हिदायतपुर में आग से तीन परिवार बेघर आजाद समाज पार्टी ने पीड़ितों को आर्थिक सहायत संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर में हिदायतपुर गांव में आग से प्रभावित हुए परिवारों की मदद के लिए आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शानेंद्र वर्मा गुरुवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही जरूरतमंदों को राशन सामग्री भी वितरित की। गौरतलब है कि बुधवार को गांव में अचानक लगी भीषण आग ने तीन परिवारों को प्रभावित किया था। आग की शुरुआत राम सजीवन के छप्परनुमा घर से हुई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पड़ोसी जगदीश प्रसाद व रामू के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के सामने सभी प्रयास विफल साबित हुए। इस अग्निकांड में राम सजीवन का करीब 50 हजार रुपये नकद, कपड़े, अनाज और महत्वपूर्ण कागजात जलकर राख हो गए। वहीं जगदीश प्रसाद के यहां बेटी की शादी के लिए बड़ी मेहनत से जुटाया गया सामान- पांच बोरी चावल, तीन बोरी गेहूं, चार बोरी सरसों, दस बोरी धान, एक ठेला और जरूरी कागजात - भी पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा रामू का छप्परनुमा घर, अनाज, कपड़े, जेवरात और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। इस भीषण आगजनी के बाद तीनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनके सामने खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के जीवनयापन तक का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव के प्रधान बलराज यादव ने राम सजीवन व जगदीश प्रसाद को पांच-पांच हजार रुपये का सहयोग दिया था। गांव में घटना के बाद से शोक और चिंता का माहौल है, वहीं लोग पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
हिदायतपुर में आग से तीन परिवार बेघर आजाद समाज पार्टी ने पीड़ितों को आर्थिक सहायत संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर में हिदायतपुर गांव में आग से प्रभावित हुए परिवारों की मदद के लिए आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शानेंद्र वर्मा गुरुवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही जरूरतमंदों को राशन सामग्री भी वितरित की। गौरतलब है कि बुधवार को गांव में अचानक लगी भीषण आग ने तीन परिवारों को प्रभावित किया था। आग की शुरुआत राम सजीवन के छप्परनुमा घर से हुई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पड़ोसी जगदीश प्रसाद व रामू के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के सामने सभी प्रयास विफल साबित हुए। इस अग्निकांड में राम सजीवन का करीब 50 हजार रुपये नकद, कपड़े, अनाज और महत्वपूर्ण कागजात जलकर राख हो गए। वहीं जगदीश प्रसाद के यहां बेटी की शादी के लिए बड़ी मेहनत से जुटाया गया सामान- पांच बोरी चावल, तीन बोरी गेहूं, चार बोरी सरसों, दस बोरी धान, एक ठेला और जरूरी कागजात - भी पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा रामू का छप्परनुमा घर, अनाज, कपड़े, जेवरात और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। इस भीषण आगजनी के बाद तीनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनके सामने खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के जीवनयापन तक का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव के प्रधान बलराज यादव ने राम सजीवन व जगदीश प्रसाद को पांच-पांच हजार रुपये का सहयोग दिया था। गांव में घटना के बाद से शोक और चिंता का माहौल है, वहीं लोग पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
- संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर में हिदायतपुर गांव में आग से प्रभावित हुए परिवारों की मदद के लिए आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शानेंद्र वर्मा गुरुवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही जरूरतमंदों को राशन सामग्री भी वितरित की। गौरतलब है कि बुधवार को गांव में अचानक लगी भीषण आग ने तीन परिवारों को प्रभावित किया था। आग की शुरुआत राम सजीवन के छप्परनुमा घर से हुई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पड़ोसी जगदीश प्रसाद व रामू के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के सामने सभी प्रयास विफल साबित हुए। इस अग्निकांड में राम सजीवन का करीब 50 हजार रुपये नकद, कपड़े, अनाज और महत्वपूर्ण कागजात जलकर राख हो गए। वहीं जगदीश प्रसाद के यहां बेटी की शादी के लिए बड़ी मेहनत से जुटाया गया सामान- पांच बोरी चावल, तीन बोरी गेहूं, चार बोरी सरसों, दस बोरी धान, एक ठेला और जरूरी कागजात - भी पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा रामू का छप्परनुमा घर, अनाज, कपड़े, जेवरात और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। इस भीषण आगजनी के बाद तीनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनके सामने खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के जीवनयापन तक का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव के प्रधान बलराज यादव ने राम सजीवन व जगदीश प्रसाद को पांच-पांच हजार रुपये का सहयोग दिया था। गांव में घटना के बाद से शोक और चिंता का माहौल है, वहीं लोग पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।1
