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बखरी दोआ किसान गोष्ठी पर सवाल, कई प्रमुख किसान रहे नदारद बखरी दोआ, चेहरा कलां में कृषि विभाग एवं आत्मा की किसान गोष्ठी आयोजित हुई। प्राकृतिक व जैविक खेती समेत कीट नियंत्रण व उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और किसानों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे। किसानों ने रास्ते के सीमांकन, जैविक खाद और मिट्टी जांच कार्ड की मांग रखी।
SATYAM GRAM NEWS
बखरी दोआ किसान गोष्ठी पर सवाल, कई प्रमुख किसान रहे नदारद बखरी दोआ, चेहरा कलां में कृषि विभाग एवं आत्मा की किसान गोष्ठी आयोजित हुई। प्राकृतिक व जैविक खेती समेत कीट नियंत्रण व उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और किसानों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे। किसानों ने रास्ते के सीमांकन, जैविक खाद और मिट्टी जांच कार्ड की मांग रखी।
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- ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिनों से बिजली संकट, लोगों में आक्रोश *प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : बिहार के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है। लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति से ग्रामीण उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में बिजली की आंख-मिचौली के साथ रात में लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, रात के समय गांवों में अंधेरा छा जाने से चोरी, छिनतई समेत अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर लोगों में भय का माहौल है। हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा अपराध में वृद्धि की बात कही गई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पटना के रामविलास सिंह, वैशाली के देव प्रसाद यादव, छपरा के सुरेंद्र राय, समस्तीपुर की मालती देवी, मुजफ्फरपुर के प्रेम कुशवाहा, सीतामढ़ी के रविंद्र महतो और बेगूसराय के मो. कलाम सहित अन्य लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तार, पुराने पोल और अन्य उपकरणों की स्थिति खराब है। मामूली बारिश या हवा शुरू होते ही कई इलाकों में एहतियात के नाम पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि आपूर्ति बहाल होने का कोई निश्चित समय नहीं होने से उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। अनियमित और कथित मनमानी बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों ने बिजली विभाग से जर्जर तार-पोल एवं उपकरणों की जांच, आवश्यक मरम्मत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से1
- बखरी दोआ किसान गोष्ठी पर सवाल, कई प्रमुख किसान रहे नदारद बखरी दोआ, चेहरा कलां में कृषि विभाग एवं आत्मा की किसान गोष्ठी आयोजित हुई। प्राकृतिक व जैविक खेती समेत कीट नियंत्रण व उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और किसानों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे। किसानों ने रास्ते के सीमांकन, जैविक खाद और मिट्टी जांच कार्ड की मांग रखी।1
- वैशाली एसएसपी ने किया SC/ST थाना का निरीक्षण, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश1
- लालगंज में विकास की हकीकत! वायरल वीडियो ने खोली पोल।#Lalganj #Vaishali #ViralVideo #Development #BiharNews #RepublicVaishali लालगंज में विकास की हकीकत! वायरल वीडियो ने खोली पोल।#Lalganj #Vaishali #ViralVideo #Development #BiharNews #RepublicVaishali1
- सड़क से गुजर रही महिला को वाहन के टोकर लगने से हुई निधन। पसरा मातम। समस्तीपुर मोहिउद्दीन नगर प्रखंड अंतर्गत मदूदाबाद पंचायत के भुइया स्थान पासवान टोला निवासी स्व हरिचरण पासवान की पत्नी 72 वर्षीय जगिया देवी का घर से नाथो पासवान की पत्नी रजमुनिया देवी के साथ हनुमान नगर दवाई लाने जा रही थी इस बीच तेज रफ्तार से आ रही अज्ञात वाहन ने अंदौर कॉलेज गेट के निकट ठोकर मार दी जिसमें जगिया देवी बुरी तरह घायल हो गई एवं रजमुनिया देवी को भी काफी गम्भीर चोटें आई,ग्रामीणों के सहयोग से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन नगर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जगिया देवी को मृत घोषित किया एवं रजमुनिया देवी का इलाज चल रहा है,सूचना मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन पहुंचकर स्थानीय थाना अध्यक्ष को सूचित किया एवं शव को पोस्टमार्टम में भिजवाया और मृतक के परिजनों को सांत्वना दिया और स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह जी के निजी कोष से मृतक के परिजन को आर्थिक सहयोग किया।मौके पर थाना अध्यक्ष श्री विनय कुमार,SI राम कुमार,कुंदन कुमार,गनौर पासवान,विशेश्वर पासवान,राहुल कुमार आदि उपस्थित थे।1
