प्रयागराज के मेजा तहसील और मांडा ब्लॉक के अंतर्गत विभिन्न गांवों की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मेजा को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आम जनता की समस्याएं घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने जनहित में इन समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर निवारण करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में बघौरा खवासान गांव में एक सप्ताह से जले पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की गई है, जिससे बिजली न होने से जहरीले जीव-जन्तुओं का खतरा बना हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने वर्तमान 25 के.वी. के ट्रांसफार्मर की जगह 63 के.वी. का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है क्योंकि वर्तमान ट्रांसफार्मर भार नहीं उठा पाता है। इसके अलावा, मांडा खास (निबियरिया) सोनकर बस्ती और बघौरा खवासान चमार बस्ती में कई वर्षों से पानी पीने की कोई सुविधा नहीं है, जिससे लोग 500 मीटर की दूरी से पानी लाने को मजबूर हैं। ज्ञापन में मांडा ब्लॉक के खुले आसमान और छप्पर के नीचे रहने वाले गरीब मजदूरों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें आवास सूची में शामिल करने और नए राशन कार्ड के लिए मोटी रकम वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों ने घटना के बाद न्याय मांग रहे स्थानीय लोगों और परिजनों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही, फिरोजाबाद में अरुण खटिक की निर्मम हत्या, राजस्थान में अंशू बघेल के साथ सामूहिक दुष्कर्म और मेरठ में छात्रा ललिता गौतम के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान शैलेन्द्र कुमार सोनकर एडवोकेट, विष्णुकान्त गुप्ता एडवोकेट, लव सोनकर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
प्रयागराज के मेजा तहसील और मांडा ब्लॉक के अंतर्गत विभिन्न गांवों की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मेजा को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आम जनता की समस्याएं घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने जनहित में इन समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर निवारण करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में बघौरा खवासान गांव में एक सप्ताह से जले पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की गई है, जिससे बिजली न होने से जहरीले जीव-जन्तुओं का खतरा बना हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने वर्तमान 25 के.वी. के ट्रांसफार्मर की जगह 63 के.वी. का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है क्योंकि वर्तमान ट्रांसफार्मर भार नहीं उठा पाता है। इसके अलावा, मांडा खास (निबियरिया) सोनकर बस्ती और बघौरा खवासान चमार बस्ती में कई वर्षों से पानी पीने की कोई सुविधा नहीं है, जिससे लोग 500 मीटर की दूरी से पानी लाने को मजबूर हैं। ज्ञापन में मांडा ब्लॉक के खुले आसमान और छप्पर के नीचे रहने वाले गरीब मजदूरों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें आवास सूची में शामिल करने और नए राशन कार्ड के लिए मोटी रकम वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों ने घटना के बाद न्याय मांग रहे स्थानीय लोगों और परिजनों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही, फिरोजाबाद में अरुण खटिक की निर्मम हत्या, राजस्थान में अंशू बघेल के साथ सामूहिक दुष्कर्म और मेरठ में छात्रा ललिता गौतम के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान शैलेन्द्र कुमार सोनकर एडवोकेट, विष्णुकान्त गुप्ता एडवोकेट, लव सोनकर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
