उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में सूरज कुमार उपाध्याय नामक एक किसान ने महामाया ट्रेडर्स पर उर्वरक कूपन के तय दाम से करीब ₹2000 अधिक वसूलने का आरोप लगाया है। यह मामला ऑनलाइन ई-विकास प्रणाली संचालनालय विभाग कल्याण तथा कृषि विकास मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी उर्वरक कूपन से जुड़ा है। किसान सूरज कुमार उपाध्याय, जो वार्ड नं 6, बिरसिंहपुर पाली के निवासी हैं, उन्होंने 16 बैग उर्वरक के लिए एक ऑनलाइन कूपन बुक कराया था। यह उर्वरक ग्राम सुन्दर दादर में उनकी करीब 10 हेक्टेयर भूमि के लिए था और महामाया ट्रेडर्स (कूपन नंबर 1586346) से लिया जाना था। कूपन में 16 बैग की अधिकतम कीमत ₹13280 दर्ज थी। साथ ही, कूपन की कंडिका 2 में यह स्पष्ट निर्देश था कि यदि बैग पर दर्ज विक्रय मूल्य कूपन मूल्य से कम है, तो बैग पर दर्ज मूल्य (जो ₹725 प्रति बैग था) के अनुसार ही उर्वरक बेचा जाए। इसके बावजूद, महामाया ट्रेडर्स ने किसान को प्रति बैग ₹950 की दर से उर्वरक बेचा, जिससे कुल ₹15200 का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कूपन में दर्ज मूल्य से लगभग ₹2000 अधिक थी। जब किसान ने इस ओवरचार्जिंग पर आपत्ति जताई, तो ट्रेडर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बिल ऑनलाइन है और वह इसमें कुछ नहीं कर सकता, साथ ही किसान को जहां शिकायत करनी हो, करने की चुनौती भी दी। इसके बाद, किसान सूरज कुमार उपाध्याय ने अनुविभागीय अधिकारी, पाली में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि उन्हें और उनके जैसे अन्य किसान भाइयों को न्याय मिल सके। अनुविभागीय अधिकारी ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में सूरज कुमार उपाध्याय नामक एक किसान ने महामाया ट्रेडर्स पर उर्वरक कूपन के तय दाम से करीब ₹2000 अधिक वसूलने का आरोप लगाया है। यह मामला ऑनलाइन ई-विकास प्रणाली संचालनालय विभाग कल्याण तथा कृषि विकास मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी उर्वरक कूपन से जुड़ा है। किसान सूरज कुमार उपाध्याय, जो वार्ड नं 6, बिरसिंहपुर पाली के निवासी हैं, उन्होंने 16 बैग उर्वरक के लिए एक ऑनलाइन
कूपन बुक कराया था। यह उर्वरक ग्राम सुन्दर दादर में उनकी करीब 10 हेक्टेयर भूमि के लिए था और महामाया ट्रेडर्स (कूपन नंबर 1586346) से लिया जाना था। कूपन में 16 बैग की अधिकतम कीमत ₹13280 दर्ज थी। साथ ही, कूपन की कंडिका 2 में यह स्पष्ट निर्देश था कि यदि बैग पर दर्ज विक्रय मूल्य कूपन मूल्य से कम है, तो बैग पर दर्ज मूल्य (जो ₹725 प्रति बैग
था) के अनुसार ही उर्वरक बेचा जाए। इसके बावजूद, महामाया ट्रेडर्स ने किसान को प्रति बैग ₹950 की दर से उर्वरक बेचा, जिससे कुल ₹15200 का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कूपन में दर्ज मूल्य से लगभग ₹2000 अधिक थी। जब किसान ने इस ओवरचार्जिंग पर आपत्ति जताई, तो ट्रेडर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बिल ऑनलाइन है और वह इसमें कुछ नहीं कर सकता, साथ ही किसान को
जहां शिकायत करनी हो, करने की चुनौती भी दी। इसके बाद, किसान सूरज कुमार उपाध्याय ने अनुविभागीय अधिकारी, पाली में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि उन्हें और उनके जैसे अन्य किसान भाइयों को न्याय मिल सके। अनुविभागीय अधिकारी ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में सूरज कुमार उपाध्याय नामक एक किसान ने महामाया ट्रेडर्स पर उर्वरक कूपन के तय दाम से करीब ₹2000 अधिक वसूलने का आरोप लगाया है। यह मामला ऑनलाइन ई-विकास प्रणाली संचालनालय विभाग कल्याण तथा कृषि विकास मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी उर्वरक कूपन से जुड़ा है। किसान सूरज कुमार उपाध्याय, जो वार्ड नं 6, बिरसिंहपुर पाली के निवासी हैं, उन्होंने 16 बैग उर्वरक के लिए एक ऑनलाइन कूपन