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कमिश्नर शहडोल संभाग में जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण एवं 22 करोड़ नव निर्माणधीन अस्पताल का भी किया निरीक्षण कमिश्नर शहडोल संभाग ने जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण अस्पताल में साफ सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखनें के दिए निर्देश कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने जिला चिकित्सालय उमरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने ओपीडी कक्ष, आयुष्मान कक्ष, ब्लड बैंक, एस एन सी यू, एन आर सी , पैथालॉजी कक्ष, नवीन अस्पताल भवन सहित साफ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने एनआरसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान प्रिंस बैगा की माता अलोध बाई से अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय व्यवस्था के बारे मे पूछताछ की। जिस पर अलोध बाई ने बताया कि वे अपने बच्चे प्रिंस बैगा को 27 जुलाई को भर्ती कराई थी, तब उसका वजन 4 किलो 850 किलो ग्राम था । उपचार मिलने के बाद नौवे दिन उसका वजन 5 किलो हो गया है । कमिश्नर ने कहा कि अस्पताल तक आने वाले मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराया जाए , ताकि मरीज शीघ्र स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट सके। उन्होने कहा कि अस्पताल मे साफ सफाई व्य्ावस्था निरंतर रूप से बनीं रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अनुविभगीय बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, सीएमएचओ डा व्ही एस चंदेल सहित डाक्टर उपस्थित रहे।

12 hrs ago
user_जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago
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कमिश्नर शहडोल संभाग में जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण एवं 22 करोड़ नव निर्माणधीन अस्पताल का भी किया निरीक्षण कमिश्नर शहडोल संभाग ने जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण अस्पताल में साफ सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखनें के दिए निर्देश कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने जिला चिकित्सालय उमरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने ओपीडी कक्ष, आयुष्मान कक्ष, ब्लड बैंक, एस एन सी यू, एन आर सी , पैथालॉजी कक्ष, नवीन अस्पताल भवन सहित साफ

सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने एनआरसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान प्रिंस बैगा की माता अलोध बाई से अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय व्यवस्था के बारे मे पूछताछ की। जिस पर अलोध बाई ने बताया कि वे अपने बच्चे प्रिंस बैगा को 27 जुलाई को भर्ती कराई थी, तब उसका वजन 4 किलो 850 किलो ग्राम था । उपचार मिलने के बाद नौवे दिन उसका वजन

5 किलो हो गया है । कमिश्नर ने कहा कि अस्पताल तक आने वाले मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराया जाए , ताकि मरीज शीघ्र स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट सके। उन्होने कहा कि अस्पताल मे साफ सफाई व्य्ावस्था निरंतर रूप से बनीं रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अनुविभगीय बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, सीएमएचओ डा व्ही एस चंदेल सहित डाक्टर उपस्थित रहे।

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  • कमिश्नर शहडोल संभाग में जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण एवं 22 करोड़ नव निर्माणधीन अस्पताल का भी किया निरीक्षण कमिश्नर शहडोल संभाग ने जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण अस्पताल में साफ सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखनें के दिए निर्देश कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने जिला चिकित्सालय उमरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने ओपीडी कक्ष, आयुष्मान कक्ष, ब्लड बैंक, एस एन सी यू, एन आर सी , पैथालॉजी कक्ष, नवीन अस्पताल भवन सहित साफ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने एनआरसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान प्रिंस बैगा की माता अलोध बाई से अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय व्यवस्था के बारे मे पूछताछ की। जिस पर अलोध बाई ने बताया कि वे अपने बच्चे प्रिंस बैगा को 27 जुलाई को भर्ती कराई थी, तब उसका वजन 4 किलो 850 किलो ग्राम था । उपचार मिलने के बाद नौवे दिन उसका वजन 5 किलो हो गया है । कमिश्नर ने कहा कि अस्पताल तक आने वाले मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराया जाए , ताकि मरीज शीघ्र स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट सके। उन्होने कहा कि अस्पताल मे साफ सफाई व्य्ावस्था निरंतर रूप से बनीं रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अनुविभगीय बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, सीएमएचओ डा व्ही एस चंदेल सहित डाक्टर उपस्थित रहे।
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    कमिश्नर शहडोल संभाग में जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण एवं 22 करोड़ नव निर्माणधीन अस्पताल का भी किया निरीक्षण
