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खड़िया में हुए एक हादसे में करंट लगने से एक भैंस की मौत हो गई। इस घटना के बाद RDSS योजना पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जिससे योजना की कार्यप्रणाली को लेकर चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं।
Etv9 national news
खड़िया में हुए एक हादसे में करंट लगने से एक भैंस की मौत हो गई। इस घटना के बाद RDSS योजना पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जिससे योजना की कार्यप्रणाली को लेकर चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बूंदी जिले में स्थित ताल्वास के महादेव जी को घूमने के लिए एक बहुत ही शानदार जगह बताया गया है। यह स्थान अपनी लोकप्रियता के चलते एक महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल बन गया है, जहाँ बड़ी संख्या में लोग हर रोज़ भ्रमण और दर्शन के लिए पहुँचते हैं।1
- सवाई माधोपुर के खंडार थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय कपिल जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी, जो साबलपुर का निवासी है, पर निवेश के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्री के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम और व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर फर्जी इन्वेस्टमेंट लिंक भेजता था और लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देता था। जो लोग उसके झांसे में आ जाते थे, उनसे वह ऑनलाइन रकम ऐंठ लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के साइबर पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी कपिल जाट ने यह स्वीकार किया कि वह करीब एक वर्ष से इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को निशाना बनाता था। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके पूरे ठगी नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी निवेश प्रस्ताव, अनजान लिंक या अधिक मुनाफे के लालच में न आएं, और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- देशभर में स्कूलों का हाल बेहाल है, जिनकी सुध तब ही ली जाती है जब कोई गंभीर हादसा हो जाए और उसके बाद ही जाँच का कार्यक्रम शुरू किया जाता है। इसी लापरवाही का एक दुखद परिणाम वर्ष 2025 में राजस्थान के एक जिले में देखने को मिला था, जहाँ एक विद्यालय भवन की जर्जर छत ढह जाने से कई मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस घटना ने 'आग लगने पर कुआँ खोदना' वाली पुरानी कहावत को चरितार्थ किया। यह खेदजनक स्थिति वर्ष 2026 में भी बदस्तूर जारी है, जहाँ हादसों का इंतजार किया जाता है और फिर अंतिम समय में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। यह दिखाता है कि गंभीर मुद्दों पर समय रहते कदम उठाने के बजाय, प्रतिक्रियात्मक रवैया अपनाया जा रहा है।1
- सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाना में सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज मीणा के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में 27 जून को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ग्राम रावल निवासी हेमराज मीणा के साथ यह घटना 26 जून को तब हुई, जब वे गांव के एक मामले में फरियादी के तौर पर थाना पहुंचे थे। हेमराज ने जिला कलेक्टर को बताया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें शांति भंग की कार्रवाई में निरुद्ध कर लॉकअप में बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंडेरा थानाधिकारी राकेश शर्मा, सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह, थाने में तैनात शिवपाल, तथा 4-5 अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन बंद किया। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि यदि कोई नागरिक न्याय के लिए थाना आता है, तो उसे न्याय मिलना चाहिए, न कि प्रताड़ना, और कानून का दुरुपयोग तथा पुलिस की मनमानी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसमें आरोपों के सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन भी शामिल है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर रामगोपाल गुणसरिया, एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी, रामसिंह सरपंच, एडवोकेट लाखन सिंह, शिवपाल, हरकेश, भेरूलाल, यशवंत भूप्रेमी, अवधेश शर्मा, मनोज सैनी, रतनलाल, ओमप्रकाश मीणा, मानसिंह, कमलेश मीणा, हीरालाल, संजय, रईस सहित अनेक ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- सवाई माधोपुर के रणथंभौर में पांचवें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ। लिव4फ्रीडम एलएलपी द्वारा रणथंभौर के आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिजॉर्ट एवं कैसल झूमर बावड़ी में 'कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन, प्रसिद्ध संरक्षण पारिस्थितिकीविद्, लेखिका एवं फोटोग्राफर डॉ. लतिका नाथ ने इस बात पर जोर दिया कि जंगलों और वन्यजीवों का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है जब बाघ संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन के बीच सही संतुलन स्थापित किया जाए। