24 घंटे बाद भी अनशनरत दिव्यांग संत को देखने नहीं पहुंचा प्रशासन, बिगड़ी तबीयत; बोले—कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे जिलाधिकारी 24 घंटे बाद भी अनशनरत दिव्यांग संत को देखने नहीं पहुंचा प्रशासन, बिगड़ी तबीयत; बोले—कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे जिलाधिकारी 📍 अमृतपुर/फर्रुखाबाद तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम आसमपुर तितर्फा निवासी दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री का आमरण अनशन अब गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर हालचाल लेने नहीं पहुंचा। लगातार अन्न-जल त्यागे बैठे संत की आवाज लड़खड़ाने लगी है और स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा है। परिजनों व समर्थकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है। संत ने राजस्व भूमि, मुख्यमंत्री आवास पात्रता और कथित गलत निस्तारण रिपोर्टों को लेकर अनशन शुरू किया है। उनका आरोप है कि तहसील अमृतपुर प्रशासन जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के इशारे पर मनमानी कर रहा है। संत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ कोई घटना होती है या जान जाती है तो इसकी जिम्मेदारी जिले के मुखिया और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। भूमि व आवास प्रकरण में गंभीर आरोप संत का आरोप है कि नवीन परती गाटा संख्या 2294 (रकबा 0.1090 हेक्टेयर) और बंजर गाटा संख्या 2296घ सहित अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हैं। कार्रवाई के बजाय गलत निस्तारण रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना में भी विरोधाभासी रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप है। संत का दावा है कि उन्हें पात्र घोषित किया गया था, लेकिन बाद में अलग-अलग आख्या प्रस्तुत कर प्रकरण को उलझा दिया गया। सड़क निर्माण व कब्जा मुक्त कराने की मांग संत की प्रमुख मांगों में देवपाल सिंह राठौर के यहां से तरुण प्रकाश सिंह राठौर के मकान से होते हुए श्री शिव शंकर मंदिर व ब्रह्मदेव स्थान तक पक्की सड़क निर्माण, चकमार्ग गाटा संख्या 2312 को कब्जा मुक्त कराना और संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करना शामिल है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल अनशन के 24 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम या कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों में रोष है कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहा है? संत ने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करता है या मामला और गंभीर रूप लेता है।
24 घंटे बाद भी अनशनरत दिव्यांग संत को देखने नहीं पहुंचा प्रशासन, बिगड़ी तबीयत; बोले—कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे जिलाधिकारी 24 घंटे बाद भी अनशनरत दिव्यांग संत को देखने नहीं पहुंचा प्रशासन, बिगड़ी तबीयत; बोले—कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे जिलाधिकारी 📍 अमृतपुर/फर्रुखाबाद तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम आसमपुर तितर्फा निवासी दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री का आमरण अनशन अब गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर हालचाल लेने नहीं पहुंचा। लगातार अन्न-जल त्यागे बैठे संत की आवाज लड़खड़ाने लगी है और स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा है। परिजनों व समर्थकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है। संत ने राजस्व भूमि, मुख्यमंत्री आवास पात्रता और कथित गलत निस्तारण रिपोर्टों को लेकर अनशन शुरू किया है। उनका आरोप है कि तहसील अमृतपुर प्रशासन जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के इशारे पर मनमानी कर रहा है। संत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ कोई घटना होती है या जान जाती है तो इसकी जिम्मेदारी जिले के मुखिया और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। भूमि व आवास प्रकरण में गंभीर आरोप संत का आरोप है कि नवीन परती
गाटा संख्या 2294 (रकबा 0.1090 हेक्टेयर) और बंजर गाटा संख्या 2296घ सहित अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हैं। कार्रवाई के बजाय गलत निस्तारण रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना में भी विरोधाभासी रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप है। संत का दावा है कि उन्हें पात्र घोषित किया गया था, लेकिन बाद में अलग-अलग आख्या प्रस्तुत कर प्रकरण को उलझा दिया गया। सड़क निर्माण व कब्जा मुक्त कराने की मांग संत की प्रमुख मांगों में देवपाल सिंह राठौर के यहां से तरुण प्रकाश सिंह राठौर के मकान से होते हुए श्री शिव शंकर मंदिर व ब्रह्मदेव स्थान तक पक्की सड़क निर्माण, चकमार्ग गाटा संख्या 2312 को कब्जा मुक्त कराना और संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करना शामिल है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल अनशन के 24 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम या कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों में रोष है कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहा है? संत ने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करता है या मामला और गंभीर रूप लेता है।
