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मध्य प्रदेश के शहडोल में कम मुनाफा और सर्वर डाउन होने की वजह से कृषि केंद्रों ने खाद से मुंह मोड़ लिया है। संवाददाता अंगद तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, मुनाफा कम होने और तकनीकी समस्याओं के कारण कृषि केंद्र खाद की बिक्री से पीछे हट रहे हैं।
Angad Tiwari
मध्य प्रदेश के शहडोल में कम मुनाफा और सर्वर डाउन होने की वजह से कृषि केंद्रों ने खाद से मुंह मोड़ लिया है। संवाददाता अंगद तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, मुनाफा कम होने और तकनीकी समस्याओं के कारण कृषि केंद्र खाद की बिक्री से पीछे हट रहे हैं।
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- उमरिया की कोतवाली पुलिस ने एक ही जमीन का सौदा अलग-अलग लोगों से करके ₹4 लाख की धोखाधड़ी करने वाले और दो साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय भागवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आलोक शर्मा और एसडीओपी श्री पी एस परस्ते के मार्गदर्शन में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला शहडोल निवासी शिकायतकर्ता नीरज अंकेश की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ कोतवाली उमरिया में अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश कुमार साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी ग्राम बेलमना (हाल निवासी दूरसंचार कॉलोनी, मकरोनिया, सागर) ने विकटगंज, उमरिया में स्थित अपनी भूमि को बेचने के लिए शिकायतकर्ता के साथ 07 जून 2024 को एक पंजीकृत अनुबंध किया था। कुल ₹10,00,000 में सौदा तय कर आरोपी ने ₹4,00,000 अग्रिम राशि ऑनलाइन ले ली थी। हालांकि, आरोपी ने यह बात छिपाई कि वह पहले ही इस जमीन के लिए किसी अन्य व्यक्ति से भी पैसे ले चुका था। इसके बाद उसने अनुबंध की अवधि के दौरान ही उस जमीन को अन्य व्यक्तियों के पक्ष में बेच दिया और शिकायतकर्ता के पैसे भी वापस नहीं किए। पुलिस ने आरोपी की तलाश करते हुए 20 जुलाई 2026 को उसे मकरोनिया, जिला सागर से गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक शिवनाथ प्रजापति और प्रधान आरक्षक शरद सैनी की सराहनीय भूमिका रही। इस घटना के बाद उमरिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अचल संपत्ति को खरीदने या बेचने से पहले उसके मालिकाना हक और पूर्व में हुए समझौतों व लेन-देन का अच्छी तरह सत्यापन जरूर कर लें।1
- एसईसीएल जोहिला एरिया के पाली प्रोजेक्ट फिल्टर प्लांट में 'कोल नीर' आरओ प्लांट का उद्घाटन किया गया है। बीरसिंगपुर पाली स्थित इस फिल्टर प्लांट में पैकेट ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट (कोल नीर) का शुभारंभ दिनांक 22/7/2026 को संपन्न हुआ।1
- देशभर में छात्रों के साथ हो रहे कथित अन्याय और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं वरिष्ठ नेताओं पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग अत्यंत अमानवीय व लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करना सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है और यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है और लाठीचार्ज व दमनात्मक कार्रवाई की जगह सरकार को संवाद से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, अनुज मिश्रा, मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, राजीव शर्मा, प्रभात पाण्डेय, प्रीतेश द्विवेदी, अनुपम गौतम, सौरभ तिवारी, संध्या सिंह, प्रमोद जैन सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- शहडोल जिले के ग्राम अमरहा में 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत नुक्कड़ जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमरहा गांव में आयोजित इस नुक्कड़ कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्ति को लेकर जनजागरूकता फैलाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ सीमा पार कर अनूपपुर जिले में दाखिल हुए तीन हाथियों का समूह जैतहरी से अनूपपुर क्षेत्र में विचरण करते हुए पिछले 17 दिनों से जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर बरबसपुर के भोलगढ़ वन बीट, वनी तालाब और कुरियारी जंगल में डेरा डाले हुए था। मंगलवार की देर रात हाथियों ने भोलगढ़ के सोन टोला से सोन नदी पार की और बुधवार सुबह भगतबांध के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। इस दौरान हाथियों ने भोलगढ़ के जंगल और कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे रामबांस, कटंग