- बाराबंकी घुंघटेर थान क्षेत्र के अंतर्गत गडीया गांव में घुघटेर पुलिस की ओर से पुलिस चौपाल किया गया बुधवार को पुलिस चौपाल में उपनिरीक्षक ईश्वर दयाल ने ग्रामीणों को बताया कि पुलिस चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया जाता है अगर कोई समस्या है तो आपकी समस्या बता सकते हैं लेकिन ग्रामीणों ने कोई समस्या नहीं बताई उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रकार की कोई दिक्कत घटना दुर्घटना जैसी कोई अगर समस्या है तो 112 नंबर थाने के सूज नंबर पर तत्काल जानकारी दें जिससे होने वाली घटनाओं से बचा जा सके। इस मौके पर ग्राम प्रधान गीता शुक्ला मनोज शुक्ला गांव के काफी लोग मौजूद थे।।1
- रीवा सीवा के पास सड़क हादसे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन चालक फरार संवाददाता, बाराबंकी। लखनऊ–महमूदाबाद मार्ग पर स्थित कस्बा रीवा सीवा के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान लवकुश (उम्र लगभग 25 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश, निवासी जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लवकुश अपने घर सीतापुर से मोटरसाइकिल द्वारा लखनऊ जा रहा था। जैसे ही वह रीवा सीवा कस्बे के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लवकुश सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मनोज सोनकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुंघटेर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- Post by राम दयाल रावत प्रेस रिपोर्टर2
- डॉ० भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर संगोष्ठी, पुस्तकालय एवं कौशल विकास से संबंधित नवीन पाठ्यक्रमों का उद्घाटन, आनंद कुमार रिपोर्टर इंचार्ज #बाराबंकी मसौली बाराबंकी। राजकीय #औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, नवाबगंज (बड़ागांव) बाराबंकी में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर संगोष्ठी, पुस्तकालय एवं कौशल विकास से संबंधित नवीन पाठ्यक्रमों का उद्घाटन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने की। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के जीवन पर विस्तार पूर्वक बताया और कौशल विकास को आत्मनिर्भर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया इससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़कर रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकते हैं उन्होंने कौशल विकास के अंतर्गत “जूनियर टेक्निशियन – स्मार्ट एनर्जी मीटर" नए कोर्स एव पुस्तकालय का उद्घाटन किया4
- लखनऊ पारा के भपटामऊ गांव में 55 वर्षी ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित भपटामऊ गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है सरदार कप्तान सिंह ने अपने ही राइफल से बंद कमरे में गोली मार ली जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल यहाँ सरदार कप्तान सिंह जिनकी उम्र लगभग (55) वर्ष बताई जा रही है जिन्होंने बंद कमरे में अपनी ही राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली मौके पर राइफल पुलिस ने बरामद की गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे लहूलुहान हालत में देखा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर सरदार कप्तान सिंह ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया1
- पृथ्वी दिवस के अवसर पर गोवर्धन स्थित कुलदीप पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गिरिराज तलहटी में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। वन विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पौधे लगाए और समाज को हरियाली बचाने का संदेश दिया। इस दौरान वन उप निरीक्षक ओमवीर और स्कूल के प्रिंसिपल शुभम कौशिक ने बताया कि बढ़ते तापमान और ऑक्सीजन की कमी जैसे संकटों से बचने का एकमात्र उपाय अधिक से अधिक पेड़ लगाना है। विद्यार्थियों ने भी युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं ताकि भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।2
- संवाददाता रवि रावत *बाराबंकी* के फतेहपुर क्षेत्र के हिदायतपुर गांव में लगी भीषण आग से कई परिवारों की संपत्ति जलकर राख हो गई। यह घटना राम सजीवन के छप्परनुमा घर से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण उनके प्रयास विफल रहे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक राम सजीवन का पूरा घर जलकर खाक हो चुका था। इस अग्निकांड में राम सजीवन को लगभग 50 हजार रुपये नकद का नुकसान हुआ, जो उन्होंने रिश्तेदारी निभाने के लिए ब्याज पर उधार लिए थे। उनके कपड़े, अनाज और महत्वपूर्ण कागजात भी आग में नष्ट हो गए तेज हवा के कारण आग की लपटें पड़ोस तक फैल गईं और जगदीश प्रसाद का घर भी इसकी चपेट में आ गया। उनकी बेटी की शादी के लिए रखा गया सामान, जिसमें पांच बोरी चावल, तीन बोरी गेहूं, चार बोरी सरसों, दस बोरी धान, एक ठेला और जरूरी कागजात शामिल थे, सब कुछ जलकर राख हो गया। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी रामू का छप्पर, अनाज, चावल, जेवरात, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गए। घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार तहजीब हैदर ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने लेखपाल को शीघ्र रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और आगे की राहत कार्यवाही भी जल्द की जाएगी। गांव के प्रधान बलराज यादव ने राम सजीवन और जगदीश प्रसाद को पांच-पांच हजार रुपये की सहायता प्रदान की है।1