अटरू में कांग्रेस का दबदबा, बहुमत के साथ सत्ता की राह साफ 25 में 14 वार्ड कांग्रेस के खाते में, भाजपा 10 पर सिमटी; एक निर्दलीय ने भी दर्ज की जीत अटरू। नगर पालिका चुनाव के सामने आए वार्डवार परिणामों ने अटरू की सियासत की तस्वीर साफ कर दी है। 25 वार्डों वाली नगर पालिका में कांग्रेस ने 14 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जबकि भाजपा 10 वार्डों में सिमट गई। वार्ड 11 में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए जरूरी 13 सीटों से कांग्रेस एक कदम आगे है। वार्डवार परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने वार्ड 1, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 16, 18, 22, 23 और 25 में जीत हासिल की। भाजपा के खाते में वार्ड 2, 3, 5, 14, 15, 17, 19, 20, 21 और 24 आए। वहीं वार्ड 11 में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। चार सीटों की बढ़त ने बदला समीकरण चुनाव परिणामों में कांग्रेस और भाजपा के बीच चार सीटों का अंतर सामने आया है। कांग्रेस के 14 पार्षद निर्वाचित होने से नगर पालिका में बोर्ड गठन के लिए उसका रास्ता फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है। भाजपा के 10 पार्षद विपक्ष की भूमिका में रहेंगे, जबकि निर्दलीय पार्षद की भूमिका भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। अब नजर अध्यक्ष की कुर्सी पर वार्डों का गणित सामने आने के बाद अटरू की राजनीति में अगला सवाल नगर पालिका अध्यक्ष को लेकर है। कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत होने से अध्यक्ष पद के चुनाव में उसका पलड़ा भारी है। अब पार्टी के भीतर अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। परिणाम ने दिए कई राजनीतिक संकेत चुनाव परिणाम केवल सीटों का आंकड़ा नहीं, बल्कि अटरू की स्थानीय राजनीति में मतदाताओं के रुख का संकेत भी हैं। भाजपा ने 10 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी कायम रखी है, लेकिन बोर्ड पर नियंत्रण के लिए कांग्रेस ने जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। अब असली परीक्षा बहुमत को मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और प्रभावी नगर पालिका बोर्ड में बदलने की होगी। शहर की सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी, पेयजल, रोशनी और विकास कार्यों को लेकर मतदाताओं की अपेक्षाएं नए बोर्ड के सामने बड़ी चुनौती रहेंगी। 25 वार्डों के जनादेश ने फिलहाल तस्वीर साफ कर दी है—अटरू की नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनने की राह खुल गई है। अब नजर इस बात पर है कि इस बहुमत का नेतृत्व कौन करेगा और शहर के विकास के एजेंडे पर नया बोर्ड कितनी तेजी से काम शुरू करता है।
अटरू में कांग्रेस का दबदबा, बहुमत के साथ सत्ता की राह साफ 25 में 14 वार्ड कांग्रेस के खाते में, भाजपा 10 पर सिमटी; एक निर्दलीय ने भी दर्ज की जीत अटरू। नगर पालिका चुनाव के सामने आए वार्डवार परिणामों ने अटरू की सियासत की तस्वीर साफ कर दी है। 25 वार्डों वाली नगर पालिका में कांग्रेस ने 14 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जबकि भाजपा 10 वार्डों में सिमट गई। वार्ड 11 में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए जरूरी 13 सीटों से कांग्रेस एक कदम आगे है। वार्डवार परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने वार्ड 1, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 16, 18, 22, 23 और 25 में जीत हासिल की। भाजपा के खाते में वार्ड 2, 3, 5, 14, 15, 17, 19, 20, 21 और 24 आए। वहीं वार्ड 11 में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। चार सीटों की बढ़त ने बदला समीकरण चुनाव परिणामों में कांग्रेस और भाजपा के बीच चार सीटों का अंतर सामने आया है। कांग्रेस के 14 पार्षद निर्वाचित होने से नगर पालिका में बोर्ड गठन के लिए उसका रास्ता फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है। भाजपा के 10 पार्षद विपक्ष की