सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाना में सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज मीणा के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में 27 जून को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ग्राम रावल निवासी हेमराज मीणा के साथ यह घटना 26 जून को तब हुई, जब वे गांव के एक मामले में फरियादी के तौर पर थाना पहुंचे थे। हेमराज ने जिला कलेक्टर को बताया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें शांति भंग की कार्रवाई में निरुद्ध कर लॉकअप में बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंडेरा थानाधिकारी राकेश शर्मा, सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह, थाने में तैनात शिवपाल, तथा 4-5 अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन बंद किया। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि यदि कोई नागरिक न्याय के लिए थाना आता है, तो उसे न्याय मिलना चाहिए, न कि प्रताड़ना, और कानून का दुरुपयोग तथा पुलिस की मनमानी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसमें आरोपों के सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन भी शामिल है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर रामगोपाल गुणसरिया, एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी, रामसिंह सरपंच, एडवोकेट लाखन सिंह, शिवपाल, हरकेश, भेरूलाल, यशवंत भूप्रेमी, अवधेश शर्मा, मनोज सैनी, रतनलाल, ओमप्रकाश मीणा, मानसिंह, कमलेश मीणा, हीरालाल, संजय, रईस सहित अनेक ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाना में सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज मीणा के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में 27 जून को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ग्राम रावल निवासी हेमराज मीणा के साथ यह घटना 26 जून को तब हुई, जब वे गांव के एक मामले में फरियादी के तौर पर थाना पहुंचे थे। हेमराज ने जिला कलेक्टर को बताया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें शांति भंग की कार्रवाई में निरुद्ध कर लॉकअप में बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंडेरा थानाधिकारी राकेश शर्मा, सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह, थाने में तैनात शिवपाल, तथा 4-5 अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन बंद किया। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि यदि कोई नागरिक न्याय के लिए थाना आता है, तो उसे न्याय मिलना चाहिए, न कि प्रताड़ना, और कानून का दुरुपयोग तथा पुलिस की मनमानी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसमें आरोपों के सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन भी शामिल है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर रामगोपाल गुणसरिया, एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी, रामसिंह सरपंच, एडवोकेट लाखन सिंह, शिवपाल, हरकेश, भेरूलाल, यशवंत भूप्रेमी, अवधेश शर्मा, मनोज सैनी, रतनलाल, ओमप्रकाश मीणा, मानसिंह, कमलेश मीणा, हीरालाल, संजय, रईस सहित अनेक ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- सवाई माधोपुर के खंडार थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय कपिल जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी, जो साबलपुर का निवासी है, पर निवेश के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्री के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम और व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर फर्जी इन्वेस्टमेंट लिंक भेजता था और लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देता था। जो लोग उसके झांसे में आ जाते थे, उनसे वह ऑनलाइन रकम ऐंठ लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के साइबर पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी कपिल जाट ने यह स्वीकार किया कि वह करीब एक वर्ष से इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को निशाना बनाता था। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके पूरे ठगी नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी निवेश प्रस्ताव, अनजान लिंक या अधिक मुनाफे के लालच में न आएं, और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- देशभर में स्कूलों का हाल बेहाल है, जिनकी सुध तब ही ली जाती है जब कोई गंभीर हादसा हो जाए और उसके बाद ही जाँच का कार्यक्रम शुरू किया जाता है। इसी लापरवाही का एक दुखद परिणाम वर्ष 2025 में राजस्थान के एक जिले में देखने को मिला था, जहाँ एक विद्यालय भवन की जर्जर छत ढह जाने से कई मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस घटना ने 'आग लगने पर कुआँ खोदना' वाली पुरानी कहावत को चरितार्थ किया। यह खेदजनक स्थिति वर्ष 2026 में भी बदस्तूर जारी है, जहाँ हादसों का इंतजार किया जाता है और फिर अंतिम समय में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। यह दिखाता है कि गंभीर मुद्दों पर समय रहते कदम उठाने के बजाय, प्रतिक्रियात्मक रवैया अपनाया जा रहा है।1
- सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाना में सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज मीणा के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में 27 जून को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ग्राम रावल निवासी हेमराज मीणा के साथ यह घटना 26 जून को तब हुई, जब वे गांव के एक मामले में फरियादी के तौर पर थाना पहुंचे थे। हेमराज ने जिला कलेक्टर को बताया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें शांति भंग की कार्रवाई में निरुद्ध कर लॉकअप में बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंडेरा थानाधिकारी राकेश शर्मा, सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह, थाने में तैनात शिवपाल, तथा 4-5 अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन बंद किया। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि यदि कोई नागरिक न्याय के लिए थाना आता है, तो उसे न्याय मिलना चाहिए, न कि प्रताड़ना, और कानून का दुरुपयोग तथा पुलिस की मनमानी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसमें आरोपों के सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन भी शामिल है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर रामगोपाल गुणसरिया, एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी, रामसिंह सरपंच, एडवोकेट लाखन सिंह, शिवपाल, हरकेश, भेरूलाल, यशवंत भूप्रेमी, अवधेश शर्मा, मनोज सैनी, रतनलाल, ओमप्रकाश मीणा, मानसिंह, कमलेश मीणा, हीरालाल, संजय, रईस सहित अनेक ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- सवाई माधोपुर के रणथंभौर में पांचवें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ। लिव4फ्रीडम एलएलपी द्वारा रणथंभौर के आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिजॉर्ट एवं कैसल झूमर बावड़ी में 'कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन, प्रसिद्ध संरक्षण पारिस्थितिकीविद्, लेखिका एवं फोटोग्राफर डॉ. लतिका नाथ ने इस बात पर जोर दिया कि जंगलों और वन्यजीवों का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है जब बाघ संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन के बीच सही संतुलन स्थापित किया जाए। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। डॉ. नाथ ने 'भारत के बाघों का भविष्य : संकट, पुनर्वास और दीर्घकालिक अस्तित्व' विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वन्यजीव पर्यटन से प्राप्त आय का एक बड़ा हिस्सा संरक्षण कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने सफारी में पर्यटकों की संख्या सीमित करने और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही नेपाल, भूटान, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के संरक्षण मॉडलों से सीखने का सुझाव दिया। वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. अनिश अंधेरिया ने 'इंसानों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में बाघ' विषय पर चर्चा की और आर्थिक विकास के नाम पर पर्यावरण की अनदेखी न करने की बात कही। उन्होंने हाईवे, रेलवे लाइन जैसी आधारभूत संरचनाओं के वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए रेलवे ट्रैक पर सायरन जैसी तकनीकों के उपयोग का सुझाव दिया, और बताया कि बाघों का संरक्षण देश की जल सुरक्षा व पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ एवं सफारी गाइड विजय सिंह मीणा ने रणथंभौर सहित देश के प्रसिद्ध बाघों डॉलर, चार्जर, पारो, कॉलरवाली, मछली और माया से जुड़े रोचक अनुभव साझा किए। वाइल्ड लाइफ फिल्म निर्माता सुबैया नल्ला मुत्थु ने प्रसिद्ध बाघिन 'मछली' पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की, जबकि रेडिको खेतान के अमित छौजर और वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अभिषेक भाट ने भी संरक्षण से जुड़े अपने विचार रखे। कार्यक्रम में 'रॉयल रणथंभौर – कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' शीर्षक से एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी गई। पहले दिन सुबह झूमर बावड़ी में स्कूली विद्यार्थियों ने पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और बाघ बचाने का संदेश दिया। आयोजकों आनंद भारद्वाज और सुनील मंगल ने बताया कि शनिवार को अभिनेता, पटकथा लेखक एवं निर्माता राहुल सिंह बाघ संरक्षण में सिनेमा की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे, जबकि वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न विशेषज्ञ 'जिम्मेदार सफारी : अधिकार, नियम और सम्मान' विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कंजर्वेशन अवॉर्ड्स समारोह रहेगा, जिसमें बाघ व पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 11 विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों का चयन पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वी. पी. सिंह बदनौर की अध्यक्षता वाली प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा।1
- मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा द्वारा एक वित्तीय चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बैंक की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देना था। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा और एफएलसी कमलेश जी मीणा ने लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, एसबीआई एक्सीडेंटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, केसीसी और बचत खातों जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए और ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल दर्ज करने की अपील भी की। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा ने यह भी बताया कि जुलाई महीने से फसल बीमा योजना पुनः शुरू हो रही है, जिसके लिए किसानों को अपने अपडेटेड आधार कार्ड बैंक में जमा करवाने होंगे। उन्होंने खातों में बकाया ब्याज जमा करवाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और बताया कि जिन लोगों के पास बैंक में केसीसी नहीं है, वे ई-मित्र के माध्यम से भी अपना फसल बीमा करवा सकते हैं। एफएलसी कमलेश कुमार मीणा ने साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चौपाल के दौरान, पात्र लोगों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के फॉर्म मौके पर ही प्राप्त किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को चाय-पान करवाने के बाद हुआ।1
- यह रेल मार्ग मारवाड़ जंक्शन से शुरू होकर फुलेरा, जयपुर, बरवाड़ा, सवाई माधोपुर और इंदरगढ़ से होते हुए अपने गंतव्य तक जाता है।1
- लाखेरी में मेज नदी पर बने हाई लेवल ब्रिज पर आखिरकार 6 साल के लंबे इंतजार के बाद आवागमन शुरू हो गया है। इस पुल को सरकार ने एक दुखद हादसे के बाद मंजूर किया था। यह ब्रिज 2020 में हुई उस घटना के मद्देनजर बनाया गया, जब पुरानी सकरी पुलिया से एक बस गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई थी। इस भीषण दुर्घटना के बाद ही सरकार ने इस हाई लेवल ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति दी थी। हालांकि, निर्माण कार्य को भूमि विवाद के कारण 2 साल तक रुका रहना पड़ा था। अब, भूमि अधिग्रहण और डामरीकरण का काम पूरा होने के बाद, ब्रिज को यातायात के लिए खोल दिया गया है।2
- सवाई माधोपुर के बजरिया स्थित राजनगर कॉलोनी में दोपहर करीब 1:00 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर विद्युत पोल से टकरा गई। जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक गाड़ी को खेरदा से बजरिया की ओर ले जा रहा था, तभी तेज गति के कारण वाहन बेकाबू हो गया। इस दुर्घटना में गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। टक्कर के बाद, चालक पिकअप गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया।1