*गोटेगांव में शंकराचार्य जी महाराज का भव्य आगमन, श्रीराम मंदिर में किया पूजा अर्चन सनातन धर्म पर विस्तृत संदेश* गोटेगांव। द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का बुधवार सुबह लगभग 10:00 बजे ग्राम बगलई में भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आगमन हुआ। ग्रामवासियों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा, जयघोष एवं मंगल ध्वनियों के साथ उनका अभिनंदन किया। बगलई आगमन के पश्चात परम पूज्य शंकराचार्य जी महाराज गोटेगांव मैं सराफा बाजार स्थित श्री राम मंदिर पहुँचे, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका स्वागत किया गया उन्होंने भगवान श्री राम का पूजन अर्चन किया उसके पश्चात पादुका पूजन सर्व ब्राह्मण सभा के द्वारा संपन्न की गई। मंदिर परिसर में उन्होंने सनातन धर्मी उपस्थित गुरु भक्तों को स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन हेतु उमड़े, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। इसके पश्चात अपने *विस्तृत एवं प्रेरणादायक प्रवचन में शंकराचार्य जी महाराज ने सनातन धर्म की गहराई और उसकी जीवनोपयोगी शिक्षाओं को सरल भाषा में समझाया* उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को दिशा देने वाला व्यापक दर्शन है। यह धर्म हमें सत्य, अहिंसा, दया, सेवा और संयम का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक मनुष्य अपने आचरण में धर्म को नहीं उतारता, तब तक केवल ज्ञान अधूरा रहता है। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता संस्कारों की है। परिवार और समाज में यदि धर्म आधारित जीवनशैली अपनाई जाए, तो अनेक समस्याएँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है। अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान ही हमें सशक्त और आत्मविश्वासी बनाता है। *गौ माता के विषय में अपने उद्बोधन को विस्तार देते हुए* शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। शास्त्रों में गौ को ‘विश्व की माता’ कहा गया है, क्योंकि वह केवल पोषण ही नहीं करती, बल्कि संपूर्ण पर्यावरण और मानव जीवन के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि गौ संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर प्रयास करे—चाहे वह गौशालाओं में सहयोग हो, निराश्रित गौवंश की सेवा हो या गौ आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देना हो। उन्होंने यह भी कहा कि जिस समाज में गौ माता का सम्मान होता है, वहाँ सुख, समृद्धि और शांति स्वतः आती है। अपने प्रवचन के अंत में शंकराचार्य जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, सदाचार अपनाने एवं सेवा भाव को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। उनके ओजस्वी एवं हृदयस्पर्शी विचारों से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने उनके श्रीचरणों पुष्पमाला आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय और भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। सभी को महाप्रसाद का वितरण किया गया
*गोटेगांव में शंकराचार्य जी महाराज का भव्य आगमन, श्रीराम मंदिर में किया पूजा अर्चन सनातन धर्म पर विस्तृत संदेश* गोटेगांव। द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का बुधवार सुबह लगभग 10:00 बजे ग्राम बगलई में भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आगमन हुआ। ग्रामवासियों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा, जयघोष एवं मंगल ध्वनियों के साथ उनका अभिनंदन किया। बगलई आगमन के पश्चात परम पूज्य शंकराचार्य जी महाराज गोटेगांव मैं सराफा बाजार स्थित श्री राम मंदिर पहुँचे, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका स्वागत किया गया उन्होंने भगवान श्री राम का पूजन अर्चन किया उसके पश्चात पादुका पूजन सर्व ब्राह्मण सभा के द्वारा संपन्न की गई। मंदिर परिसर में उन्होंने सनातन धर्मी उपस्थित गुरु भक्तों को स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन हेतु उमड़े, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। इसके पश्चात अपने *विस्तृत एवं प्रेरणादायक प्रवचन में शंकराचार्य जी महाराज ने सनातन धर्म की गहराई और उसकी जीवनोपयोगी शिक्षाओं को सरल भाषा में समझाया* उन्होंने कहा
कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को दिशा देने वाला व्यापक दर्शन है। यह धर्म हमें सत्य, अहिंसा, दया, सेवा और संयम का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक मनुष्य अपने आचरण में धर्म को नहीं उतारता, तब तक केवल ज्ञान अधूरा रहता है। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता संस्कारों की है। परिवार और समाज में यदि धर्म आधारित जीवनशैली अपनाई जाए, तो अनेक समस्याएँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है। अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान ही हमें सशक्त और आत्मविश्वासी बनाता है। *गौ माता के विषय में अपने उद्बोधन को विस्तार देते हुए* शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। शास्त्रों में गौ को ‘विश्व की माता’ कहा गया है, क्योंकि वह
