उमरिया जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभय सिंह ने जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए 135 आवेदकों की समस्याओं को सुना। इन सभी आवेदनों को निराकरण के लिए संबंधित विभागों को तुरंत प्रेषित किया गया है। जनसुनवाई में कुछ प्रमुख मामले सामने आए, जिनमें खलेसर, उमरिया निवासी 80 वर्षीय खेम्मा विश्वकर्मा पति स्व. धन्नूलाल विश्वकर्मा ने अपने पोते और नातिन बहू द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत की। इसी प्रकार, बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 12, झिरिया मोहल्ला निवासी लूपन बाई पति नंदलाल ने अपने बेटे और बहू से परेशान किए जाने संबंधी आवेदन दिया। इन शिकायतों पर कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बांधवगढ़ को निर्देश दिए कि संबंधितों को नोटिस तामील कराकर समझाइश दी जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही प्रस्तावित करें। इसके अतिरिक्त, पाली विकासखंड के ग्राम गोरैया के एक युवक ने इलाज हेतु जयपुर जाने के लिए किराए की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अन्य आवेदकों में ग्राम धनवाही के अनुज तिवारी ने भूमि का सीमांकन कराने, सेमरीटोला के बिहारी लाल चौधरी ने भूमि का पट्टा दिलाने, ग्राम परासी अ के इंद्रपाल जायसवाल ने कपिलधारा योजना की स्वीकृत राशि दिलाने, चंदिया की शिव कुमारी यादव ने आवागमन हेतु मार्ग दिलाने, बैगांव की रानी गुप्ता ने आवासीय पट्टा दिलाने, मझगवां की रश्मि रैदास ने मुख्यमंत्री कल्याणी योजना का लाभ दिलाने, मानपुर की दसोदिया बाई यादव ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने, बबलू बर्मन ने स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की किस्त दिलाने, करकेली की अर्चना उपाध्याय ने आर्थिक सहायता दिलाने, बिलासपुर के मंथन बैगा ने भूमि का नक्शा तरमीम कराने और पुराना पड़ाव के नत्थूलाल साहू ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर द्वारा इन सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इस साप्ताहिक जनसुनवाई में एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, तहसीलदार बांधवगढ़ दिलीप सोनी सहित जिले के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
उमरिया जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभय सिंह ने जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए 135 आवेदकों की समस्याओं को सुना। इन सभी आवेदनों को निराकरण के लिए संबंधित विभागों को तुरंत प्रेषित किया गया है। जनसुनवाई में कुछ प्रमुख मामले सामने आए, जिनमें खलेसर, उमरिया निवासी 80 वर्षीय खेम्मा विश्वकर्मा पति स्व. धन्नूलाल विश्वकर्मा ने अपने पोते और नातिन बहू द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत की। इसी प्रकार, बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 12, झिरिया मोहल्ला निवासी लूपन बाई पति नंदलाल ने अपने बेटे और बहू से परेशान किए जाने संबंधी आवेदन दिया। इन शिकायतों
पर कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बांधवगढ़ को निर्देश दिए कि संबंधितों को नोटिस तामील कराकर समझाइश दी जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही प्रस्तावित करें। इसके अतिरिक्त, पाली विकासखंड के ग्राम गोरैया के एक युवक ने इलाज हेतु जयपुर जाने के लिए किराए की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अन्य आवेदकों में ग्राम धनवाही के अनुज तिवारी ने भूमि का सीमांकन कराने, सेमरीटोला के बिहारी लाल चौधरी ने भूमि का पट्टा दिलाने, ग्राम परासी अ के इंद्रपाल जायसवाल ने कपिलधारा योजना की स्वीकृत राशि दिलाने, चंदिया की शिव कुमारी यादव ने आवागमन हेतु मार्ग दिलाने, बैगांव की
रानी गुप्ता ने आवासीय पट्टा दिलाने, मझगवां की रश्मि रैदास ने मुख्यमंत्री कल्याणी योजना का लाभ दिलाने, मानपुर की दसोदिया बाई यादव ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने, बबलू बर्मन ने स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की किस्त दिलाने, करकेली की अर्चना उपाध्याय ने आर्थिक सहायता दिलाने, बिलासपुर के मंथन बैगा ने भूमि का नक्शा तरमीम कराने और पुराना पड़ाव के नत्थूलाल साहू ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर द्वारा इन सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इस साप्ताहिक जनसुनवाई में एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, तहसीलदार बांधवगढ़ दिलीप सोनी सहित जिले के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में चंदिया क्षेत्र स्थित बरम बाबा के पास जंगली कुत्तों के एक झुंड ने एक हिरण पर हमला कर दिया। कुत्ते हिरण का शिकार करने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नज़र घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए हिरण को बचाने की कोशिश की और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लिया और वन अमले को मौके पर भेजा। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल हिरण का रेस्क्यू किया और उसे अपने कब्जे में लेकर चंदिया रेंज कार्यालय पहुंचाया, जहाँ उसका विधिवत उपचार किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हिरण की हालत पर लगातार नज़र रखी जा रही है और स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक वन्यजीव की जान बचा ली गई।2
- उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र में जंगली कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए एक हिरण को वन विभाग ने ग्रामीणों की तत्परता और अपनी त्वरित कार्रवाई से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। समय पर मिली सूचना और ग्रामीणों की सतर्कता के कारण वन्यजीव की जान बचाई जा सकी। यह घटना चंदिया क्षेत्र में बरम बाबा के पास हुई, जहाँ जंगली कुत्तों के झुंड ने एक हिरण पर हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसी दौरान, वहाँ से गुज़र रहे ग्रामीणों की नज़र घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कुत्तों को मौके से खदेड़ा और घायल हिरण को एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। तत्काल ही ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने गंभीरता दिखाते हुए वन अमले को तुरंत घटनास्थल पर भेजा। टीम ने मौके पर पहुँचकर घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे चंदिया रेंज कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि हिरण की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उसे आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल मिल रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद हिरण को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समय पर सूचना देने और सहायता करने के लिए उनकी सराहना की, जिससे यह रेस्क्यू अभियान सफल रहा। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के घायल या संकट में होने की जानकारी मिलने पर वे तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि विशेषज्ञ टीम सुरक्षित और प्रभावी ढंग से आवश्यक कार्रवाई कर सके। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वन्यजीव संरक्षण में आम नागरिकों की भागीदारी और वन विभाग के साथ उनका समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है।2
- शहडोल जिले में यातायात थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद प्रधान आरक्षक तिवारी ने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और सिविल कपड़ों में ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया। बुधवार को लगभग 3:00 बजे उनके इस जागरूकता अभियान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 60 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के खुद भी 60 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिसके कारण अब वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।1
- कटनी जिले में यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को यातायात पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने एक संयुक्त विशेष अभियान चलाया। इस सघन निरीक्षण के दौरान कुल 41 बसों की जांच की गई, जिनमें से 7 बसें सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इन बसों में या तो इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला या उनमें गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संचालित इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (आईपीएस) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) रत्नेश मिश्रा, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप सिंह ठाकुर और आरटीओ संतोष पाल ने किया। संयुक्त टीम ने कटनी बस स्टैंड सहित जिलेभर में संचालित लोक परिवहन और स्कूली बसों की गहन जांच की, जिसमें सुरक्षा उपकरणों और इमरजेंसी व्यवस्था का परीक्षण किया गया। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि बसों के इमरजेंसी एग्जिट के सामने कोई सीट, सामान या अन्य अवरोध न हो, ताकि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित और शीघ्र बाहर निकाला जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ आरटीओ विभाग ने उनकी फिटनेस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने "सुरक्षित परिवहन – सुरक्षित जीवन, सुरक्षित विद्यार्थी – सुरक्षित भविष्य" की अपील भी जारी की है।1
- कटनी जिले में बसों के निरीक्षण अभियान के तहत की गई जांच में कुल सात बसों पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई इन बसों के इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) में पाई गई खामियों के कारण की गई।1