- 24 घंटे बाद भी अनशनरत दिव्यांग संत को देखने नहीं पहुंचा प्रशासन, बिगड़ी तबीयत; बोले—कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे जिलाधिकारी 📍 अमृतपुर/फर्रुखाबाद तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम आसमपुर तितर्फा निवासी दिव्यांग संत कौशल कुमार अग्निहोत्री का आमरण अनशन अब गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर हालचाल लेने नहीं पहुंचा। लगातार अन्न-जल त्यागे बैठे संत की आवाज लड़खड़ाने लगी है और स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा है। परिजनों व समर्थकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है। संत ने राजस्व भूमि, मुख्यमंत्री आवास पात्रता और कथित गलत निस्तारण रिपोर्टों को लेकर अनशन शुरू किया है। उनका आरोप है कि तहसील अमृतपुर प्रशासन जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के इशारे पर मनमानी कर रहा है। संत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ कोई घटना होती है या जान जाती है तो इसकी जिम्मेदारी जिले के मुखिया और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। भूमि व आवास प्रकरण में गंभीर आरोप संत का आरोप है कि नवीन परती गाटा संख्या 2294 (रकबा 0.1090 हेक्टेयर) और बंजर गाटा संख्या 2296घ सहित अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हैं। कार्रवाई के बजाय गलत निस्तारण रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना में भी विरोधाभासी रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप है। संत का दावा है कि उन्हें पात्र घोषित किया गया था, लेकिन बाद में अलग-अलग आख्या प्रस्तुत कर प्रकरण को उलझा दिया गया। सड़क निर्माण व कब्जा मुक्त कराने की मांग संत की प्रमुख मांगों में देवपाल सिंह राठौर के यहां से तरुण प्रकाश सिंह राठौर के मकान से होते हुए श्री शिव शंकर मंदिर व ब्रह्मदेव स्थान तक पक्की सड़क निर्माण, चकमार्ग गाटा संख्या 2312 को कब्जा मुक्त कराना और संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करना शामिल है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल अनशन के 24 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम या कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों में रोष है कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहा है? संत ने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करता है या मामला और गंभीर रूप लेता है।2
- CITY NEWS फर्रुखाबाद पुलिस लाइन में सैनिक सम्मेलन एवं अपराध गोष्ठी का आयोजन1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- पत्रकार सम्मान समारोह में दिखी एकता की शक्ति, अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में भव्य आयोजन फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत व विश्व हिंदू महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दाल-बाटी कार्यक्रम के अंतर्गत पत्रकार सम्मान समारोह अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद के बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं सनातन समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर एकता और सहयोग का संदेश दिया। इस पूरे कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत व विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष **अरविंद शुक्ला** रहे, जिनके विशेष प्रयासों एवं नेतृत्व में यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों एवं अतिथियों का स्वागत भी उन्होंने स्वयं किया। उनके समर्पण और मेहनत की सभी वक्ताओं ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी एवं पत्रकार अनुराग अग्रवाल ने उपस्थित पत्रकारों को कलम, डायरी एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि *पत्रकार समाज का आईना होता है*, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पत्रकारों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ द्वारा उपस्थित सनातन धर्मावलंबियों का भी सम्मान किया गया। वक्ताओं ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सभी सनातनियों से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथियों के रूप में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित संगठन के जिला अध्यक्ष रतेश शुक्ला एवं संगठन प्रमुख बॉबी दुबे ने देश की आजादी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर देश को स्वतंत्र कराया है, इसलिए हमें उनकी विरासत को संजोकर रखना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार चंद्र प्रकाश दीक्षित ने पत्रकारों से एकजुट होकर एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की। वहीं श्रीमती भारती मिश्रा ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि उनका जीवन पत्रकारों के सम्मान के लिए समर्पित है। रामजी बाजपेई एडवोकेट ने संगठन की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि *एकता में ही शक्ति निहित है*। कानपुर मंडल अध्यक्ष श्रीमती सुनीता अग्निहोत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हैं और उन्हें अपनी शक्ति को पहचानना चाहिए। श्रीमती मंजू तोमर ने महिलाओं को राधे नाम अंकित पटुका भेंट कर प्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश दिया। श्री करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह चौहान ने समाज में जाति भेद को समाप्त कर एकजुट रहने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्रधान रामवीर शुक्ल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने प्रभावशाली एवं काव्यमय शैली में किया, जिससे उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों एवं सनातन समाज को एकजुट कर सामाजिक अन्याय के विरुद्ध निडर होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें चंद्र प्रकाश दीक्षित, आशीष मिश्रा, जुल्फिकार, विपिन चौहान, अमित गुप्ता, सुनील कुमार शुक्ला, गौरव दुबे (हरदोई), मनमोहन शुक्ला, अनुराग अग्रवाल, मोहनलाल गौड़, रविंद्र भदौरिया, ओमप्रकाश शुक्ला, आमोद तिवारी, राघवेंद्र तिवारी सहित अनेक पत्रकार शामिल रहे। कार्यक्रम में ओमप्रकाश दुबे एडवोकेट, अनुराग दुबे, यशराज शुक्ला, दिव्यांशु दुबे, सीपी सोमवंशी (हरदोई), धीरेंद्र प्रताप सिंह, बबली, सुमन, पूजा सक्सेना, माधुरी मिश्रा, संतोष गुप्ता, गुड्डू मिश्रा, अंशु गुप्ता, निर्दोष शुक्ला, रमेश पाठक, डॉ. विनय सिंह, गौरव यादव (जिला अध्यक्ष मानवाधिकार सुरक्षा संगठन), गोपाल सक्सेना, सौरभ गुप्ता, पंकज गुप्ता, विनय मिश्रा, अरुण कुमार गुप्ता, ज्योतिष्का बाजपेई, सुदेश दुबे, अवधेश सिंह तोमर, अरविंद सिंह चौहान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज में एकजुटता बनाए रखने और अन्याय के विरुद्ध मिलकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। यह आयोजन सामाजिक समरसता, पत्रकार सम्मान और सनातन एकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।1
- Post by Pramod Yadav1
- Post by Vipin Yadav1
- जलालाबाद में फिल्म के विरोध में संगठनों ने सौंपा ज्ञापन शाहजहांपुर / जलालाबाद। अखिल भारतीय युवा शक्ति संगठन, राष्ट्रीय बजरंग दल संगठन एवं वीर अहीर निर्माण सेना संयुक्त मोर्चा हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उप जिला अधिकारी जलालाबाद प्रभात राव को ज्ञापन सौंपकर 27 फरवरी 2026 को प्रदर्शित होने वाली फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” पर आपत्ति जताई। संगठन पदाधिकारियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि फिल्म के प्रचार-प्रसार, ट्रेलर एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री में समुदाय विशेष को आपत्तिजनक एवं गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे सामाजिक वैमनस्य और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे विभिन्न समुदायों के बीच शांति भंग होने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाए तथा आवश्यक हो तो प्राथमिकी दर्ज की जाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पोस्टर दिखाकर नारेबाजी भी की। मौके पर एडवोकेट अर्पित भामा, ओवेंद्र यादव, अनुज यादव, सचिन यादव, प्रभात यादव, विवेक कुमार यादव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। उप जिला अधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- *पूर्व सैनिक के पिता से मारपीट का आरोप,कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंचने को मजबूर,डेढ़ माह पुरानी घटना में अमृतपुर पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप; थाना अध्यक्ष बोले—जांच कर होगी कार्रवाई *अमृतपुर/फर्रुखाबाद थाना क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर गहलवार निवासी एक व्यक्ति ने खुद को पूर्व सैनिक का पिता बताते हुए गांव के ही कुछ दबंगों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है और कहा है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हैं और मुख्यमंत्री जनता दरबार में जाने को मजबूर हो रहे हैं। पीड़ित राकेश उर्फ ययतेदर कुमार पुत्र स्व. रामचंद्र मिश्रा निवासी हरसिंहपुर गहलवार थाना अमृतपुर जनपद फर्रुखाबाद ने दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 22 जनवरी 2026 को वह गांव में बैंक खाता खुलवाने गए थे। आरोप है कि दोपहर करीब 2:25 बजे बाहर निकलते ही गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। बीच-बचाव के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। पीड़ित का कहना है कि घटना को गांव के कई लोगों ने देखा और सुना, इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने खुद को पूर्व सैनिक का पिता बताते हुए कहा है कि इस घटना से वह बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री जनता दरबार में जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे। इस मामले में थाना अमृतपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही आरोपियों के खिलाफ ठोस कदम उठाया गया। वहीं, थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या ने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिली है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता। पीड़ित का यहां भी कहना है कि अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो वहां आत्महत्या कर लेगा जिसका जिम्मेदार फर्रुखाबाद जनपद की थाना अमृतपुर पुलिस होगी। पीड़ित ने यहां भी बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर अमृतपुर थाना पुलिस को घटना के दिन ही अवगत कराया गया था उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई जांच के नाम पर उन्हें थाने की कार्रवाई से टहलाया जा रहा है।1