहन दौर की वार्ता चली। आखिरकार, संगठन की एकजुटता और न्यायसंगत रुख के सामने नियोक्ता को झुकना पड़ा और कुल 4.25 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी। इस राशि में से 1,25,000 रुपये नकद तुरंत प्रदान किए गए, जबकि 3,00,000 रुपये का बैंक चेक मृतक की पत्नी और माता के नाम पर जारी किया गया। इस सराहनीय और त्वरित न्याय दिलाने के कार्य के लिए मृतक के परिजनों सहित पूरे समाज ने संगठन की टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह जानकारी संगठन के मीडिया प्रभारी विजयपाल मेणात ने संवाददाता संतोष व्यास को दी।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी के देव सोमनाथ मंडल की एक आवश्यक मासिक बैठक डूंगरपुर के देव सोमनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जिला उपाध्यक्ष धनेश्वर अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करना था। इसके अतिरिक्त, संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को सुना गया, तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनके समाधान को लेकर भी आवश्यक चर्चा की गई। वक्ताओं ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती, जनसेवा और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडल महामंत्री महेंद्र पाटीदार और विरमल परमार, कांतिलाल पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष छतरसिंह चारण, हीराभगत और वल्लभ पाटीदार, मंडल मंत्री हीरालाल खराड़ी, मंडल सह प्रभारी बाहुदर पाटीदार, वरिष्ठ नेता प्रेमनाथ पाटीदार, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनसुख पाटीदार, कन्यालाल अहारी, शंकरलाल कलाल, धुलेश्वर पाटीदार, वीरेन्द्र अहारी सहित मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी के देव सोमनाथ मंडल की एक आवश्यक मासिक बैठक डूंगरपुर के देव सोमनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जिला उपाध्यक्ष धनेश्वर अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करना था। इसके अतिरिक्त, संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को सुना गया, तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनके समाधान को लेकर भी आवश्यक चर्चा की गई। वक्ताओं ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती, जनसेवा और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडल महामंत्री महेंद्र पाटीदार और विरमल परमार, कांतिलाल पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष छतरसिंह चारण, हीराभगत और वल्लभ पाटीदार, मंडल मंत्री हीरालाल खराड़ी, मंडल सह प्रभारी बाहुदर पाटीदार, वरिष्ठ नेता प्रेमनाथ पाटीदार, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनसुख पाटीदार, कन्यालाल अहारी, शंकरलाल कलाल, धुलेश्वर पाटीदार, वीरेन्द्र अहारी सहित मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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