इंद्रावती रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र अंतर्गत ITBP के जवानों ने पेश की मानवता मिशाल, गर्भवती महिला को कंधे में लादकर पहुंचाया अस्पताल नारायणपुर जिले के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत आने वाला ग्राम बोटेर (Boter) लंबे समय से अपनी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और संवेदनशीलता के कारण चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता रहा है। 27 मार्च 2026 को इसी गांव से एक गर्भवती महिला की गंभीर स्थिति की सूचना सुरक्षा बलों को प्राप्त हुई, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। इस अभियान का नेतृत्व Indo-Tibetan Border Police (ITBP) की 29वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट अनिल कुमार ने किया। कमांडेंट के निर्देशन में एक त्वरित कार्रवाई दल (QRT) को मौके के लिए रवाना किया गया, जबकि COB ओरछा में एंबुलेंस को पहले से तैयार रखा गया। जवानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—दुर्गम पहाड़ी रास्ते, घने जंगल, और सड़क जैसी किसी भी सुविधा का अभाव। ऐसे में ITBP जवानों ने मौके पर ही अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और गर्भवती महिला को करीब 5 किलोमीटर तक पैदल उठाकर ले गए। रास्ते में ऊबड़-खाबड़ पगडंडियां, खड़ी चढ़ाइयां और प्राकृतिक बाधाएं थीं, लेकिन जवानों के हौसले और सेवा भावना के आगे ये सभी कठिनाइयां छोटी साबित हुईं। रेस्क्यू टीम ने महिला को बोटेर और कुदमेल के बीच तय किए गए प्वाइंट तक सुरक्षित पहुंचाया, जहां पहले से मौजूद एंबुलेंस द्वारा उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ओरछा ले जाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में समय पर इलाज मिलने से महिला और उसके नवजात शिशु दोनों सुरक्षित हैं। यह पूरा अभियान ITBP और नारायणपुर पुलिस के बेहतरीन तालमेल, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है।
इंद्रावती रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र अंतर्गत ITBP के जवानों ने पेश की मानवता मिशाल, गर्भवती महिला को कंधे में लादकर पहुंचाया अस्पताल नारायणपुर जिले के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत आने वाला ग्राम बोटेर (Boter) लंबे समय से अपनी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और संवेदनशीलता के कारण चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता रहा है। 27 मार्च 2026 को इसी गांव से एक गर्भवती महिला की गंभीर स्थिति की सूचना सुरक्षा बलों को प्राप्त हुई, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। इस अभियान का नेतृत्व Indo-Tibetan Border Police (ITBP) की 29वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट अनिल कुमार ने किया। कमांडेंट के निर्देशन में एक त्वरित कार्रवाई दल (QRT) को मौके के लिए रवाना किया गया, जबकि COB ओरछा में एंबुलेंस को पहले से तैयार रखा गया। जवानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—दुर्गम पहाड़ी रास्ते, घने जंगल, और सड़क जैसी किसी भी सुविधा का अभाव। ऐसे में ITBP जवानों ने मौके पर ही अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और गर्भवती महिला को करीब 5 किलोमीटर तक पैदल उठाकर ले गए। रास्ते में ऊबड़-खाबड़ पगडंडियां, खड़ी चढ़ाइयां और प्राकृतिक बाधाएं थीं, लेकिन जवानों के हौसले और सेवा भावना के आगे ये सभी कठिनाइयां छोटी साबित हुईं। रेस्क्यू टीम ने महिला को बोटेर और कुदमेल के बीच तय किए गए प्वाइंट तक सुरक्षित पहुंचाया, जहां पहले से मौजूद एंबुलेंस द्वारा उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ओरछा ले जाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में समय पर इलाज मिलने से महिला और उसके नवजात शिशु दोनों सुरक्षित हैं। यह पूरा अभियान ITBP और नारायणपुर पुलिस के बेहतरीन तालमेल, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है।
- एक दूल्हा, दो दुल्हन: कोंडागांव की अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय _सामाजिक परंपरा और आपसी सहमति के साथ संपन्न हुआ विवाह, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल कोंडागांव :- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के बैलगांव में हाल ही में एक अनोखी शादी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इस विवाह में एक दूल्हे ने दो दुल्हनों के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए, जो आम सामाजिक परंपराओं से अलग होने के कारण चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, इस विवाह में दूल्हा और दोनों दुल्हनों की आपसी सहमति थी। पूरे रीति-रिवाज और पारंपरिक विधि-विधान के साथ यह शादी संपन्न कराई गई, जिसमें गांव के लोग भी शामिल हुए और इस अनोखे आयोजन के साक्षी बने। विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि मुख्यधारा के समाज में ऐसी शादियाँ कम देखने को मिलती हैं, लेकिन कुछ आदिवासी समुदायों में परंपराओं, सामाजिक संरचना और आपसी समझ के आधार पर ऐसी प्रथाएँ कभी-कभी स्वीकार की जाती हैं। यह अनोखी शादी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं—कुछ इसे परंपरा और सहमति का सम्मान मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामान्य सामाजिक मानकों से अलग मानकर आश्चर्य जता रहे हैं। फिलहाल, यह शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है और सामाजिक विविधता एवं परंपराओं की एक अनोखी मिसाल पेश कर रही है।4
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- विभिन्न समाजों द्वारा निकाली गई भव्य रामनवमी कलश शोभायात्रा बस्तर जिला धाकड़ समाज कल्याण समिति जिला बस्तर द्वारा निकाली गई भव्य रामनवमी शोभायात्रा कलश यात्रा1
- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में अज्ञात वाहन की ठोकर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना गुजरा 930 राष्ट्रीय मुख्य मार्ग पर दैहान के पास हुई। मृतक कुंदरुपारा, बालोद का निवासी था, जो पैदल सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह मामला कोतवाली थाना बालोद क्षेत्र का है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी वाहन चालक की तलाश में जुट गई है। अपील: यदि किसी को इस हादसे की कोई जानकारी हो, जैसे अज्ञात वाहन का नंबर, वीडियो या अन्य सुराग, तो तुरंत कोतवाली थाना बालोद में संपर्क करें। सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें और पैदल चलते समय सतर्क रहें।1
- बकरा चोर समझ कर दो युवको को भिड़ने ने लाठी डंडों से पिटाई कर दिया जिसमें गंभीर रूप से दोनों युवक घायल हो गए हैं #बीजापुर #मद्देड़ #छत्तीसगढ़2
- नारायणपुर कलेक्टर अबूझमाड़ के अंतिम ग्राम रेका वाया पहुंचे । यह क्षेत्र कभी नक्सलियों द्वारा संचालित पाठ शाला के लिए जान जाता इस क्षेत्र अब शासन प्रशासन छात्रावास बना रहे हैं। बच्चों को अब संविधान की शिक्षा दी जाने की कवायद तेज की गई है। नक्सलियों की सुरक्षित पनाहगाह में दस्ता देने वाले पहली कलेक्टर बन गए हैं नम्रता जैन।1
- मक्के की खेत में हो रही थी गांजे की खेती, पुलिस ने गांजे का 686 पौधा जब्त किया1
- Post by Tokiya News1