बीना में 15 दिन के 'अनवसर काल' के विश्राम के बाद स्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। इस भव्य यात्रा को लेकर स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर सहित पूरे यात्रा मार्ग पर स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं। रथयात्रा के महोत्सव की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों द्वारा नगर भ्रमण करते हुए नई बस्ती स्थित श्री हरे राम मंदिर पहुंचने और संकीर्तन के साथ प्रभु का अभिवादन करने से हुई। इसके पश्चात मंदिर समिति के सदस्यों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पंचतत्वों से अभिषेक किया और विधि-विधान से हवन-पूजन करने के बाद दोपहर में भगवान को रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया। यह रथयात्रा नई बस्ती, नानक वार्ड, उज्ज्वल विहार कॉलोनी, नई बस्ती ओवरब्रिज, महावीर चौक, कच्चा रोड, सर्वोदय चौराहा और कॉलेज तिराहा होते हुए आगे बढ़ी। इस पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती-पूजन कर भगवान का आशीर्वाद लिया, साथ ही पुष्प वर्षा कर और प्रसादी वितरित कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। शाम के समय यह रथयात्रा भारत टॉकीज के पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ स्वामी का रात्रि विश्राम हुआ। अगले दिन शुक्रवार को हनुमान मंदिर पर राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा भगवान के समक्ष संकीर्तन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद विधिपूर्वक भगवान जगन्नाथ स्वामी को पुनः रथ में बैठाकर श्री हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर में वापस विराजमान किया गया। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर व दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया, जिसके बाद मंदिर समिति ने सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
बीना में 15 दिन के 'अनवसर काल' के विश्राम के बाद स्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। इस भव्य यात्रा को लेकर स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर सहित पूरे यात्रा मार्ग पर स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं। रथयात्रा के महोत्सव की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों द्वारा नगर भ्रमण करते हुए नई बस्ती स्थित
श्री हरे राम मंदिर पहुंचने और संकीर्तन के साथ प्रभु का अभिवादन करने से हुई। इसके पश्चात मंदिर समिति के सदस्यों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पंचतत्वों से अभिषेक किया और विधि-विधान से हवन-पूजन करने के बाद दोपहर में भगवान को रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया। यह रथयात्रा नई बस्ती, नानक वार्ड, उज्ज्वल विहार कॉलोनी, नई बस्ती ओवरब्रिज, महावीर चौक, कच्चा रोड, सर्वोदय चौराहा और कॉलेज
तिराहा होते हुए आगे बढ़ी। इस पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती-पूजन कर भगवान का आशीर्वाद लिया, साथ ही पुष्प वर्षा कर और प्रसादी वितरित कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। शाम के समय यह रथयात्रा भारत टॉकीज के पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ स्वामी का रात्रि विश्राम हुआ। अगले दिन शुक्रवार को हनुमान मंदिर पर राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा भगवान के समक्ष संकीर्तन का विशेष आयोजन
किया गया, जिसमें भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद विधिपूर्वक भगवान जगन्नाथ स्वामी को पुनः रथ में बैठाकर श्री हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर में वापस विराजमान किया गया। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर व दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया, जिसके बाद मंदिर समिति ने सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
- बीना में 15 दिन के 'अनवसर काल' के विश्राम के बाद स्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। इस भव्य यात्रा को लेकर स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर सहित पूरे यात्रा मार्ग पर स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं। रथयात्रा के महोत्सव की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों द्वारा नगर भ्रमण करते हुए नई बस्ती स्थित श्री हरे राम मंदिर पहुंचने और संकीर्तन के साथ प्रभु का अभिवादन करने से हुई। इसके पश्चात मंदिर समिति के सदस्यों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पंचतत्वों से अभिषेक किया और विधि-विधान से हवन-पूजन करने के बाद दोपहर में भगवान को रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया। यह रथयात्रा नई बस्ती, नानक वार्ड, उज्ज्वल विहार कॉलोनी, नई बस्ती ओवरब्रिज, महावीर चौक, कच्चा रोड, सर्वोदय चौराहा और कॉलेज तिराहा होते हुए आगे बढ़ी। इस पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती-पूजन कर भगवान का आशीर्वाद लिया, साथ ही पुष्प वर्षा कर और प्रसादी वितरित कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। शाम के समय यह रथयात्रा भारत टॉकीज के पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ स्वामी का रात्रि विश्राम हुआ। अगले दिन शुक्रवार को हनुमान मंदिर पर राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा भगवान के समक्ष संकीर्तन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद विधिपूर्वक भगवान जगन्नाथ स्वामी को पुनः रथ में बैठाकर श्री हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर में वापस विराजमान किया गया। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर व दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया, जिसके बाद मंदिर समिति ने सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।4