- कटनी शहर के एमजीएम हॉस्पिटल में मंगलवार को पथरी के ऑपरेशन के दौरान 24 वर्षीय युवती की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में काफी हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताया है, उनका कहना है कि मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। जानकारी के अनुसार, विजयराघवगढ़ निवासी फिजा बी पिछले लगभग एक वर्ष से पथरी की समस्या से पीड़ित थीं। बेहतर उपचार के लिए उन्हें सोमवार को कटनी के एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आवश्यक जांचों के बाद मंगलवार को चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी, जिस पर परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। मृतका के परिजन सोहेल अली का आरोप है कि ऑपरेशन शुरू होने के करीब एक घंटे बाद अस्पताल से खून की आवश्यकता बताई गई, जिसकी व्यवस्था उन्होंने लगभग 15 मिनट में कर दी। इसके कुछ समय बाद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की ब्लीडिंग नहीं रुक रही है और अंततः फिजा को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यह चिकित्सकीय लापरवाही का मामला है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और दोष सिद्ध होने पर अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, शव को जिला अस्पताल भेजा गया है, जहाँ दो वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने भी युवती की मृत्यु की परिस्थितियों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, एमजीएम हॉस्पिटल के प्रबंधक संजय तिवारी ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल खुद भी निष्पक्ष जांच चाहता है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।2
- उमरिया जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभय सिंह ने जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए 135 आवेदकों की समस्याओं को सुना। इन सभी आवेदनों को निराकरण के लिए संबंधित विभागों को तुरंत प्रेषित किया गया है। जनसुनवाई में कुछ प्रमुख मामले सामने आए, जिनमें खलेसर, उमरिया निवासी 80 वर्षीय खेम्मा विश्वकर्मा पति स्व. धन्नूलाल विश्वकर्मा ने अपने पोते और नातिन बहू द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत की। इसी प्रकार, बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 12, झिरिया मोहल्ला निवासी लूपन बाई पति नंदलाल ने अपने बेटे और बहू से परेशान किए जाने संबंधी आवेदन दिया। इन शिकायतों पर कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बांधवगढ़ को निर्देश दिए कि संबंधितों को नोटिस तामील कराकर समझाइश दी जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही प्रस्तावित करें। इसके अतिरिक्त, पाली विकासखंड के ग्राम गोरैया के एक युवक ने इलाज हेतु जयपुर जाने के लिए किराए की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अन्य आवेदकों में ग्राम धनवाही के अनुज तिवारी ने भूमि का सीमांकन कराने, सेमरीटोला के बिहारी लाल चौधरी ने भूमि का पट्टा दिलाने, ग्राम परासी अ के इंद्रपाल जायसवाल ने कपिलधारा योजना की स्वीकृत राशि दिलाने, चंदिया की शिव कुमारी यादव ने आवागमन हेतु मार्ग दिलाने, बैगांव की रानी गुप्ता ने आवासीय पट्टा दिलाने, मझगवां की रश्मि रैदास ने मुख्यमंत्री कल्याणी योजना का लाभ दिलाने, मानपुर की दसोदिया बाई यादव ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने, बबलू बर्मन ने स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की किस्त दिलाने, करकेली की अर्चना उपाध्याय ने आर्थिक सहायता दिलाने, बिलासपुर के मंथन बैगा ने भूमि का नक्शा तरमीम कराने और पुराना पड़ाव के नत्थूलाल साहू ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर द्वारा इन सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इस साप्ताहिक जनसुनवाई में एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, तहसीलदार बांधवगढ़ दिलीप सोनी सहित जिले के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।3
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले में माधवनगर थाना क्षेत्र के भरौली गांव स्थित एएसके एग्रो दाल मिल में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिसने पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को दहला दिया। आग के कारण परिसर में रखा कच्चा माल, तैयार दाल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस और नगर निगम की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एक के बाद एक करीब 10 फायर टेंडर बुलाए गए और आग बुझाने का अभियान लंबे समय तक चलता रहा। दमकल दल की प्राथमिकता आग को फैक्ट्री के बाकी हिस्सों और आसपास की संपत्तियों तक फैलने से रोकना थी, जिसके लिए वे लगातार पानी की बौछार कर रहे थे। यह भी बताया गया है कि फैक्ट्री का संचालन मनीष संगतानी द्वारा किया जाता है। हालांकि, आग लगने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी कर रखी थी। फायर अधिकारी शैलेंद्र दुबे के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना कर दिया गया था, लेकिन आग काफी भयानक थी, जिसके कारण अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करना पड़ा। प्रशासन अब फैक्ट्री प्रबंधन के साथ मिलकर हुए कुल नुकसान का आकलन करेगा।1