बुक कराया था। यह उर्वरक ग्राम सुन्दर दादर में उनकी करीब 10 हेक्टेयर भूमि के लिए था और महामाया ट्रेडर्स (कूपन नंबर 1586346) से लिया जाना था। कूपन में 16 बैग की अधिकतम कीमत ₹13280 दर्ज थी। साथ ही, कूपन की कंडिका 2 में यह स्पष्ट निर्देश था कि यदि बैग पर दर्ज विक्रय मूल्य कूपन मूल्य से कम है, तो बैग पर दर्ज मूल्य (जो ₹725 प्रति बैग था) के अनुसार ही उर्वरक बेचा जाए। इसके बावजूद, महामाया ट्रेडर्स ने किसान को प्रति बैग ₹950 की दर से उर्वरक बेचा, जिससे कुल ₹15200 का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कूपन में दर्ज मूल्य से लगभग ₹2000 अधिक थी। जब किसान ने इस ओवरचार्जिंग पर आपत्ति जताई, तो ट्रेडर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बिल ऑनलाइन है और वह इसमें कुछ नहीं कर सकता, साथ ही किसान को जहां शिकायत करनी हो, करने की चुनौती भी दी। इसके बाद, किसान सूरज कुमार उपाध्याय ने अनुविभागीय अधिकारी, पाली में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि उन्हें और उनके जैसे अन्य किसान भाइयों को न्याय मिल सके। अनुविभागीय अधिकारी ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र में जंगली कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए एक हिरण को वन विभाग ने ग्रामीणों की तत्परता और अपनी त्वरित कार्रवाई से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। समय पर मिली सूचना और ग्रामीणों की सतर्कता के कारण वन्यजीव की जान बचाई जा सकी। यह घटना चंदिया क्षेत्र में बरम बाबा के पास हुई, जहाँ जंगली कुत्तों के झुंड ने एक हिरण पर हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसी दौरान, वहाँ से गुज़र रहे ग्रामीणों की नज़र घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कुत्तों को मौके से खदेड़ा और घायल हिरण को एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। तत्काल ही ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने गंभीरता दिखाते हुए वन अमले को तुरंत घटनास्थल पर भेजा। टीम ने मौके पर पहुँचकर घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे चंदिया रेंज कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि हिरण की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उसे आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल मिल रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद हिरण को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समय पर सूचना देने और सहायता करने के लिए उनकी सराहना की, जिससे यह रेस्क्यू अभियान सफल रहा। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के घायल या संकट में होने की जानकारी मिलने पर वे तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि विशेषज्ञ टीम सुरक्षित और प्रभावी ढंग से आवश्यक कार्रवाई कर सके। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वन्यजीव संरक्षण में आम नागरिकों की भागीदारी और वन विभाग के साथ उनका समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है।2
- शहडोल जिले में यातायात थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद प्रधान आरक्षक तिवारी ने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और सिविल कपड़ों में ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया। बुधवार को लगभग 3:00 बजे उनके इस जागरूकता अभियान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 60 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के खुद भी 60 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिसके कारण अब वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।1
