अनूपपुर में फ्लाईओवर निर्माण के तहत बनाई जा रही साइड वॉल से सटी सर्विस रोड को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह सर्विस रोड एक मोहल्ले को दूसरे से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। वर्तमान में, सड़क पूरी तरह से कीचड़ और जलभराव से भरी हुई है, जबकि साइड वॉल का निर्माण तेज़ी से जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि जनता की सुविधा के लिए आवश्यक इस सर्विस रोड को ठीक करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टी, बजरी या मुरुम डलवाई है, और न ही संबंधित विभाग ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्राथमिकता जनता की परेशानी दूर करने की होनी चाहिए या केवल दीवार खड़ी करने की। लोगों को रोजाना कीचड़, जलभराव और आवागमन की समस्याएँ झेलनी पड़ रही हैं, जिसके चलते शिकायतें और विरोध के स्वर उठना स्वाभाविक है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की गई है कि वे पहले सर्विस रोड को दुरुस्त कर आमजन को राहत प्रदान करें, उसके बाद ही अन्य निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाएं। इस गंभीर स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि दीवारें तो खड़ी हो रही हैं, लेकिन जनता के लिए रास्ते ढहते जा रहे हैं, क्योंकि विकास का अर्थ केवल निर्माण नहीं, बल्कि लोगों को सुविधा देना भी है।
अनूपपुर में फ्लाईओवर निर्माण के तहत बनाई जा रही साइड वॉल से सटी सर्विस रोड को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह सर्विस रोड एक मोहल्ले को दूसरे से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। वर्तमान में, सड़क पूरी तरह से कीचड़ और जलभराव से भरी हुई है, जबकि साइड वॉल का निर्माण तेज़ी से जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि जनता की सुविधा
के लिए आवश्यक इस सर्विस रोड को ठीक करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टी, बजरी या मुरुम डलवाई है, और न ही संबंधित विभाग ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्राथमिकता जनता की परेशानी दूर करने की होनी चाहिए या केवल दीवार खड़ी करने की। लोगों को रोजाना कीचड़, जलभराव और आवागमन की समस्याएँ झेलनी
पड़ रही हैं, जिसके चलते शिकायतें और विरोध के स्वर उठना स्वाभाविक है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की गई है कि वे पहले सर्विस रोड को दुरुस्त कर आमजन को राहत प्रदान करें, उसके बाद ही अन्य निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाएं। इस गंभीर स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि दीवारें तो खड़ी हो रही हैं, लेकिन जनता के लिए रास्ते ढहते जा रहे हैं, क्योंकि विकास का अर्थ केवल निर्माण नहीं, बल्कि लोगों को सुविधा देना भी है।
- अनूपपुर में फ्लाईओवर निर्माण के तहत बनाई जा रही साइड वॉल से सटी सर्विस रोड को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह सर्विस रोड एक मोहल्ले को दूसरे से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। वर्तमान में, सड़क पूरी तरह से कीचड़ और जलभराव से भरी हुई है, जबकि साइड वॉल का निर्माण तेज़ी से जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि जनता की सुविधा के लिए आवश्यक इस सर्विस रोड को ठीक करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टी, बजरी या मुरुम डलवाई है, और न ही संबंधित विभाग ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्राथमिकता जनता की परेशानी दूर करने की होनी चाहिए या केवल दीवार खड़ी करने की। लोगों को रोजाना कीचड़, जलभराव और आवागमन की समस्याएँ झेलनी पड़ रही हैं, जिसके चलते शिकायतें और विरोध के स्वर उठना स्वाभाविक है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की गई है कि वे पहले सर्विस रोड को दुरुस्त कर आमजन को राहत प्रदान करें, उसके बाद ही अन्य निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाएं। इस गंभीर स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि दीवारें तो खड़ी हो रही हैं, लेकिन जनता के लिए रास्ते ढहते जा रहे हैं, क्योंकि विकास का अर्थ केवल निर्माण नहीं, बल्कि लोगों को सुविधा देना भी है।3
- अनूपपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी ने जिला पंचायत सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास प्लस और जनमन आवास के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान, उन्होंने पंचायत समन्वयक अधिकारियों को अपने क्लस्टर में स्वीकृत आवासों को दी गई किस्त के अनुरूप पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती कुमारी ने पीएम जनमन आवास के लक्ष्य के अनुसार अपेक्षा से कम आवास निर्माण प्रदर्शित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आगामी एक पखवाड़े में इस कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिस पर उन्होंने शिकायतों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण करने पर जोर दिया। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी आवास डॉ. उमेश द्विवेदी, एपीओ शिकायत श्रीमती शोभा मर्सकोले, जनपद के बीसी आवास और पीसीओ उपस्थित थे।1
