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मुरैना कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार हुये घायल, आधा दर्जन से अधिक युवकों ने हाइवे पर कार चालक व सवार के साथ की मारपीट
नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
मुरैना कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार हुये घायल, आधा दर्जन से अधिक युवकों ने हाइवे पर कार चालक व सवार के साथ की मारपीट
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- मुरैना कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार हुये घायल, आधा दर्जन से अधिक युवकों ने हाइवे पर कार चालक व सवार के साथ की मारपीट1
- स्टीमर के लिए शेरा तोमर का संघर्ष सत्ताधारी नेताओं के लिए तमाचा अंबाह। रक्षाबंधन के अवसर पर चंबल नदी के पिनाहट-उसैद घाट पर स्टीमर संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेरा तोमर ने धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांग की गंभीरता बताने के लिए वह नदी की ओर दौड़ पड़े। उनका यह कदम यह बताने के लिए था कि चंबल नदी से आवागमन स्थानीय लोगों के लिए कितना जरूरी है और स्टीमर बंद होने पर लोगों को कितना लंबा फेर खाना पड़ता है। आंदोलन के दौरान शेरा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी रिहाई शुक्रवार को हुई। शेरा तोमर का यह संघर्ष उन सत्ताधारी दल के नेताओं के लिए किसी तमाचे से कम नहीं है, जो सत्ता में रहते हुए भी जनता की इस गंभीर समस्या को देखने और उसके समाधान के लिए आवाज उठाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी पर स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत है। स्टीमर बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के गांवों में पहुंचते हैं, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है। शेरा तोमर का संघर्ष निश्चित तौर पर स्टीमर चालू कराने में सफल रहा हो या नहीं, लेकिन इस आंदोलन ने एक रास्ता जरूर खोल दिया है। अब आम जनता को भी अपनी समस्याओं और अपने हक के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी। सवाल यह है कि जब जनता की मूलभूत समस्या को लेकर एक विपक्षी नेता को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और गिरफ्तारी तक देनी पड़ रही है, तो सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की भूमिका क्या है? जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं चुना है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और समाधान के लिए संघर्ष करें। चंबल का स्टीमर केवल नाव नहीं, हजारों लोगों की जिंदगी और जरूरत से जुड़ा रास्ता है। इस रास्ते को बंद करके जनता को परेशानी में छोड़ना और फिर उसकी आवाज को अनदेखा करना निश्चित तौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। स्टीमर के लिए शेरा तोमर का संघर्ष सत्ताधारी नेताओं के लिए तमाचा अंबाह। रक्षाबंधन के अवसर पर चंबल नदी के पिनाहट-उसैद घाट पर स्टीमर संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर महुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेरा तोमर ने धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांग की गंभीरता बताने के लिए वह नदी की ओर दौड़ पड़े। उनका यह कदम यह बताने के लिए था कि चंबल नदी से आवागमन स्थानीय लोगों के लिए कितना जरूरी है और स्टीमर बंद होने पर लोगों को कितना लंबा फेर खाना पड़ता है। आंदोलन के दौरान शेरा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी रिहाई शुक्रवार को हुई। शेरा तोमर का यह संघर्ष उन सत्ताधारी दल के नेताओं के लिए किसी तमाचे से कम नहीं है, जो सत्ता में रहते हुए भी जनता की इस गंभीर समस्या को देखने और उसके समाधान के लिए आवाज उठाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी पर स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत है। स्टीमर बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के गांवों में पहुंचते हैं, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है। शेरा तोमर का संघर्ष निश्चित तौर पर स्टीमर चालू कराने में सफल रहा हो या नहीं, लेकिन इस आंदोलन ने एक रास्ता जरूर खोल दिया है। अब आम जनता को भी अपनी समस्याओं और अपने हक