बाराबंकी जिले के फतेहपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बसौली में राशन कार्ड की ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी तरीके से यूरिया खाद निकाली गई। मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर होने के बाद, कोतवाली मोहम्मदपुर खाला पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह जानकारी मिली है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम बसौली के कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि गांव के कुछ लोगों ने राशन कार्ड की केवाईसी कराने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड और अंगूठे का उपयोग कर खाद निकाल ली है। शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) फूलचंद्र, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सूर्य प्रकाश पाल और पूर्ति निरीक्षक द्वारा गांव में पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि राहुल वर्मा नामक व्यक्ति ने उनसे राशन कार्ड की ई-केवाईसी का झांसा देकर अंगूठा लगवाया था। बाद में पता चला कि फर्टिलाइजर पीओएस मशीन के माध्यम से उनके नाम पर यूरिया खाद खारिज कर दी गई है। कई किसानों को इसकी जानकारी तब हुई जब वे समिति पर खाद लेने पहुंचे और उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही खाद वितरित हो चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम बसौली के शुभम मिश्रा और सुनित मिश्रा ने राहुल वर्मा के साथ मिलकर ग्रामीणों से केवाईसी करवाई थी। राहुल वर्मा ने अपने बयान में स्वीकार किया कि वह तिवारी फर्टिलाइजर्स में कार्यरत है और दुकान संचालक के निर्देश पर गांव में जाकर खाद खारिज की थी। उसने यह भी बताया कि इस काम के लिए सुनित मिश्रा को एक हजार रुपये और शुभम मिश्रा को पांच हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया था। सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि कई नाबालिग बच्चों के नाम और आधार संख्या का उपयोग कर भी यूरिया खाद खारिज दिखाई गई। निरीक्षण के दौरान तिवारी फर्टिलाइजर्स के अभिलेखों में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच रिपोर्ट में विक्रेता मनमोहन तिवारी, शुभम मिश्रा, सुनित मिश्रा और राहुल वर्मा की मिलीभगत से ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी कर उर्वरक की फर्जी बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई है। कोतवाल अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बाराबंकी जिले के फतेहपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बसौली में राशन कार्ड की ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी तरीके से यूरिया खाद निकाली गई। मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर होने के बाद, कोतवाली मोहम्मदपुर खाला पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह जानकारी मिली है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम बसौली के कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि गांव के कुछ लोगों ने राशन कार्ड की केवाईसी कराने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड और अंगूठे का उपयोग कर खाद निकाल ली है। शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) फूलचंद्र, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सूर्य प्रकाश पाल और पूर्ति निरीक्षक द्वारा गांव में पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि राहुल वर्मा नामक व्यक्ति ने उनसे राशन कार्ड की ई-केवाईसी का झांसा देकर अंगूठा लगवाया था। बाद में पता चला कि फर्टिलाइजर पीओएस मशीन के माध्यम से उनके नाम पर यूरिया खाद खारिज कर दी गई है। कई किसानों को इसकी जानकारी तब हुई जब वे समिति पर खाद लेने पहुंचे और उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही खाद वितरित हो चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम बसौली के शुभम मिश्रा और सुनित मिश्रा ने राहुल वर्मा के साथ मिलकर ग्रामीणों से केवाईसी करवाई थी। राहुल वर्मा ने अपने बयान में स्वीकार किया कि वह तिवारी फर्टिलाइजर्स में कार्यरत है और दुकान संचालक के निर्देश पर गांव में जाकर खाद खारिज की थी। उसने यह भी बताया कि इस काम के लिए सुनित मिश्रा को एक हजार रुपये और शुभम मिश्रा को पांच हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया था। सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि कई नाबालिग बच्चों के नाम और आधार संख्या का उपयोग कर भी यूरिया खाद खारिज दिखाई गई। निरीक्षण के दौरान तिवारी फर्टिलाइजर्स के अभिलेखों में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच रिपोर्ट में विक्रेता मनमोहन तिवारी, शुभम मिश्रा, सुनित मिश्रा और राहुल वर्मा की मिलीभगत से ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी कर उर्वरक की फर्जी बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई है। कोतवाल अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग को लेकर भारत समाचार के डिबेट पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। भारत समाचार के नेशनल हेड ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में कुल 15 बच्चों की मौत हो गई, जिसमें दम घुटने को ही उनकी जान जाने का मुख्य कारण बताया गया है। खुलासे के अनुसार, कोचिंग सेंटर के वे कमरे जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, उनमें बायोमेट्रिक दरवाजा लगा हुआ था। आग लगने के साथ ही यह दरवाजा अपने आप लॉक हो गया, जिसके चलते अंदर फंसे बच्चे बाहर नहीं निकल पाए। इसी वजह से ज्यादातर बच्चों की मौत धुएं से दम घुटने के कारण हुई।1