- शहडोल जिले में यातायात थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद प्रधान आरक्षक तिवारी ने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और सिविल कपड़ों में ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया। बुधवार को लगभग 3:00 बजे उनके इस जागरूकता अभियान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 60 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के खुद भी 60 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिसके कारण अब वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।1
- मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के चिरमिरी में एक सार्वजनिक गली में कबाड़ हो चुकी स्कूटी पिछले एक साल से खड़ी है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह गली मात्र चार फीट चौड़ी है, और स्कूटी के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है। यह स्कूटी पड़ोसी मकान मालिक तौफीक अहमद की है, जो पेशे से एक मैकेनिक हैं और अक्सर अपने चारों ओर कबाड़ रखते हैं। जब उनसे स्कूटी हटाने को कहा जाता है, तो वह झगड़ा करने लगते हैं। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और स्थल का निरीक्षण करने का आग्रह किया है, ताकि इस समस्या का जल्द से जल्द निवारण हो सके।1
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में सूरज कुमार उपाध्याय नामक एक किसान ने महामाया ट्रेडर्स पर उर्वरक कूपन के तय दाम से करीब ₹2000 अधिक वसूलने का आरोप लगाया है। यह मामला ऑनलाइन ई-विकास प्रणाली संचालनालय विभाग कल्याण तथा कृषि विकास मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी उर्वरक कूपन से जुड़ा है। किसान सूरज कुमार उपाध्याय, जो वार्ड नं 6, बिरसिंहपुर पाली के निवासी हैं, उन्होंने 16 बैग उर्वरक के लिए एक ऑनलाइन कूपन बुक कराया था। यह उर्वरक ग्राम सुन्दर दादर में उनकी करीब 10 हेक्टेयर भूमि के लिए था और महामाया ट्रेडर्स (कूपन नंबर 1586346) से लिया जाना था। कूपन में 16 बैग की अधिकतम कीमत ₹13280 दर्ज थी। साथ ही, कूपन की कंडिका 2 में यह स्पष्ट निर्देश था कि यदि बैग पर दर्ज विक्रय मूल्य कूपन मूल्य से कम है, तो बैग पर दर्ज मूल्य (जो ₹725 प्रति बैग था) के अनुसार ही उर्वरक बेचा जाए। इसके बावजूद, महामाया ट्रेडर्स ने किसान को प्रति बैग ₹950 की दर से उर्वरक बेचा, जिससे कुल ₹15200 का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कूपन में दर्ज मूल्य से लगभग ₹2000 अधिक थी। जब किसान ने इस ओवरचार्जिंग पर आपत्ति जताई, तो ट्रेडर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बिल ऑनलाइन है और वह इसमें कुछ नहीं कर सकता, साथ ही किसान को जहां शिकायत करनी हो, करने की चुनौती भी दी। इसके बाद, किसान सूरज कुमार उपाध्याय ने अनुविभागीय अधिकारी, पाली में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि उन्हें और उनके जैसे अन्य किसान भाइयों को न्याय मिल सके। अनुविभागीय अधिकारी ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र में जंगली कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए एक हिरण को वन विभाग ने ग्रामीणों की तत्परता और अपनी त्वरित कार्रवाई से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। समय पर मिली सूचना और ग्रामीणों की सतर्कता के कारण वन्यजीव की जान बचाई जा सकी। यह घटना चंदिया क्षेत्र में बरम बाबा के पास हुई, जहाँ जंगली कुत्तों के झुंड ने एक हिरण पर हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसी दौरान, वहाँ से गुज़र रहे ग्रामीणों की नज़र घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कुत्तों को मौके से खदेड़ा और घायल हिरण को एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। तत्काल ही ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने गंभीरता दिखाते हुए वन अमले को तुरंत घटनास्थल पर भेजा। टीम ने मौके पर पहुँचकर घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे चंदिया रेंज कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि हिरण की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उसे आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल मिल रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद हिरण को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समय पर सूचना देने और सहायता करने के लिए उनकी सराहना की, जिससे यह रेस्क्यू अभियान सफल रहा। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के घायल या संकट में होने की जानकारी मिलने पर वे तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि विशेषज्ञ टीम सुरक्षित और प्रभावी ढंग से आवश्यक कार्रवाई कर सके। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वन्यजीव संरक्षण में आम नागरिकों की भागीदारी और वन विभाग के साथ उनका समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है।2
- मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार में एक सुनवाई संपन्न हुई।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक व्यक्ति को एक लड़की से छेड़छाड़ करते हुए पकड़ा गया है।1