के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी। सवाल यह है कि जब जनता की मूलभूत समस्या को लेकर एक विपक्षी नेता को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और गिरफ्तारी तक देनी पड़ रही है, तो सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की भूमिका क्या है? जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं चुना है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं और समाधान के लिए संघर्ष करें। चंबल का स्टीमर केवल नाव नहीं, हजारों लोगों की जिंदगी और जरूरत से जुड़ा रास्ता है। इस रास्ते को बंद करके जनता को परेशानी में छोड़ना और फिर उसकी आवाज को अनदेखा करना निश्चित तौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- खितोली गांव में अज्ञात चोरों के आने की शिकायत को लेकर थाना प्रभारी को दिया ग्रामीणों ने ज्ञापन खितोली गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी करने की नियत से आने तथा शोर मचाने पर फायर करने की शिकायत को लेकर शुक्रवार को लगभग 6 बजे थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा और गांव में गस्त बढ़ाने की मांग की।1
- #जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा Hai is me sb kuchh thek hai पाप नाशक परमात्मा कविर्देव यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13, ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 82 मंत्र 1 और ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 20 मंत्र 1 के प्रमाण बताते हैं कि संकटों का निवारण करने वाले, पापों का नाश करने वाले और जीवों के सच्चे रक्षक कविर्देव (कबीर परमेश्वर) हैं।2
- थाना बाह चौकी बटेश्वर करीब 4:30 बजे की बात है में अपना ऑटो लेकर बटेश्वर से फरेरा मेरा नाम मोहित पिताजी का नाम भूरी सिंह आज दिनांक 28/8/2026 थाना बाह चौकी बटेश्वर करीब 4:30 बजे की बात है में अपना ऑटो लेकर बटेश्वर से फरेरा आ रहा था जैसे ही में फरेरा चौराह पर आ गया तभी एक व्यक्ति कोसल पिता का नाम रमेश जो फरेरा का निवाशी है उसने मुझे मारा पीटा ओर माँ बहन की गली दी ओर मेरा ऑटो फोड़ दिया ओर मेरे पैसे छीन ले गया और कहा पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती1
- राजाखेड़ा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, नगर पालिका चुनाव में बांटने के लिए रखी 129 पव्वा अवैध शराब बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार धौलपुर राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह के नेतृत्व में रोहाई मोहल्ले के एक मकान पर दी दबिश, 62 पव्वा देसी और 67 पव्वा अंग्रेजी शराब बरामद, आरोपी मोहम्मद आरिफ खान गिरफ्तार, चुनाव में शराब बांटने की थी तैयारी, आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज पुलिस ने मौके से कुल 129 पव्वा शराब बरामद की है, जिसमें 62 पव्वा देसी शराब और 67 पव्वा अंग्रेजी शराब शामिल है। पुलिस ने शराब को चुनाव में मतदाताओं को बांटने के लिए रखा जाना बताया है। थानाधिकारी वीर सिंह ने बताया, "नगर पालिका चुनाव को लेकर अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर रोहाई मोहल्ले में मोहम्मद आरिफ खान के मकान पर दबिश दी गई। तलाशी में 129 पव्वा अवैध देसी व अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ की जा रही है।" चुनाव को लेकर पुलिस सख्त बता दें कि नगर पालिका चुनाव में शराब वितरण रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले 3 दिन में यह शराब की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले पुलिस 120 ग्राम गांजा के साथ 3 युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है राजाखेड़ा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, नगर पालिका चुनाव में बांटने के लिए रखी 129 पव्वा अवैध शराब बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार धौलपुर राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह के नेतृत्व में रोहाई मोहल्ले के एक मकान पर दी दबिश, 62 पव्वा देसी और 67 पव्वा अंग्रेजी शराब बरामद, आरोपी मोहम्मद आरिफ खान गिरफ्तार, चुनाव में शराब बांटने की थी तैयारी, आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज पुलिस ने मौके से कुल 129 पव्वा शराब बरामद की