Shuru
Apke Nagar Ki App…
वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट वाराणसी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिल्ली में हुए आंदोलन को लेकर बयान दिया
द कहर न्यूज़ एजेंसी
वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट वाराणसी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिल्ली में हुए आंदोलन को लेकर बयान दिया
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- शिक्षाविद् सुरेंद्र सिंह की मनाई गई 9वीं पुण्यतिथि दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि उनके संस्थापित उदय इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह मिल्कीपुर अयोध्या मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित उदय इंटर कॉलेज, नौगंवा के संस्थापक एवं शिक्षाविद् स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह की 9वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उनके चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान विद्यालय परिवार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शिक्षा क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया। श्रद्धांजलि सभा में विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता करते हुए स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके द्वारा संस्थापित उदय इंटर कॉलेज आज क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। विद्यालय के प्रबंधक राकेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह ने शिक्षा को समाज के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम माना और जीवनभर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए विद्यालय निरंतर शिक्षा की गुणवत्ता एवं संस्कारयुक्त वातावरण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य परमेश्वरदीन मौर्य सहित आर.पी. सिंह, पी.सी. शुक्ल, काशीनाथ मिश्रा, सूर्य प्रताप सिंह, प्रदीप यादव, उमेश तथा विद्यालय परिवार के अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।2
- मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े का आरोप, सड़क किनारे सफाई व मिट्टी कार्य सिर्फ कागजों में होने का दावा जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली महमदपुर गांव से रइया गांव तक सड़क के दोनों किनारों पर जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे सफाई एवं मिट्टी कार्यों में अनियमितता और फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। प्रधान प्रशासक प्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कार्य केवल कागजों में दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर कार्य की स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार महमदपुर गांव से रइया बॉर्डर तक पीच सड़क के दोनों किनारों पर सफाई और मिट्टी भराई का कार्य मनरेगा योजना के तहत कराया जाना है। आरोप है कि कार्यस्थल पर निर्धारित संख्या में मजदूर नहीं लगाए जा रहे हैं, जबकि अभिलेखों में अधिक संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रयास किया जा रहा है। प्रधान प्रशासक प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने आरोप लगाया कि योजना के तहत प्रतिदिन 20 से 25 मजदूरों को कार्य पर लगाया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर मजदूर कार्य करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों की मिलीभगत से कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी मौके पर स्थलीय निरीक्षण करें तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और कथित अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट वाराणसी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिल्ली में हुए आंदोलन को लेकर बयान दिया1
- समय से नही पहुच रहे है अध्यापक बच्चो को कड़ी धूप में बाहर खड़ा होकर करना पड़ रहा है इंतजार आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चहनियां क्षेत्र चन्दौली के ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों पर अध्यापक समय से नही पहुच रहे है मंगलवार को जमालपुर हसनपुर प्राथमिक विद्यालय पर अध्यापकों को देर से पहुँचने पर बच्चो को कड़ी धूप में इंतजार करना पड़ा बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर सुबह 8 बजे से 2 बजे तक स्कूल का समय सारणी है जिसमे 7.30 बजे तक शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है किंतु प्राथमिक विद्यालय जमालपुर ( हसनपुर ) में शिक्षक कभी 8.30 बजे तो कभी 9 बजे आते है गेट बंद होने के कारण बच्चो को लगभग हर रोज बाहर कड़ी धूप में शिक्षकों के आने का इंतजार करना पड़ता है आसपास कही पेड़ की छांव भी नही है कि बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर इंतजार कर ले शिक्षकों की मनमानी रवैये से बच्चो को जलालत झेलनी पड़ती है कड़ी धूप में खड़े होकर इंतजार कर रहे बच्चो को देखकर लोगो आक्रोशित हो जाते है कुछ लोग इसे लेकर टोके भी फिर भी कोई प्रभाव नही दिख रहा है ग्रामीणो का कहना है कि यही हाल कुछ और विद्यालयों का है जहां समय से अध्यापक नही आते है।1
- गुरु पूर्णिमा पर काशीवासियों से गौरक्षा का संकल्प लेने की अपील, शंकराचार्य 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी भक्तों ने शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में चरण पादुका का किया पूजन, 27 जुलाई 2026 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर इस बार परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज काशी में नहीं रहेंगे। वे इस वर्ष अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान छत्तीसगढ़ में सम्पन्न करेंगे। इस कारण काशी के भक्तों ने गुरु पूर्णिमा से पूर्व ही शंकराचार्य से चरण पादुका पूजन की अनुमति मांगी, जिसे गुरुदेव ने सहर्ष प्रदान कर दिया। आज सायं 5 बजे शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवतशंकराचार्य महाराज की चरण पादुका का पूजन किया गया। भक्तों ने 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा पूर्ण कर गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले शंकराचार्य का अभिनंदन एवं वंदन भी किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शंकराचार्य महाराज ने काशीवासियोंऔर समस्त सनातनियों को गौरक्षा का संकल्प लेने का संदेश दिया। उन्होंनेकहा, गौमाता प्रत्येक सनातनी कीआराध्या हैं और 33 कोटि देवी-देवताओं की आश्रयस्थली भी हैं। गौमाता के पूजन से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल प्राप्त होता है। गौमाता के महत्व का प्रमाण यही है कि हमारे घर में पहली रोटी गुरुदेव या किसी देवी-देवता के लिए नहीं, बल्कि सर्वप्रथम गौमाता के लिए निकाली जाती है। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष शंकराचार्य का चातुर्मास्य व्रत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सवा लाख शिवलिंग वाले सपाद लक्षेश्वर धाम में सम्पन्न होगा। यहां विश्व का सबसे बड़ा सवा लाख शिवलिंग का मंदिर निर्माणाधीन है। चातुर्मास्य के दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। साथ ही यूपी की 403 विधानसभाओं के प्रतिनिधियों की त्रिदिवसीय कार्यशाला भी आयोजित होगी। इसमें शंकराचार्य महाराज अपने प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर गौरक्षा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और गौरक्षा नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने हेतु तैयार करेंगे। शंकराचार्य महाराज कल मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, हजारी सौरभ शुक्ला, अनुराग द्विवेदी, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।1
- वाराणसी मे दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान आज लंगड़ा हाफिज़ मस्जिद पर हथौड़ा चला। बताया जाता है कि मस्जिद कमेटी ने खुद ही मस्जिद के उस हिस्से को तोड़ा जो अतिक्रमण की जद में था। Varanasi Breking News2
- सीडीओ के निर्देश पर हरकत में आया प्रशासन, बीडीओ ने हर घर जल योजना का किया निरीक्षण1
- समय से नहीं पहुंच रहे शिक्षक, धूप में घंटों इंतजार करने को मजबूर मासूम बच्चे जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय जमालपुर (हसनपुर) में शिक्षक समय से नहीं पहुंचे, जिसके कारण विद्यालय का गेट बंद रहा और दर्जनों बच्चों को तेज धूप में बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यालय का संचालन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक होना है तथा शिक्षकों की उपस्थिति सुबह 7:30 बजे तक अनिवार्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक अक्सर 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच पहुंचते हैं। इससे बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय के बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। विद्यालय के बाहर न तो कोई छायादार पेड़ है और न ही बच्चों के बैठने की कोई व्यवस्था। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चे तेज धूप में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिक्षकों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के कुछ अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर समयपालन सुनिश्चित कराने और बच्चों के हित में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1