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भिंड ग्वालियर हाइवे रोड गोहद चोराहा पर लगा भीषण जाम, पुलिस ने किया रूट परिवर्तन भिंड ग्वालियर हाइवे रोड गोहद चोराहा पर शुक्रवार को 11 बजे से 5 बजे तक भीषण जाम लग गया।जिसके कारण राहगीर कई घंटों तक जाम में फंसे रहे। रक्षाबंधन पर्व के चलते सैकड़ों लोगों आवागमन में परेशानी हुई।जिसे देखते हुए पुलिस ने रूट बदल कर भिंड से चितोरा तथा ऐंचाया होते हुए ग्वालियर पहुंचाया

1 hr ago
user_Devendra jain
Devendra jain
Local News Reporter गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

भिंड ग्वालियर हाइवे रोड गोहद चोराहा पर लगा भीषण जाम, पुलिस ने किया रूट परिवर्तन भिंड ग्वालियर हाइवे रोड गोहद चोराहा पर शुक्रवार को 11 बजे से 5 बजे तक भीषण जाम लग गया।जिसके कारण राहगीर कई घंटों तक जाम में फंसे रहे। रक्षाबंधन पर्व के चलते सैकड़ों लोगों आवागमन में परेशानी हुई।जिसे देखते हुए पुलिस ने रूट बदल कर भिंड से चितोरा तथा ऐंचाया होते हुए ग्वालियर पहुंचाया

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  • खितोली गांव में अज्ञात चोरों के आने की शिकायत को लेकर थाना प्रभारी को दिया ग्रामीणों ने ज्ञापन खितोली गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी करने की नियत से आने तथा शोर मचाने पर फायर करने की शिकायत को लेकर शुक्रवार को लगभग 6 बजे थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा और गांव में गस्त बढ़ाने की मांग की।
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    खितोली गांव में अज्ञात चोरों के आने की शिकायत को लेकर थाना प्रभारी को दिया ग्रामीणों ने ज्ञापन
खितोली गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी करने की नियत से आने तथा शोर मचाने पर फायर करने की शिकायत को लेकर शुक्रवार को लगभग 6 बजे थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा और गांव में गस्त बढ़ाने की मांग की।
    user_Devendra jain
    Devendra jain
    Local News Reporter गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • #जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा Hai is me sb kuchh thek hai पाप नाशक परमात्मा कविर्देव यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13, ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 82 मंत्र 1 और ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 20 मंत्र 1 के प्रमाण बताते हैं कि संकटों का निवारण करने वाले, पापों का नाश करने वाले और जीवों के सच्चे रक्षक कविर्देव (कबीर परमेश्वर) हैं।
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    #जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा 
Hai is me sb kuchh thek hai

पाप नाशक परमात्मा कविर्देव
यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13, ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 82 मंत्र 1 और ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 20 मंत्र 1 के प्रमाण बताते हैं कि संकटों का निवारण करने वाले, पापों का नाश करने वाले और जीवों के सच्चे रक्षक कविर्देव (कबीर परमेश्वर) हैं।
    user_Hariom H.P
    Hariom H.P
    Artist गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मुरैना कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार हुये घायल, आधा दर्जन से अधिक युवकों ने हाइवे पर कार चालक व सवार के साथ की मारपीट
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    मुरैना कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार हुये घायल, आधा दर्जन से अधिक युवकों ने हाइवे पर कार चालक व सवार के साथ की मारपीट
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ग्वालियर की सेंट्रल जेल में कैद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें तो क्या था आलम देख न्यूज इंपैक्ट की ये खास रिपोर्ट ग्वालियर की सेंट्रल जेल में कैद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें तो क्या था आलम देख न्यूज इंपैक्ट की ये खास रिपोर्ट
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    ग्वालियर की सेंट्रल जेल में कैद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें तो क्या था आलम देख न्यूज इंपैक्ट की ये खास रिपोर्ट 