है, जिसमें 62 पव्वा देसी शराब और 67 पव्वा अंग्रेजी शराब शामिल है। पुलिस ने शराब को चुनाव में मतदाताओं को बांटने के लिए रखा जाना बताया है। थानाधिकारी वीर सिंह ने बताया, "नगर पालिका चुनाव को लेकर अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर रोहाई मोहल्ले में मोहम्मद आरिफ खान के मकान पर दबिश दी गई। तलाशी में 129 पव्वा अवैध देसी व अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ की जा रही है।" चुनाव को लेकर पुलिस सख्त बता दें कि नगर पालिका चुनाव में शराब वितरण रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले 3 दिन में यह शराब की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले पुलिस 120 ग्राम गांजा के साथ 3 युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है1
- पुरानी रंजिश में दो युवकों पर हमला, लूट का आरोप; कार बरामद फतेहाबाद : धिमश्री से बाल खरीदकर बाइक से पिनाहट लौट रहे दो युवकों पर गुरुवार शाम पुरानी रंजिश को लेकर कार सवार युवकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जान बचाने के लिए दोनों सड़क किनारे एक मकान में घुस गए। पीड़ितों ने हमलावरों पर बाल और करीब सवा दो लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया है। पुलिस ने कार बरामद कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पिनाहट के खटीक मोहल्ला रघुनाथपुरा निवासी गौरव पुत्र इंद्रपाल और उसका साथी आदित्य पुत्र महादेव धिमश्री से बाल खरीदकर बाइक से पिनाहट लौट रहे थे। शाम करीब साढ़े सात बजे आगरा-बाह मार्ग पर टीकतपुरा खंडेर के सामने पीछे से आई कार सवार युवकों ने बाइक के आगे कार खड़ी कर दी। आरोप है कि कार से उतरे आठ-दस युवकों ने दोनों पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने सड़क किनारे एक मकान में घुसकर अपनी जान बचाई। पीड़ितों का आरोप है कि पड़ोस के रहने वाले अनूप पुत्र हरिओम से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी के चलते उन पर हमला किया गया। आरोप है कि हमलावर बाल और करीब सवा दो लाख रुपये लेकर कार से फरार हो गए। सूचना पर एसीपी इमरान खान और इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसीपी इमरान खान ने बताया कि दोनों पक्षों में मारपीट हुई है। लूट का आरोप गलत है।मामले की जांच की जा रही है।2
- एक नंबर पर दो बसें, धार की आग के बाद अंबाह में खुला बड़ा राज मुरैना अंबाह। धार जिले में बस में लगी आग के बाद सामने आया मामला अब अंबाह तक पहुंच गया है। एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो बसों के संचालन का संदेह सामने आने से परिवहन व्यवस्था और बस संचालकों की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र में भोपावर चौकी के पास सूरत से कानपुर जा रही एक बस अचानक आग की चपेट में आ गई थी। बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। आग लगने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें भी आईं। घटना के बाद बस का चालक मौके से फरार हो गया। इस हादसे की जांच चल ही रही थी कि मंगलवार को अंबाह पुलिस के सामने इसी रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा दूसरा मामला आ गया। पोरसा-अंबाह होकर दिल्ली जाने वाली एक बस को पुलिस ने रोककर जांच की। बस के दस्तावेजों की जांच में उसका रजिस्ट्रेशन नंबर धार में जली बस के नंबर से समान पाया गया। पुलिस ने जब चालक से दस्तावेज मांगे तो वह मौके पर संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर अंबाह थाने में खड़ा करा दिया। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर दो अलग-अलग बसों पर कैसे इस्तेमाल हो रहा था? क्या बस का नंबर गलत तरीके से लगाया गया था, या फिर दस्तावेजों में किसी तरह की गड़बड़ी है? इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। एसडीओपी विजय सिंह भदौरिया के मुताबिक अंबाह पुलिस ने धार पुलिस से संपर्क किया है और दोनों बसों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का है या किसी अन्य तकनीकी अथवा दस्तावेजी गड़बड़ी का। फिलहाल एक बस धार में जल चुकी है और उसी नंबर वाली दूसरी बस अंबाह पुलिस के कब्जे में है। ऐसे में यह मामला सिर्फ दो बसों के एक नंबर का नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।3