नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में शाहडोल में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार द्वारा लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं आम नागरिकों पर पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग अत्यंत अमानवीय है, जिसमें कई आंदोलनकारियों को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि छात्रों और नागरिकों पर हुई इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कठोर कदम उठाए जाएं और केंद्र सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं। जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, नीरज द्विवेदी, सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में शाहडोल में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार द्वारा लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं आम नागरिकों पर पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग अत्यंत अमानवीय है, जिसमें कई आंदोलनकारियों को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि छात्रों और नागरिकों पर हुई इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कठोर कदम उठाए जाएं और केंद्र सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं। जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, नीरज द्विवेदी, सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- देशभर में छात्रों के साथ हो रहे कथित अन्याय और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं वरिष्ठ नेताओं पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग अत्यंत अमानवीय व लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करना सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है और यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है और लाठीचार्ज व दमनात्मक कार्रवाई की जगह सरकार को संवाद से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, अनुज मिश्रा, मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, राजीव शर्मा, प्रभात पाण्डेय, प्रीतेश द्विवेदी, अनुपम गौतम, सौरभ तिवारी, संध्या सिंह, प्रमोद जैन सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- एसईसीएल जोहिला एरिया के पाली प्रोजेक्ट फिल्टर प्लांट में 'कोल नीर' आरओ प्लांट का उद्घाटन किया गया है। बीरसिंगपुर पाली स्थित इस फिल्टर प्लांट में पैकेट ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट (कोल नीर) का शुभारंभ दिनांक 22/7/2026 को संपन्न हुआ।1
- जयसिंहनगर के पंडित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय में प्राचार्य डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी की पहल से बीपीईएस पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई है। क्रीड़ा अधिकारी दिलीप कुमार शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय में स्नातक डिग्री हेतु बीपीईएस पाठ्यक्रम संचालित होने से अब खेल में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं को कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीपीईएस आमतौर पर बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स को संदर्भित करता है, जो 3 से 4 साल का स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से खेल विज्ञान, फिटनेस और कोचिंग पर केंद्रित है, जिससे स्नातक करने के बाद छात्र आमतौर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षक, फिटनेस प्रशिक्षक या खेल कोच के रूप में करियर बना सकते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी एवं क्रीड़ा अधिकारी दिलीप कुमार शुक्ला ने इच्छुक छात्र-छात्राओं को उक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु पंजीयन कराने का सुझाव दिया है।1
- अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका को सशक्त बनाना और जल संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कलेक्टर ने योजना के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, गेबियन संरचनाएं, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्जलभरण, सोक पिट, "एक बगिया माँ के नाम" पौधरोपण, गंगोत्री हरित परियोजना, माँ नर्मदा परिक्रमा पथ में पौधरोपण और सुगम संपर्कता मार्ग जैसे कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को आगामी 10 से 15 दिनों तक अभियान मोड में फील्ड भ्रमण कर उपयुक्त स्थलों का चयन करने को कहा। विशेष रूप से ऐसी पहाड़ियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए जहां से जलधाराएं नदियों में मिलती हैं। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी माह के बीच सूखने वाले सार्वजनिक व हितग्राही मूलक पुराने कुओं का सर्वे कराकर कूप पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने तथा नर्मदा, सोन व उनकी सहायक नदियों के संरक्षण हेतु स्थायी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पौधरोपण समीक्षा के दौरान गैप फिलिंग प्लांटेशन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पौधरोपण की फोटो वायुदूत ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। आवास प्लस सर्वे के तहत अपात्र हितग्राहियों से प्राप्त दावा-आपत्तियों की जनपद स्तर पर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, और पात्र सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा गया। साथ ही, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) बेसलाइन सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।1
