तालाब किनारे मिले तीन मासूमों के शव, मां लापता वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में सनसनी, पुलिस जांच में जुटी गंगापुर सिटी के नजदीकी वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में सोमवार को संदिग्ध हालात में तीन मासूम बच्चों के शव तालाब के किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही वजीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरपुर की मोर्चरी में रखवाया। जानकारी के अनुसार मृत बच्चों की मां संगीता मीणा निवासी मीना बड़ौदा लापता है। उसका पीहर आलमपुर जिला करौली में बताया गया है। परिजनों ने पुलिस और मीडिया को सूचना देकर बताया कि संगीता के तीनों बच्चों के शव गांव के तालाब के पास पड़े मिले हैं, जबकि संगीता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में बच्चों के शव रखे होने के बावजूद न तो बच्चों का पिता और न ही ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद मिला। परिजनों का आरोप है कि संगीता की शादी करीब सात साल पहले मीना बड़ौदा निवासी प्रवीण मीणा से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और मारपीट की घटनाएं भी होती रहती थीं। परिजनों ने बताया कि रविवार शाम को संगीता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी डाला था, जिसमें उसने कुछ लोगों के नाम लेते हुए मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही वह लापता है। मृत बच्चों में दिव्या (5 वर्ष), भारती (3 वर्ष) और डेढ़ साल का दीपक शामिल हैं। पुलिस महिला की तलाश के साथ ही पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तालाब किनारे मिले तीन मासूमों के शव, मां लापता वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में सनसनी, पुलिस जांच में जुटी गंगापुर सिटी के नजदीकी वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में सोमवार को संदिग्ध हालात में तीन मासूम बच्चों के शव तालाब के किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही वजीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरपुर की मोर्चरी में रखवाया। जानकारी के अनुसार मृत बच्चों की मां संगीता मीणा निवासी मीना बड़ौदा लापता है। उसका पीहर आलमपुर जिला करौली में बताया गया है। परिजनों ने पुलिस और मीडिया को सूचना देकर बताया कि संगीता के तीनों बच्चों के शव गांव के तालाब के पास पड़े मिले हैं, जबकि संगीता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में बच्चों के शव रखे
होने के बावजूद न तो बच्चों का पिता और न ही ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद मिला। परिजनों का आरोप है कि संगीता की शादी करीब सात साल पहले मीना बड़ौदा निवासी प्रवीण मीणा से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और मारपीट की घटनाएं भी होती रहती थीं। परिजनों ने बताया कि रविवार शाम को संगीता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी डाला था, जिसमें उसने कुछ लोगों के नाम लेते हुए मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही वह लापता है। मृत बच्चों में दिव्या (5 वर्ष), भारती (3 वर्ष) और डेढ़ साल का दीपक शामिल हैं। पुलिस महिला की तलाश के साथ ही पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- गंगापुर सिटी के नजदीकी वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में सोमवार को संदिग्ध हालात में तीन मासूम बच्चों के शव तालाब के किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही वजीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरपुर की मोर्चरी में रखवाया। जानकारी के अनुसार मृत बच्चों की मां संगीता मीणा निवासी मीना बड़ौदा लापता है। उसका पीहर आलमपुर जिला करौली में बताया गया है। परिजनों ने पुलिस और मीडिया को सूचना देकर बताया कि संगीता के तीनों बच्चों के शव गांव के तालाब के पास पड़े मिले हैं, जबकि संगीता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में बच्चों के शव रखे होने के बावजूद न तो बच्चों का पिता और न ही ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद मिला। परिजनों का आरोप है कि संगीता की शादी करीब सात साल पहले मीना बड़ौदा निवासी प्रवीण मीणा से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और मारपीट की घटनाएं भी होती रहती थीं। परिजनों ने बताया कि रविवार शाम को संगीता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी डाला था, जिसमें उसने कुछ लोगों के नाम लेते हुए मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही वह लापता है। मृत बच्चों में दिव्या (5 वर्ष), भारती (3 वर्ष) और डेढ़ साल का दीपक शामिल हैं। पुलिस महिला की तलाश के साथ ही पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।2
- वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में तीन बच्चों की संदिग्ध मौत का मामला आया सामने। बच्चों की मां गायब, आलमपुर, करौली में है महिला का पीहर। 25 वर्षीय संजीता की हुई लगभग 7 साल पहले शादी। महिला की तलाश जारी है।1
- Post by Anil Kumar journalist1
- आरोप–प्रत्यारोप तेज: विधायक हंसराज मीणा ने पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरा सपोटरा. (करौली) . सपोटरा क्षेत्र की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधायक हंसराज मीणा और पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा के बीच भ्रष्टाचार, भूमि आवंटन, मनरेगा कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर खुली बयानबाज़ी शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बयानों से क्षेत्र में सियासी माहौल गरमा गया है। विधायक ने उठाए भूमि आवंटन और मनरेगा के मुद्दे विधायक हंसराज मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के पंचायत राज मंत्री रहते हुए सवा चार बीघा भूमि नियम विरुद्ध तरीके से अपने परिजनों के नाम आवंटित की गई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराया गया है। पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई न्यायालय