- बाराबंकी के थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम बनवा में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। परिजनों का दावा है कि गलत दवाइयां और इंजेक्शन लगाए जाने के कारण मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी क्लीनिक पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान कबीरपुर निवासी लगभग 60 वर्षीय रामानंद रावत के रूप में हुई है। घटना के बाद, क्षेत्र में "बगिया वाले डॉक्टर" के नाम से जाना जाने वाला कथित डॉक्टर मौके से फरार हो गया। बुधवार को करीब 12 बजे मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने क्लीनिक पर पहुँचकर जमकर हंगामा किया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त योग्यता और विशेषज्ञता वाले ऐसे कथित डॉक्टर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे मरीजों के लिए बेतरतीब इलाज और मनमाने ढंग से लगाए गए इंजेक्शन जानलेवा साबित हो सकते हैं। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया। पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रही थी, लेकिन आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए पहले आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग की। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि बिना मान्यता और पर्याप्त योग्यता के इलाज कर रहे ऐसे कथित डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएँ दोबारा न हों।1
- बाराबंकी में एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई तथा बंधक बनाकर रखा गया। वहीं, पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। काशीराम कॉलोनी, देवा रोड निवासी सलमा की पुत्री निदा बानो का निकाह लगभग दो माह पूर्व ग्राम खुलवई निवासी वसीम से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। निदा बानो का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा एसी, मोटरसाइकिल और प्लॉट की मांग को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके जेठ द्वारा उस पर गलत नजर रखी जाती थी तथा कई बार अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़िता के अनुसार, पूर्व में भी इसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद शांत करा दिया गया था। लेकिन हाल ही में जब उसने दोबारा विरोध किया तो उसके साथ फिर मारपीट की गई। निदा का आरोप है कि 22 जून से 23 जून की सुबह तक उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया और परिवार के कई लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया है। पीड़िता का आरोप है कि उसने जो तहरीर पुलिस को दी थी, उसी के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरी तहरीर लिखवाने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि मेडिकल परीक्षण होने के बावजूद अब तक आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि नगर कोतवाली पुलिस ससुराल पक्ष को बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं, पीड़िता की माता सलमा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी पुत्री को न्याय दिलाया जाए। इस संबंध में नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।4
- खोए खोए रहते हो बदले बदले लगते is video ko jarur dekhen1
- लखनऊ से एक खबर सामने आई है, जहाँ एक फायर सर्विस अधिकारी का बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस अधिकारी ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भी लिखा है। बताया जा रहा है कि इस वायरल बयान में पूरी बात बताई गई है।1
- गायत्री जयंती के पावन अवसर पर बाराबंकी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धा, साधना और संस्कार का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां एक भव्य पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और वैदिक चेतना से आलोकित कर दिया। यज्ञशाला में वेदमंत्रों की गूंज, हवनकुंड से उठती दिव्य आहुतियाँ और श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थनाओं ने पूरे परिवेश को भक्तिमय बना दिया। वरिष्ठ कार्यकर्ता एपी शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि गायत्री जयंती महज एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह ऋषि चेतना, ज्ञान और आत्मजागरण का एक महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने बताया कि यह दिन वेदमाता गायत्री के प्राकट्य का प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने मानव जीवन को सत्य, विवेक और प्रकाश का मार्ग दिखाया। भारतीय संस्कृति में माँ गायत्री को ज्ञान, बुद्धि और सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री शक्ति के रूप में पूजा जाता है।1
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी संदीप को खोजी कुत्ते मैरी ने महज 5 मिनट में ढूंढ निकाला। घटना स्थल पर एक गमछा मिला था, जिसे सूंघते हुए मैरी 200 मीटर दूर आरोपी संदीप के घर तक पहुंच गई। इस सराहनीय कार्य के लिए, SP कृष्ण बिश्नोई ने खोजी कुत्ते मैरी को ₹10,000 का इनाम देकर सम्मानित किया है।1
- बाराबंकी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, विशेषकर सीटी स्कैन रिपोर्ट की अनुपलब्धता को लेकर। थाना सुबेहा क्षेत्र के निवासी इस्तखार अहमद को मारपीट के एक मामले में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन आवश्यक सीटी स्कैन रिपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें लगभग 15 दिनों से बाराबंकी और लखनऊ के अस्पतालों के बीच लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि वह इस दौरान दो बार ट्रॉमा सेंटर और एक बार लोहिया अस्पताल जा चुके हैं, फिर भी अब तक उनका सीटी स्कैन नहीं हो पाया और उन्हें हर जगह से वापस रेफर कर दिया गया। दरअसल, जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन तो मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण मरीजों को अक्सर लखनऊ के लोहिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। समय पर मेडिकल रिपोर्ट न मिलने से जहां एक ओर मरीजों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस गंभीर समस्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इस पर संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। अब यह देखना होगा कि मरीजों को हो रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन द्वारा कब तक सुनिश्चित किया जा पाता है।1
- मोहर्रम के मद्देनजर मऊ चौकी पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पुलिस ने इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी आवश्यक इंतज़ाम भी किए हैं।1