पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 17 मई से संचालित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का समापन समारोह रविवार को संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता चौधरी ने की, जबकि शिविर के संचालन और प्रभारी का दायित्व सुरभि खंडेलवाल द्वारा निभाया गया। शिविर के दौरान बाबूलाल मालव, देवेश मालव और रिया गौतम ने मास्टर ट्रेनर के रूप में विद्यार्थियों को संगीत, वादन, नृत्य, गायन, क्राफ्ट, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, योग-प्राणायाम तथा विभिन्न खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह शिविर उनके लिए ज्ञानवर्धक, मनोरंजक एवं प्रेरणादायक रहा। समापन समारोह में भारत विकास परिषद अंता के सचिव वल्लभ खंडेलवाल के सौजन्य से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता चौधरी ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए, साथ ही सभी मास्टर ट्रेनर्स और प्रतिभागी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक कार्यालय से आरपी सरिता दाधीच एवं पीएलवी प्रेमलता खत्री भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में ममता चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्होंने शिविर को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसके सफल आयोजन की सराहना की। समारोह के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक आर्ट गैलरी का अवलोकन कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा की। अंत में, शिविर प्रभारी सुरभि खंडेलवाल ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन उत्साह, सम्मान एवं उपलब्धि के भाव के साथ हुआ।
पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 17 मई से संचालित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का समापन समारोह रविवार को संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता चौधरी ने की, जबकि शिविर के संचालन और प्रभारी का दायित्व सुरभि खंडेलवाल द्वारा निभाया गया। शिविर के दौरान बाबूलाल मालव, देवेश मालव और रिया गौतम ने मास्टर ट्रेनर के रूप में विद्यार्थियों को संगीत, वादन, नृत्य, गायन, क्राफ्ट, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, योग-प्राणायाम तथा विभिन्न खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह शिविर उनके लिए ज्ञानवर्धक, मनोरंजक एवं प्रेरणादायक रहा। समापन समारोह में भारत विकास परिषद अंता के सचिव वल्लभ खंडेलवाल के सौजन्य से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता चौधरी ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए, साथ ही सभी मास्टर ट्रेनर्स और प्रतिभागी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक कार्यालय से आरपी सरिता दाधीच एवं पीएलवी प्रेमलता खत्री भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में ममता चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्होंने शिविर को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसके सफल आयोजन की सराहना की। समारोह के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक आर्ट गैलरी का अवलोकन कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा की। अंत में, शिविर प्रभारी सुरभि खंडेलवाल ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन उत्साह, सम्मान एवं उपलब्धि के भाव के साथ हुआ।
- राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में रविवार सुबह आसमान में सूर्य के चारों ओर एक चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। जैसे ही लोगों की नज़र इस अद्भुत प्रभामंडल घेरे पर पड़ी, वे इसे देखने के लिए अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह अद्भुत वलय एक वायुमंडलीय प्रकाशीय घटना है जिसे सूर्य प्रभामंडल (सन हेलो) या तकनीकी रूप से, 22-डिग्री प्रभामंडल के नाम से जाना जाता है। इसके बनने का मुख्य कारण बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश उच्च ऊंचाई वाले सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में निलंबित लाखों छोटे, षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टलों से अपवर्तित (मुड़ता) है। अपनी विशिष्ट आकृति के कारण, ये क्रिस्टल प्रकाश को एक सटीक कोण पर मोड़ते हैं, जिससे सूर्य से लगभग 22 डिग्री की त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार वलय बनता है। यह अक्सर सफेद दिखाई देता है, लेकिन इसमें हल्के इंद्रधनुषी रंग भी दिख सकते हैं, जिसमें भीतरी किनारे पर लाल और बाहरी किनारे पर नीला रंग होता है। ऐतिहासिक रूप से, सूर्य के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल को अक्सर बारिश या तूफान के आने का संकेत माना जाता रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभामंडल बनाने वाले ऊंचे सिरस बादल अक्सर गर्म हवा के झोंके से पहले आते हैं। एक पुरानी कहावत, "सूरज/चांद के गिर्द घेरा, जल्द आए मेह बरसेरा" भी इसी धारणा पर आधारित है। इसके पीछे तर्क यह है कि हेलो बनाने वाले सिरस बादल अक्सर किसी तूफानी सिस्टम के आगे-आगे चलते हैं, जिससे हेलो दिखने के 24-48 घंटे में बारिश की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं है।4
