रविवार देर रात पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के दराजमाठ चीतलों आरईओ जिरली गांव के पास पुलिस ने अवैध तरीके से कोयला ले जा रहीं सात मोटरसाइकिलों को जब्त किया। पुलिस को देखते ही कोयला तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। प्रभारी थाना प्रभारी अनिल पंडित ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दराजमाठ के रास्ते से आधा दर्जन से अधिक कोयला तस्कर अवैध रूप से मोटरसाइकिल पर कोयला ले जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद, रात्रि गश्ती दल को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। एएसआई विजय कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिरली पुल के पास छापेमारी की और अवैध कोयला लदी सातों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया। तस्कर पुलिस को देखते ही घबरा गए और अपनी मोटरसाइकिलें छोड़कर भागने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से जब्त की गई सभी कोयला लदी मोटरसाइकिलों को अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद, पुलिस ने जब्त की गई मोटरसाइकिलों के नंबरों के आधार पर संबंधित तस्करों और वाहन स्वामियों के खिलाफ थाना में कांड संख्या 36/26 दर्ज किया है। अब पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस पुलिस कार्रवाई से इलाके के अवैध कोयला तस्करों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।
रविवार देर रात पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के दराजमाठ चीतलों आरईओ जिरली गांव के पास पुलिस ने अवैध तरीके से कोयला ले जा रहीं सात मोटरसाइकिलों को जब्त किया। पुलिस को देखते ही कोयला तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। प्रभारी थाना प्रभारी अनिल पंडित ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दराजमाठ के रास्ते से आधा दर्जन से अधिक कोयला तस्कर अवैध रूप से मोटरसाइकिल पर कोयला ले जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद, रात्रि गश्ती दल को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। एएसआई विजय कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिरली पुल के पास छापेमारी की और अवैध कोयला लदी सातों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया। तस्कर पुलिस को देखते ही घबरा गए और अपनी मोटरसाइकिलें छोड़कर भागने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से जब्त की गई सभी कोयला लदी मोटरसाइकिलों को अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद, पुलिस ने जब्त की गई मोटरसाइकिलों के नंबरों के आधार पर संबंधित तस्करों और वाहन स्वामियों के खिलाफ थाना में कांड संख्या 36/26 दर्ज किया है। अब पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस पुलिस कार्रवाई से इलाके के अवैध कोयला तस्करों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।
- बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ पर एक भीषण बाइक दुर्घटना में तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा बरारी पंचायत भवन के पास एक मोड़ पर हुआ जब एक बाइक और ट्रक के बीच टक्कर हो गई। जानकारी के अनुसार, बरहरवा थाना क्षेत्र के साहेबडंगा गांव निवासी बदरुल शेख के पुत्र इस्माइल शेख (22 वर्ष) अपनी मां आएशा बीबी (45 वर्ष), बेटी रुली खातून (18 वर्ष) और पांच वर्षीय बेटी मर्जिया खातून के साथ पश्चिम बंगाल के धुलियान गए थे। वे रुली खातून को डॉक्टर दिखाने के बाद शाम लगभग चार बजे अपनी स्प्लेंडर बाइक (पंजीकरण संख्या JH18P 3323) से घर लौट रहे थे, तभी ट्रक संख्या JH 16 H 0025 की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में आएशा बीबी, रुली खातून और इस्माइल शेख की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल मर्जिया खातून को प्राथमिक उपचार के लिए बरहरवा सीएचसी ले जाया गया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर बरहरवा थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह, एसआई अनिल यादव, रंजय यादव और राजनाथ साव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराया। थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह ने बताया कि शवों को कब्जे में ले लिया गया है और ट्रक को जब्त कर विधिवत कार्यवाही के तहत मामले की छानबीन की जा रही है।3
- साहिबगंज जिला के बरहरवा प्रखंड स्थित बरारी पंचायत के पास एक दर्दनाक घटना घटी है।1
- बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ (एनएच-80) पर बरारी गांव के समीप सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब बाइक सवार मां, बेटा और बहन 18 चक्का ट्रेलर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में चार वर्षीय एक बच्ची भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृत व्यक्तियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस सड़क दुर्घटना की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- बिहार और झारखंड में कचरा उठाने वाले बच्चों के जीवनयापन और उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए, एक बच्चे ने सीधे 'सिस्टम' से प्रश्न पूछा है। यह बच्चा जानना चाहता है कि क्या कचरा उठाने वाले बच्चों को शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है और उनका जीवन यापन किस प्रकार होता है। यह मार्मिक सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- झारखंड के दुमका जिले के धोबना गाँव में कुदरत के कहर और चोरों के दुस्साहस के कारण अंधेरा छा गया है। गाँव में यह स्थिति प्राकृतिक प्रकोप और चोरों के दुस्साहसिक कृत्यों के फलस्वरूप उत्पन्न हुई है।1
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- न्यूरॉन शरीर की तंत्रिका तंत्र की मूल कोशिका (नर्व सेल) होती है, जो मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों में पाई जाती है। इसका मुख्य कार्य शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक संदेश (सिग्नल) पहुँचाना है। यह सोचने, याद रखने, महसूस करने और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। न्यूरॉन के तीन प्रमुख भाग होते हैं: डेंड्राइट, कोशिका शरीर और एक्सॉन। यदि “Niuron” शब्द से किसी दवा, ऐप या किसी अन्य चीज़ के नाम के बारे में जानकारी पूछी जा रही है, तो उसके लिए और अधिक विवरण की आवश्यकता होगी।1
- पूरे देश में आग सुरक्षा को लेकर एक गंभीर स्थिति बनी हुई है, जहाँ प्रशासन को किसी इमारत में आग लगने के बाद ही यह याद आता है कि उस भवन के पास आवश्यक NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। यह दर्शाता है कि सुरक्षा और नियमों के पालन के मामले में, हर जगह सब कुछ 'भगवान भरोसे' ही चल रहा है, और समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।1