गुरु पूर्णिमा पर काशीवासियों से गौरक्षा का संकल्प लेने की अपील, शंकराचार्य 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी भक्तों ने शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में चरण पादुका का किया पूजन, 27 जुलाई 2026 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर इस बार परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज काशी में नहीं रहेंगे। वे इस वर्ष अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान छत्तीसगढ़ में सम्पन्न करेंगे। इस कारण काशी के भक्तों ने गुरु पूर्णिमा से पूर्व ही शंकराचार्य से चरण पादुका पूजन की अनुमति मांगी, जिसे गुरुदेव ने सहर्ष प्रदान कर दिया। आज सायं 5 बजे शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवतशंकराचार्य महाराज की चरण पादुका का पूजन किया गया। भक्तों ने 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा पूर्ण कर गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले शंकराचार्य का अभिनंदन एवं वंदन भी किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शंकराचार्य महाराज ने काशीवासियोंऔर समस्त सनातनियों को गौरक्षा का संकल्प लेने का संदेश दिया। उन्होंनेकहा, गौमाता प्रत्येक सनातनी कीआराध्या हैं और 33 कोटि देवी-देवताओं की आश्रयस्थली भी हैं। गौमाता के पूजन से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल प्राप्त होता है। गौमाता के महत्व का प्रमाण यही है कि हमारे घर में पहली रोटी गुरुदेव या किसी देवी-देवता के लिए नहीं, बल्कि सर्वप्रथम गौमाता के लिए निकाली जाती है। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष शंकराचार्य का चातुर्मास्य व्रत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सवा लाख शिवलिंग वाले सपाद लक्षेश्वर धाम में सम्पन्न होगा। यहां विश्व का सबसे बड़ा सवा लाख शिवलिंग का मंदिर निर्माणाधीन है। चातुर्मास्य के दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। साथ ही यूपी की 403 विधानसभाओं के प्रतिनिधियों की त्रिदिवसीय कार्यशाला भी आयोजित होगी। इसमें शंकराचार्य महाराज अपने प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर गौरक्षा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और गौरक्षा नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने हेतु तैयार करेंगे। शंकराचार्य महाराज कल मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, हजारी सौरभ शुक्ला, अनुराग द्विवेदी, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
गुरु पूर्णिमा पर काशीवासियों से गौरक्षा का संकल्प लेने की अपील, शंकराचार्य 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी भक्तों ने शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में चरण पादुका का किया पूजन, 27 जुलाई 2026 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर इस बार परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज काशी में नहीं रहेंगे। वे इस वर्ष अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान छत्तीसगढ़ में सम्पन्न करेंगे। इस कारण काशी के भक्तों ने गुरु पूर्णिमा से पूर्व ही शंकराचार्य से चरण पादुका पूजन की अनुमति मांगी, जिसे गुरुदेव ने सहर्ष प्रदान कर दिया। आज सायं 5 बजे शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवतशंकराचार्य महाराज की चरण पादुका का पूजन किया गया। भक्तों ने 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा पूर्ण कर गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले शंकराचार्य का अभिनंदन एवं वंदन भी किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शंकराचार्य महाराज ने काशीवासियोंऔर समस्त सनातनियों को गौरक्षा का संकल्प लेने का संदेश दिया। उन्होंनेकहा, गौमाता प्रत्येक सनातनी कीआराध्या हैं और 33 कोटि देवी-देवताओं की आश्रयस्थली भी हैं। गौमाता के पूजन से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल प्राप्त होता है। गौमाता के महत्व का प्रमाण यही है कि हमारे घर में पहली रोटी गुरुदेव या किसी देवी-देवता के लिए नहीं, बल्कि सर्वप्रथम गौमाता के लिए निकाली जाती है। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष शंकराचार्य का चातुर्मास्य व्रत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सवा लाख शिवलिंग वाले सपाद लक्षेश्वर धाम में सम्पन्न होगा। यहां विश्व का सबसे बड़ा सवा लाख शिवलिंग का मंदिर निर्माणाधीन है। चातुर्मास्य के दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। साथ ही यूपी की 403 विधानसभाओं के प्रतिनिधियों की त्रिदिवसीय कार्यशाला भी आयोजित होगी। इसमें शंकराचार्य महाराज अपने प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर गौरक्षा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और गौरक्षा नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने हेतु तैयार करेंगे। शंकराचार्य महाराज कल मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, हजारी सौरभ शुक्ला, अनुराग द्विवेदी, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
- समय से नहीं पहुंच रहे शिक्षक, धूप में घंटों इंतजार करने को मजबूर मासूम बच्चे जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय जमालपुर (हसनपुर) में शिक्षक समय से नहीं पहुंचे, जिसके कारण विद्यालय का गेट बंद रहा और दर्जनों बच्चों को तेज धूप में बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यालय का संचालन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक होना है तथा शिक्षकों की उपस्थिति सुबह 7:30 बजे तक अनिवार्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक अक्सर 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच पहुंचते हैं। इससे बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय के बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। विद्यालय के बाहर न तो कोई छायादार पेड़ है और न ही बच्चों के बैठने की कोई व्यवस्था। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चे तेज धूप में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिक्षकों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के कुछ अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर समयपालन सुनिश्चित कराने और बच्चों के हित में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट वाराणसी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिल्ली में हुए आंदोलन को लेकर बयान दिया1
