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आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय भीषण जल संकट के गंभीर मुहाने पर खड़ी है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है, जिसके कारण शहर के पास अब मात्र 40 से 50 दिनों का ही पेयजल शेष बचा है। मानसून के देर से आने और अपर्याप्त बारिश को इस संकट का मुख्य कारण बताया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, बीएमसी जल्द ही शहर में पानी की कटौती लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो मुंबईकरों को सख्त प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, बीएमसी ने नागरिकों से पानी की 'हर बूंद बचाने' और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है।
Mohammad Afzal
आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय भीषण जल संकट के गंभीर मुहाने पर खड़ी है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है, जिसके कारण शहर के पास अब मात्र 40 से 50 दिनों का ही पेयजल शेष बचा है। मानसून के देर से आने और अपर्याप्त बारिश को इस संकट का मुख्य कारण बताया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, बीएमसी जल्द ही शहर में पानी की कटौती लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो मुंबईकरों को सख्त प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, बीएमसी ने नागरिकों से पानी की 'हर बूंद बचाने' और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है।
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