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गर्मी से पहले अलर्ट बिजली विभाग | JE कमल किशोर की पहल से खत्म हुई ओवरलोड समस्या | Barabanki Deva New गर्मी से पहले अलर्ट बिजली विभाग | JE कमल किशोर की पहल से खत्म हुई ओवरलोड समस्या | Barabanki Deva New
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गर्मी से पहले अलर्ट बिजली विभाग | JE कमल किशोर की पहल से खत्म हुई ओवरलोड समस्या | Barabanki Deva New गर्मी से पहले अलर्ट बिजली विभाग | JE कमल किशोर की पहल से खत्म हुई ओवरलोड समस्या | Barabanki Deva New
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- गर्मी से पहले अलर्ट बिजली विभाग | JE कमल किशोर की पहल से खत्म हुई ओवरलोड समस्या | Barabanki Deva New1
- दिल्ली दल्लूपुरा में दोस्त की पिस्टल के लाइसेंस मिलने की खुशी में पिस्टल लोड कर रील बना रहा था पवन। ख़ुद के लगी गोली, हुई मौत।1
- लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में पुरनिया चौराहे के पास नगर निगम का बैटरी डाला पलट गया। हादसे में साथ काम कर रही एक महिला कर्मचारी घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए भेजा गया।2
- खतरनाक मांझे का कहर जारी, अलीगंज में बाइक सवार परिवार हादसे का शिकार, लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया पुल पर खतरनाक मांझे ने एक बार फिर बड़ा हादसा कर दिया। केशव नगर से सामान लेने निकला एक परिवार बाइक से जा रहा था, तभी अचानक मांझा बाइक सवार के गले में फंस गया। हादसे में चालक की गर्दन गहराई तक कट गई और उसका कान भी लगभग अलग हो गया। मांझे की चपेट में आने के बाद बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से जा टकराई, जिससे बाइक पर सवार एक लड़की समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक का पैर टूटने की भी जानकारी सामने आई है, जबकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। शहर में प्रतिबंध के बावजूद खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल लगातार जारी है, जिससे ऐसे हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।1
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार परिवार जैसे ही पुल पर पहुंचा, अचानक खतरनाक चाइनीज मांझा गले में उलझ गया, जिससे चालक की गर्दन बुरी तरह कट गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। इस घटना में तीन लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। सबसे चिंताजनक और अमानवीय पहलू यह रहा कि घायल व्यक्ति लंबे समय तक सड़क पर तड़पता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन न तो समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही पास के सीतापुर रोड स्थित अस्पताल ने तुरंत इलाज के लिए हाथ बढ़ाया। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक घायल को ई-रिक्शा में ही इधर-उधर ले जाया जाता रहा, जहां वह दर्द से कराहता रहा। हद तो तब हो गई जब गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ई-रिक्शा से उतारकर ऑटो में इस तरह डाल दिया गया, जैसे कोई संवेदनहीन वस्तु हो, और फिर उसे किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को झकझोर देने वाला था। इस पूरे घटनाक्रम में अलीगंज पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सूचना के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। यह घटना एक बार फिर चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद उसकी खुलेआम बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी उजागर करती है कि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम में कितनी गंभीर खामियां मौजूद हैं। जरूरत है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और को इस तरह की लापरवाही और दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- आगरा: महंगाई और गैस किल्लत के खिलाफ सपा का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट में फूँका चूल्हा आगरा। शहर में बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की भारी किल्लत के विरोध में बुधवार को समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी (DM) कार्यालय का घेराव किया और परिसर में ही धरने पर बैठ गए। कलेक्ट्रेट में जली रोटियां, गूंजे नारे प्रदर्शन के दौरान अनोखा नजारा तब देखने को मिला जब सपा की महिला कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर ही मिट्टी का चूल्हा जलाकर रोटियां बनाना शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था कि जब सिलेंडर पहुंच से बाहर है और एजेंसियों पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी गैस नहीं मिल रही, तो उनके पास चूल्हा फूंकने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। 'ये नरेंद्र कहां है सिलेंडर' के नारों से गूंजा परिसर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने केंद्र सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट परिसर "ये नरेंद्र कहां है सिलेंडर" जैसे नारों से गूंज उठा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि: गैस एजेंसियों पर आए दिन लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। घरेलू गैस की आपूर्ति न होने से आम जनता का रसोई बजट बिगड़ चुका है। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण कालाबाजारी बढ़ रही है। ठोस आश्वासन तक जारी रहेगा धरना जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा ने कहा कि आगरा की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए त्रस्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी खुद आकर इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक सपा कार्यकर्ताओं का यह धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटा रहा, लेकिन महिला कार्यकर्ताओं के आक्रोश के आगे अधिकारी बेबस नजर आए।1
- 🚩 हिन्दू नववर्ष 🚩1
- *इंदौर में 7 लोगों की मौत कैसे हुई ?* *बिजनेसमैन मनोज पुगलिया के घर के गेट पर EV चार्ज हो रही थी। चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ। घर की गैलरी में कुछ सिलेंडर और केमिकल ड्रम रखे थे। आग इन तक पहुंची। कई धमाके हुए। 3 मंजिला घर चपेट में आ गया। घर के गेट इलेक्ट्रॉनिक थे। बिजली सप्लाई बंद होने से गेट लॉक हो गए। लोग अंदर फंसे रह गए और 7 लोग जिंदा जल गए।* *(पुलिस की शुरुआती जांच में ये सब बातें सामने आई हैं)*1