- उमरिया के रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय के सामने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। यह विरोध प्रदर्शन देशभर में NEET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और छात्रों के समर्थन में उतरे नेता प्रतिपक्ष माननीय राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया गया। शीर्ष नेतृत्व और जिलाध्यक्ष मो. असलम शेर के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। NSUI के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया है और भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की और कहा कि राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश है। संगठन ने मांग की कि सरकार नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे। इस विरोध कार्यक्रम में मुख्य रूप से नसरीन बानो, बांधवगढ़ विधानसभा अध्यक्ष आकाश द्विवेदी, जिला सचिव रोहनी श्याम, रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय के कॉलेज अध्यक्ष अनुज वर्मा, आदर्श महाविद्यालय की कॉलेज अध्यक्ष खुशी मोगरे, कार्यवाहक अध्यक्ष नावेद अंसारी, कॉलेज सचिव आंचल चौधरी, अर्पिता तिवारी, साक्षी राव शर्मा, मीनू, मीनाक्षी, मितेंद्र बैगा, मुकेश यादव, ओम असाटी, श्रेयांस सेन, रोहित रावत, पुनीत सिंह, विकाश कोल सहित NSUI के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- उमरिया में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने NEET समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लगातार हो रहे पेपर लीक, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और छात्रों के समर्थन में उतरे नेता प्रतिपक्ष माननीय राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन संगठन के शीर्ष नेतृत्व और जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर के निर्देशानुसार जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कृष्ण कांत तिवारी ने कहा कि देशभर में हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज को निंदनीय बताया और कहा कि राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है। NSUI ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नसरीन बानो, बांधवगढ़ विधानसभा अध्यक्ष आकाश द्विवेदी, जिला सचिव रोहनी श्याम, कॉलेज अध्यक्ष अनुज वर्मा, कॉलेज अध्यक्ष खुशी मोगरे, कार्यवाह अध्यक्ष नावेद अंसारी, कॉलेज सचिव आंचल चौधरी, अर्पिता तिवारी, साक्षी राव शर्मा, मीनू, मीनाक्षी, मितेंद्र बैगा, मुकेश यादव, ओम असाटी, श्रेयांस सेन, रोहित रावत, पुनीत सिंह और विकाश कोल समेत कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में शाहडोल में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार द्वारा लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं आम नागरिकों पर पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग अत्यंत अमानवीय है, जिसमें कई आंदोलनकारियों को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि छात्रों और नागरिकों पर हुई इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कठोर कदम उठाए जाएं और केंद्र सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं। जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, नीरज द्विवेदी, सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- अनूपपुर जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह की अध्यक्षता में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती वाल्मीकि राठौर, सदस्य सुश्री भारती केवट, श्रीमती किरण चौधरी, श्रीमती भुवनेश्वरी सिंह, श्रीमती यशोदा कोदू सिंह, श्री नर्मदा सिंह, श्री राम जी रिंकू मिश्रा, श्री दरोगा सिंह, जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष श्री राजीव सिंह, एसीईओ श्री के के सोनी और परियोजना अधिकारी डॉ. उमेश द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पूर्व बैठक एजेंडा के पालन प्रतिवेदन से सदन को अवगत कराते हुए जनहित की समस्याओं को समय-सीमा में हल करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान पेयजल, विद्युत, खाद्य, आबकारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मत्स्य, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से संबंधित मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आयुष्मान निरामय योजना के तहत चिन्हित अस्पतालों की सूची के फ्लेक्स सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रदर्शित किए गए हैं। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन गारंटी योजना (वीबी-जी राम जी) की जानकारी देते हुए पौधरोपण के गैप फिलिंग, जल संरक्षण संरचनाओं के स्थान चिन्हांकन और पौधरोपण कार्यक्रमों में सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के आवास प्लस त्रिस्तरीय सर्वेक्षण, व्यक्तिगत शौचालय, नवीन सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर चर्चा हुई। इसके साथ ही 15वें व 5वें वित्त आयोग के स्वीकृत कार्यों, नल-जल मरम्मत के अपूर्ण कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग द्वारा अमगवां, बदरा, पंचखुरा (निगरानी), खोदरी खूका, खूंटाटोला और पुष्पराजगढ़ में बनाए जा रहे सांदिपनी विद्यालयों की प्रगति भी देखी गई। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों में कर वसूली की ऑनलाइन प्रणाली और राष्ट्रीय राजमार्ग के साजा टोला से सरई तक चौड़ीकरण से प्रभावित ग्रामीण विकास कार्यों के समाधान पर ध्यान आकर्षित कराया गया।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल में कम मुनाफा और सर्वर डाउन होने की वजह से कृषि केंद्रों ने खाद से मुंह मोड़ लिया है। संवाददाता अंगद तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, मुनाफा कम होने और तकनीकी समस्याओं के कारण कृषि केंद्र खाद की बिक्री से पीछे हट रहे हैं।1