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शहडोल के हाईवे पर चल रही गतिविधियों को लेकर भारी नाराजगी व्यक्त की गई है, जहाँ लोगों का आरोप है कि इन हरकतों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को उपहास का पात्र बना दिया है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। चेतावनी दी गई है कि इस तरह की लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। यह चिंता तब और बढ़ जाती है जब रोज बढ़ती दुर्घटनाओं के बावजूद, शासन द्वारा ऐसी लापरवाह गतिविधियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है।
AZMAT KHAN
शहडोल के हाईवे पर चल रही गतिविधियों को लेकर भारी नाराजगी व्यक्त की गई है, जहाँ लोगों का आरोप है कि इन हरकतों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को उपहास का पात्र बना दिया है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। चेतावनी दी गई है कि इस तरह की लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। यह चिंता तब और बढ़ जाती है जब रोज बढ़ती दुर्घटनाओं के बावजूद, शासन द्वारा ऐसी लापरवाह गतिविधियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है।
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- शहडोल के हाईवे पर चल रही गतिविधियों को लेकर भारी नाराजगी व्यक्त की गई है, जहाँ लोगों का आरोप है कि इन हरकतों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को उपहास का पात्र बना दिया है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। चेतावनी दी गई है कि इस तरह की लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। यह चिंता तब और बढ़ जाती है जब रोज बढ़ती दुर्घटनाओं के बावजूद, शासन द्वारा ऐसी लापरवाह गतिविधियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है।1
- शहडोल शहर के एक मकान में एक बुजुर्ग व्यक्ति का लहूलुहान शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह शव एक घर के अंदर से प्राप्त हुआ है, जिसकी जानकारी सामने आई है।1
- शहडोल में आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन के सदस्यों ने बुधवार को दोपहर लगभग 2:15 बजे तक कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने आशा एवं पर्यवेक्षकों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान हर महीने की 5 तारीख तक नियमित रूप से किए जाने की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।1
- भालूमाड़ा (अनूपपुर) पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अंधी हत्या' का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बोरी में रेत भरकर डैम में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की के मामा सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को दिनांक 2.06.2026 को सूचना मिली थी कि ओसीएम छोहरी के पोखरी डैम के पानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैर रहा है। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला, तो उसकी पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस (उम्र 18 वर्ष) पिता रंजू सहीस के रूप में हुई। मृतक का शव क्षत-विक्षत हालत में था और उसकी कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी, ताकि शव पानी के ऊपर न आ सके। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ सिंह मरकाम और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। मुख्य आरोपी ने बताया कि मृतक सनि सहीस का पिछले 3-4 वर्षों से उसकी सगी भांजी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के मामा और परिवार वालों ने सनि को कई बार समझाया और रोका, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने चचेरे भाई, एक साथी और पड़ोसी के साथ मिलकर सनि को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार, दिनांक 29.05.2026 की रात करीब 8:30 बजे, आरोपी सनि सहीस को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम छोहरी की बड़ी पुलिया के पास ले गए। वहाँ उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर सनि की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव की कमर में रेत से भरी बोरी बांधी और उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। सभी चारों आरोपियों को 03.06.2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, स.उ.नि. चन्द्रहास बांधेकर, स.उ.नि. कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, चालक आरक्षक दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार और आरक्षक पंकज मिश्रा की अत्यंत सराहनीय व मुख्य भूमिका रही।2
- आज उमरिया जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और रोजगार सहायिकाओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर महोदया, उमरिया को सौंपा। उन्होंने इस ज्ञापन के माध्यम से अपना मानदेय बढ़ाने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने का निवेदन किया। इस मांगों को लेकर हुए ज्ञापन सौंपने के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सहायक संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, जिला सचिव श्रीमती बेबी जान, जिला सह सचिव नेमकली सिंह, ललिता साहू, चयना पटेल, उमा कोल सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ और भारतीय मजदूर संघ द्वारा कलेक्टर कार्यालय उमरिया में प्रस्तुत किया गया।1
- आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को उमरिया जिले में लगातार बढ़ रही अवैध शराब पैकारी के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले के नौरोजाबाद, बीरसिंहपुर पाली, करकेली, चंदिया, मानपुर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब की पैकारी की जा रही है, लेकिन संबंधित आबकारी विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। उन्होंने आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण अवैध शराब का यह कारोबार लगातार फल-फूल रहा है, जिससे सामाजिक और कानून व्यवस्था संबंधी समस्याएं गंभीर रूप से बढ़ रही हैं। आम आदमी पार्टी ने प्रशासन से तत्काल अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जिले में एक प्रभावी अभियान चलाकर इस पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी पार्टी उग्र जन आंदोलन करने के लिए विवश होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।2
- अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवार में जिला प्रशासन के तत्वावधान में एक जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना शासन-प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की संतुष्टि ही उसकी सफलता का वास्तविक मापदंड है। श्रीमती कुमारी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शिविर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिनकी कुल संख्या 99 रही। इनमें से अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही संबंधित विभागों के मैदानी अधिकारियों द्वारा तत्परता से निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष लंबित आवेदनों के लिए श्रीमती अर्चना कुमारी ने अधिकारियों को समय-सीमा निर्धारित करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विद्युत, कृषि, उद्यानिकी, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी और जानकारीपरक स्टॉल लगाए गए। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग ने एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भुवनेश्वरी धुर्वे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग विनोद परस्ते, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ गणेश कुमार पांडेय, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।1
- आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने आज शहडोल के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया है कि उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है और कई स्थानों पर इसमें अनुचित कटौती भी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने मांग की है कि प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान हर माह की 5 तारीख तक बिना किसी कटौती के सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वेतन पर्ची की व्यवस्था लागू करने, सभी बकाया राशि का एरियर सहित भुगतान करने और भुगतान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, आशा कार्यकर्ताओं के लिए ₹26,000 न्यूनतम वेतन, राज्य सरकार की ओर से तत्काल ₹10,000 मासिक मानदेय, गैर-विभागीय कार्यों के लिए अतिरिक्त भुगतान, रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति में होने वाली मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन प्रमुख मांगों का शीघ्र और संतोषजनक निराकरण नहीं किया जाता है, तो वे अपने आंदोलन को और भी अधिक तेज करेंगे।2