- आरा में चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त का राजद ने किया पुतला दहन आरा से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर राजद भोजपुर ने फूंका मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला आरा एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में हेरफेर कर बिहार सहित अन्य राज्यों के चुनाव को प्रभावित करने, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल, भोजपुर द्वारा शुक्रवार को जिला मुख्यालय आरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व राजद भोजपुर के जिलाध्यक्ष वीरबल यादव ने किया। बड़ी संख्या में राजद के नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक कार्यक्रम में शामिल हुए और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर राजद के भोजपुर जिलाध्यक्ष वीरबल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोच्च होता है। चुनावी प्रक्रिया को लेकर यदि आम लोगों के मन में कोई शंका या सवाल उत्पन्न होता है, तो उसका समाधान करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। लेकिन वर्तमान समय में चुनाव आयोग ही खुद वोट चोरी कर रही है। यह पूरा खेल केंद्र में बैठे मोदी और शाह के इशारे पर हो रही है। यह बातें और भी प्रामाणिक इसलिए होती है क्योंकि अब मुख्य चुनाव आयुक्त के समकक्ष अधिकारियों ने इसकी शिकायत की है। उन्होंने कहा कि राजद लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। वहीं विधान पार्षद सोनू राय ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की आधारशिला है और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास सर्वोपरि होना चाहिए। मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया और चुनाव संचालन को लेकर उठ रहे सवालों का पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान होना आवश्यक है। वहीं जिला प्रवक्ता आलोक रंजन ने कहा कि चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की लोकतांत्रिक भागीदारी का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए, ताकि जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास मजबूत बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सत्ता की संरक्षण में वोट चोरी कर के सत्ता को लाभ पहुंचाया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ता संविधान में निहित लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की भावना के लिए लगातार संघर्षरत रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अविलंब मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा होना चाहिए और उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। जिला परिषद सदस्य डॉ. भीम यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक के मताधिकार का संरक्षण जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े ऐसे सवालों का समाधान संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान राजद नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। कार्यक्रम में पूर्व विधायक राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया, पूर्व प्रत्याशी रामबाबू सिंह, प्रवक्ता आलोक रंजन, हाकिम प्रसाद, लालबिहारी सिंह, मंटू शर्मा, गजेंद्र यादव, सीपी चक्रवर्ती, शिव कुमार शर्मा, धनंजय यादव, सेराज अंसारी, शैलेंद्र राम, भुनेश्वर यादव, अमित ठाकुर, हरिफन यादव, लल्लू, रजनीश यादव, मदन राय, अरुण यादव, विनोद चन्द्रवंशी, धनजीत यादव, तेजू त्यागी, मुन्ना यादव, सहित राजद के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, प्रखंड एवं पंचायत स्तर के कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक उपस्थित रहे।1
- चेहराकलां पीएचसी परिसर में जलजमाव से मरीज और स्वास्थ्यकर्मी परेशान प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महुआ–मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित शेखपुरा कटहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में जलजमाव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। अस्पताल परिसर में जमा गंदे पानी के कारण मरीजों, परिजनों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद भी पीएचसी परिसर में पानी जमा हो जाता है, जिससे अस्पताल आने-जाने का रास्ता बाधित हो जाता है। मरीजों को कीचड़ और जलभराव के बीच होकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है, वहीं चिकित्सकों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह स्वास्थ्य केंद्र आसपास के कई पंचायतों के लोगों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र है, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहता है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पीएचसी परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा जलजमाव की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्पताल परिसर को जलभराव से मुक्त करना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में व्याप्त जलजमाव की यह समस्या सरकारी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रही है, जबकि स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ और सुगम बनाए रखने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।1