- समय से नही पहुच रहे है अध्यापक बच्चो को कड़ी धूप में बाहर खड़ा होकर करना पड़ रहा है इंतजार आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चहनियां क्षेत्र चन्दौली के ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों पर अध्यापक समय से नही पहुच रहे है मंगलवार को जमालपुर हसनपुर प्राथमिक विद्यालय पर अध्यापकों को देर से पहुँचने पर बच्चो को कड़ी धूप में इंतजार करना पड़ा बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर सुबह 8 बजे से 2 बजे तक स्कूल का समय सारणी है जिसमे 7.30 बजे तक शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है किंतु प्राथमिक विद्यालय जमालपुर ( हसनपुर ) में शिक्षक कभी 8.30 बजे तो कभी 9 बजे आते है गेट बंद होने के कारण बच्चो को लगभग हर रोज बाहर कड़ी धूप में शिक्षकों के आने का इंतजार करना पड़ता है आसपास कही पेड़ की छांव भी नही है कि बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर इंतजार कर ले शिक्षकों की मनमानी रवैये से बच्चो को जलालत झेलनी पड़ती है कड़ी धूप में खड़े होकर इंतजार कर रहे बच्चो को देखकर लोगो आक्रोशित हो जाते है कुछ लोग इसे लेकर टोके भी फिर भी कोई प्रभाव नही दिख रहा है ग्रामीणो का कहना है कि यही हाल कुछ और विद्यालयों का है जहां समय से अध्यापक नही आते है।1
- गुरु पूर्णिमा पर काशीवासियों से गौरक्षा का संकल्प लेने की अपील, शंकराचार्य 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी भक्तों ने शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में चरण पादुका का किया पूजन, 27 जुलाई 2026 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर इस बार परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज काशी में नहीं रहेंगे। वे इस वर्ष अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान छत्तीसगढ़ में सम्पन्न करेंगे। इस कारण काशी के भक्तों ने गुरु पूर्णिमा से पूर्व ही शंकराचार्य से चरण पादुका पूजन की अनुमति मांगी, जिसे गुरुदेव ने सहर्ष प्रदान कर दिया। आज सायं 5 बजे शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवतशंकराचार्य महाराज की चरण पादुका का पूजन किया गया। भक्तों ने 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा पूर्ण कर गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले शंकराचार्य का अभिनंदन एवं वंदन भी किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शंकराचार्य महाराज ने काशीवासियोंऔर समस्त सनातनियों को गौरक्षा का संकल्प लेने का संदेश दिया। उन्होंनेकहा, गौमाता प्रत्येक सनातनी कीआराध्या हैं और 33 कोटि देवी-देवताओं की आश्रयस्थली भी हैं। गौमाता के पूजन से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल प्राप्त होता है। गौमाता के महत्व का प्रमाण यही है कि हमारे घर में पहली रोटी गुरुदेव या किसी देवी-देवता के लिए नहीं, बल्कि सर्वप्रथम गौमाता के लिए निकाली जाती है। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष शंकराचार्य का चातुर्मास्य व्रत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सवा लाख शिवलिंग वाले सपाद लक्षेश्वर धाम में सम्पन्न होगा। यहां विश्व का सबसे बड़ा सवा लाख शिवलिंग का मंदिर निर्माणाधीन है। चातुर्मास्य के दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। साथ ही यूपी की 403 विधानसभाओं के प्रतिनिधियों की त्रिदिवसीय कार्यशाला भी आयोजित होगी। इसमें शंकराचार्य महाराज अपने प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर गौरक्षा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और गौरक्षा नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने हेतु तैयार करेंगे। शंकराचार्य महाराज कल मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, हजारी सौरभ शुक्ला, अनुराग द्विवेदी, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।1
- वाराणसी मे दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान आज लंगड़ा हाफिज़ मस्जिद पर हथौड़ा चला। बताया जाता है कि मस्जिद कमेटी ने खुद ही मस्जिद के उस हिस्से को तोड़ा जो अतिक्रमण की जद में था। Varanasi Breking News2
- सीडीओ के निर्देश पर हरकत में आया प्रशासन, बीडीओ ने हर घर जल योजना का किया निरीक्षण1
- जनसुनवाई में संवेदनशीलता, समाधान में तत्परता… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित "जनता दर्शन" में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। #JantaDarshanUP जनसुनवाई में संवेदनशीलता, समाधान में तत्परता… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित "जनता दर्शन" में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। #JantaDarshanUP1
- गुरु पूर्णिमा पर पूज्य गुरुदेव के दर्शन-पूजन व आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता आशीष कुमार मिश्रा वाराणसी वाराणसी। गुरु पूर्णिमा महापर्व के पावन अवसर पर ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज कान्त द्विवेदी एवं ज्योतिषाचार्य पंडित उद्देश्य द्विवेदी (ज्योतिष भविष्य ज्ञानाय एक्सरे चक्रम, सोनिया, वाराणसी) के शिष्य आशीष मिश्रा ने समस्त श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्मावलंबियों से अपने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित कर दर्शन, पूजन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार, आत्मबल और आध्यात्मिक चेतना के स्रोत हैं। गुरु के सानिध्य और आशीर्वाद से ही शिष्य का जीवन सफल, सार्थक और उज्ज्वल बनता है। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का सर्वोत्तम अवसर है। आशीष मिश्रा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं को पूज्य ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज कान्त द्विवेदी एवं ज्योतिषाचार्य पंडित उद्देश्य द्विवेदी के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित कर दर्शन, पूजन, आशीर्वचन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरुजनों का आशीर्वाद ग्रहण करने तथा भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा से जीवन में ज्ञान, विवेक, सफलता, सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति की अमूल्य गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा और सम्मान का महोत्सव है। अंत में आशीष मिश्रा ने भगवान श्रीराम एवं संकटमोचन श्रीहनुमान जी से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए गुरु पूर्णिमा महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं1