*मंदिर चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार—23 किलो घंटा-घंटियां बरामद *कोहले सम्मय माता मन्दिर चोरी का, हर्रैया पुलिस ने किया पर्दाफाश दो आरोपी गिरफ्तार* *दानपात्र पीतल के लोटे सहित 23 किलो घंटा घंटिया और रूपया भी हुआ बरामद* *चोरी के सामान बांटने के लिए पंहुचे थे आरोपी पुलिस को देखकर भागे,पुलिस दौड़ाकर दो अभियुक्त को किया गिरफ्तार एक पुलिस को चकमा देकर फरार* बस्ती। हर्रैया थाना क्षेत्र के कोहले सम्मय माता मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए दो दानपात्र, पीतल के तीन बड़े व दो छोटे लोटे, एक बड़ा घंटा, आठ मध्यम आकार के घंटे तथा 22 छोटी घंटियां बरामद की हैं। बरामद घंटा-घंटियों का कुल वजन करीब 23 किलोग्राम बताया गया है। इसके अलावा दानपेटी से चोरी किए गए 1,342 रुपये और 1,000 रुपये नकद, कुल 2,342 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार कोहले.सम्मय माता मंदिर में चोरी के मामले में मुकदमा अपराध संख्या 253/2026, धारा 305(D) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 10 सितंबर की रात मुखबिर खास से सटीक मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना खास के उत्तर तरफ निर्माणाधीन मकान के पश्चिम दिशा में स्थित गड्ढे के पास दबिश दी। वहां तीन संदिग्ध पुलिस बल को देखकर चोरी का सामान छोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया। दोनों की गिरफ्तारी रात करीब 11:45 बजे की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित शर्मा पुत्र काली प्रसाद शर्मा, निवासी एकडंगी, थाना हर्रैया तथा सुभाष गिरी पुत्र रामदेव, निवासी थाना खास (गोसाईं पुरवा), थाना हर्रैया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में दो मुकदमों में आपराधिक इतिहास भी बताया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दो सितंबर को कोहले सम्मय माता मंदिर से दानपात्र और कुछ तांबे के लोटे चोरी कर गांव एकडंगी स्थित पंचायत भवन के पीछे झाड़ियों में छिपा दिए थे। इसके बाद 10 सितंबर को चोरी के सामान का आपस में बंटवारा करने के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में दोनों पकड़े गए, जबकि उनका कथित मुख्य सरगना अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि मंदिरों से चोरी किए गए कुछ लोटे राहगीरों और हाईवे पर चलने वाले ट्रक चालकों को बेच दिए गए थे। पुलिस के अनुसार करीब 20 लोटे बेचने की बात आरोपियों ने बताई है। बरामद घंटों के संबंध में आरोपियों ने बताया कि दो घंटे कोहलेसमय माता मंदिर से, एक घंटा थानेश्वर मंदिर से तथा शेष घंटियां कथित रूप से अलग-अलग मंदिरों से चोरी कर लाई गई थीं। पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। फरार आरोपी की तलाश और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हर्रैया संजय कुमार, उपनिरीक्षक कामेश्वर मिश्रा, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार सिंह तथा पुलिसकर्मी शामिल रहे।
*मंदिर चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार—23 किलो घंटा-घंटियां बरामद *कोहले सम्मय माता मन्दिर चोरी का, हर्रैया पुलिस ने किया पर्दाफाश दो आरोपी गिरफ्तार* *दानपात्र पीतल के लोटे सहित 23 किलो घंटा घंटिया और रूपया भी हुआ बरामद* *चोरी के सामान बांटने के लिए पंहुचे थे आरोपी पुलिस को देखकर भागे,पुलिस दौड़ाकर दो अभियुक्त को किया गिरफ्तार एक पुलिस को चकमा देकर फरार* बस्ती। हर्रैया थाना क्षेत्र के कोहले सम्मय माता मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए दो दानपात्र, पीतल के तीन बड़े व दो छोटे लोटे, एक बड़ा घंटा, आठ मध्यम आकार के घंटे तथा 22 छोटी घंटियां बरामद की हैं। बरामद घंटा-घंटियों का कुल वजन करीब 23 किलोग्राम बताया गया है। इसके अलावा दानपेटी से चोरी किए गए 1,342 रुपये और 1,000 रुपये नकद, कुल 2,342 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार कोहले.सम्मय माता मंदिर में चोरी के मामले में मुकदमा अपराध संख्या 253/2026, धारा 305(D) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 10 सितंबर की रात मुखबिर खास से सटीक मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना खास के उत्तर तरफ निर्माणाधीन मकान के पश्चिम दिशा में स्थित गड्ढे के पास दबिश दी। वहां तीन संदिग्ध पुलिस बल को देखकर चोरी का सामान छोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया। दोनों की गिरफ्तारी रात करीब 11:45 बजे की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित शर्मा पुत्र काली प्रसाद शर्मा, निवासी एकडंगी, थाना हर्रैया तथा सुभाष गिरी पुत्र रामदेव, निवासी थाना खास (गोसाईं पुरवा), थाना हर्रैया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में दो मुकदमों में आपराधिक इतिहास भी बताया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दो सितंबर को कोहले सम्मय माता मंदिर से दानपात्र और कुछ तांबे के लोटे चोरी कर गांव एकडंगी स्थित पंचायत भवन के पीछे झाड़ियों में छिपा दिए थे। इसके बाद 10 सितंबर को चोरी के सामान का आपस में बंटवारा करने के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में दोनों पकड़े गए, जबकि उनका कथित मुख्य सरगना अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि मंदिरों से चोरी किए गए कुछ लोटे राहगीरों और हाईवे पर चलने वाले ट्रक चालकों को बेच दिए गए थे। पुलिस के अनुसार करीब 20 लोटे बेचने की बात आरोपियों ने बताई है। बरामद घंटों के संबंध में आरोपियों ने बताया कि दो घंटे कोहलेसमय माता मंदिर से, एक घंटा थानेश्वर मंदिर से तथा शेष घंटियां कथित रूप से अलग-अलग मंदिरों से चोरी कर लाई गई थीं। पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। फरार आरोपी की तलाश और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हर्रैया संजय कुमार, उपनिरीक्षक कामेश्वर मिश्रा, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार सिंह तथा पुलिसकर्मी शामिल रहे।
- *मंदिर चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार—23 किलो घंटा-घंटियां बरामद *कोहले सम्मय माता मन्दिर चोरी का, हर्रैया पुलिस ने किया पर्दाफाश दो आरोपी गिरफ्तार* *दानपात्र पीतल के लोटे सहित 23 किलो घंटा घंटिया और रूपया भी हुआ बरामद* *चोरी के सामान बांटने के लिए पंहुचे थे आरोपी पुलिस को देखकर भागे,पुलिस दौड़ाकर दो अभियुक्त को किया गिरफ्तार एक पुलिस को चकमा देकर फरार* बस्ती। हर्रैया थाना क्षेत्र के कोहले सम्मय माता मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए दो दानपात्र, पीतल के तीन बड़े व दो छोटे लोटे, एक बड़ा घंटा, आठ मध्यम आकार के घंटे तथा 22 छोटी घंटियां बरामद की हैं। बरामद घंटा-घंटियों का कुल वजन करीब 23 किलोग्राम बताया गया है। इसके अलावा दानपेटी से चोरी किए गए 1,342 रुपये और 1,000 रुपये नकद, कुल 2,342 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार कोहले.सम्मय माता मंदिर में चोरी के मामले में मुकदमा अपराध संख्या 253/2026, धारा 305(D) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 10 सितंबर की रात मुखबिर खास से सटीक मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना खास के उत्तर तरफ निर्माणाधीन मकान के पश्चिम दिशा में स्थित गड्ढे के पास दबिश दी। वहां तीन संदिग्ध पुलिस बल को देखकर चोरी का सामान छोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया। दोनों की गिरफ्तारी रात करीब 11:45 बजे की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित शर्मा पुत्र काली प्रसाद शर्मा, निवासी एकडंगी, थाना हर्रैया तथा सुभाष गिरी पुत्र रामदेव, निवासी थाना खास (गोसाईं पुरवा), थाना हर्रैया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में दो मुकदमों में आपराधिक इतिहास भी बताया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दो सितंबर को कोहले सम्मय माता मंदिर से दानपात्र और कुछ तांबे के लोटे चोरी कर गांव एकडंगी स्थित पंचायत भवन के पीछे झाड़ियों में छिपा दिए थे। इसके बाद 10 सितंबर को चोरी के सामान का आपस में बंटवारा करने के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में दोनों पकड़े गए, जबकि उनका कथित मुख्य सरगना अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि मंदिरों से चोरी किए गए कुछ लोटे राहगीरों और हाईवे पर चलने वाले ट्रक चालकों को बेच दिए गए थे। पुलिस के अनुसार करीब 20 लोटे बेचने की बात आरोपियों ने बताई है। बरामद घंटों के संबंध में आरोपियों ने बताया कि दो घंटे कोहलेसमय माता मंदिर से, एक घंटा थानेश्वर मंदिर से तथा शेष घंटियां कथित रूप से अलग-अलग मंदिरों से चोरी कर लाई गई थीं। पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। फरार आरोपी की तलाश और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हर्रैया संजय कुमार, उपनिरीक्षक कामेश्वर मिश्रा, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार सिंह तथा पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- बस्ती: पार्क सौंदर्यीकरण का ढकोसला या जनता की सेहत से खिलवाड़? बैरिहवा-आवास विकास में सिल्ट डंपिंग पर उठे गंभीर सवाल अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती नगर पालिका परिषद के विकास के दावे किस तरह खोखले और जनविरोधी साबित हो रहे हैं, इसकी बानगी शहर के बैरिहवा-आवास विकास क्षेत्र में साफ देखी जा सकती है। 'पार्क सौंदर्यीकरण' के नाम पर नागरिकों को राहत देने का ढोंग रचने वाली पालिका ने अब जनता होटल के पास खुलेआम नालियों की सड़ी हुई सिल्ट (कीचड़) डंप करनी शुरू कर दी है। एक ओर जहां शासन और प्रशासन स्वच्छता और स्वस्थ परिवेश के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे रिहायशी इलाकों के पास सड़ांध मारती सिल्ट के बड़े-बड़े ढेर लगाना घोर लापरवाही और प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। जनता होटल के पास का यह क्षेत्र अत्यधिक व्यस्त और बसावट वाला है। यहां फेंकी जा रही सिल्ट से उठने वाली भयंकर दुर्गंध, पनपते कीड़े-मकोड़े और मच्छरों का प्रकोप आसपास के निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों के लिए अभिशाप बन गया है। खुले में सड़ता यह कचरा क्षेत्र में किसी भी वक्त गंभीर बीमारी फैलने का खुला निमंत्रण दे रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या नगर पालिका के पास सिल्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की कोई नीति या व्यवस्था नहीं बची है? क्या 'सौंदर्यीकरण' का मतलब किसी सार्वजनिक स्थल या प्रस्तावित पार्क की ज़मीन को कचराघर में तब्दील करना है? जिम्मेदार अधिकारियों की इस मनमानी से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है, लेकिन पालिका प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। कागजों में विकास के झूठे आंकड़े चमकाए जा रहे हैं और धरातल पर शहर को कूड़ेदान बनाया जा रहा है। ठेकेदारों और भ्रष्ट तंत्र की इस मिलीभगत का खामियाजा आम जनता भुगतने को विवश है। यह स्थिति अब सहनशीलता की सीमा पार कर चुकी है। जिला प्रशासन और जिलाधिकारी को इस गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से बैरिहवा-आवास विकास क्षेत्र से इस सिल्ट को हटवाना चाहिए। साथ ही, पार्क सौंदर्यीकरण की आड़ में जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी महकमा जनता के जीवन के साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।1
- जमीन विवाद में महिला के दोहरे आरोपों से मचा हड़कंप, छप्पर-पिलर गिराने से लेकर पुलिसकर्मी पर मोबाइल छीनने तक के गंभीर आरोप धनघटा। थाना धनघटा क्षेत्र के भिटहा उर्फ कटहा गांव निवासी आरती देवी पत्नी श्रीराम का जमीन विवाद अब गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। महिला ने पहले जहां गांव के कुछ लोगों पर उसकी जमीन पर कब्जे की कोशिश, छप्पर व पक्का पिलर गिराने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए आराजी संख्या 373 की पैमाइश कराने की मांग की थी, वहीं अब उसने धनघटा थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, आरती देवी के पति रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। महिला का कहना है कि उसके पति ने आराजी संख्या 373 में उसके नाम से बैनामा कराया है और उक्त भूमि पर उसका कब्जा है। महिला ने आरोप लगाया कि 15 मई 2026 को करीब 12:30 बजे राजेंद्र पुत्र रामबेलास और सुनील पुत्र लालजी सहित कई लोग एकजुट होकर उसके छप्पर और पक्के पिलर को गिराने लगे। विरोध करने पर कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे मारने के लिए दौड़ाया गया। महिला का कहना है कि वह भागकर घर में घुस गई, जिससे उसकी और उसके बच्चों की जान बच सकी। आरोप है कि इसके बाद भी उसके घर के दरवाजे के सामने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई तथा उसे दोबारा छप्पर बनाने नहीं दिया जा रहा है। महिला ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया है। वहीं, 12 सितंबर 2026 को करीब दो बजे हुई दूसरी घटना को लेकर आरती देवी ने धनघटा थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मी पुलिस बल के साथ उसके पास पहुंचे और जमीन विवाद को लेकर बार-बार प्रार्थना पत्र देने पर कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए उसे धमकाया। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उसका मोबाइल मांगा और देने से मना करने पर जबरन मोबाइल छीन लिया। इसके बाद थाने के गेट के सामने मोबाइल से उसकी फोटो खींची गई और कथित तौर पर ओटीपी भी लिया गया। शिकायत में महिला ने पुलिसकर्मी पर उसके पति को लेकर भी धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। आरती देवी ने अपनी शिकायत में लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर वह कई बार थाना और तहसील दिवस में शिकायत कर चुकी है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। अब महिला ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आराजी संख्या 373 की राजस्व टीम से पैमाइश, जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने तथा कथित घटनाओं में उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस व प्रशासनिक जांच तथा संबंधित दूसरे पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सपा के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर साधा निशान संतकबीरनगर सपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की की अपील , मतदाताओं ने संपर्क बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प , इस दौरान कार्यकर्ताओं में आगामी चुनाव को लेकर दिखा खासा उत्साह उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना सदा उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बाद किसी भी प्रकार का कोई मुद्दा नहीं है अब सिर्फ एक दूसरे से लड़कर ही चुनाव में सत्ता हासिल करने का प्रयास कर रही है भाजपा1
- अंबेडकरनगर मेडिकल कॉलेज में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया! OPD से OT तक पहुंचा1
- जिंदगी से हारकर नहीं… बीमारी ने छीनी जान, घर की दहलीज पर बुझ गया एक सहारा।1
- राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निस्तारण, न्यायाधीश ने कैंपों का किया निरीक्षण सिद्धार्थनगर जिले के जिला मुख्यालय स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में बैंक, यातायात समेत विभिन्न प्रकार के मामलों के निस्तारण के लिए विशेष कैंप और स्टाल लगाए गए। संबंधित पक्षों को आमंत्रित कर उनके मामलों पर चर्चा की गई और आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों को त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर मामलों के समाधान का अवसर मिला। विभिन्न विभागों और बैंकों की ओर से लगाए गए कैंपों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं तथा मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की। लोक अदालत की व्यवस्था और कैंपों में चल रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव स्वयं परिसर में पहुंचे। उन्होंने विभिन्न कैंपों और स्टालों का निरीक्षण किया तथा वहां मौजूद लोगों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। न्यायाधीश ने बैंक कर्मियों को ऋण संबंधी मामलों के निस्तारण को लेकर विशेष रूप से निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि पात्र मामलों में ऋण की मूल धनराशि जमा कराकर नियमानुसार ऋण खाते का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने बैंक कर्मियों से अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति और नियमानुसार निस्तारित कराने पर जोर दिया, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लोक अदालत के दौरान न्यायिक अधिकारियों, बैंक कर्मियों, संबंधित विभागों के कर्मचारियों और वादकारियों की मौजूदगी रही। आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लंबित एवं विवादित मामलों का सरल, शीघ्र और सुलह के माध्यम से निस्तारण करना रहा।1
- बजबजाती नालियों और गंदगी के बीच जिंदगी, 24 वर्षीय युवक की मौत से परिवार में मचा कोहराम संत कबीर नगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के हैंसर बाजार विकासखंड अंतर्गत पट्टी बड़गो हिस्सा समोगर गांव में इन दिनों गंदगी और जलभराव की स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव की गलियों में जगह-जगह बजबजाती नालियां और गंदगी का अंबार लगा होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से साफ-सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हालात बदतर होते जा रहे हैं। इसी बीच गांव निवासी 24 वर्षीय रामानंद पुत्र सुधीर प्रसाद की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि उसकी मौत का सीधा कारण क्या रहा, इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन गांव की बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। सबसे मार्मिक स्थिति मृतक के परिवार की है। पिता सुधीर प्रसाद राजमिस्त्री का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। आर्थिक तंगी का आलम यह रहा कि मृतक के अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाया और किसी तरह दाह संस्कार कराया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से गांव में तत्काल सफाई अभियान चलाने, बजबजाती नालियों की सफाई कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि गंदगी के कारण ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा कम हो सके।1