Shuru
Apke Nagar Ki App…
अलवर जिले के मालाखेड़ा भड़कोल निवासी नीलम, जो लाल सिंह की बेटी और प्रभु दयाल की पत्नी हैं, एक ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस दुखद दुर्घटना में उनका एक पैर कट गया। घटना के बाद, उन्हें तुरंत इलाज के लिए अलवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
एस एस मिडिया अलवर
अलवर जिले के मालाखेड़ा भड़कोल निवासी नीलम, जो लाल सिंह की बेटी और प्रभु दयाल की पत्नी हैं, एक ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस दुखद दुर्घटना में उनका एक पैर कट गया। घटना के बाद, उन्हें तुरंत इलाज के लिए अलवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजगढ़ में रविवार को आदिवासी मीणा समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह और कार्यालय भवन का लोकार्पण केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिवासी सेवा संस्थान के कार्यालय भवन और सभागार का भी लोकार्पण किया गया। संस्था के कोषाध्यक्ष लल्लू राम खुर्द ने बताया कि यह प्रतिभा सम्मान समारोह वर्ष 2024, 2025 और 2026 के लिए एक साथ आयोजित किया गया। महासचिव जयनारायण खरखडा ने जानकारी दी कि इस दौरान समाज की कुल 320 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में थानागाजी विधायक कांति प्रसाद मीणा, राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा, जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, डेयरी अध्यक्ष नितिन सांगवान और भाजपा विधायक प्रत्याशी बन्ना राम मीणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके द्वारा पूरे संसदीय क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं और वे विकास कार्य कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा 36 कौन का विकास बिना भेदभाव के किया जा रहा है। इस अवसर पर बन्ना राम मीणा ने सांसद एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हमेशा क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत हैं और उनके द्वारा अब तक कराया गया विकास बहुत ही ज्यादा है।3
- अलवर शहर के कंपनी बाग में आशा सहयोगिनी एकता मंच का धरना-प्रदर्शन सोमवार को लगातार 22वें दिन भी जारी रहा। जिलेभर से पहुंची आशा सहयोगिनियां अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारी आशा सहयोगिनियों ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे हैं। इनमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा और अलवर सांसद व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, इन ज्ञापनों के बावजूद अब तक न तो किसी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब मिला है, जिससे आशा सहयोगिनियों में भारी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से प्रदेश सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रख रही हैं, लेकिन उनकी आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। आशा सहयोगिनियां ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जनजागरूकता सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं, फिर भी उन्हें अपेक्षित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल रहा है। लगातार 22 दिनों से धरने पर बैठने और भीषण गर्मी के कारण कई आशा सहयोगिनियों की तबीयत भी बिगड़ गई है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उनका कहना है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगी और अंतिम निर्णय तक संघर्ष जारी रखेंगी। धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। आंदोलनकारी महिलाओं ने सरकार से अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, वार्ता के माध्यम से सकारात्मक पहल करने और लंबे समय से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने दोहराया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक कंपनी बाग में उनका धरना और संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धरने में राजवती, अनीता, पुष्प मीणा, दीपा जाट, शीला देवी, रेखा, ममता रानी, नीलम सैनी, परमलता, राजू मीणा, रीमा, संतोष, शीला सैनी, सुनीता, श्यामवती, प्रभा, संजोग देवी, सीता, नन्की, मुनेशा, गीता, कमलेश, बीना, सुमन, देवी, बंकी, बबीता, ममता, बीजा, कविता, सुन्दरी, बदली, उषा, सीमा, अनीता, फूला, किरण, पिंकी, सवितादेवी और नीतू सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां उपस्थित रहीं।4
- राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ में स्थित टोडा क्षेत्र में सरपँच के अंतर्गत पानी की व्यवस्था नहीं होने की समस्या सामने आई है। स्थानीय लोगों को पानी की सुविधा के अभाव से जूझना पड़ रहा है।1
- Post by Ganpat1
- मुरैना के माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में 27-28 जून 2026 को एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। एक पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की बेरहमी से हत्या कर दी, और फिर खुद ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। बताया गया है कि घटना का सूत्रधार 35 वर्षीय बलराम कुशवाह था, जो दो महीने पहले ही नौकरी से लौटा था। उसे अपनी 32 वर्षीय पत्नी के चरित्र पर शक था। यह शक तब और गहरा गया जब लगभग एक महीने पहले गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान उसकी पत्नी ने "शंकर जी की बूटी" गाने पर डांस किया। कुछ लड़कों ने इस डांस का वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया था, जिसके बाद से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। इसी शक और गुस्से की आग में जलते हुए बलराम ने देर रात घर के आंगन में सोते समय अपनी पत्नी और दोनों मासूम बेटों पर कुल्हाड़ी से बेरहमी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर एक चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरा परिवार ही समाप्त हो गया। यह घटना पूरे इलाके में दिल दहला देने वाली बताई जा रही है।1
- अलवर जिले के मालाखेड़ा भड़कोल निवासी नीलम, जो लाल सिंह की बेटी और प्रभु दयाल की पत्नी हैं, एक ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस दुखद दुर्घटना में उनका एक पैर कट गया। घटना के बाद, उन्हें तुरंत इलाज के लिए अलवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।1