- अनूपपुर जिले में वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ ही सांपों का अपने आवास स्थानों से भोजन की तलाश में बाहर निकलना बढ़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप सर्पदंश की घटनाओं में भी तेजी आई है। पिछले एक माह के दौरान जिले में सर्पदंश के 50 से अधिक पीड़ितों को जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी, कोतमा, पुष्पराजगढ़ और अन्य प्राथमिक चिकित्सालयों में उपचार के बाद स्वस्थ किया गया है, जबकि पांच लोगों की जान चली गई है। मृतकों में तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जिनकी मृत्यु अत्यंत जहरीले करैत (डंडा करायल) सांप के नाजुक अंगों पर काटने और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण हुई। वन्यजीव संरक्षक एवं सर्पप्रहरी शशिधर अग्रवाल ने अपने सहयोगी छोटेलाल यादव, मनोज यादव, धर्मेंद्र यादव और लालदास सिंह के साथ मिलकर पिछले दो दिनों में अनूपपुर नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों से 20 से अधिक सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वनांचल क्षेत्र में स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ दिया है। इसी क्रम में, सर्पप्रहरियों ने सांपों की पहचान और बचाव से संबंधित जन जागरूकता अभियान चलाते हुए जिला चिकित्सालय अनूपपुर की पुलिस चौकी में डॉ. आरके वर्मा, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. प्रवीण भगत, डॉ. एमडी औजेर और नर्सिंग स्टाफ के समक्ष 9 कोबरा नाग, रसल वाईपर, धामन और बैडेड कुकरी सहित कुल 12 सांपों का प्रदर्शन किया। इस दौरान सांपों की पहचान, उनके स्वभाव, सर्पदंश से बचाव के तरीके और पीड़ित व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने की जानकारी दी गई। डॉ. प्रवीण शर्मा ने सर्पदंश पीड़ितों को दी जाने वाली औषधि के संबंध में बताया और आम जनता से अपील की कि सर्पदंश होने पर पीड़ित व्यक्ति को समय पर शासकीय चिकित्सालय में उपचार के लिए पहुंचाया जाए।1
- अनूपपुर में फ्लाईओवर निर्माण के तहत बनाई जा रही साइड वॉल से सटी सर्विस रोड को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह सर्विस रोड एक मोहल्ले को दूसरे से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। वर्तमान में, सड़क पूरी तरह से कीचड़ और जलभराव से भरी हुई है, जबकि साइड वॉल का निर्माण तेज़ी से जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि जनता की सुविधा के लिए आवश्यक इस सर्विस रोड को ठीक करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टी, बजरी या मुरुम डलवाई है, और न ही संबंधित विभाग ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्राथमिकता जनता की परेशानी दूर करने की होनी चाहिए या केवल दीवार खड़ी करने की। लोगों को रोजाना कीचड़, जलभराव और आवागमन की समस्याएँ झेलनी पड़ रही हैं, जिसके चलते शिकायतें और विरोध के स्वर उठना स्वाभाविक है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की गई है कि वे पहले सर्विस रोड को दुरुस्त कर आमजन को राहत प्रदान करें, उसके बाद ही अन्य निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाएं। इस गंभीर स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि दीवारें तो खड़ी हो रही हैं, लेकिन जनता के लिए रास्ते ढहते जा रहे हैं, क्योंकि विकास का अर्थ केवल निर्माण नहीं, बल्कि लोगों को सुविधा देना भी है।3
- मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार में एक सुनवाई संपन्न हुई।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लामता क्षेत्र में एक करोड़ों रुपये की सिंचाई परियोजना के प्लांट पर हमला हुआ है। इस दौरान प्लांट में आग लगा दी गई, जिससे लाखों रुपये का सामान और मशीनें जलकर राख हो गईं। इस घटना के बाद एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ है। मामले में जनप्रतिनिधियों समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा आगे की जाँच जारी है।1