भूमिका में रहेंगे, जबकि निर्दलीय पार्षद की भूमिका भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। अब नजर अध्यक्ष की कुर्सी पर वार्डों का गणित सामने आने के बाद अटरू की राजनीति में अगला सवाल नगर पालिका अध्यक्ष को लेकर है। कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत होने से अध्यक्ष पद के चुनाव में उसका पलड़ा भारी है। अब पार्टी के भीतर अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। परिणाम ने दिए कई राजनीतिक संकेत चुनाव परिणाम केवल सीटों का आंकड़ा नहीं, बल्कि अटरू की स्थानीय राजनीति में मतदाताओं के रुख का संकेत भी हैं। भाजपा ने 10 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी कायम रखी है, लेकिन बोर्ड पर नियंत्रण के लिए कांग्रेस ने जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। अब असली परीक्षा बहुमत को मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और प्रभावी नगर पालिका बोर्ड में बदलने की होगी। शहर की सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी, पेयजल, रोशनी और विकास कार्यों को लेकर मतदाताओं की अपेक्षाएं नए बोर्ड के सामने बड़ी चुनौती रहेंगी। 25 वार्डों के जनादेश ने फिलहाल तस्वीर साफ कर दी है—अटरू की नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनने की राह खुल गई है। अब नजर इस बात पर है कि इस बहुमत का नेतृत्व कौन करेगा और शहर के विकास के एजेंडे पर नया बोर्ड कितनी तेजी से काम शुरू करता है।
- अटरू में कांग्रेस का दबदबा, बहुमत के साथ सत्ता की राह साफ 25 में 14 वार्ड कांग्रेस के खाते में, भाजपा 10 पर सिमटी; एक निर्दलीय ने भी दर्ज की जीत अटरू। नगर पालिका चुनाव के सामने आए वार्डवार परिणामों ने अटरू की सियासत की तस्वीर साफ कर दी है। 25 वार्डों वाली नगर पालिका में कांग्रेस ने 14 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जबकि भाजपा 10 वार्डों में सिमट गई। वार्ड 11 में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए जरूरी 13 सीटों से कांग्रेस एक कदम आगे है। वार्डवार परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने वार्ड 1, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 16, 18, 22, 23 और 25 में जीत हासिल की। भाजपा के खाते में वार्ड 2, 3, 5, 14, 15, 17, 19, 20, 21 और 24 आए। वहीं वार्ड 11 में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। चार सीटों की बढ़त ने बदला समीकरण चुनाव परिणामों में कांग्रेस और भाजपा के बीच चार सीटों का अंतर सामने आया है। कांग्रेस के 14 पार्षद निर्वाचित होने से नगर पालिका में बोर्ड गठन के लिए उसका रास्ता फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है। भाजपा के 10 पार्षद विपक्ष की भूमिका में रहेंगे, जबकि निर्दलीय पार्षद की भूमिका भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। अब नजर अध्यक्ष की कुर्सी पर वार्डों का गणित सामने आने के बाद अटरू की राजनीति में अगला सवाल नगर पालिका अध्यक्ष को लेकर है। कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत होने से अध्यक्ष पद के चुनाव में उसका पलड़ा भारी है। अब पार्टी के भीतर अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। परिणाम ने दिए कई राजनीतिक संकेत चुनाव परिणाम केवल सीटों का आंकड़ा नहीं, बल्कि अटरू की स्थानीय राजनीति में मतदाताओं के रुख का संकेत भी हैं। भाजपा ने 10 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी कायम रखी है, लेकिन बोर्ड पर नियंत्रण के लिए कांग्रेस ने जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। अब असली परीक्षा बहुमत को मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और प्रभावी नगर पालिका बोर्ड में बदलने की होगी। शहर की सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी, पेयजल, रोशनी और विकास कार्यों को लेकर मतदाताओं की अपेक्षाएं नए बोर्ड के सामने बड़ी चुनौती रहेंगी। 25 वार्डों के जनादेश ने फिलहाल तस्वीर साफ कर दी है—अटरू की नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनने की राह खुल गई है। अब नजर इस बात पर है कि इस बहुमत का नेतृत्व कौन करेगा और शहर के विकास के एजेंडे पर नया बोर्ड कितनी तेजी से काम शुरू करता है।1
- काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम। *काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम।* छबड़ा विधान सभाक्षेत्र:छीपाबड़ौद के सारथल:के निकट काकोनी ग्राम में गणेश चतुर्थी पर इतिहास और पर्यावरण प्रेमी दौलत राम नागर के नेतृत्व में सोमवार को दर्शनार्थियों का एक दल जिसमें दौलतराम नागर,दुर्गालाल नागर,राजेन्द्र कुशवाह,नन्दसिंह गुर्जर,पवन कुमार गोचर, लोकेश गुर्जर,रामदयाल नागर, मेघराज मेघवाल, महावीर नागर, रमेशचंद नागर,धन्नालाल मीणा,सुरेश कुशवाह,मुकेश कुशवाह सामिल रहे पहुंचा काकोनी।इस समय यहां ही नही गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के जन्मोत्सव पर पूरे हाड़ौती में भक्ति का माहौल है,लेकिन जिले के सबसे प्राचीन गणेश स्थल काकोनी में आस्था और उपेक्षा दोनों एक साथ दिखाई दे रही हैं।भ्रमण पर गये दल के सदस्यों ने भूगोल के सेवा निवृत व्याख्याता को काकोनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बारां जिले के छीपाबड़ौद से करीब 15 किलोमीटर दूर सारथल के पास परवन नदी के तट पर बसा काकोनी एक प्राचीन ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल है। यहां 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच बने शिव,वैष्णव और जैन शैली के दर्जनों खण्डहर,मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है काकोनी के गणेश जी का प्राचीन मंदिर, जिसे स्थानीय लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं।कहा जाता है कि परवन की कल-कल धारा के किनारे तपोभूमि रही इस नगरी में कभी 108 मंदिरों का समूह था।आज अधिकांश मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। यह स्थल पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, विभाग द्वारा देखरेख तो की जाती है, लेकिन बड़े स्तर पर संरक्षण और पुनरुद्धार की दरकार है। *गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व* पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। गणेश जी को प्रथम पूज्य, बुद्धि,समृद्धि और विघ्नहर्ता कहा गया है। इस दिन गणेश दर्शन और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विघ्न दूर होते हैं। मान्यता है कि काकोनी के इस प्राचीन गणेश की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है।आज के दिन यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। *पर्यटकों के लिए नहीं है कोई सुविधा* इतना महत्वपूर्ण स्थल होने के बाद भी यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए रहने,खाने-पीने,सोने की कोई सुविधा नहीं है।पहले यहां यात्रियों के लिए बनी भोजनशाला भी अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पीने के शुद्ध पानी और छाया तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता भी दुर्गम हो जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों की मांग है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग काकोनी को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करे।यदि यहां धर्मशाला,शौचालय,पेयजल और भोजनशाला की सुविधा पुनः शुरू की जाए, तो यह स्थल बारां का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सकता है। साथ ही प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों के वैज्ञानिक संरक्षण की भी आवश्यकता है।"काकोनी हाड़ौती की धरोहर है। गणेश चतुर्थी पर यहां का दर्शन विशेष फलदायी माना जाता है,लेकिन सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है दल के सभी सदस्यों ने मांग की है कि वर्तमान सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।"4