- प्रयागराज के मेजा तहसील और मांडा ब्लॉक के अंतर्गत विभिन्न गांवों की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मेजा को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आम जनता की समस्याएं घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने जनहित में इन समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर निवारण करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में बघौरा खवासान गांव में एक सप्ताह से जले पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की गई है, जिससे बिजली न होने से जहरीले जीव-जन्तुओं का खतरा बना हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने वर्तमान 25 के.वी. के ट्रांसफार्मर की जगह 63 के.वी. का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है क्योंकि वर्तमान ट्रांसफार्मर भार नहीं उठा पाता है। इसके अलावा, मांडा खास (निबियरिया) सोनकर बस्ती और बघौरा खवासान चमार बस्ती में कई वर्षों से पानी पीने की कोई सुविधा नहीं है, जिससे लोग 500 मीटर की दूरी से पानी लाने को मजबूर हैं। ज्ञापन में मांडा ब्लॉक के खुले आसमान और छप्पर के नीचे रहने वाले गरीब मजदूरों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें आवास सूची में शामिल करने और नए राशन कार्ड के लिए मोटी रकम वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों ने घटना के बाद न्याय मांग रहे स्थानीय लोगों और परिजनों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही, फिरोजाबाद में अरुण खटिक की निर्मम हत्या, राजस्थान में अंशू बघेल के साथ सामूहिक दुष्कर्म और मेरठ में छात्रा ललिता गौतम के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान शैलेन्द्र कुमार सोनकर एडवोकेट, विष्णुकान्त गुप्ता एडवोकेट, लव सोनकर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।1
- प्रयागराज जिले की मेजा तहसील के गांवों में प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा घरौंनी बनाने का कार्य शुरू किया गया था, जो संभवतः पूरा भी हो चुका है, लेकिन अभी तक अधिकांश मकान मालिकों को उनकी घरौंनी नहीं मिल पाई है। हालांकि, कुछ लोगों को प्रशासन के माध्यम से या फिर वेबसाइट के जरिए इंटरनेट से यह मिल गई है, मगर पूरे गांव की घरौंनी बनकर तैयार हुई है या नहीं, यह स्थिति अभी तक साफ नहीं हो पाई है। जो घरौंनी बन भी चुकी हैं, वे भी अभी तक उनके मालिकों को नहीं सौंपी गई हैं, जिसे प्रशासनिक कार्य में बड़ी लापरवाही कहा जा रहा है। घरौंनी न मिलने की वजह से स्थानीय मकान मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- फैजाबाद रोड स्थित बाटी चोखा रेस्टोरेंट में खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जहां ₹20 की कैंपा कोल्ड्रिंक ग्राहकों को ₹30 में बेची जा रही है। इस ओवररेटिंग के खिलाफ जब आवाज उठाई गई, तो रेस्टोरेंट मालिक ने धमकी भरे लहजे में कहा, 'लेना है तो लो, वरना जाओ! वीडियो बनाकर क्या कर लोगे?' बात सिर्फ ओवररेटिंग की ही नहीं है, बल्कि इस रेस्टोरेंट में मासूम नाबालिग बच्चों से मजदूरी भी कराई जा रही है। बाल श्रम और ओवररेटिंग का यह अवैध कारोबार पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा है। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इस रेस्टोरेंट पर एक्शन कब होगा और क्या ₹20 की चीज 30 में बेचना और बच्चों से काम कराना सही है?1
- प्रयागराज के यमुनानगर स्थित बारा थाना क्षेत्र की गन्ने चौकी में तैनात एक दीवान पर चोरी हुई भैंस बरामद कराने के नाम पर पीड़ित परिवार से ₹4 हजार लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संबंधित दीवान द्वारा रुपये लेने की बात स्वीकार करने का दावा किया जा रहा है। पीड़िता सिया देवी के अनुसार, पिछले महीने उनकी पांच भैंसें चोरी हो गई थीं, जिनका काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला था। शनिवार को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि उनकी भैंसें बारा थाना क्षेत्र के तेलघना गांव में रवि पटेल नामक व्यक्ति के यहां बंधी हुई हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। आरोप है कि गन्ने चौकी में तैनात दीवान एहतेशाम खान ने भैंस दिलाने के नाम पर ₹4 हजार की मांग की और रुपये ले लिए। इसके बाद भी पीड़िता को पिछले दो दिनों से लगातार चौकी बुलाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन, रुपये के लेन-देन का कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से उठ रही है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।1
- कौशाम्बी में अपनी प्रेमिका से मिलने गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में मृतक युवक के परिजनों ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आई है, जहां बकरी सवारी से सिरसा पंप कैनाल की माइनर नहर की बंधी को पक्का करने का काम विभाग द्वारा शुरू करा दिया गया है। इस नहर में बार-बार होने वाले रिसाव के कारण पानी बर्बाद होता था और बंधी टूटने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचता था। किसानों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर विभाग के अधिकारियों ने सबसे संवेदनशील स्थान पर लगभग 60 मीटर नहर का पक्कीकरण कार्य शुरू करा दिया है, जिससे रिसाव रुकेगा और समय पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, क्षेत्र में बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव की समस्या का भी समाधान कर दिया गया है। निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस जाता था, जिसे देखते हुए किसानों की मांग पर विभाग ने यहां साइफन की व्यवस्था की है ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। किसानों ने नहर विभाग के इन प्रयासों की सराहना की है, वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि काम को जल्द पूरा कर लिया जाएगा ताकि अगली फसल से पहले किसानों को इसका पूरा लाभ मिल सके।2
- प्रयागराज की बारा तहसील अंतर्गत चिल्ला गौहानी गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के विलय के प्रस्ताव को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिससे गांव में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने नए जीओ का हवाला देकर, बिना उनकी सहमति के दो कोटे की दुकानों को एक में विलय करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। ग्राम विकास अधिकारी ने सर्वे के नाम पर कागजों में दोनों दुकानों को एक ही स्थान पर और लाभार्थियों की संख्या कम दर्शाया है, जबकि हकीकत में ये दुकानें गांव के अलग-अलग छोर पर स्थित हैं। इनमें से एक दुकान बबुरी मौजे की तरफ और दूसरी मुख्य चिल्ला में है, जिससे दुकानों का विलय होने पर सैकड़ों लाभार्थियों को राशन लेने के लिए 4-5 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। ग्रामीण दिनेश और प्रधान प्रतिनिधि शनि यादव का आरोप है कि अधिकारी जीओ लोकेशन के नाम पर रात में जाकर फोटो खींच रहे हैं ताकि दुकानें बंद दिखें और यह पूरा खेल सिर्फ कमीशन के लिए किया जा रहा है। गांव की महिलाओं ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि पहले ही राशन समय पर नहीं मिलता और यदि दुकानें एक हो गईं, तो उन्हें दिनभर लाइनों में खड़ा रहना पड़ेगा, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस फर्जीवाड़े की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीणों ने बारा तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और इस प्रस्ताव को तुरंत निरस्त करने की मांग की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी और कोटेदार बृजेश कुमार यादव, जो कि एडवोकेट और जिला पंचायत सदस्य भी हैं, की भूमिका की जांच कराने की मांग उठाई है। इस मामले पर एसडीएम बारा ने आश्वासन दिया है कि बिना ग्राम सभा की सहमति के कोई विलय नहीं होगा और जांच में फर्जीवाड़ा मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग के नियमों के अनुसार भी किसी भी दुकान के विलय या निरस्तीकरण के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पास होना और डीएसओ की अनुमति जरूरी है, जिसके चलते फिलहाल ग्रामीण तहसील प्रशासन के लिखित जवाब का इंतजार कर रहे हैं।1
- इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घूम रहा यह वीडियो प्रयागराज के झूंसी थाने का बताया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर तीखा तंज कसा जा रहा है कि यह सिस्टम बहुत गहरा है और जो कोई भी इस सिस्टम से टकराया, उसे सिस्टम के तहत ही चकनाचूर कर दिया गया। हालांकि, शुरू ऐप न्यूज़ ग्रुप इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन जिस प्रकार से यह इंटरनेट पर तैर रहा है, वह अपने आप में बहुत कुछ बयां कर रहा है। इस बीच, अधिकारी व्यवस्था पर लगाम कसने के लिए दिन-रात बैठकों का दौर जारी रखे हुए हैं और लगातार नए-नए आदेश व निर्देश देने में जुटे हुए हैं। वहीं, संबंधित थानेदारों की फौज अपराध पर काबू पाने के लिए नया जुगाड़ तंत्र अपनाने में लगी हुई है। इस ढर्रे पर तंज कसते हुए कहा गया है कि आखिरकार अधिकारी भी क्या करेंगे, उन्हें संबंधितों द्वारा जैसी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी, वे उसी के आधार पर जवाब देंगे।1