केवल पोषण ही नहीं करती, बल्कि संपूर्ण पर्यावरण और मानव जीवन के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि गौ संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर प्रयास करे—चाहे वह गौशालाओं में सहयोग हो, निराश्रित गौवंश की सेवा हो या गौ आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देना हो। उन्होंने यह भी कहा कि जिस समाज में गौ माता का सम्मान होता है, वहाँ सुख, समृद्धि और शांति स्वतः आती है। अपने प्रवचन के अंत में शंकराचार्य जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, सदाचार अपनाने एवं सेवा भाव को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। उनके ओजस्वी एवं हृदयस्पर्शी विचारों से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने उनके श्रीचरणों पुष्पमाला आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय और भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। सभी को महाप्रसाद का वितरण किया गया
- विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने गोटेगांव के कई शासकीय स्कूलों का किया निरिक्षण2
- प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन करेली में दिए गए वक्तव्य के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन हाथों में तख्तियां लहराते हुए महिलाएं पहुंची पुलिस अधीक्षक कार्यालय। महिला शक्तियों ने की नारेबाजी शिक्षा मंत्री होश में आओ। सड़कों पर उतरी महिलाएं कहां नारी का अपमान नहीं सहेंगे।1
- नरसिंहपुर के करेली में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन के दौरान मंत्री उदय प्रताप सिंह के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नाराज़ लोगों ने एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम में दिए गए बयान से महिलाओं की भावनाएं आहत हुईं और आयोजन की गरिमा को ठेस पहुंची। ।।।।मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है, वहीं गोटेगांव निवासी पूर्व पार्षद राजेश चौकसे ने महिलाओं के साथ ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।4
- सिद्धांतहीन हैं पार्टियां नरसिंहपुर। भारत में चुनावी सरगर्मी के बीच अक्सर जातिगत राजनीति का मुद्दा गरमाया रहता है। हाल ही में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने इस विषय पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने राजनीतिक दलों के दोहरे चरित्र के मीडिया के सवालों पर राजनीतिक दलों को सिद्धांतहीन करार दिया है। शंकराचार्य ने कहा कि पिछले 78 वर्षों से देश में जाति-पाति मिटाओ के नारे गूंज रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है। उन्होंने सरकारों और राजनीतिक दलों पर प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ पार्टियां जातिवाद खत्म करने की बात करती हैं, तो दूसरी तरफ जाति के आधार पर ही आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव में उम्मीदवारों का चयन भी योग्यता के बजाय उनकी जाति और क्षेत्र के समीकरणों को देखकर किया जाता है। नगर पालिका के पार्षद से लेकर मेयर और चेयरमैन तक के पदों पर जातिगत राजनीति का गहरा प्रभाव है। शंकराचार्य ने एक उदाहरण देते हुए समझाया कि जब हम शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो उनका एक निश्चित अर्थ होना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर कोई कहे कि बगीचे को आग से सींच दो, तो बगीचा सींचेगा नहीं बल्कि जल जाएगा। इसी प्रकार, जब पार्टियां जातिवाद मिटाने का नारा देकर उसी के आधार पर नीतियां बनाती हैं, तो यह उनके वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है। मीडिया के स्वाल पर शंकराचार्य जी ने कहा कि अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि जातिवाद देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इस पर असहमति जताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि कई ऐसे देश हैं जहाँ जाति व्यवस्था नहीं है, जैसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान, लेकिन क्या वे विकसित हो गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश के विकास में जाति-पाति बाधक नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार सबसे बड़ी बाधा है। शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में जातिगत जनगणना और आरक्षण को लेकर बहस तेज है। उनके अनुसार, जब तक राजनीतिक दल अपने कथनी और करनी में अंतर रखेंगे, तब तक सामाजिक सुधार के नारे केवल चुनावी जुमले ही बने रहेंगे।6
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- चलती स्कार्पियो में भडकी आग,कूदकर बची 5 जिदगिया1
- करेली में सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के मंच से बिगड़े बोल पर मंचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है आज बुधवार गोटेगांव के कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारियों ने एक जुट होकर एसपी ऑफिस पहुंचकर एसपी को लिखित आवेदन देते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है।1
- शिक्षा मंत्री के खिलाफ सड़कों पर उतरे कांग्रेसीयो ने किया प्रदर्शन3