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प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से
Bihar Vaishali live
प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से
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- ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिनों से बिजली संकट, लोगों में आक्रोश *प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : बिहार के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है। लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति से ग्रामीण उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में बिजली की आंख-मिचौली के साथ रात में लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, रात के समय गांवों में अंधेरा छा जाने से चोरी, छिनतई समेत अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर लोगों में भय का माहौल है। हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा अपराध में वृद्धि की बात कही गई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पटना के रामविलास सिंह, वैशाली के देव प्रसाद यादव, छपरा के सुरेंद्र राय, समस्तीपुर की मालती देवी, मुजफ्फरपुर के प्रेम कुशवाहा, सीतामढ़ी के रविंद्र महतो और बेगूसराय के मो. कलाम सहित अन्य लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तार, पुराने पोल और अन्य उपकरणों की स्थिति खराब है। मामूली बारिश या हवा शुरू होते ही कई इलाकों में एहतियात के नाम पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि आपूर्ति बहाल होने का कोई निश्चित समय नहीं होने से उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। अनियमित और कथित मनमानी बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों ने बिजली विभाग से जर्जर तार-पोल एवं उपकरणों की जांच, आवश्यक मरम्मत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से प्रधानमंत्री आवास के नाम कटवा दिया गया इसलिए आवेदन दिए हैं देखिए क्या कुछ कहे पातेपुर प्रखंड वैशाली से1
- बखरी दोआ किसान गोष्ठी पर सवाल, कई प्रमुख किसान रहे नदारद बखरी दोआ, चेहरा कलां में कृषि विभाग एवं आत्मा की किसान गोष्ठी आयोजित हुई। प्राकृतिक व जैविक खेती समेत कीट नियंत्रण व उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और किसानों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे। किसानों ने रास्ते के सीमांकन, जैविक खाद और मिट्टी जांच कार्ड की मांग रखी।1
- लालगंज में विकास की हकीकत! वायरल वीडियो ने खोली पोल।#Lalganj #Vaishali #ViralVideo #Development #BiharNews #RepublicVaishali लालगंज में विकास की हकीकत! वायरल वीडियो ने खोली पोल।#Lalganj #Vaishali #ViralVideo #Development #BiharNews #RepublicVaishali1
- Post by BIHAR NEWS NOW1
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- वैशाली एसएसपी ने किया SC/ST थाना का निरीक्षण, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश1
- चेहराकलां पीएचसी परिसर में जलजमाव से मरीज और स्वास्थ्यकर्मी परेशान प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महुआ–मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित शेखपुरा कटहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में जलजमाव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। अस्पताल परिसर में जमा गंदे पानी के कारण मरीजों, परिजनों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद भी पीएचसी परिसर में पानी जमा हो जाता है, जिससे अस्पताल आने-जाने का रास्ता बाधित हो जाता है। मरीजों को कीचड़ और जलभराव के बीच होकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है, वहीं चिकित्सकों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह स्वास्थ्य केंद्र आसपास के कई पंचायतों के लोगों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र है, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहता है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पीएचसी परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा जलजमाव की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्पताल परिसर को जलभराव से मुक्त करना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में व्याप्त जलजमाव की यह समस्या सरकारी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रही है, जबकि स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ और सुगम बनाए रखने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।1