- अंतर विद्यालय प्रतियोगिता संपन्न। प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे विद्यार्थियों को दिया गया पुरस्कार शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में प्रधानमंत्री स्कूल ऑफ राइजिंग इंडिया के अंतर्गत एक दिवसीय अंतर विद्यालय प्रतियोगिता आयोजित की गई। संस्थाप्रधान विपिन कुमार जैन ने बताया कि योजनांतर्गत पीएमश्री विद्यालय के आसपास स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय टांडा अहीरान, उच्च प्राथमिक विद्यालय मझोला और उच्च प्राथमिक विद्यालय कस्बाथाना सहराना के साथ-साथ पीएमश्री कछियाथाना के विद्यार्थियों ने भाग लिया। सर्वप्रथम पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी औगाड़ राजेंद्र प्रसाद मीणा संस्थाप्रधान जैन वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक चंदन सिंह मेहता कस्बाथाना सहराना के प्रधानाध्यापक घनश्याम बाथम ने मां सरस्वती का पूजन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की तत्पश्चात राष्ट्रगीत गाया गया। प्रतियोगिता का परिचय संस्थाप्रधान जैन ने दिया। मुख्य अतिथि मीणा द्वारा अपने उद्बोधन के पश्चात एक दिवसीय प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की। इसके बाद पांच अलग-अलग स्थानों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। जिसमें सामान्य ज्ञान और हिंदी प्रश्नोत्तरी का संचालन कामिनी खटीक और हरिओम मीणा ने, अंग्रेजी अंत्याक्षरी का संचालन जुगल किशोर शर्मा और मंजू चौधरी ने, पर्यावरण प्रश्नोत्तरी का संचालन राजकुमार वर्मा और जगदीश प्रसाद नागर ने, निबंध प्रतियोगिता का संचालन दयालुराम सहरिया और हेमंत वर्मा ने तथा गणित विज्ञान क्विज का संचालन प्रज्ञा दुबे और राहुल मेहता ने किया। तत्पश्चात विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों बाहर से पधारे हुए खिलाड़ियों व सभी शिक्षकों ने भोजन किया। भोजनोपरांत खेल के मैदान में खो-खो का आयोजन किया गया जिसमें बालिका वर्ग में पीएमश्री कछियाथाना ने राउप्रावि कस्बाथाना सहराना को फाइनल में पराजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा बालक वर्ग में भी पीएमश्री कछियाथाना ने यूपीएस टांडाअहीरान को पराजित कर विजेता का खिताब जीता। तीसरे स्थान पर यूपीएस मझोला की टीम रही। फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ जिसमें सभी भाग लेने वाले प्रतिभागियों को संस्था की ओर से प्रमाण पत्र तथा विजेता उपविजेता रहे सभी संभागियों को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित पीईईओ राजेंद्र प्रसाद मीणा प्रधानाध्यापक घनश्याम बाथम रऊफउद्दीन कुरेशी संतोष मेहता प्रवीण कहार तथा खेल आयोजन में निर्णायक की भूमिका निभाने वाले शारीरिक शिक्षक चंदन सिंह मेहता, बुद्धाथापा, विजय माहेश्वरी, रोहित शर्मा का भी पीएमश्री राउप्रावि कछियाथाना की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। अंत में संस्था प्रधान जैन ने धन्यवाद दिया उसके पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ कार्यक्रम का संचालन जुगल किशोर शर्मा और श्रीमती प्रज्ञा दुबे ने4
- छीपाबड़ौद में रही गणेश चतुर्थी की धूम, गणेश जी के दर्शन करने उमड़ा जनसैलाब छीपाबड़ौद में रही गणेश चतुर्थी की धूम, गणेश जी के दर्शन करने उमड़ा जनसैलाब छीपाबड़ौद / बारां जितेन्द्र कुशवाह छीपाबड़ौद कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे। लोगों ने अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान श्री गणेश की मनमोहक प्रतिमाओं को विराजमान किया। *माँ बिजासन सेवा समिति, टगर* के तत्वावधान में इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया गया। समिति के सदस्य ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ गणेश जी की प्रतिमा को नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए लाए। इस दौरान *'गणपति बप्पा मोरया'* के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। चौराहे पर आकर्षक झांकी सजाई गई और पंडित द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गणेश जी की स्थापना की गई। स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने मोदक, लड्डू और फल-फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि और विघ्नहर्ता से मंगल की कामना की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने बारी-बारी से दर्शन कर आशीर्वाद लिया। समिति द्वारा आगामी दिनों में भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि टगर क्षेत्र में माँ बिजासन सेवा समिति द्वारा हर वर्ष गणेश उत्सव को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिसमें पूरे कस्बे की भागीदारी रहती है।4
