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हिमाचल प्रदेश में स्थित डैनकुंड की चोटी पर पोहलानी माता मंदिर एक गहरे रहस्य से घिरा हुआ है। इस पवित्र स्थल पर माँ काली का चमत्कार अनुभव किया जाता है, जो इसे भक्तों के लिए एक विशेष और रहस्यमय स्थान बनाता है।
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हिमाचल प्रदेश में स्थित डैनकुंड की चोटी पर पोहलानी माता मंदिर एक गहरे रहस्य से घिरा हुआ है। इस पवित्र स्थल पर माँ काली का चमत्कार अनुभव किया जाता है, जो इसे भक्तों के लिए एक विशेष और रहस्यमय स्थान बनाता है।
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- संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्लॉक टावर क्षेत्र से 50-50 हजार रुपये के इनामी दो वांछित आरोपियों, सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी और अजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। ये आरोपी फर्जी फर्मों के माध्यम से जाली बिल और ई-वे बिल तैयार कराकर करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम कराने के आरोप में फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अरविन्द कुमार की तहरीर पर वर्ष 2025 में कोतवाली खलीलाबाद में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि कुछ व्यक्तियों ने फर्जी फर्मों के जरिए बिना किसी वास्तविक व्यापारिक लेनदेन के करोड़ों रुपये के जाली बिल जारी किए थे। जीएसटी रिटर्न में लगभग 19 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दर्शाकर सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाई गई थी। पता चला है कि गुरुग्राम और दिल्ली स्थित फर्जी फर्मों के जरिए कागजी लेनदेन दिखाकर यह कर चोरी की जा रही थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने फर्जीवाड़े के तरीके का खुलासा किया। वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इसके बाद, विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे। इन दस्तावेजों को वास्तविक कंपनियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को उपलब्ध कराया जाता था, जिससे वे फर्जी खरीद दिखाकर बड़ी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा सकें। लेनदेन को वास्तविक दर्शाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दस्तावेज और डेटा साझा किए जाते थे, और बैंक खातों के जरिए धनराशि का आदान-प्रदान कर उसे विभिन्न खातों में घुमाया जाता था या नकद निकाल लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए जीएसटी चोरी को अंजाम दिया जा रहा था। इस मामले में पूर्व में दो अन्य आरोपियों, संदीप कुमार और अमन उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलने पर आईटी एक्ट और जीएसटी एक्ट की विभिन्न धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। मेहदावल थाना पुलिस और लखनऊ एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और फर्जी जीएसटी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।2
- संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ 25-25 हजार रुपये के इनामी दो वांछित आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्षेत्र से इन दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। जाँच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में तैयार की थीं, जिनके जरिए नकली बिल, फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करके सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया है। जाँच में करीब 19 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में फरवरी 2026 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, और अब पकड़े गए दोनों आरोपियों को इस पूरे फर्जीवाड़े का अहम किरदार बताया जा रहा है।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50-50 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों पर फर्जी बिल तैयार करने, बिना चालान माल बेचने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध जीएसटी कर चोरी, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी बिलिंग और आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- संतकबीर नगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के सिंगरामा दीगर राजापुर चौराहा स्थित दलित मोहल्ले में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। मोहल्ले के निवासियों ने शिकायत की है कि सारा काम जस का तस पड़ा है और दिखाने पर पता चलता है कि बहुत कुछ बाकी है। उनकी यह भी शिकायत है कि यहाँ के प्रधान ने अपने गांव और अपने टोले में तो सभी काम पूरे करवा दिए हैं, लेकिन दलित मोहल्ले में कुछ भी नहीं किया गया है।2
- संतकबीरनगर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'क्रैक साइबर क्राइम' अभियान के तहत, साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित को ₹26,510 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई है। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर, श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में, साइबर क्राइम हेल्प डेस्क और थाना महुली पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए यह राहत प्रदान की। घटना के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, धर्मेंद्र यादव पुत्र रामरुप यादव, निवासी ग्राम कर्रीखास, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 22 मई 2026 को यूपीआई से पैसे ट्रांसफर करते समय मोबाइल नंबर गलत हो जाने के कारण धनराशि किसी अन्य खाते में चली गई थी। शिकायत मिलते ही थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों से तत्काल आवश्यक कार्यवाही की। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, पीड़ित के खाते में ₹26,510 की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस आ गई। इस रिकवरी कार्यवाही को संपन्न कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में थानाध्यक्ष श्री दुर्गेश पाण्डेय, उ0नि0 श्री अनुज यादव, का0 अंकित पटेल, का0 सोनू यादव, का0 मनोज यादव और म0का0 कमलेश कुमारी शामिल थे। जनपद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि सावधानी ही सुरक्षा है।1
- धान कुटाई के दौरान चावल हड़पने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके विरोध में एक किसान के पैर पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है।1
- Post by जय हिन्द न्यूज़1
- संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता सरिता गौड़ ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। सरिता गौड़ ने आरोप लगाया है कि 27 मई 2026 को कुछ लोगों ने उन्हें कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिससे वे बेहोश हो गईं। इसी दौरान, इन लोगों ने कथित तौर पर उनकी करोड़ों रुपये की कीमती जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। पीड़िता के अनुसार, उनकी लगभग 21 बिस्वा जमीन, जिसकी बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है, उसकी रजिस्ट्री मात्र 3 लाख 93 हजार रुपये में कर ली गई। इतना ही नहीं, सरिता गौड़ ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से शेष रकम भी निकाल ली है। इस गंभीर धोखाधड़ी को लेकर पीड़िता ने जिलाधिकारी से प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह पूरा प्रकरण अब क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का विषय बन गया है, और स्थानीय लोग प्रशासन द्वारा इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1
- एक मां की पथरी के ऑपरेशन के बाद मृत्यु हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप उनके दो मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। इस दुखद घटना के बाद, संबंधित अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।1