कमिश्नर शहडोल संभाग ने जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण
अस्पताल में साफ सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखनें के दिए निर्देश
कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने जिला चिकित्सालय उमरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने ओपीडी कक्ष, आयुष्मान कक्ष, ब्लड बैंक, एस एन सी यू, एन आर सी ,  पैथालॉजी कक्ष, नवीन अस्पताल भवन सहित साफ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 
कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने एनआरसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान प्रिंस बैगा की माता अलोध बाई से अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय व्यवस्था के बारे मे पूछताछ की। जिस पर अलोध बाई ने बताया कि वे अपने बच्चे प्रिंस बैगा को 27 जुलाई को भर्ती कराई थी, तब उसका वजन 4 किलो 850 किलो ग्राम था । उपचार मिलने के बाद नौवे दिन उसका वजन 5 किलो हो गया है । 
कमिश्नर ने कहा कि अस्पताल तक आने वाले मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराया जाए , ताकि मरीज शीघ्र स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट सके। उन्होने कहा कि अस्पताल मे साफ सफाई व्य्ावस्था  निरंतर रूप से बनीं रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अनुविभगीय बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, सीएमएचओ डा व्ही एस चंदेल सहित डाक्टर उपस्थित रहे।
    user_जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल सरकारी बंगले में ही वन संपदा महफूज नहीं! मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल पत्रकार ने उप संचालक को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की (आशुतोष त्रिपाठी/जन चिंगारी—उमरिया) मानपुर/उमरिया। वन संपदा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग की कार्यप्रणाली पर मानपुर में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कथित रूप से पेड़ों की कटाई किसी सुनसान जंगल में नहीं, बल्कि वन विभाग के अधिकारी के शासकीय आवास परिसर में होने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में पत्रकार रवि सेन ने 24 जुलाई 2026 को उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, मानपुर वन परिक्षेत्र स्थित रेंजर के शासकीय आवास परिसर में करीब दो माह पूर्व लगभग 100 सेंटीमीटर गोलाई वाले सागौन के पेड़ की कथित कटाई की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच 17 जुलाई 2026 की रात उसी शासकीय परिसर में वर्षों पुराने चंदन के पेड़ को काटे जाने का मामला सामने आने का दावा शिकायत में किया गया है। एक ही परिसर में लगातार वन संपदा को नुकसान पहुंचने की शिकायत ने विभागीय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक घटना पर खामोशी, दूसरी ने खोल दी व्यवस्था की पोल? शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व की घटना के बाद भी यदि परिसर में वन संपदा की सुरक्षा के लिए ठोस निगरानी नहीं की गई, तो यह विभागीय व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। सवाल यह भी है कि जब वन विभाग के अधिकारी के सरकारी आवास परिसर में ही पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो जंगलों में वन संपदा की निगरानी किस स्तर पर हो रही होगी? शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जब मामला सामने आया तो सफाई देने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। चंदन कटाई में ‘अंदरूनी हाथ’ की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि पेड़ किसके निर्देश, संरक्षण अथवा मिलीभगत से काटा गया और काटी गई लकड़ी आखिर कहां गई। इसी कारण मामले में केवल खानापूर्ति के बजाय वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि 17 जुलाई को काटे गए चंदन के पेड़ की कटाई और पूर्व में काटे गए सागौन के पेड़ की कटाई की अलग-अलग एवं संयुक्त जांच कराई जाए। साथ ही तत्कालीन स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। जांच में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई की मांग शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही, संरक्षण या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—‘रखवाली’ किसकी और जवाबदेही किसकी? पूरे मामले ने वन विभाग के सामने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या सरकारी आवास परिसर में लगे कीमती पेड़ों की नियमित निगरानी होती थी? पहले सागौन कटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई? 17 जुलाई की रात चंदन का पेड़ आखिर कैसे काट दिया गया? कटी हुई लकड़ी कहां गई और किसकी अनुमति से पेड़ काटा गया? क्या विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी? अब निगाहें वन विभाग के उच्चाधिकारियों पर हैं कि शिकायत को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित रखा जाता है या फिर सरकारी परिसर में वन संपदा की कथित कटाई की जड़ तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाती है।
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    मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल

सरकारी बंगले में ही वन संपदा महफूज नहीं!
मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल
पत्रकार ने उप संचालक को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
(आशुतोष त्रिपाठी/जन चिंगारी—उमरिया)                          मानपुर/उमरिया। वन संपदा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग की कार्यप्रणाली पर मानपुर में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कथित रूप से पेड़ों की कटाई किसी सुनसान जंगल में नहीं, बल्कि वन विभाग के अधिकारी के शासकीय आवास परिसर में होने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में पत्रकार रवि सेन ने 24 जुलाई 2026 को उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, मानपुर वन परिक्षेत्र स्थित रेंजर के शासकीय आवास परिसर में करीब दो माह पूर्व लगभग 100 सेंटीमीटर गोलाई वाले सागौन के पेड़ की कथित कटाई की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसी बीच 17 जुलाई 2026 की रात उसी शासकीय परिसर में वर्षों पुराने चंदन के पेड़ को काटे जाने का मामला सामने आने का दावा शिकायत में किया गया है। एक ही परिसर में लगातार वन संपदा को नुकसान पहुंचने की शिकायत ने विभागीय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
एक घटना पर खामोशी, दूसरी ने खोल दी व्यवस्था की पोल?
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व की घटना के बाद भी यदि परिसर में वन संपदा की सुरक्षा के लिए ठोस निगरानी नहीं की गई, तो यह विभागीय व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। सवाल यह भी है कि जब वन विभाग के अधिकारी के सरकारी आवास परिसर में ही पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो जंगलों में वन संपदा की निगरानी किस स्तर पर हो रही होगी?
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जब मामला सामने आया तो सफाई देने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
चंदन कटाई में ‘अंदरूनी हाथ’ की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि पेड़ किसके निर्देश, संरक्षण अथवा मिलीभगत से काटा गया और काटी गई लकड़ी आखिर कहां गई। इसी कारण मामले में केवल खानापूर्ति के बजाय वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में मांग की गई है कि 17 जुलाई को काटे गए चंदन के पेड़ की कटाई और पूर्व में काटे गए सागौन के पेड़ की कटाई की अलग-अलग एवं संयुक्त जांच कराई जाए। साथ ही तत्कालीन स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
जांच में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई की मांग
शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही, संरक्षण या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल—‘रखवाली’ किसकी और जवाबदेही किसकी?
पूरे मामले ने वन विभाग के सामने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या सरकारी आवास परिसर में लगे कीमती पेड़ों की नियमित निगरानी होती थी?
पहले सागौन कटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई?
17 जुलाई की रात चंदन का पेड़ आखिर कैसे काट दिया गया?
कटी हुई लकड़ी कहां गई और किसकी अनुमति से पेड़ काटा गया?
क्या विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी?
अब निगाहें वन विभाग के उच्चाधिकारियों पर हैं कि शिकायत को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित रखा जाता है या फिर सरकारी परिसर में वन संपदा की कथित कटाई की जड़ तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाती है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो 🚩🚩🚩गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश की बात करते हुए अपिल की जा🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭 रहीं हैं
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    सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो 🚩🚩🚩गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩
माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश की बात करते हुए अपिल की जा🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭 रहीं हैं
    user_Lallu ram Sharma
    Lallu ram Sharma
    Animal control and welfare service बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    42 min ago
  • स्वालंबन की ओर एक कदम — महिला सशक्तिकरण की सार्थक पहल 8982850063 पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग आज विप्र संघ महिला समिति द्वारा समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए पुरानी बस्ती निवासी गोलू कोरी को स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु एक ठेला भेंट किया गया। इस पुनीत कार्य में समिति की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा द्विवेदी जी, श्रीमती नीलम चतुर्वेदी जी, श्रीमती मंजू पांडे जी, श्रीमती सुनीता मिश्रा जी एवं श्रीमती सरोज तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही। समिति का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है। "जब समाज मिलकर किसी एक परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देता है, तब वास्तव में सशक्त और समृद्ध समाज की नींव मजबूत होती है।"
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    स्वालंबन की ओर एक कदम — महिला सशक्तिकरण की सार्थक पहल
8982850063 पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग आज विप्र संघ महिला समिति द्वारा समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए पुरानी बस्ती निवासी गोलू कोरी को स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु एक ठेला भेंट किया गया।
इस पुनीत कार्य में समिति की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा द्विवेदी जी,  श्रीमती नीलम चतुर्वेदी जी,  श्रीमती मंजू पांडे जी, श्रीमती सुनीता मिश्रा जी एवं श्रीमती सरोज तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही।
समिति का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
"जब समाज मिलकर किसी एक परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देता है, तब वास्तव में सशक्त और समृद्ध समाज की नींव मजबूत होती है।"
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बड़वारा में शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही: हादसों के बाद भी 'नो एंट्री' लागू नहीं, बच्चों की जान पर रोज़ बना रहता है ख़तरा बड़वारा (कटनी)। बड़वारा में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जन-आंदोलनों के बावजूद शासन-प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपने, प्रदर्शन करने और चक्काजाम करने के बाद भी अब तक क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए 'नो एंट्री' नियम लागू नहीं किया गया है। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण रोज़ाना हज़ारों स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ी रहती है। क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? बड़वारा क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपनी जान और माल का नुकसान उठा चुके हैं। इसके बावजूद बड़वारा तहसीलदार एवं थाना प्रभारी द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दिन के समय, विशेषकर स्कूल और कोचिंग के आवागमन के वक्त, सड़कों पर बेधड़क दौड़ते भारी और अनियंत्रित वाहन मासूम बच्चों के लिए काल बनकर घूम रहे हैं। अभिभावक हर पल किसी अनहोनी के डर में जीने को मजबूर हैं। "लगातार संवाद करने और ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी नो एंट्री चालू न करना यह दर्शाता है कि बड़वारा प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य और उनकी ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।" मुख्य माँगें: नो एंट्री तत्काल लागू हो: बड़वारा के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा (नो एंट्री) तय की जाए। स्कूल समय में विशेष सुरक्षा: सुबह और दोपहर में स्कूल खुलने व बंद होने के समय पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। गति सीमा पर नियंत्रण: कस्बे के अंदर से गुज़रने वाले वाहनों की गति पर सख्त पाबंदी लगाई जाए। माँगें न मानने पर उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रीय निवासियों और प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते नो एंट्री लागू नहीं की और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी बड़वारा शासन-प्रशासन की होगी।
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    बड़वारा में शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही: हादसों के बाद भी 'नो एंट्री' लागू नहीं, बच्चों की जान पर रोज़ बना रहता है ख़तरा
बड़वारा (कटनी)। बड़वारा में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जन-आंदोलनों के बावजूद शासन-प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपने, प्रदर्शन करने और चक्काजाम करने के बाद भी अब तक क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए 'नो एंट्री' नियम लागू नहीं किया गया है।
इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण रोज़ाना हज़ारों स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ी रहती है।
क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन?