ग्वालियर की सेंट्रल जेल में कैद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें तो क्या था आलम देख न्यूज इंपैक्ट की ये खास रिपोर्ट
    user_NEWS IMPACT GWALIOR
    NEWS IMPACT GWALIOR
    सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • स्टीमर के लिए शेरा तोमर का संघर्ष सत्ताधारी नेताओं के लिए तमाचा अंबाह। रक्षाबंधन के अवसर पर चंबल नदी के पिनाहट-उसैद घाट पर स्टीमर संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेरा तोमर ने धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांग की गंभीरता बताने के लिए वह नदी की ओर दौड़ पड़े। उनका यह कदम यह बताने के लिए था कि चंबल नदी से आवागमन स्थानीय लोगों के लिए कितना जरूरी है और स्टीमर बंद होने पर लोगों को कितना लंबा फेर खाना पड़ता है। आंदोलन के दौरान शेरा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी रिहाई शुक्रवार को हुई। शेरा तोमर का यह संघर्ष उन सत्ताधारी दल के नेताओं के लिए किसी तमाचे से कम नहीं है, जो सत्ता में रहते हुए भी जनता की इस गंभीर समस्या को देखने और उसके समाधान के लिए आवाज उठाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी पर स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत है। स्टीमर बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के गांवों में पहुंचते हैं, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है। शेरा तोमर का संघर्ष निश्चित तौर पर स्टीमर चालू कराने में सफल रहा हो या नहीं, लेकिन इस आंदोलन ने एक रास्ता जरूर खोल दिया है। अब आम जनता को भी अपनी समस्याओं और अपने हक के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी। सवाल यह है कि जब जनता की मूलभूत समस्या को लेकर एक विपक्षी नेता को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और गिरफ्तारी तक देनी पड़ रही है, तो सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की भूमिका क्या है? जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं चुना है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और समाधान के लिए संघर्ष करें। चंबल का स्टीमर केवल नाव नहीं, हजारों लोगों की जिंदगी और जरूरत से जुड़ा रास्ता है। इस रास्ते को बंद करके जनता को परेशानी में छोड़ना और फिर उसकी आवाज को अनदेखा करना निश्चित तौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। स्टीमर के लिए शेरा तोमर का संघर्ष सत्ताधारी नेताओं के लिए तमाचा अंबाह। रक्षाबंधन के अवसर पर चंबल नदी के पिनाहट-उसैद घाट पर स्टीमर संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेरा तोमर ने धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांग की गंभीरता बताने के लिए वह नदी की ओर दौड़ पड़े। उनका यह कदम यह बताने के लिए था कि चंबल नदी से आवागमन स्थानीय लोगों के लिए कितना जरूरी है और स्टीमर बंद होने पर लोगों को कितना लंबा फेर खाना पड़ता है। आंदोलन के दौरान शेरा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी रिहाई शुक्रवार को हुई। शेरा तोमर का यह संघर्ष उन सत्ताधारी दल के नेताओं के लिए किसी तमाचे से कम नहीं है, जो सत्ता में रहते हुए भी जनता की इस गंभीर समस्या को देखने और उसके समाधान के लिए आवाज उठाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी पर स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत है। स्टीमर बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के गांवों में पहुंचते हैं, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है। शेरा तोमर का संघर्ष निश्चित तौर पर स्टीमर चालू कराने में सफल रहा हो या नहीं, लेकिन इस आंदोलन ने एक रास्ता जरूर खोल दिया है। अब आम जनता को भी अपनी समस्याओं और अपने हक के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी। सवाल यह है कि जब जनता की मूलभूत समस्या को लेकर एक विपक्षी नेता को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और गिरफ्तारी तक देनी पड़ रही है, तो सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की भूमिका क्या है? जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं चुना है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और समाधान के लिए संघर्ष करें। चंबल का स्टीमर केवल नाव नहीं, हजारों लोगों की जिंदगी और जरूरत से जुड़ा रास्ता है। इस रास्ते को बंद करके जनता को परेशानी में छोड़ना और फिर उसकी आवाज को अनदेखा करना निश्चित तौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    स्टीमर के लिए शेरा तोमर का संघर्ष सत्ताधारी नेताओं के लिए तमाचा

अंबाह। रक्षाबंधन के अवसर पर चंबल नदी के पिनाहट-उसैद घाट पर स्टीमर संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेरा तोमर ने धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांग की गंभीरता बताने के लिए वह नदी की ओर दौड़ पड़े। उनका यह कदम यह बताने के लिए था कि चंबल नदी से आवागमन स्थानीय लोगों के लिए कितना जरूरी है और स्टीमर बंद होने पर लोगों को कितना लंबा फेर खाना पड़ता है।

आंदोलन के दौरान शेरा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी रिहाई शुक्रवार को हुई। शेरा तोमर का यह संघर्ष उन सत्ताधारी दल के नेताओं के लिए किसी तमाचे से कम नहीं है, जो सत्ता में रहते हुए भी जनता की इस गंभीर समस्या को देखने और उसके समाधान के लिए आवाज उठाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं।

चंबल नदी पर स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत है। स्टीमर बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के गांवों में पहुंचते हैं, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है।

शेरा तोमर का संघर्ष निश्चित तौर पर स्टीमर चालू कराने में सफल रहा हो या नहीं, लेकिन इस आंदोलन ने एक रास्ता जरूर खोल दिया है। अब आम जनता को भी अपनी समस्याओं और अपने हक के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी।

सवाल यह है कि जब जनता की मूलभूत समस्या को लेकर एक विपक्षी नेता को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और गिरफ्तारी तक देनी पड़ रही है, तो सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की भूमिका क्या है? जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं चुना है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और समाधान के लिए संघर्ष करें।

