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छतरपुर अस्पताल की लापरवाही: 15 वर्षीय बच्चा तड़पता रहा, डॉक्टर नदारद, वीडियो वायरल....
Sumit Singh Chandel
छतरपुर अस्पताल की लापरवाही: 15 वर्षीय बच्चा तड़पता रहा, डॉक्टर नदारद, वीडियो वायरल....
More news from Shahdol and nearby areas
- कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता एवं कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की उपस्थिति में बालक आश्रम धुरवार में हितलाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- अनूपपुर जिले के जमुना कोतमा स्थित लतार शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल के केंद्राध्यक्ष के.के. प्रजापति ने भालूमाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि परीक्षा में प्रथम स्थान दिलाने के लिए रिश्वत का प्रस्ताव ठुकराने पर उन्हें घर पहुंचकर धमकियां दी गईं और झूठे मामले में फंसाने की चेतावनी दी गई। उन्होंने नकल कराने के दबाव की भी बात कही है। थाना प्रभारी विपुल शुक्ला के अनुसार मामले की जांच जारी है और बयान दर्ज किए जा चुके हैं। केंद्राध्यक्ष ने जिला प्रशासन से न्याय की मांग की है।3
- *स्वच्छता आई समृद्धि लाई, स्लोगन जुमलेबाजी से कमतर नहीं* *स्वच्छता परिसर में गंदगी का आलम ऐसा की अंदर जाना भी दुशवार* *ओ, डी, एफ, प्लस का दावा फाइलों में दफन* डिंडोरी -- आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन सरकारी फाइलों तक सिमटी नजर आती है! लाखों की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाये गये थे इनके निर्माण के बाद न तो जनपद के जिम्मेदारों ने इनके रखरखाव एवं उपयोग की की जिम्मेदारी तय की और न ही पंचायत के सरपंच और सचिव ने नतीजा यह हुआ की अपवाद स्वरूप कुछ एक पंचायतों में तो इनका उपयोग हो रहा है! लेकिन ज़्यदातर ये स्वच्छता परिसर खंडहरों में तब्दील होने के साथ गंदगी से ऐसे सरावोर हैं! की अंदर जाना भी दुसवार है! ऐसा ही मामला है! जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां स्वच्छता परिसर के अंदर गंदगी का आलम ऐसा की खड़ा होना भी दूभर है!इस ओर न सरपंच संजीदा हैं और न सचिव ऐसे में शासकीय राशि से निर्मित स्वच्छता परिसर के निर्माण पर ही निरुत्तर सवाल खड़े हो रहे हैं! उल्लेखनीय है! कि स्वच्छता परिसर के पीछे ही शासकीय प्राथमिक कन्या शाला भवन है! जहां छोटी बच्चियां अध्यनरत हैं!यहां भी शराब की बोतल डिस्पोजल के साथ गंदगी का अंबार लगा हुआ है!शाला भवन के बाजू में ही पुराना पंचायत भवन है! जहां दो चार दिनों से किसी की गाय बीमार अवस्था में कमरे के अंदर पड़ी हुई थी जिसकी मौत हो चुकी है!जिसकी दुर्गन्ध भी अमजनों के लिए मुसीबत बन गई है!ग्रामीणों की माने तो इन्होंने स्वच्छता परिसर सहित शाला भवन और पुराने पंचायत भवन में व्याप्त गंदगी को लेकर अनेकों बार सरपंच सचिव को अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव को जनहित की समस्याओं से जरा भी सरोकार नहीं हैग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सफाई और व्यवस्था सुधार की मांग की है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है। स्वच्छता का दावा करने वाले तंत्र के लिए यह स्थिति किसी तमाचे से कम नहीं है।6
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- Post by Ramji kushwha1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- मोहाना ट्रेडर्स फर्म पर करोड़ों की ठगी का शक, 50 लाख से ज्यादा रकम लेकर संचालक फरार — थाने में मामला दर्ज, पुलिस जांच तेज शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत चुंगी नाका स्थित मोहाना ट्रेडर्स नामक फर्म को लेकर बड़ा धोखाधड़ी कांड सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फर्म संचालकों द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों से विभिन्न घरेलू, इलेक्ट्रॉनिक एवं व्यापारिक सामान उपलब्ध कराने के नाम पर एडवांस राशि जमा कराई गई थी। अब इस मामले में 50 लाख रुपये से अधिक की सामूहिक ठगी की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले शुरू हुई इस फर्म ने कम कीमत में सामान उपलब्ध कराने का लालच देकर ग्रामीणों और नगरवासियों का भरोसा जीता। लोगों को भरोसा दिलाया गया कि एडवांस राशि जमा करने पर निर्धारित तिथि में सामान उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसी विश्वास में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी फर्म में निवेश कर दी। फर्म संचालकों द्वारा सोमवार को सामान वितरण की तारीख तय की गई थी। तय समय पर करीब 300 से अधिक लोग सुबह से ही चुंगी नाका स्थित दुकान पर पहुंचने लगे, लेकिन वहां पहुंचने पर दुकान बंद मिली और शटर पर ताला लटका मिला। काफी इंतजार के बाद भी जब कोई संचालक या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोगों को ठगी का एहसास हुआ और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर नाराजगी जताई। पीड़ितों का कहना है कि किसी ने बेटी की शादी के लिए फर्नीचर और घरेलू सामान बुक कराया था, तो किसी ने दुकान शुरू करने के लिए व्यापारिक सामग्री के नाम पर एडवांस दिया था। कई परिवारों की जीवनभर की बचत इस फर्म में फंसने की बात सामने आ रही है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख स्थानीय लोगों ने तत्काल ब्यौहारी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कर हालात नियंत्रित किए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद ब्यौहारी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और फरार फर्म संचालकों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के दुकानदारों, स्थानीय लोगों तथा पीड़ितों से पूछताछ कर रही है। साथ ही फर्म के दस्तावेज, लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी में कितने लोग शामिल हैं और रकम का वास्तविक आंकड़ा कितना है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे ठगी की रकम और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे ब्यौहारी क्षेत्र में आक्रोश और दहशत का माहौल है, जबकि सैकड़ों पीड़ित अब न्याय और अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद में पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।4
- टेंट हटाने से भड़का पटवारियों का आंदोलन, सशर्त सामूहिक इस्तीफे के बाद कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी अनूपपुर। जिले में 12 फरवरी 2026 से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल मंगलवार को और उग्र हो गई। कोतमा, अनूपपुर, जैतहरी एवं पुष्पराजगढ़ तहसीलों के पटवारियों द्वारा 10 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन अब प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर लगाया गया टेंट हटाए जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया। पटवारी संघ पहले ही सशर्त सामूहिक इस्तीफा तहसीलदार को सौंप चुका है। संघ का कहना है कि समस्याओं के समाधान के बजाय हड़ताल समाप्त कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। व्यक्तिगत नोटिस जारी करने, सेवा समाप्ति और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी से कर्मचारियों का मनोबल तोड़ा जा रहा है। जिला अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, बल्कि शांतिपूर्ण धरना दे रहे कर्मचारियों का टेंट उखाड़कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक एवं सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया गया तो बुधवार को जिले के समस्त पटवारी एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी अनूपपुर पहुंचकर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। हड़ताल के चलते नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम, गिरदावरी, जाति प्रमाण पत्र, विभिन्न प्रकरणों की जांच प्रतिवेदन सहित अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर उग्र कदम भी उठाए जाएंगे।1