बड़वारा क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपनी जान और माल का नुकसान उठा चुके हैं। इसके बावजूद बड़वारा तहसीलदार एवं थाना प्रभारी द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
दिन के समय, विशेषकर स्कूल और कोचिंग के आवागमन के वक्त, सड़कों पर बेधड़क दौड़ते भारी और अनियंत्रित वाहन मासूम बच्चों के लिए काल बनकर घूम रहे हैं। अभिभावक हर पल किसी अनहोनी के डर में जीने को मजबूर हैं।
"लगातार संवाद करने और ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी नो एंट्री चालू न करना यह दर्शाता है कि बड़वारा प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य और उनकी ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।"
मुख्य माँगें:
नो एंट्री तत्काल लागू हो: बड़वारा के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा (नो एंट्री) तय की जाए।
स्कूल समय में विशेष सुरक्षा: सुबह और दोपहर में स्कूल खुलने व बंद होने के समय पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
गति सीमा पर नियंत्रण: कस्बे के अंदर से गुज़रने वाले वाहनों की गति पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।
माँगें न मानने पर उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रीय निवासियों और प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते नो एंट्री लागू नहीं की और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी बड़वारा शासन-प्रशासन की होगी।
    user_Jay Suryavanshi
    Jay Suryavanshi
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कटनी नगर//- घंटाघर कटनी में समाजवादी पार्टी की विशाल आमसभा AIMA MEDIA 24×7 जन जन की आवाज़ कटनी में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे संजय सिंह और रघु ठाकुर लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी की जनसभा में किसानों, युवाओं, शिक्षा, महंगाई और कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा छाया कटनी, 2 अगस्त। शहर के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में रविवार को लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित जनसभा में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर विपक्षी नेताओं ने तीखे राजनीतिक हमले किए। जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने किसानों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई, निजीकरण तथा कटनी मेडिकल कॉलेज सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसल का दोगुना मूल्य देने का वादा अधूरा है, गरीबों को पक्के मकान नहीं मिल पाए हैं और लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है और उसे जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि अनेक सरकारी स्कूलों में आज भी बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को राजनीति से ऊपर रखते हुए इन क्षेत्रों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि आम जनता लगातार बढ़ती महंगाई और रोजगार संकट से जूझ रही है। सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज का वादा किया था, लेकिन अब उसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी संस्थानों का संचालन भी निजी भागीदारी से होगा तो आम जनता को अपेक्षित सुविधाएं कैसे मिलेंगी। उन्होंने सरकार से मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत राशि और परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। जनसभा के अंत में वक्ताओं ने किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी भी की। राकेश निषाद AIMA MEDIA 24×7 जन जन की आवाज़
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    कटनी नगर//-
घंटाघर कटनी में समाजवादी पार्टी की विशाल आमसभा
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जन जन की आवाज़
कटनी में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे संजय सिंह और रघु ठाकुर
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी की जनसभा में किसानों, युवाओं, शिक्षा, महंगाई और कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा छाया
कटनी, 2 अगस्त। शहर के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में रविवार को लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित जनसभा में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर विपक्षी नेताओं ने तीखे राजनीतिक हमले किए। जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने किसानों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई, निजीकरण तथा कटनी मेडिकल कॉलेज सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसल का दोगुना मूल्य देने का वादा अधूरा है, गरीबों को पक्के मकान नहीं मिल पाए हैं और लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है और उसे जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि अनेक सरकारी स्कूलों में आज भी बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को राजनीति से ऊपर रखते हुए इन क्षेत्रों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि आम जनता लगातार बढ़ती महंगाई और रोजगार संकट से जूझ रही है।
सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज का वादा किया था, लेकिन अब उसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी संस्थानों का संचालन भी निजी भागीदारी से होगा तो आम जनता को अपेक्षित सुविधाएं कैसे मिलेंगी। उन्होंने सरकार से मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत राशि और परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
जनसभा के अंत में वक्ताओं ने किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी भी की।
राकेश निषाद
AIMA MEDIA 24×7
जन जन की आवाज़
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Classified ads newspaper publisher कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
  • मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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    मध्य प्रदेश 
उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। 
मध्य प्रदेश 
उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
    user_जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • उमरिया के टेलर मार्केट में जनरल स्टोर को आग लगाने की कोशिश, व्यापारियों में दहशत; पुलिस जांच में जुटी। उमरिया के टेलर मार्केट में जनरल स्टोर को आग लगाने की कोशिश, व्यापारियों में दहशत; पुलिस जांच में जुटी।
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    उमरिया के टेलर मार्केट में जनरल स्टोर को आग लगाने की कोशिश, व्यापारियों में दहशत; पुलिस जांच में जुटी।
उमरिया के टेलर मार्केट में जनरल स्टोर को आग लगाने की कोशिश, व्यापारियों में दहशत; पुलिस जांच में जुटी।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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