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आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने संसद के भीतर अपनी बात पूरी निडरता और बेबाकी से रखी। उन्होंने संसदीय कार्यवाही के दौरान बेखौफ होकर अपनी राय व्यक्त की, जो भारतीय राजनीति और लोक सभा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
समय व्यूज राष्ट्रीय समाचार
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने संसद के भीतर अपनी बात पूरी निडरता और बेबाकी से रखी। उन्होंने संसदीय कार्यवाही के दौरान बेखौफ होकर अपनी राय व्यक्त की, जो भारतीय राजनीति और लोक सभा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
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- बलरामपुर के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान राज मोहम्मद उर्फ पापा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 21 वर्ष बताई जा रही है। वह ग्राम पचौथा का निवासी था और गनी नेता का भतीजा था। इसके अतिरिक्त, उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर ग्राम कपौवा - पिपरी कोल्हुई के पास हुए एक अन्य सड़क हादसे में एक सीएनजी कार में भीषण आग लग गई।4
- योगी बाबा ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है, जिसके चलते अब किसी भी तरह की गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।1
- बलरामपुर में पंचायत सहायकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।1
- बलरामपुर जिले के पंचायत सहायकों ने अपनी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों और असंतोषजनक सेवा शर्तों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिला अधिकारी न्यायिक श्री शिव नारायण सिंह को सौंपा। इस अवसर पर समाजसेवी युगल किशोर शुक्ल ने पंचायत सहायकों का मोर्चा संभालते हुए कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विभिन्न डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निरंतर निर्वहन करने के बावजूद पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए यह मानदेय अत्यंत कम है, जिससे एक परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना बेहद मुश्किल हो गया है। परिणामस्वरूप, पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत सहायकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने पांच प्रमुख मांगें रखीं: मानदेय को बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए या कम से कम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए; अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए; विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों हेतु स्थानांतरण/समायोजन नीति लागू की जाए; ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में पंचायत सहायकों को 50% आरक्षण प्रदान किया जाए; और पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। इस अवसर पर पंचायत सहायक यूनियन के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के साथ जिले भर के पंचायत सहायक मौजूद रहे। श्री युगल किशोर शुक्ल ने बेरोजगारी के आलम में इस नौकरी को 'सांप के गले में छछुंदर के समान' बताते हुए कहा कि इसमें होनहार युवा आर्थिक शोषण झेल रहे हैं। पंचायत सहायकों ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रदेश सरकार उनकी समस्याओं का सकारात्मक एवं न्यायोचित समाधान करेगी। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी मांगों पर उचित विचार और आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो समस्त पंचायत सहायक 15 जून 2026 को ईको गार्डेन, लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।1
- श्रावस्ती जिले के विकास खंड सिरसिया अंतर्गत ग्राम पंचायत कटकुइयां कला में सोमवार शाम एक वृहद जनचौपाल का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके द्वार पर ही निराकरण करना था। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चौपाल में विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण पेंशन, राशन कार्ड और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही सत्यापन और ऑनलाइन पंजीकरण जैसी कार्रवाइयां की गईं। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी हर समस्या के निस्तारण के लिए चौपाल में उपस्थित हैं, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि सभी समस्याओं को पंजिका में सूचीबद्ध कर पात्रता के आधार पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। गांवों में यदि कोई पात्र व्यक्ति सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित है, तो उसका भी चिन्हांकन कर उसे योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उनके गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और पंप संचालक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल अधिशासी अभियंता, जल निगम को पंप संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने और किसी अन्य संचालक की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को चौपाल में प्राप्त सभी समस्याओं और शिकायतों को सूचीबद्ध करने तथा तत्काल निराकरण योग्य शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए, जबकि शेष शिकायतों पर आज से ही कार्रवाई शुरू करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी ने गांव के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए खड़ंजा, नाली, तालाब, आवास और पेंशन जैसी योजनाओं के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, ताकि पात्रों को आवास व पेंशन जैसी सुविधाएँ मिल सकें। चौपाल में समाज कल्याण, प्रोबेशन, स्वास्थ्य, जल निगम, खाद्य एवं रसद, पंचायती राज, उद्योग विभाग, ग्रामोद्योग विभाग और राष्ट्रीय आजीविका मिशन सहित कई विभागों के स्टॉल भी लगाए गए, जिनका जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने अवलोकन किया और विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी आमजन को देने के निर्देश दिए। इस चौपाल का संचालन परियोजना निदेशक डी0आर0डी0ए0 अश्वनी कुमार ने किया, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, समाज कल्याण अधिकारी डॉ. अमरनाथ यति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी सिरसिया समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- सिद्धार्थनगर जिले के ड्रेनेज खंड में निविदा प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है, जहाँ ठेकेदार जयंती पांडेय समेत कई ठेकेदारों ने अधिशाषी अभियंता पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और नियमों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के कारण विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि जिन कार्यों के लिए नियमानुसार ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी थी, उन्हें ऑफलाइन कराने की तैयारी की गई। इसके साथ ही, निविदा की सूचना ऐसे समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई जिनका स्थानीय स्तर पर सीमित प्रसार है, जिससे अधिकतर इच्छुक ठेकेदारों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया है कि नियमों के अनिवार्य होने के बावजूद विभागीय कार्यालय के सूचना पट्ट पर निविदा संबंधी कोई सूचना प्रदर्शित नहीं की गई। निविदा प्रपत्रों की बिक्री को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं; इच्छुक ठेकेदारों के मुताबिक, अंतिम तिथि 1 जून तक कई प्रयासों के बावजूद उन्हें फॉर्म उपलब्ध नहीं कराए गए। इन अनियमितताओं को लेकर ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद निविदा निरस्त किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे ठेकेदारों के अनुसार स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मामले में अधिशाषी अभियंता कृपाशंकर भारती का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। ठेकेदारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह मामला सरकारी निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।1
- समाचार एंकर अंजना ओम कश्यप द्वारा यूट्यूब के एक स्टार टीचर के प्रति आपत्तिजनक बयान दिया गया है।1
- आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने संसद के भीतर अपनी बात पूरी निडरता और बेबाकी से रखी। उन्होंने संसदीय कार्यवाही के दौरान बेखौफ होकर अपनी राय व्यक्त की, जो भारतीय राजनीति और लोक सभा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।1