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Niwali/ शिक्षकों ने (TET) की अनिवार्यता के विरोध में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
निमाड़ का दबंग न्यूज
Niwali/ शिक्षकों ने (TET) की अनिवार्यता के विरोध में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
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- Post by निमाड़ का दबंग न्यूज1
- बड़वानी जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा किए नवाचार के तहत पुलिस प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है,खेल भावना एवं टिम वर्क को प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से पुलिस अधिकारी,कर्मचारी,विद्यार्थी कर रहे सहभागिता,,1
- सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराने एबी रोड स्थित छोटी बिजासन मंदिर के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार मंदिर की बाउंड्रीवाल के पास से तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 और सेंधवा ग्रामीण थाना पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शिविल अस्पताल सेंधवा भेज दिया है प्रारंभिक जांच में शव करीब दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही थी मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। प्रथम दृष्टया वह भिक्षुक प्रवृत्ति का लग रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल के पीएम रूम में सुरक्षित रखवाया है और अज्ञात शव की पहचान के साथ परिजनों की तलाश शुरू कर दी है1
- बड़वानी में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश को लेकर एक विवाद सामने आया है। बंधान रोड स्थित पंजतन्या हायर सेकेंडरी स्कूल ने फैजल मंसूरी के बच्चें सहित छह बच्चों को फिलहाल प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में याचिका दायर की है, जिसके कारण प्रवेश प्रक्रिया रोकी गई है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें 15 तारीख तक इंतजार करने को कहा गया है, जो कि RTE प्रवेश की अंतिम तिथि भी है। इससे बच्चों के योजना का लाभ न ले पाने की चिंता बढ़ गई है। फैजल मंसूरी ने बताया कि उन्होंने मार्च में आवेदन किया था और पिछले 10-12 दिनों से स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें कोई लिखित आश्वासन भी नहीं दिया जा रहा है। सभी बच्चे नर्सरी कक्षा के लिए चयनित हुए हैं। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य कौशर मंडवाड़ा ने बताया कि स्कूल ने संबंधित विभाग और न्यायालय में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि पंजतन्या स्कूल एक सामाजिक संस्था है, जहां विशेष समाज के बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए इसे अल्पसंख्यक (माइनॉरिटी) संस्थान का दर्जा देने की मांग की गई है। मंडवाड़ा ने आगे बताया कि इस संबंध में विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और जुलाई में अंतिम सुनवाई प्रस्तावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक माननीय हाईकोर्ट से इस मामले में कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक प्रवेश प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में स्कूल द्वारा RTE के तहत प्रवेश दिए गए हैं और इस बार भी न्यायालय के आदेश के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।1
- अंजड/बड़वानी। क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शारदा अकेडमी एवं शारदा शिशु मंदिर की मान्यता निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रचलन में होने के बावजूद विद्यालयों का संचालन जारी है। इस स्थिति ने अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध शैक्षणिक नियमों के उल्लंघन को लेकर विभागीय स्तर पर मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बावजूद स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) शीला चौहान से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने इस विषय पर कोई भी आधिकारिक बयान (बाइट) देने से इंकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “जो लिखना है, लिख दीजिए, मैं कोई बाइट नहीं दूंगी।” इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि मान्यता निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है, तो ऐसे में विद्यालयों का संचालन कैसे और किसके आदेश पर हो रहा है, यह जांच का विषय बन गया है।2
- आपका सही निर्णय आपके बच्चे का भविष्य संवार सकता है तो चले आए Rumpy Dumpy Academy जहाँ शिक्षा के साथ भारतीय संस्कार का भी ज्ञान दिया जाता है। पता : सुतार मोहल्ला - मनावर रोड कुक्षी 98939057391
- Post by रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान1
- राजपुर। क्षेत्र के जुलवानिया रोड स्थित एक खेत में किसान की मजबूरी और आक्रोश का बड़ा उदाहरण सामने आया है। उचित दाम नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने अपनी ही 4 एकड़ में खड़ी फसल पर रोटावेटर चलाकर उसे नष्ट कर दिया। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार किसान पिछले एक महीने से अपनी फसल के उचित भाव मिलने का इंतजार कर रहा था, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद उसे सही कीमत नहीं मिल पाई। आर्थिक दबाव और निराशा के चलते उसने यह कठोर कदम उठाया। किसान ने प्रशासन से भी गुहार लगाई थी, लेकिन समय पर कोई समाधान नहीं मिलने से उसने अपनी मेहनत पर खुद ही पानी फेर दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी किसान ने तेंदुए के डर के चलते अपनी खड़ी फसल पर रोटावेटर चलाकर नुकसान उठाया था। इस बार बाजार में भाव नहीं मिलने की समस्या ने उसे फिर ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया। अनुमान है कि इस कदम से किसान को करीब 3 से 3.5 लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर फसल का उचित मूल्य नहीं मिला, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे खेती करना और भी कठिन हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि वे इस तरह के नुकसान से बचे।1