- जंगली जानवरों का आतंक के आगे किसान हुआ परास्त कैसे अब सपनों को पूरा करेगा आये दिन जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है । किसान रखवाली करते हुए भी नहीं कर पा रहा है जानवरों पर काबू। दिनरात सपनें संजोये रहता है किसान । बच्चों के सपने पूरे करने के लिए लिये लेकिन इन जंगली जानवरों के आगे हर मान चुका है अब । वन विभाग के अधिकारी मौन बैठे हैं। किसान कहें भी तो किससे कहें अपने मन की दुविधा1
- डोडा चूरा का उचित दाम नहीं मिलने पर अफीम किसानों का बहिष्कार का ऐलान, 15 से 25 सितंबर तक नहीं करवाएंगे डोडा चूरा तौल- हरनावदाशाहजी. डोडा चूरा की तुलाई के बदले वाजिब दाम मिलने की मांग को लेकर काश्तकारों ने एक बार फिर आवाज उठाते हुए अफीम किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में बैठक आयोजित कर आगामी तिथियों में काश्तकारों द्वारा तौल नही करवाने का आव्हान किया है। अफीम किसान संघर्ष समिति बारां-झालावाड़ के तत्वावधान में रविवार को कुंभाखेड़ी बालाजी मंदिर पर अफीम काश्तकारों ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जिसमें अफीम काश्तकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक सरकार द्वारा डोडा चूरा का न्यूनतम मूल्य निर्धारण नहीं किया जाता, तब तक कोई भी किसान अपने डोडा चूरा का तौल व नष्टीकरण नहीं करवाएगा। बैठक में उपस्थित किसानों ने आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित 15 से 25 सितंबर तक की तौल कराने की निर्धारित अवधि का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का फैसला लिया है। उचित दाम की मांग पर अड़े किसान- किसानों का कहना है कि सरकार डोडा चूरा की सही कीमत नहीं दे रही है। जब तक किसानों की इस वाजिब मांग को पूरा नहीं किया जाता और डोडा चूरा का उचित मूल्य नहीं दिया जाता, तब तक क्षेत्र का कोई भी किसान किसी भी कैंप पर अपना डोडा चूरा लेकर नहीं पहुंचेगा। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया । इस दौरान संरक्षक छोटू लाल पारेता, कोषाध्यक्ष प्रहलाद सुमन प्रवक्ता हेमराज लववंशी, बलराम मीणा, शिवराज लववंशी, लक्ष्मी नारायण लोधा, बाबूलाल भील, बीरम लोधा ,सतीश लववंशी प्रहलाद सिंह, बापूलाल मीणा, कैलाश चंद सहित समिति के कई किसान प्रतिनिधि और काश्तकार उपस्थित रहे।3
- अन्नपूर्णा रसोई में अचानक पहुंचे मंत्री दिलावर खुद चखा खाना_बारां_ @Bharat_news_24_baran #breakingnews #rajasthan #viral #kotanews #MadanDilawar अन्नपूर्णा रसोई में अचानक पहुंचे मंत्री दिलावर खुद चखा खाना_बारां_ @Bharat_news_24_baran #breakingnews #rajasthan #viral #kotanews #MadanDilawar1
- भाजपा नेता के ठिकानों पर कॉमर्शियल टैक्स विभाग की रेड: पूर्व जिलाध्यक्ष के घर, ऑफिस और गोदाम पर एक साथ मारा छापा” बारां में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग के आवास, मुख्य कार्यालय और गोदाम पर वाणिज्यिक कर विभाग की टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। आवास पर वाणिज्यिक कर विभाग के साथ आयकर विभाग की टीम भी पहुंची थी। भाजपा नेता के ठिकानों पर कॉमर्शियल टैक्स विभाग की रेड: पूर्व जिलाध्यक्ष के घर, ऑफिस और गोदाम पर एक साथ मारा छापा” बारां में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग के आवास, मुख्य कार्यालय और गोदाम पर वाणिज्यिक कर विभाग की टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। आवास पर वाणिज्यिक कर विभाग के साथ आयकर विभाग की टीम भी पहुंची थी।1