बांस, तेंदू, जामुन, गुंजा, पीपल और बर के पेड़ों को तोड़कर अपना आहार बनाया। राजमार्ग के किनारे दिन-रात हाथियों की मौजूदगी से राहगीरों की भीड़ जुटती रही, जिससे वन विभाग, यातायात और कोतवाली पुलिस को आवागमन सुचारू रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पोड़ी के सांधा तिराहा से पिंजरहा धार के बीच हाथियों के अचानक मुख्य मार्ग पर आने से वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रही। इसके अलावा, हाथियों ने पोंड़ी, मानपुर, बरबसपुर, खांड़ा और भोलगढ़ के टोलों में पहुंचकर ग्रामीणों के मकानों में तोड़फोड़ की, बाड़ियों में लगे फसलों और घर में रखे अनाज को खा लिया। हाथियों ने भोलगढ़ बस स्टैंड के हैंडपंप का हैंडल टेढ़ा कर दिया और भोलगढ़ वन चौकी की बाउंड्री तोड़कर खिड़की उखाड़ने का प्रयास किया। हाथियों के डर से ग्रामीण रात-रात भर जागकर बिता रहे हैं। वर्षा काल के दौरान कच्चे मकान टूटने से जहरीले जीव-जंतुओं के घरों में घुसने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों और वन विभाग के गश्ती दल द्वारा भगाने की कोशिश करने पर हाथियों ने कई बार उन्हें ही दौड़ा लिया। हाथियों के उत्पाद और नुकसान से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई है तथा मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन तक की चेतावनी दी है।1
- अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका को सशक्त बनाना और जल संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कलेक्टर ने योजना के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, गेबियन संरचनाएं, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्जलभरण, सोक पिट, "एक बगिया माँ के नाम" पौधरोपण, गंगोत्री हरित परियोजना, माँ नर्मदा परिक्रमा पथ में पौधरोपण और सुगम संपर्कता मार्ग जैसे कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को आगामी 10 से 15 दिनों तक अभियान मोड में फील्ड भ्रमण कर उपयुक्त स्थलों का चयन करने को कहा। विशेष रूप से ऐसी पहाड़ियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए जहां से जलधाराएं नदियों में मिलती हैं। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी माह के बीच सूखने वाले सार्वजनिक व हितग्राही मूलक पुराने कुओं का सर्वे कराकर कूप पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने तथा नर्मदा, सोन व उनकी सहायक नदियों के संरक्षण हेतु स्थायी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पौधरोपण समीक्षा के दौरान गैप फिलिंग प्लांटेशन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पौधरोपण की फोटो वायुदूत ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। आवास प्लस सर्वे के तहत अपात्र हितग्राहियों से प्राप्त दावा-आपत्तियों की जनपद स्तर पर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, और पात्र सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा गया। साथ ही, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) बेसलाइन सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।1
- सीधी जिले के रामपुर नैकिन गांव में सड़क की इस हालत पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कोतमा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरौध से विकास के तमाम दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। यहाँ बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाँव के लोग पंचायत प्रशासन के खिलाफ अपना भारी आक्रोश जाहिर करते नजर आ रहे हैं। ग्राम खमरौध में बुनियादी सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खोखले वादे और अनदेखी मिलने से लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है। इस बदहाली से आक्रोशित जनता ने गाँव की दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर पंचायत की कमान संभाल रहे सरपंच पिंकी सिंह और सचिव मोहन को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पद पर बैठने के बाद भी पंचायत प्रशासन गाँव की समस्याओं की तरफ से आँखें मूँदकर बैठा है और पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की गिरफ्तारी और उन पर हुए कथित अत्याचारों को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों को गिरफ्तार किया जाए या जेल में डाला जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से कहीं अधिक बड़ी सत्याग्रह की शक्ति है। छात्रों के साथ हुई ज्यादतियों और उनके खून के एक-एक कतरे का हिसाब सरकार से लिया जाएगा।1