चंबल का स्टीमर केवल नाव नहीं, हजारों लोगों की जिंदगी और जरूरत से जुड़ा रास्ता है। इस रास्ते को बंद करके जनता को परेशानी में छोड़ना और फिर उसकी आवाज को अनदेखा करना निश्चित तौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्टीमर के लिए शेरा तोमर का संघर्ष सत्ताधारी नेताओं के लिए तमाचा
अंबाह। रक्षाबंधन के अवसर पर चंबल नदी के पिनाहट-उसैद घाट पर स्टीमर संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेरा तोमर ने धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांग की गंभीरता बताने के लिए वह नदी की ओर दौड़ पड़े। उनका यह कदम यह बताने के लिए था कि चंबल नदी से आवागमन स्थानीय लोगों के लिए कितना जरूरी है और स्टीमर बंद होने पर लोगों को कितना लंबा फेर खाना पड़ता है।
आंदोलन के दौरान शेरा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी रिहाई शुक्रवार को हुई। शेरा तोमर का यह संघर्ष उन सत्ताधारी दल के नेताओं के लिए किसी तमाचे से कम नहीं है, जो सत्ता में रहते हुए भी जनता की इस गंभीर समस्या को देखने और उसके समाधान के लिए आवाज उठाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं।
चंबल नदी पर स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत है। स्टीमर बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के गांवों में पहुंचते हैं, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है।
शेरा तोमर का संघर्ष निश्चित तौर पर स्टीमर चालू कराने में सफल रहा हो या नहीं, लेकिन इस आंदोलन ने एक रास्ता जरूर खोल दिया है। अब आम जनता को भी अपनी समस्याओं और अपने हक के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी।
सवाल यह है कि जब जनता की मूलभूत समस्या को लेकर एक विपक्षी नेता को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और गिरफ्तारी तक देनी पड़ रही है, तो सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की भूमिका क्या है? जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं चुना है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और समाधान के लिए संघर्ष करें।
चंबल का स्टीमर केवल नाव नहीं, हजारों लोगों की जिंदगी और जरूरत से जुड़ा रास्ता है। इस रास्ते को बंद करके जनता को परेशानी में छोड़ना और फिर उसकी आवाज को अनदेखा करना निश्चित तौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • भिंड धरने पर बैठे सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर शासन प्रशासन से लगा रहे हैं गौहर लहार नगर पालिका के सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों के हाथ में बहनों ने बांधी राखी
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    भिंड धरने पर बैठे सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर शासन प्रशासन से लगा रहे हैं गौहर
लहार नगर पालिका के सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर  बैठे सफाई कर्मचारियों के हाथ में बहनों ने बांधी राखी
    user_श्री राम श्री राम
    श्री राम श्री राम
    Voice of people भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ग्वालियर में दृष्टिहीन छात्राओं से युवाओं ने बंधवाई राखी और दिया बड़ा संदेश। ग्वालियर में दृष्टिहीन छात्राओं से युवाओं ने बंधवाई राखी और दिया बड़ा संदेश।
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    ग्वालियर में दृष्टिहीन छात्राओं से युवाओं ने बंधवाई राखी और दिया बड़ा संदेश।
ग्वालियर में दृष्टिहीन छात्राओं से युवाओं ने बंधवाई राखी और दिया बड़ा संदेश।
    user_एक देश एक आवाज़ NEWS
    एक देश एक आवाज़ NEWS
    न्यूज़ संपादक तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सब जेल गोहद में बंद कैदी भाइयों को बहनों ने बांधी राखी, व्यवस्था रही दुरुस्त रक्षा बंधन के पावन अवसर पर सब जेल गोहद में बंद कैदी भाइयों को बहनों ने रोली अक्षत का तिलक कर राखी बांधी।इस दौरान सब जेल अधीक्षक ने शिव पाल सिंह ने रोली अक्षत आदि सामग्री की व्यवस्था की।तथा पुलिस व्यवस्था दुरुस्त रख आसानी से मुलाकात कराई। पूर्व की सूचना के अनुसार सभी बहनों का 12 बजे तक रजिस्ट्रेशन कराया गया।तथा लगभग 2 बजे तक राखी बांधी गई है।
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    सब जेल गोहद में बंद कैदी भाइयों को बहनों ने बांधी राखी, व्यवस्था रही दुरुस्त
रक्षा बंधन के पावन अवसर पर सब जेल गोहद में बंद कैदी भाइयों को बहनों ने रोली अक्षत का तिलक कर राखी बांधी।इस दौरान सब जेल अधीक्षक ने शिव पाल सिंह ने रोली अक्षत आदि सामग्री की व्यवस्था की।तथा पुलिस व्यवस्था दुरुस्त रख आसानी से मुलाकात कराई। पूर्व की सूचना के अनुसार सभी बहनों का 12 बजे तक रजिस्ट्रेशन कराया गया।तथा लगभग 2 बजे तक राखी बांधी गई है।
    user_Devendra jain
    Devendra jain
    Local News Reporter गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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