- अचानक सूरज पर एक ग्रहण जैसा गोलाकार आकार दिखाई दिया, जिसने सूरज की किरणों को बाहर निकलने से रोक दिया. इस अनोखी घटना को देखकर हर कोई हैरान रह गया और इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह कोई ग्रहण है, या किसी बड़ी आपदा, संकट अथवा प्रलय का संकेत है. गांव वालों का कहना है कि यह विनाश का सूचक है, जो आने वाले संकट या काल का संकेत दे रहा है.2
- हरियाणा के भिवानी में गौ भक्तों ने एक 'महामंथन' का आयोजन किया, जहाँ गाय को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग की गई। इस महामंथन में यह लक्ष्य निर्धारित किया गया कि देशभर में एक 'महा हस्ताक्षर अभियान' चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से दो करोड़ लोगों से हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे।1
- यूरोप का सबसे सुंदर शहर और फ्रांस की राजधानी पेरिस इस वक्त दंगों की भीषण आग में झुलस रहा है। जानकारी के अनुसार, पूरा शहर कट्टरपंथियों की चपेट में आ चुका है और वहां का सिस्टम पूरी तरह से कॉलेप्स कर गया है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि डेमोग्राफी में बदलाव का क्या असर होता है, यह आज साफ तौर पर पेरिस में देखा जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी से एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें एक दारोगा का गुस्सा चरम पर पहुँच गया और उसने एक व्यक्ति को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना एक मामूली विवाद के बाद हुई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दारोगा द्वारा मारा गया थप्पड़ पूरे मामले का सबसे चर्चित पहलू बन गया है। यह वायरल वीडियो पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, और इसे देखने वाले लोग विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो का केवल एक ही हिस्सा सामने आया है, जिससे विवाद की शुरुआत, पूर्व की घटनाओं और दोनों पक्षों की भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। यह पूरा मामला फिलहाल जाँच का विषय है, और पूर्ण सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना अनुचित होगा। यह घटना इस बात पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या यह व्यवहार वर्दी की गरिमा के अनुरूप था, या इसके पीछे कोई ऐसी अस्पष्ट स्थिति है जो अभी तक सामने नहीं आई है।1
- रविवार को खानपुर उपखंड क्षेत्र के गांवों के आसमान में एक अद्भुत नज़ारा देखा गया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सन हेलो’ या 22-डिग्री हेलो कहते हैं। यह रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का इसे देखकर हैरान होना स्वाभाविक था। इस घटना के पीछे का असली वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह तब होता है जब आसमान में बहुत ऊंचाई पर पतले 'सिरस' बादल छा जाते हैं। इन बादलों में पानी की बूंदों के बजाय लाखों छोटे-छोटे बर्फ के षट्कोणीय क्रिस्टल होते हैं। जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टलों से होकर गुज़रती हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हुए रोशनी को मोड़ देती हैं, जिससे सूर्य के चारों ओर एक सटीक गोलाकार चमकीला घेरा बन जाता है, जिसमें अक्सर इंद्रधनुष की तरह हल्के रंग भी दिखाई देते हैं। हालांकि स्थानीय पुरानी परंपराओं में ऐसी घटनाओं को अक्सर किसी दैवीय संकेत या मौसम के बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रकाशिक भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) और प्राकृतिक घटना है। इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेते समय एक बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि नग्न आंखों से सीधे सूर्य की तरफ लगातार देखने से आंखों की रोशनी को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए इसे चश्मा लगाकर या मोबाइल कैमरे के ज़रिए देखना सबसे सुरक्षित रहता है।1
- हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई। किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।1
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के देवरी कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को पीने के लिए ठंडा पानी उपलब्ध कराने हेतु एक वाटर कूलर स्थापित किया गया है। सरकारी फंड से लगाए गए इस वाटर कूलर की स्थापना विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिससे अब मरीजों को ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी एवं ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सरवन शर्मा ने बताया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों को 24 घंटे ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध रहेगा, जो खासकर गर्मी के मौसम में उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी।4