विदिशा जिले के सिरोंज में आस्था और उल्लास के साथ गुरुवार, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। साल 1963 से चली आ रही इस अनूठी परंपरा के तहत भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 100 किलो चांदी से निर्मित विशेष रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले, जिनका श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। यह ऐतिहासिक रथयात्रा शाम 5:00 बजे रामलला मंदिर में आरती के बाद शाम 6 बजे शुरू हुई। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक अपने हाथों से रथ को खींचकर पुण्य लाभ कमाया और रथ के आगे कालीन बिछाई। यह यात्रा बढ़ चौराहा, कठाली बाजार, सराफा, मुख्य बाजार और कोर्ट गेट होते हुए नगरपालिका पहुंची, जहां हाजीपुर क्षेत्र के लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा रात 11 बजे पाटीदार धर्मशाला पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ ने रात्रि विश्राम किया और वहां देर रात तक भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। इस वर्ष की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण 100 किलो शुद्ध चांदी से बना भव्य रथ रहा। इस रथ का निर्माण रामलला सरकार मंदिर समिति द्वारा करवाया गया है, जिसे राजस्थान के उदयपुर से आए आधा दर्जन कुशल कारीगरों ने कई महीनों की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। मंदिर समिति के अनुसार, आसपास के पूरे क्षेत्र में इतने बड़े और चांदी के रथ पर निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा कहीं और नहीं होती। रथयात्रा के दौरान पूरे नगर का माहौल 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से भक्तिमय हो उठा।
विदिशा जिले के सिरोंज में आस्था और उल्लास के साथ गुरुवार, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। साल 1963 से चली आ रही इस अनूठी परंपरा के तहत भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 100 किलो चांदी से निर्मित विशेष रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले, जिनका श्रद्धालुओं ने जगह-जगह
भव्य स्वागत किया। यह ऐतिहासिक रथयात्रा शाम 5:00 बजे रामलला मंदिर में आरती के बाद शाम 6 बजे शुरू हुई। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक अपने हाथों से रथ को खींचकर पुण्य लाभ कमाया और रथ के आगे कालीन बिछाई। यह यात्रा बढ़ चौराहा, कठाली बाजार, सराफा, मुख्य बाजार और कोर्ट गेट होते हुए नगरपालिका पहुंची, जहां हाजीपुर क्षेत्र के लोगों ने पुष्पवर्षा
कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा रात 11 बजे पाटीदार धर्मशाला पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ ने रात्रि विश्राम किया और वहां देर रात तक भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। इस वर्ष की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण 100 किलो शुद्ध चांदी से बना भव्य रथ रहा। इस रथ का निर्माण रामलला सरकार मंदिर समिति द्वारा करवाया गया है, जिसे
राजस्थान के उदयपुर से आए आधा दर्जन कुशल कारीगरों ने कई महीनों की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। मंदिर समिति के अनुसार, आसपास के पूरे क्षेत्र में इतने बड़े और चांदी के रथ पर निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा कहीं और नहीं होती। रथयात्रा के दौरान पूरे नगर का माहौल 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से भक्तिमय हो उठा।
- विदिशा जिले के सिरोंज में आस्था और उल्लास के साथ गुरुवार, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। साल 1963 से चली आ रही इस अनूठी परंपरा के तहत भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 100 किलो चांदी से निर्मित विशेष रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले, जिनका श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। यह ऐतिहासिक रथयात्रा शाम 5:00 बजे रामलला मंदिर में आरती के बाद शाम 6 बजे शुरू हुई। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक अपने हाथों से रथ को खींचकर पुण्य लाभ कमाया और रथ के आगे कालीन बिछाई। यह यात्रा बढ़ चौराहा, कठाली बाजार, सराफा, मुख्य बाजार और कोर्ट गेट होते हुए नगरपालिका पहुंची, जहां हाजीपुर क्षेत्र के लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा रात 11 बजे पाटीदार धर्मशाला पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ ने रात्रि विश्राम किया और वहां देर रात तक भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। इस वर्ष की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण 100 किलो शुद्ध चांदी से बना भव्य रथ रहा। इस रथ का निर्माण रामलला सरकार मंदिर समिति द्वारा करवाया गया है, जिसे राजस्थान के उदयपुर से आए आधा दर्जन कुशल कारीगरों ने कई महीनों की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। मंदिर समिति के अनुसार, आसपास के पूरे क्षेत्र में इतने बड़े और चांदी के रथ पर निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा कहीं और नहीं होती। रथयात्रा के दौरान पूरे नगर का माहौल 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से भक्तिमय हो उठा।4
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी में एक निलंबित उपयंत्री ने बड़ा दावा किया है। निलंबित उपयंत्री का कहना है कि कमीशन नीचे से लेकर ऊपर तक जाता है।1
- सामाजिक संगठन जन चेतना मंच द्वारा लटेरी के मॉडल स्कूल में पर्यावरण संरक्षण पर आधारित हरित ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले उत्कृष्ट छात्रों को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह, पौधा और नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कालू पेंटर द्वारा प्रदर्शित की गई आकर्षक चित्रकारी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय परिवार का भी उत्कृष्ट सहयोग प्राप्त हुआ।2
- भोपाल के बैरसिया स्थित लुगासी गांव में सड़क खुदी हुई पड़ी है। इस खुदी हुई सड़क को साफ कराने में सहायता करने और यहां एक पक्की सड़क बनवाने की अपील की गई है।1
- भोपाल के अयोध्यानगर में पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के तहत पुलिस टीम एक तरफ आम लोगों के बीच जाकर नशीले पदार्थों के नुकसान के प्रति जन जागरूकता फैला रही है, तो दूसरी तरफ अपराधियों पर भी नकेल कस रही है। पुलिस बल द्वारा स्लम एरिया, झुग्गी बस्तियों और विभिन्न कॉलोनियों में जाकर गांजा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है और उनकी सघन तलाशी ली जा रही है।2
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी की है। यह नई दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं। वहीं दूसरी तरफ, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में कटौती की गई है। इस बदलाव को लेकर सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस फैसले का घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।1
- बीना में 15 दिन के 'अनवसर काल' के विश्राम के बाद स्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। इस भव्य यात्रा को लेकर स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर सहित पूरे यात्रा मार्ग पर स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं। रथयात्रा के महोत्सव की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों द्वारा नगर भ्रमण करते हुए नई बस्ती स्थित श्री हरे राम मंदिर पहुंचने और संकीर्तन के साथ प्रभु का अभिवादन करने से हुई। इसके पश्चात मंदिर समिति के सदस्यों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पंचतत्वों से अभिषेक किया और विधि-विधान से हवन-पूजन करने के बाद दोपहर में भगवान को रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया। यह रथयात्रा नई बस्ती, नानक वार्ड, उज्ज्वल विहार कॉलोनी, नई बस्ती ओवरब्रिज, महावीर चौक, कच्चा रोड, सर्वोदय चौराहा और कॉलेज तिराहा होते हुए आगे बढ़ी। इस पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती-पूजन कर भगवान का आशीर्वाद लिया, साथ ही पुष्प वर्षा कर और प्रसादी वितरित कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। शाम के समय यह रथयात्रा भारत टॉकीज के पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ स्वामी का रात्रि विश्राम हुआ। अगले दिन शुक्रवार को हनुमान मंदिर पर राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा भगवान के समक्ष संकीर्तन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद विधिपूर्वक भगवान जगन्नाथ स्वामी को पुनः रथ में बैठाकर श्री हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर में वापस विराजमान किया गया। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर व दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया, जिसके बाद मंदिर समिति ने सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।4
- सागर जिले के बीना के नई बस्ती से जगन्नाथ पुरी यात्रा पूरे धूमधाम के साथ निकाली गई।1