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। डॉ. नाथ ने 'भारत के बाघों का भविष्य : संकट, पुनर्वास और दीर्घकालिक अस्तित्व' विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वन्यजीव पर्यटन से प्राप्त आय का एक बड़ा हिस्सा संरक्षण कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने सफारी में पर्यटकों की संख्या सीमित करने और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही नेपाल, भूटान, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के संरक्षण मॉडलों से सीखने का सुझाव दिया। वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. अनिश अंधेरिया ने 'इंसानों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में बाघ' विषय पर चर्चा की और आर्थिक विकास के नाम पर पर्यावरण की अनदेखी न करने की बात कही। उन्होंने हाईवे, रेलवे लाइन जैसी आधारभूत संरचनाओं के वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए रेलवे ट्रैक पर सायरन जैसी तकनीकों के उपयोग का सुझाव दिया, और बताया कि बाघों का संरक्षण देश की जल सुरक्षा व पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ एवं सफारी गाइड विजय सिंह मीणा ने रणथंभौर सहित देश के प्रसिद्ध बाघों डॉलर, चार्जर, पारो, कॉलरवाली, मछली और माया से जुड़े रोचक अनुभव साझा किए। वाइल्ड लाइफ फिल्म निर्माता सुबैया नल्ला मुत्थु ने प्रसिद्ध बाघिन 'मछली' पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की, जबकि रेडिको खेतान के अमित छौजर और वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अभिषेक भाट ने भी संरक्षण से जुड़े अपने विचार रखे। कार्यक्रम में 'रॉयल रणथंभौर – कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' शीर्षक से एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी गई। पहले दिन सुबह झूमर बावड़ी में स्कूली विद्यार्थियों ने पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और बाघ बचाने का संदेश दिया। आयोजकों आनंद भारद्वाज और सुनील मंगल ने बताया कि शनिवार को अभिनेता, पटकथा लेखक एवं निर्माता राहुल सिंह बाघ संरक्षण में सिनेमा की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे, जबकि वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न विशेषज्ञ 'जिम्मेदार सफारी : अधिकार, नियम और सम्मान' विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कंजर्वेशन अवॉर्ड्स समारोह रहेगा, जिसमें बाघ व पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 11 विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों का चयन पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वी. पी. सिंह बदनौर की अध्यक्षता वाली प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा।1
- कोटा शहर के हृदय स्थल इंदिरा मार्केट में स्थित प्रसिद्ध दो चौच बालाजी पवन धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि कोटा के पुराने शहर की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है। इंदिरा मार्केट क्षेत्र में स्थित यह प्राचीन बालाजी धाम प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, दो चौच बालाजी मंदिर की स्थापना पुराने कोटा नगर के विकास काल में हुई थी। यह क्षेत्र कभी व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा, जहां व्यापारियों एवं आमजन ने भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से बालाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित कर नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ की। समय के साथ यह स्थान 'दो चौच बालाजी' के नाम से प्रसिद्ध हो गया और आज पवन धाम के रूप में विख्यात है। बालाजी महाराज को संकटमोचन एवं कलियुग के जागृत देवता के रूप में पूजा जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना एवं हनुमान चालीसा के पाठ से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ तथा भजन संध्या का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मंदिर परिसर में समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान, भंडारे, प्रसादी वितरण, रामायण पाठ एवं सामाजिक सेवा कार्य आयोजित किए जाते हैं। भीषण गर्मी के दौरान शीतल जल एवं ठंडाई वितरण तथा धार्मिक पर्वों पर विशेष झांकियां सजाई जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। कोटा शहर अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, और चंबल नदी के तट पर बसे इस ऐतिहासिक नगर में दो चौच बालाजी पवन धाम श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक जीवंत उदाहरण माना जाता है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक मासूम के साथ हुई दरिंदगी की घटना को लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं।1
- सवाई माधोपुर के बजरिया स्थित राजनगर कॉलोनी में दोपहर करीब 1:00 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर विद्युत पोल से टकरा गई। जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक गाड़ी को खेरदा से बजरिया की ओर ले जा रहा था, तभी तेज गति के कारण वाहन बेकाबू हो गया। इस दुर्घटना में गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। टक्कर के बाद, चालक पिकअप गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया।1
- सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।1