में विचाराधीन बताई गई है। विधायक ने यह भी कहा कि नानपुर पंचायत में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला उन्होंने स्वयं विधानसभा में उठाया था। उनके अनुसार जांच के आदेश जारी हो चुके हैं और विभागीय प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि यदि क्षेत्र में भ्रष्टाचार हो रहा है तो उसे सदन में उठाया जाए। हरिलाल मीणा प्रकरण पर दी सफाई हरिलाल मीणा की मृत्यु से जुड़े मामले में अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को विधायक ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेजों की एफएसएल जांच की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी निर्दोष को जल्दबाजी में दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र के कार्यों पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल में पंचायत समिति के माध्यम से राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से नगर पालिका क्षेत्र में कई कार्य स्वीकृत किए गए, लेकिन अनेक कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, सीबीओ ऑफिस में मरम्मत कार्य हेतु 2 लाख रुपये, उपखंड कार्यालय से रेंज कार्यालय तक 1.75 लाख रुपये, फुटपाथ निर्माण के लिए 1.54 लाख रुपये, राधा कृष्ण मंदिर से उपखंड कार्यालय तक रास्ता दुरुस्तीकरण के लिए 1.93 लाख रुपये तथा मुख्य सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोड लाइट के लिए 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी मरम्मत कार्य, पुराने पंचायत समिति भवन के हॉल एवं गुणवत्ता कक्षा के नवीनीकरण तथा पंचायत समिति क्वार्टर नंबर 5 की मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। विधायक का आरोप है कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री का तीखा पलटवार इधर पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “चोर चोरी करता है तो कहता नहीं है।” पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि विधायक हंसराज मीणा स्वयं को भ्रष्टाचार से मुक्त बताते हैं तो वे किसी भी प्रकार की जांच, यहां तक कि नारकोटिक्स जांच तक के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक माहौल गरमाया दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर विधायक पूर्व मंत्री के कार्यकाल के निर्णयों और स्वीकृत कार्यों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पूर्व मंत्री विधायक पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। अब जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर संभावित जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर टिकी हुई है।2
- करौली में सुप्रसिद्ध जन जन के आराध्यदेव श्री राधा मदनमोहन मंदिर में फागोत्सव का आयोजन भक्तिभाव व हर्षा उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान स्थानीय व बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों देने सहित फूलों की होली व सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहभागिता की। फाग उत्सव का शुभारंभ पूर्व विधायक रोहिणी देवी, नगर परिषद की पूर्व सभापति डॉ. राजरानी शर्मा, एसपी लोकेश सोनवाल व भाजपा नेता सुशील शर्मा ने मदनमोहनजी की फोटो पर फसल बरसाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने प्रेम, सौहार्द व भाईचारे के साथ पर्व मनाने का संदेश दिया। उत्सव में स्थानीय होली गायकों ने पारंपरिक होली व फाग गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। आगरा से आई मंडली के साथ वृंदावन व मथुरा से पहुंचे कलाकारों ने श्रीकृष्ण, राधा व सखियों की सजीव झांकियां प्रस्तुत कर नृत्य किया और फूलों की होली खेली। जिससे सभी को मिनी वृंदावन की आलौकिकता का अहसास हुआ। फूलों की होली के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते-नाचते नजर आए। श्रोताओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर फाग उत्सव की शुभकामनाएं दीं। वहि अतिथियों ने भी श्रोताओं पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री राधा मदन मोहन शयन भक्त मंडल द्वारा किया गया। होली सुनने व फाग उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। आयोजकों शिवजी प्रसाद शास्त्री, जयंत शर्मा व खेमचंद ने बताया कि सोमवार को मंदिर में प्रसादी व ठंडाई का वितरण किया जाएगा।1
- Post by RK LIVE KARAULI1
- ग्राम निमोद में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगने से जीतराम मीणा, श्योपरसाद, गिर्राज के घर में लगी आग से भैंस, गाय बकरी, की मोके पर ही मौत हो गई! घर का जरूरत का सामान जल गया ! ऐसी दर्दनाक घटनाएँ चिंता का विषय है। राज्य सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।1
- वजीरपुर।बीती रात हुई सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के बाद रविवार सुबह हिंडौन–गंगापुर रोड पर वजीरपुर पुलिस थाने के सामने खंडीप गांव के ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। आक्रोशित परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात हुई दुर्घटना में खंडीप निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में वजीरपुर थाने के बाहर एकत्रित हो गए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे न तो जाम खोलेंगे और न ही शव लेंगे और न ही पोस्टमार्टम करवाने देंगे। उन्होंने कहा, “पहले मुलजिम को गिरफ्तार कर थाने लाया जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।” करीब कुछ समय तक चले जाम और प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से समझाइश की। अधिकारियों ने शाम तक कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया, जिससे यातायात सुचारु हो सका। हालांकि, परिजनों ने यह भी कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे और पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि वे शाम तक थाने में ही बैठे रहेंगे और गिरफ्तारी होने तक अपना धरना जारी रखेंगे। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपित की तलाश जारी है।2