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उंचेहरा क्षेत्र के छोटा मानिकपुर गांव में सड़कें दशकों से इतनी खराब हालत में हैं कि वे चलने लायक नहीं बची हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा में भी निवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह सही नालियों का निर्माण न होना है।
Shiv Singh rajput dahiya journ
उंचेहरा क्षेत्र के छोटा मानिकपुर गांव में सड़कें दशकों से इतनी खराब हालत में हैं कि वे चलने लायक नहीं बची हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा में भी निवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह सही नालियों का निर्माण न होना है।
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- मैहर जिले के ताला थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मुकुंदपुर जंगल में मुर्जुआ नदी किनारे पानी के अंदर पत्थरों से लोहे के तार से बांधकर छिपाए गए 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मैहर डॉ. चंचल नागर और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। जानकारी के अनुसार, दिनांक 01.07.26 को ताला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मुकुंदपुर जंगल में नदी किनारे अवैध शराब बनाने के लिए महुआ लाहन पानी के अंदर पत्थरों से बांधकर छिपाया गया है। इस सूचना की पुष्टि के लिए थाना प्रभारी के निर्देश पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई, जिसने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान, नदी किनारे 70 अलग-अलग डिब्बों में छिपाकर रखा गया कुल 1050 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद हुआ, जिसे तत्काल मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने इस इलाके के आसपास रहने वाले लोगों को भविष्य में अवैध शराब का निर्माण और विक्रय न करने की सख्त चेतावनी भी दी। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी ताला निरी महेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी मुकुंदपुर उप निरीक्षक श्री नागेश्वर मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजभान सिंह, आरक्षक आशीष मिश्रा, सुन्दरलाल शर्मा के साथ-साथ स्थानीय होमगार्ड और अन्य स्थानीय जनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- मध्य प्रदेश के सतना जिले से पवई जा रही एक महिला के साथ बस में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता रश्मि बागरी ने 'जनक नंदी परिहार' बस के कंडक्टर और क्लीनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नागौद से पवई की यात्रा के दौरान, बस में मौजूद कंडक्टर और क्लीनर ने उन्हें अपना बैग बस के अंदर से ऊपर रखने के लिए मजबूर किया, जबकि पीड़िता ने बार-बार मना किया था कि बैग में कीमती सामान है। कंडक्टर ने उन्हें बैग पूरी तरह सुरक्षित पवई तक पहुँचने का भरोसा भी दिया था। पीड़िता का आरोप है कि जब बस पवई के पास एक गड्ढे में रुकी और वह नीचे उतरीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग की बगल की चेन कटी हुई थी और उसमें रखे सभी कीमती जेवर गायब थे। इस घटना के तुरंत बाद, रश्मि बागरी ने पवई थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें प्रतिदिन थाने बुलाकर घंटों इंतजार कराने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया। न्याय की उम्मीद में, परेशान होकर पीड़िता ने पन्ना एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बस स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने चोरी हुए सामान को वापस दिलाने की मांग की है। इस घटना ने बस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- उंचेहरा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति सामने आई है, जहाँ छोटा मानिकपुर में दशकों बीत जाने के बाद भी सड़कें चलने लायक नहीं बन पाई हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा गाँव में भी नालियों का सही निर्माण न होने के कारण सड़कों पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।2
- मैहर स्थित माँ शारदा शक्तिपीठ में आज दिनांक 02 जुलाई 2026, गुरुवार को दिव्य प्रातःकालीन दर्शन और आरती की गई। इस पावन अवसर पर देवी माँ का विशेष दिव्य श्रंगार भी किया गया। जय माई की।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में रामपुर बघेलान के हनुमानगंज स्थित शासकीय आवासों पर वर्षों से ऐसे लोगों का कब्जा बताया जा रहा है जो इन सरकारी क्वार्टरों में रहने के पात्र नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधीन इन आवासों पर गैर-कर्मचारियों, सेवानिवृत्त हो चुके व्यक्तियों (जिनमें से एक वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी आज तक क्वार्टर खाली नहीं किया है), अन्य संस्थानों में पदस्थ कर्मचारियों, अटैचमेंट पर कार्यरत स्टाफ, और यहाँ तक कि 108 एम्बुलेंस चालकों के निवास करने का मामला सामने आया है। यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह 'खेल' चल रहा है और यदि नियम केवल आम कर्मचारियों तथा जनता के लिए हैं, तो इन विशिष्ट मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। जानकारी मिली है कि बीएमओ द्वारा कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि जिन अन्य लोगों पर भी ये नियम लागू होते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी। इस पूरे मामले में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत विस्तृत जानकारी मांगी गई है, और यह स्पष्ट किया गया है कि जैसे-जैसे दस्तावेज प्राप्त होंगे, एक-एक तथ्य जनता के सामने रखा जाएगा। जोर देकर कहा गया है कि जनता के टैक्स के पैसे से बने ये सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं, और यदि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर जवाब देना होगा।1
- जिला अस्पताल परिसर में भरा पानी पहली बारिश मिया खलीफा जिला प्रशासन जिला अस्पताल परिसर में भरा पानी👆1
- जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से पवित्र अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को आधिकारिक तौर पर रवाना किया। 'बम-बम भोले' के जोरदार जयघोष के साथ, श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुए, जहाँ उनमें यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने इस वर्ष तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। इनमें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं, और यात्रा मार्ग पर वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था शामिल है। इसके अतिरिक्त, पूरे यात्रा मार्ग पर आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग प्रणाली और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- सतना शहर के चर्चित पूजा हॉस्पिटल पर एक मरीज के परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन न केवल आर्थिक शोषण कर रहा है, बल्कि इलाज के दौरान लापरवाही बरतने और विरोध करने पर मारपीट तथा धमकी देने जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे रहा है। उनके अनुसार, मरीज को आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जिसके इलाज के नाम पर अस्पताल प्रबंधन ने उनसे पहले ही ₹1 लाख 40 हज़ार रुपये जमा करवा लिए थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मोटी रकम जमा करने के बावजूद मरीज को गलत दवाइयां दी जा रही थीं और दवाओं पर एमआरपी से अधिक पैसा वसूला जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मरीज का इलाज करने वाला स्टाफ कथित तौर पर शराब के नशे में था, जिसे उन्होंने मरीज की जान के साथ सीधा खिलवाड़ बताया। जब परिजनों ने इन अनियमितताओं और लापरवाही का विरोध किया, तो अस्पताल प्रबंधन ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। साथ ही, उन्हें यह भी धमकी दी गई कि यदि उन्होंने अधिक विरोध किया, तो मरीज को अस्पताल से बाहर निकाल दिया जाएगा। पीड़ित परिजनों ने इस पूरे मामले में अस्पताल संचालक विपिन सिंह बघेल और डॉ. मनोज द्विवेदी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो।1
- उंचेहरा क्षेत्र के छोटा मानिकपुर गांव में सड़कें दशकों से इतनी खराब हालत में हैं कि वे चलने लायक नहीं बची हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा में भी निवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह सही नालियों का निर्माण न होना है।2