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पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने शुक्रवार को माती पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली और उसका गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात, पुलिस अधीक्षक महोदया ने परेड में एकरूपता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टोलीवार ड्रिल करवाई। इस ड्रिल अभ्यास के दौरान की जाने वाली विभिन्न कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई। ड्रिल के उपरांत, आदेश कक्ष में सभी गार्द रजिस्टरों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस दौरान गार्द की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी गार्द कमांडरों को महत्वपूर्ण और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
Arvind sharma kanpur dehat
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने शुक्रवार को माती पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली और उसका गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात, पुलिस अधीक्षक महोदया ने परेड में एकरूपता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टोलीवार ड्रिल करवाई। इस ड्रिल अभ्यास के दौरान की जाने वाली विभिन्न कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई। ड्रिल के उपरांत, आदेश कक्ष में सभी गार्द रजिस्टरों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस दौरान गार्द की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी गार्द कमांडरों को महत्वपूर्ण और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
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- विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर, जनपद को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से माती पुलिस लाइन परिसर में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन में देशव्यापी "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अत्यंत उत्साह के साथ माती पुलिस लाइन परिसर में वृहद पौधारोपण किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी लाइन्स, प्रतिसार निरीक्षक तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी गणों ने भी अपनी मां के सम्मान में और पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पौधे रोपे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित समस्त पुलिस बल को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी को अपने जीवन में प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा "एक पेड़ मां के नाम" लगाकर उनकी नियमित रूप से उचित देखभाल व संरक्षण करने की प्रेरणा दी।1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित मच्छर चौराहे के पास संचालित अनिका हॉस्पिटल पर एक चार वर्षीय मासूम बच्चे की मौत के बाद गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। कोंच क्षेत्र के ग्राम भेड़ निवासी अमजद खान अपने चार वर्षीय पुत्र रियाज खान को गुरुवार सुबह करीब चार बजे पेट में तेज दर्द की शिकायत के चलते अनिका हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करते समय उनसे पाँच हजार रुपये जमा कराए गए और बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ ने समुचित उपचार नहीं किया। परिजनों ने बताया कि बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन आवश्यक जाँचें नहीं कराई गईं। कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई, इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन परिजनों को विभिन्न जाँचें कराने की बात कहता रहा। जब परिजनों ने बच्चे की स्थिति पर सवाल उठाए, तब उन्हें बताया गया कि अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है और बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाना होगा। मृतक के पिता अमजद खान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पुत्र की मौत के बाद अस्पताल संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार कौशल और स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। शिकायत में यह भी आरोप है कि बच्चे का शव अस्पताल परिसर में बंद ताले के भीतर छोड़ दिया गया, जबकि परिजन बाहर रोते-बिलखते रहे। इस घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराते हुए अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है, जोर देते हुए कहा कि अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण उनके पुत्र की जान गई है।4
- जालौन पुलिस ने एक चर्चित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आटा थाना क्षेत्र के ग्राम बारा निवासी 24 वर्षीय रोहित पुत्र महेन्द्रपाल को सकुशल बरामद कर लिया गया है, जिसका कथित अपहरण 2 जून 2026 को कुसमरा रोड क्षेत्र से हुआ था। इस संबंध में थाना आटा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना आटा पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीमों को मिलाकर विशेष दल गठित किए गए थे। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इन टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली और गाजियाबाद में दबिश दी, जहाँ से अपहृत युवक को बरामद किया गया और अजय, शंकर कुमार, सुनील, रिजवान और दीपक सहित पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक डिजायर कार और एक मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह घटना पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद का परिणाम है। हालाँकि, मामले की विस्तृत जाँच अभी भी जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कथित दिनदहाड़े अपहरण की घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है, क्योंकि ऐसी घटनाएँ आम लोगों में चिंता पैदा करती हैं। हालाँकि, युवक की समय रहते सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- कानपुर देहात के मलासा विकास खंड की भोगनीपुर तहसील के बेड़ामऊ गांव में पानी निकलने की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव की सभी गलियों में पानी भरा हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि आगामी बरसात के दिनों में उन्हें और अधिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।1
- कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशंगार से मिली जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 से कुल 7 चीजें बदलने वाली हैं। यह सूचना एमडी अनिश कुरैशी से जुड़ी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने विकास, निवेश और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इसी क्रम में, प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 18 शहरों में कुल 982 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को और सुगम बनाने के लक्ष्य के साथ उत्तर प्रदेश के 21 स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की योजना को भी गति मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास को नई रफ्तार मिली है।1
- हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के गांवों में मिट्टी खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन कर रहे हैं। इस कार्य को कथित तौर पर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। कोतवाली क्षेत्र के नयागांव, देवरिया, करीमनगर, सुनौवा, पत्तीपुर, डही, सलेमपुर, जमुनिया, सिकंदरपुर, महादेवपुरवा, मडपाई और महमूदपुर सहित दर्जनों गांवों में यह अवैध कारोबार दिन-रात फल-फूल रहा है। सूर्यास्त होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गांवों में पहुंचने लगती हैं और जेसीबी व हाइड्रा का इस्तेमाल कर रोजाना सैकड़ों ट्रॉलियां मिट्टी अवैध तरीके से भरी जा रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचना देने पर कुछ समय के लिए कार्य रोका जाता है, लेकिन जल्द ही यह फिर से शुरू हो जाता है। सुल्तानपुरवा निवासी विनोद और सलेमपुर निवासी राजू सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि रात में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गुजरने से गर्मी, उमस और बिजली कटौती के साथ-साथ ट्रैक्टरो के शोर से गांव में दहशत का माहौल बन जाता है, जिससे उनकी नींद खराब हो रही है और उनमें पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बीती रात सलेमपुर में हो रहे मिट्टी खनन की सूचना पर पहुंचे कुछ मीडिया कर्मियों को खननकर्ताओं ने जान से मारने का प्रयास किया। इसकी सूचना 112 पुलिस के साथ-साथ उच्चाधिकारियों को भी दी गई, लेकिन मिट्टी खनन के नाम पर अधिकारी मौन धारण कर लेते हैं। ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों का कहना है कि जब सच्चाई उजागर की जाती है, तो पत्रकारिता को बदनाम किया जाता है, जबकि पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसके बावजूद खननकर्ता उन पर हावी होते नजर आ रहे हैं, जिससे न केवल आमजन परेशान हैं, बल्कि सरकार को भी भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने शुक्रवार को माती पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली और उसका गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात, पुलिस अधीक्षक महोदया ने परेड में एकरूपता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टोलीवार ड्रिल करवाई। इस ड्रिल अभ्यास के दौरान की जाने वाली विभिन्न कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई। ड्रिल के उपरांत, आदेश कक्ष में सभी गार्द रजिस्टरों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस दौरान गार्द की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी गार्द कमांडरों को महत्वपूर्ण और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।1