- सागर जिले के बीना के नई बस्ती से जगन्नाथ पुरी यात्रा पूरे धूमधाम के साथ निकाली गई।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना कृषि उपज मंडी में सरकारी टीन शेड से कथित अवैध कब्जा हटाने को लेकर विवाद सामने आया है। मंडी सचिव और एक कर्मचारी ने दो लाइसेंसी व्यापारियों पर गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए बीना थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मंडी कर्मचारी वीरेंद्र राजपूत के अनुसार, लाइसेंसी व्यापारी अशोक कुमार जैन और शिखरचंद जैन की फर्म की व्यापार आईडी पहले नियमों के विरुद्ध कवर्ड शेड में अनाज रखने के कारण निलंबित कर दी गई थी, जिसे बाद में 11 जुलाई को दोबारा चालू किया गया था। आरोप है कि सोमवार को दोनों व्यापारी मंडी कार्यालय पहुंचे, जहां सरकारी टीन शेड खाली कराने की बात को लेकर विवाद हो गया। शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान मंडी सचिव और कर्मचारी के साथ अभद्रता व मारपीट की गई, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस मामले में मंडी प्रबंधन की ओर से शिकायत मिलने के बाद बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पुलिस को शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, मंडी से जुड़े लोगों का आरोप है कि किसानों की उपज सुरक्षित रखने के लिए बने इन टीन शेडों पर वर्षों से कुछ व्यापारियों ने कब्जा जमाया हुआ है, जिसके कारण किसानों को अपनी उपज खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है और विशेषकर बारिश के मौसम में फसल खराब होने का खतरा बना रहता है।1
- विदिशा जिले के मानौरा में रथ दोज के अवसर पर भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रसिद्ध रथ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ। इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शनों की अभिलाषा लेकर आसपास के जिलों सहित दूर-दराज के श्रद्धालु रात से ही वहां जमा होने लगे थे। लोग पैदल, गाड़ियों से और दण्डवत होकर मानौरा पहुंचे। सुबह के समय भगवान रथ पर सवार होकर लोगों को दर्शन देने के लिए निकले। इस जगह की भारी मान्यता है और लोग इसे 'मिनी जगन्नाथ पुरी' भी कहते हैं।2
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आज आयोजित 'मुद्दों की महापंचायत' कार्यक्रम में सी न्यूज़ भारत की ओर से सम्मानित किया गया है।2
- विदिशा जिले के सिरोंज में आस्था और उल्लास के साथ गुरुवार, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। साल 1963 से चली आ रही इस अनूठी परंपरा के तहत भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 100 किलो चांदी से निर्मित विशेष रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले, जिनका श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। यह ऐतिहासिक रथयात्रा शाम 5:00 बजे रामलला मंदिर में आरती के बाद शाम 6 बजे शुरू हुई। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक अपने हाथों से रथ को खींचकर पुण्य लाभ कमाया और रथ के आगे कालीन बिछाई। यह यात्रा बढ़ चौराहा, कठाली बाजार, सराफा, मुख्य बाजार और कोर्ट गेट होते हुए नगरपालिका पहुंची, जहां हाजीपुर क्षेत्र के लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा रात 11 बजे पाटीदार धर्मशाला पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ ने रात्रि विश्राम किया और वहां देर रात तक भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। इस वर्ष की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण 100 किलो शुद्ध चांदी से बना भव्य रथ रहा। इस रथ का निर्माण रामलला सरकार मंदिर समिति द्वारा करवाया गया है, जिसे राजस्थान के उदयपुर से आए आधा दर्जन कुशल कारीगरों ने कई महीनों की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। मंदिर समिति के अनुसार, आसपास के पूरे क्षेत्र में इतने बड़े और चांदी के रथ पर निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा कहीं और नहीं होती। रथयात्रा के दौरान पूरे नगर का माहौल 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से भक्तिमय हो उठा।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान और मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। विदिशा के बरईपुरा स्थित सांदीपनी स्कूल में 15 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई। यह 15 दिवसीय अभियान 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर जनभागीदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को खोखला और बर्बाद कर देता है। उन्होंने अवैध नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में बताया। संवादात्मक सत्र के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तनाव, अकेलापन, जिज्ञासा या गलत संगति के कारण लोग नशे की लत में पड़ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार या सेवन दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। कार्यक्रम के समापन पर ब्रह्माकुमारी संस्था की आदरणीय सपना दीदी ने मेडिटेशन के माध्यम से सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और सभी ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। आगामी 15 दिनों तक जिले भर के स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, खेल प्रतियोगिताओं और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष राय, सूबेदार मेघा शर्मा, जूली दीदी, स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक मौजूद रहे। विदिशा पुलिस ने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।4
- मध्य प्रदेश के बीना में गुरु-शिष्य परंपरा और सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 15 दिवसीय 'गुरुपूर्णिमा पखवाड़ा उत्सव' का शुभारंभ हो गया है। यह उत्सव 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जाएगा। उत्सव के पहले दिन विद्यालय परिसर में मां सरस्वती और महर्षि सांदीपनि के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर गुरु वंदना की और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मंजू यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि जीवन को सही दिशा, संस्कार और चरित्र निर्माण की प्रेरणा भी प्रदान करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि महर्षि सांदीपनि के नाम पर स्थापित इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। शासन के निर्देशानुसार इस पखवाड़े के दौरान प्रतिदिन विभिन्न रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित व्याख्यान, संगोष्ठियां, निबंध लेखन, भाषण, श्लोक वाचन, भजन और अन्य प्रतियोगिताएं शामिल हैं। विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों से इन आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है।1