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शहडोल जिले में यातायात थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद प्रधान आरक्षक तिवारी ने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और सिविल कपड़ों में ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया। बुधवार को लगभग 3:00 बजे उनके इस जागरूकता अभियान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 60 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के खुद भी 60 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिसके कारण अब वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।
Akhilesh Mishra
शहडोल जिले में यातायात थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद प्रधान आरक्षक तिवारी ने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और सिविल कपड़ों में ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया। बुधवार को लगभग 3:00 बजे उनके इस जागरूकता अभियान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 60 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के खुद भी 60 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिसके कारण अब वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।
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- उमरिया जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभय सिंह ने जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए 135 आवेदकों की समस्याओं को सुना। इन सभी आवेदनों को निराकरण के लिए संबंधित विभागों को तुरंत प्रेषित किया गया है। जनसुनवाई में कुछ प्रमुख मामले सामने आए, जिनमें खलेसर, उमरिया निवासी 80 वर्षीय खेम्मा विश्वकर्मा पति स्व. धन्नूलाल विश्वकर्मा ने अपने पोते और नातिन बहू द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत की। इसी प्रकार, बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 12, झिरिया मोहल्ला निवासी लूपन बाई पति नंदलाल ने अपने बेटे और बहू से परेशान किए जाने संबंधी आवेदन दिया। इन शिकायतों पर कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बांधवगढ़ को निर्देश दिए कि संबंधितों को नोटिस तामील कराकर समझाइश दी जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही प्रस्तावित करें। इसके अतिरिक्त, पाली विकासखंड के ग्राम गोरैया के एक युवक ने इलाज हेतु जयपुर जाने के लिए किराए की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अन्य आवेदकों में ग्राम धनवाही के अनुज तिवारी ने भूमि का सीमांकन कराने, सेमरीटोला के बिहारी लाल चौधरी ने भूमि का पट्टा दिलाने, ग्राम परासी अ के इंद्रपाल जायसवाल ने कपिलधारा योजना की स्वीकृत राशि दिलाने, चंदिया की शिव कुमारी यादव ने आवागमन हेतु मार्ग दिलाने, बैगांव की रानी गुप्ता ने आवासीय पट्टा दिलाने, मझगवां की रश्मि रैदास ने मुख्यमंत्री कल्याणी योजना का लाभ दिलाने, मानपुर की दसोदिया बाई यादव ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने, बबलू बर्मन ने स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की किस्त दिलाने, करकेली की अर्चना उपाध्याय ने आर्थिक सहायता दिलाने, बिलासपुर के मंथन बैगा ने भूमि का नक्शा तरमीम कराने और पुराना पड़ाव के नत्थूलाल साहू ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर द्वारा इन सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इस साप्ताहिक जनसुनवाई में एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, तहसीलदार बांधवगढ़ दिलीप सोनी सहित जिले के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।3
- मोदी जी के राज में विकास होने के दावों के बीच, सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से सड़कों की बदहाल स्थिति की शिकायत सामने आई है। जानकारी के अनुसार, रामपुर बघेलान की सड़कें अत्यंत खराब हालत में हैं और पुल में भी पानी भरा रहता है, जो विकास के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत को दर्शाता है।2
- रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में मैहर जिले के पिपरा कला गांव में 'जन चौपाल 3' का आयोजन किया गया। यह 'जन चौपाल' आईजी रीवा का एक नवाचार था जिसका उद्देश्य आमजन को पुलिस से जोड़ना था, जिससे अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इसी कड़ी में आज रीवा रेंज के सभी थाना क्षेत्रों और चौकियों में भी 'जन चौपाल थ्री' का आयोजन किया गया। पिपरा कला गांव में आयोजित इस 'जन चौपाल' के दौरान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने जागरूकता के लिए शिक्षा को सबसे अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह धरोहर है जिससे समाज और देश को नई दिशा दी जा सकती है। शिक्षित होकर ही व्यक्ति अपना और अपने परिवार का व्यवस्थित लालन-पालन कर पाएगा। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बल दिया कि अगर हमें आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुधारना है, तो उन्हें पढ़ाने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही सार्थक निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। पुलिस अधीक्षक ने बेटियों से संबंधित मुद्दों पर भी बात की, यह कहते हुए कि एक अजनबी के बहकावे में आकर माता-पिता से अलग होने के मामले समाज के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपनी संतानों को प्यार और दुलार देने की अपील की, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं। उन्होंने बताया कि बच्चों को हर समय अपनेपन का एहसास कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, खासकर जब वे 12-13 साल की उम्र में हों। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक ने आमजन को साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया, विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती; गिरफ्तारी हमेशा भौतिक रूप से होगी और व्यक्ति को समय पर न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्परिणामों के प्रति भी सचेत किया। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से समाज में होने वाले किसी भी अपराध की जानकारी देने का आग्रह किया, यह आश्वासन देते हुए कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक का सहयोग देश और समाज को सही दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण है। इस आयोजन के दौरान नगर निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी और उनकी सहयोगी टीम के साथ सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में आमजन की समस्याएं सुनी गईं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी जारी किए गए।2
- रामनगर, मैहर में रजनीश उर्फ ललूआ सोनी, जो पहले पपरा घाटी पर मोबाइल छीनने और चोरी करने के लिए जाना जाता था, अब नशे के कारोबार का मुख्य व्यापारी बन गया है। रामनगर के वार्ड नंबर 07 का निवासी यह व्यक्ति पहले एक चोर था, लेकिन अब कथित तौर पर नशे के व्यापारियों में 'सौदागर' बन बैठा है। पहले मोबाइल चोरी करते हुए पकड़े जाने पर ग्रामीण जनों द्वारा रजनीश उर्फ ललूआ सोनी की 'खातिरदारी' किए जाने और मोबाइल चोरी की घटना का विस्तृत बयान कैमरे में दर्ज होने का उल्लेख है। आरोप है कि दिन दहाड़े खुलेआम गांजा और नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) रामनगर में बेची जा रही है। बस्ती और मुहल्ले के पड़ोसियों ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि सुबह से लेकर मध्य रात्रि तक नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। इस नशे के कारोबारी पर किसी की कोई रोक-टोक दिखाई नहीं देती।1
- कटनी जिले में यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को यातायात पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने एक संयुक्त विशेष अभियान चलाया। इस सघन निरीक्षण के दौरान कुल 41 बसों की जांच की गई, जिनमें से 7 बसें सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इन बसों में या तो इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला या उनमें गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संचालित इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (आईपीएस) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) रत्नेश मिश्रा, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप सिंह ठाकुर और आरटीओ संतोष पाल ने किया। संयुक्त टीम ने कटनी बस स्टैंड सहित जिलेभर में संचालित लोक परिवहन और स्कूली बसों की गहन जांच की, जिसमें सुरक्षा उपकरणों और इमरजेंसी व्यवस्था का परीक्षण किया गया। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि बसों के इमरजेंसी एग्जिट के सामने कोई सीट, सामान या अन्य अवरोध न हो, ताकि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित और शीघ्र बाहर निकाला जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ आरटीओ विभाग ने उनकी फिटनेस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने "सुरक्षित परिवहन – सुरक्षित जीवन, सुरक्षित विद्यार्थी – सुरक्षित भविष्य" की अपील भी जारी की है।1
- एक भैंस खाना मीट मार्केट, जो एक शराब की दुकान के ठीक बगल में स्थित है, कथित तौर पर शराबियों का अड्डा बन गया है। बताया गया है कि यह मीट मार्केट शराबियों के जमावड़े का केंद्र बन गया है।1
- कटनी जिले में बसों के निरीक्षण अभियान के तहत की गई जांच में कुल सात बसों पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई इन बसों के इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) में पाई गई खामियों के कारण की गई।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले में माधवनगर थाना क्षेत्र के भरौली गांव स्थित एएसके एग्रो दाल मिल में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिसने पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को दहला दिया। आग के कारण परिसर में रखा कच्चा माल, तैयार दाल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस और नगर निगम की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एक के बाद एक करीब 10 फायर टेंडर बुलाए गए और आग बुझाने का अभियान लंबे समय तक चलता रहा। दमकल दल की प्राथमिकता आग को फैक्ट्री के बाकी हिस्सों और आसपास की संपत्तियों तक फैलने से रोकना थी, जिसके लिए वे लगातार पानी की बौछार कर रहे थे। यह भी बताया गया है कि फैक्ट्री का संचालन मनीष संगतानी द्वारा किया जाता है। हालांकि, आग लगने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी कर रखी थी। फायर अधिकारी शैलेंद्र दुबे के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना कर दिया गया था, लेकिन आग काफी भयानक थी, जिसके कारण अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करना पड़ा। प्रशासन अब फैक्ट्री प्रबंधन के साथ मिलकर हुए कुल नुकसान का आकलन करेगा।1