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रीवा न्यू विंध्या एकेडमी पब्लिक स्कूल गोपाल नगर चिरहुला कॉलोनी का मामला न्यू विंध्या एकेडमी पब्लिक स्कूल गोपाल नगर चिरहुला कॉलोनी रीवा में 8 नवंबर 2025 की घटना में अभी तक कोई भी संतोषप्रद कार्यवाही न तो पुलिस प्रशासन द्वारा की गई और न ही स्कूल विभाग द्वारा बच्ची के सिर का दर्द अभी भी बना रहता है जब से स्कूल में बच्ची के साथ अनामिका तिवारी मैडम द्वारा मारपीट की गई उसके बाद से सिर का दर्द ठीक ही नहीं हुआ अच्छे से जबकि स्कूल प्रबंधन द्वारा सीधे तौर पर झूठ बोला जा रहा है कि घटना हमारे स्कूल में नहीं हुई कुछ न कुछ साठ गांठ बना के इस मामले को दबा दिया गया क्यों कि स्कूल के संचालक राजपाल सिंह की पत्नी हेमलता सिंह जी राजनीतिक पार्टी बीजेपी में मंडल अध्यक्षा के पद पर है इसीलिए राजनीति दबाव के वजह से मामले को दबाया गया है ।
Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
रीवा न्यू विंध्या एकेडमी पब्लिक स्कूल गोपाल नगर चिरहुला कॉलोनी का मामला न्यू विंध्या एकेडमी पब्लिक स्कूल गोपाल नगर चिरहुला कॉलोनी रीवा में 8 नवंबर 2025 की घटना में अभी तक कोई भी संतोषप्रद कार्यवाही न तो पुलिस प्रशासन द्वारा की गई और न ही स्कूल विभाग द्वारा बच्ची के सिर का दर्द अभी भी बना रहता है जब से स्कूल में बच्ची के साथ अनामिका तिवारी मैडम द्वारा मारपीट की गई उसके बाद से सिर का दर्द ठीक ही नहीं हुआ अच्छे से जबकि स्कूल प्रबंधन द्वारा सीधे तौर पर झूठ बोला जा रहा है कि घटना हमारे स्कूल में नहीं हुई कुछ न कुछ साठ गांठ बना के इस मामले को दबा दिया गया क्यों कि स्कूल के संचालक राजपाल सिंह की पत्नी हेमलता सिंह जी राजनीतिक पार्टी बीजेपी में मंडल अध्यक्षा के पद पर है इसीलिए राजनीति दबाव के वजह से मामले को दबाया गया है ।
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- रीवा। जिला रीवा के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ लौरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए गए आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इनमें आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। कई भवन अनुपयोगी पड़े हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ लौरी के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, किंतु निर्माण पूर्ण होने के वर्षों बाद भी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं। मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़ लौरी मोजरा का के मुजरा का है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।2
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