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बस्सी क्षेत्र के गोनेर में माल पुए बहुत प्रसिद्ध हैं, जिन्हें एक खास पहचान मिली हुई है। इन स्वादिष्ट माल पुओं को जगदीश महाराज के मंदिर में विशेष रूप से भोग के तौर पर चढ़ाया जाता है।
Yogesh Kumar Gupta
बस्सी क्षेत्र के गोनेर में माल पुए बहुत प्रसिद्ध हैं, जिन्हें एक खास पहचान मिली हुई है। इन स्वादिष्ट माल पुओं को जगदीश महाराज के मंदिर में विशेष रूप से भोग के तौर पर चढ़ाया जाता है।
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- अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ पड़ने की पुरानी घटना और हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' के संस्थापक Abhijeet Deepke को थप्पड़ मारे जाने की घटना के बीच समानताओं को लेकर सवाल उठाया गया है।1
- एक बहु ने 'सास' शब्द की बेहद मार्मिक और हास्यपूर्ण व्याख्या की है, जिसके जरिए उन्होंने अपने मन की सारी भड़ास निकाली है। इस हास्य व्यंग्य को सटीक और सार्थक बताया गया है, और इस प्रयास की सराहना की गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए आशा व्यक्त की गई है कि काश भारत की सासें इस तरह के प्रयासों से सुधर पातीं, तो कितने ही बच्चों के घर टूटने से बच जाते। पोस्ट में 'भारत की सास' को 'कुख्यात' बताया गया है।1
- जयपुर-सीकर हाईवे पर हरमाड़ा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक और युवती की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा सुबह करीब 9 बजे नींदड़ मोड़ के पास हुआ, जब तेज रफ्तार सीमेंट से भरे एक ट्रेलर ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। हरमाड़ा थाना प्रभारी उदय सिंह यादव के अनुसार, चौमूं से जयपुर की ओर जा रहे ट्रेलर से टक्कर लगने के बाद युवक-युवती सड़क पर गिर पड़े और ट्रेलर उन्हें रौंदते हुए निकल गया, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के तत्काल बाद, ट्रेलर चालक वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में जुट गई है। इसके साथ ही, पुलिस बाइक के नंबर के आधार पर मृतक युवक और युवती की पहचान करने का प्रयास भी कर रही है, और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- जोधपुर के मंडोर थाना क्षेत्र से देर रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें थाने पर भारी हंगामा होते देखा जा सकता है। यह हंगामा शराब के नशे में पकड़े गए एक व्यक्ति के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद उसके परिजनों द्वारा किया गया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने आरोपी के साथ मारपीट की और उसके पर्स से पैसे भी निकाल लिए। जानकारी के अनुसार, आरोपी की पत्नी, जो एक सीएलजी सदस्य बताई जा रही हैं, और उनके बेटे ने मंडोर थाने पहुंचकर पुलिस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और विरोध दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और पैसे निकालने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि व्यक्ति को शराब के नशे में होने के कारण कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। देर रात तक चले इस विवाद को बाद में थाना अधिकारी ने अपनी समझाइश से शांत कराया, जिसके बाद परिजन वापस लौट गए। इस पूरी घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस की कार्रवाई और आमजन के अधिकारों के बीच सही संतुलन कैसे स्थापित किया जाए, ताकि कानून व्यवस्था भी बनी रहे और किसी भी पक्ष को अन्याय महसूस न हो।1
- बस्सी क्षेत्र के गोनेर में माल पुए बहुत प्रसिद्ध हैं, जिन्हें एक खास पहचान मिली हुई है। इन स्वादिष्ट माल पुओं को जगदीश महाराज के मंदिर में विशेष रूप से भोग के तौर पर चढ़ाया जाता है।1
- एक ननंद ने भाभी की विस्तृत परिभाषा प्रस्तुत की है। उन्होंने पाठकों से इस परिभाषा को व्यावहारिक रूप से समझने और समाज में इसकी परख करने का आग्रह किया है। ननंद ने लोगों से ईमानदारी से यह तय करने को कहा है कि वे इस परिभाषा का समर्थन करते हैं या नहीं, और टिप्पणी करके यह बताने की अपील की है कि यह सही है या गलत।1
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया गया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' का "असली कॉकरोच" मिल गया है। इस पोस्ट में दर्शकों को वीडियो को अंत तक देखने की अपील की गई है, यह कहते हुए कि इसे देखकर उनकी हँसी रुकने का नाम नहीं लेगी। यह जानकारी #कॉकरोच_जनता_पार्टी और #कॉकरोचपार्टी हैशटैग के साथ साझा की गई है, जो इस पूरे विषय में एक मज़ाकिया और व्यंग्यात्मक लहजा जोड़ती है।1
- प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले या शहर से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने पर छात्रों और अभिभावकों में गहरा असंतोष बढ़ रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि परीक्षा केंद्र उसी जिले में या अधिकतम 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में ही दिए जाएं। यह इसलिए आवश्यक है ताकि छात्रों को अनावश्यक यात्रा, अतिरिक्त खर्च और मानसिक तनाव का सामना न करना पड़े। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दिन हजारों अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के एक साथ शहरों में पहुंचने से गंभीर अव्यवस्था पैदा हो जाती है। इस दौरान ऑटो, रिक्शा, बस, होटल, ढाबे, पार्किंग स्थलों, अमानती घरों और फोटोकॉपी सेंटरों पर मनमानी वसूली की शिकायतें भी सामने आती हैं, जिससे परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूरस्थ परीक्षा केंद्रों का नकारात्मक असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका व्यापक प्रभाव आम जनता, यातायात व्यवस्था, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र पर भी पड़ता है। इसके चलते रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे सामान्य नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों से मांग की है कि वे सेंटर आवंटन प्रक्रिया में स्थानीयता को प्राथमिकता दें। उनका स्पष्ट कहना है कि परीक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों को सुविधा प्रदान करना होना चाहिए, न कि उन्हें लंबी यात्रा, अनावश्यक खर्च और अव्यवस्था झेलने के लिए मजबूर करना।1