करहल आज संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया ! निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने कहा माता-पिता हमें जीवन देते हैं,लेकिन उस जीवन को सही दिशा,संस्कार और आकार हमारे शिक्षक ही देते हैं। शिक्षक वह दीपक हैं जो खुद जलकर हमारे जीवन को रोशन करते हैं,वे हमें सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत में फर्क करना सिखाते हैं। जब हम गलती करते हैं तो उनकी डांट में हमारी परवाह छिपी होती है,और जब हम सफल होते हैं तो उनकी आँखों में जो गर्व होता है,वही उनका असली इनाम होता है। 5 सितंबर का यह दिन हम सबके लिए बेहद खास है,साल के बाकी दिन तो कक्षाओं,घंटी और पढ़ाई-लिखाई के नाम होते हैं,लेकिन आज का यह पूरा दिन सिर्फ और सिर्फ हमारे प्यारे गुरुजनों को समर्पित है!" इसी खूबसूरत अहसास के साथ अपने कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।" आज का दिन अपने उन सभी गुरुओं को धन्यवाद कहने का दिन है,जिन्होंने हमें बेहतर इंसान बनाया। आज 5 सितंबर है और हम सब यहाँ डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाते हैं ।
करहल आज संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया ! निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने कहा माता-पिता हमें जीवन देते हैं,लेकिन उस जीवन को सही दिशा,संस्कार और आकार हमारे शिक्षक ही देते हैं। शिक्षक वह दीपक हैं जो खुद जलकर हमारे जीवन को रोशन करते हैं,वे हमें सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत में फर्क करना सिखाते हैं। जब हम गलती करते हैं तो उनकी डांट में हमारी परवाह छिपी होती है,और जब हम सफल होते हैं तो उनकी आँखों में जो गर्व होता है,वही उनका असली इनाम होता है। 5 सितंबर का यह दिन हम सबके लिए बेहद खास है,साल के बाकी दिन तो कक्षाओं,घंटी और पढ़ाई-लिखाई के नाम होते हैं,लेकिन आज का यह पूरा दिन सिर्फ और सिर्फ हमारे प्यारे गुरुजनों को समर्पित है!" इसी खूबसूरत अहसास के साथ अपने कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।" आज का दिन अपने उन सभी गुरुओं को धन्यवाद कहने का दिन है,जिन्होंने हमें बेहतर इंसान बनाया। आज 5 सितंबर है और हम सब यहाँ डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाते हैं ।
- करहल आज संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया ! निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने कहा माता-पिता हमें जीवन देते हैं,लेकिन उस जीवन को सही दिशा,संस्कार और आकार हमारे शिक्षक ही देते हैं। शिक्षक वह दीपक हैं जो खुद जलकर हमारे जीवन को रोशन करते हैं,वे हमें सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत में फर्क करना सिखाते हैं। जब हम गलती करते हैं तो उनकी डांट में हमारी परवाह छिपी होती है,और जब हम सफल होते हैं तो उनकी आँखों में जो गर्व होता है,वही उनका असली इनाम होता है। 5 सितंबर का यह दिन हम सबके लिए बेहद खास है,साल के बाकी दिन तो कक्षाओं,घंटी और पढ़ाई-लिखाई के नाम होते हैं,लेकिन आज का यह पूरा दिन सिर्फ और सिर्फ हमारे प्यारे गुरुजनों को समर्पित है!" इसी खूबसूरत अहसास के साथ अपने कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।" आज का दिन अपने उन सभी गुरुओं को धन्यवाद कहने का दिन है,जिन्होंने हमें बेहतर इंसान बनाया। आज 5 सितंबर है और हम सब यहाँ डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाते हैं ।1
- नगला घनु में दो साल से जलभराव, ग्रामीण परेशान: स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत, तालाब पर कब्जे का आरोप जसवंतनगर के नगला घनु गांव में पिछले करीब दो साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से समाधान न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सबसे ज्यादा समस्या सुघर सिंह के मकान से लेकर राम गोपाल के मकान तक है। इस रास्ते पर लंबे समय से पानी भरा होने के कारण आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और बदबू का माहौल है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब पर अवैध कब्जा होने के कारण पानी की निकासी रुक गई है। इसी वजह से बारिश या अन्य स्रोतों से आने वाला पानी लंबे समय तक रास्ते में जमा रहता है। रणवीर, पान सिंह, विशुन दयाल, राजवीर, हिम्मत सिंह, राजकुमारी, किरन देवी और छोटी देवी समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस संबंध में एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए टीम बनाई जाएगी और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करते हुए जलभराव की समस्या को हल किया जाएगा। जसवंतनगर के नगला घनु गांव में पिछले करीब दो साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से समाधान न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सबसे ज्यादा समस्या सुघर सिंह के मकान से लेकर राम गोपाल के मकान तक है। इस रास्ते पर लंबे समय से पानी भरा होने के कारण आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और बदबू का माहौल है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब पर अवैध कब्जा होने के कारण पानी की निकासी रुक गई है। इसी वजह से बारिश या अन्य स्रोतों से आने वाला पानी लंबे समय तक रास्ते में जमा रहता है। रणवीर, पान सिंह, विशुन दयाल, राजवीर, हिम्मत सिंह, राजकुमारी, किरन देवी और छोटी देवी समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस संबंध में एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए टीम बनाई जाएगी और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करते हुए जलभराव की समस्या को हल किया जाएगा।1
- मैनपुरी में महिला पत्रकार से मारपीट के खिलाफ सड़कों पर उतरे पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन मैनपुरी: दिल्ली में महिला पत्रकार शाइन खान के साथ हुई मारपीट और उत्पीड़न की घटना को लेकर पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को 'द मैनपुरी प्रेस क्लब' और 'इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के संयुक्त तत्वावधान में जिले के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के विरोध में पत्रकारों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक चार सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित महिला पत्रकार को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। 'इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के प्रदेश अध्यक्ष साकिब अनवर चिश्ती ने कहा कि चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला और महिला पत्रकारों के साथ अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं 'द मैनपुरी प्रेस क्लब' के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होता और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और पत्रकार दीपक कटारिया, अजय दीक्षित, नदीम सिद्दीकी, ब्रह्मेश, शिव कुमार, अवनीश मिश्रा, अच्छे आर्यन, देवेंद्र पाल, दीपू, जाहिर खान, अवनीश, अर्जुन सिंह, मोहित, जीतू, राजमोहन, दीपक, दिनेश और अमित कुमार सहित जिले के कई अन्य पत्रकार साथी मुख्य रूप से मौजूद रहे। मैनपुरी में महिला पत्रकार से मारपीट के खिलाफ सड़कों पर उतरे पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन मैनपुरी: दिल्ली में महिला पत्रकार शाइन खान के साथ हुई मारपीट और उत्पीड़न की घटना को लेकर पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को 'द मैनपुरी प्रेस क्लब' और 'इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के संयुक्त तत्वावधान में जिले के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के विरोध में पत्रकारों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक चार सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित महिला पत्रकार को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। 'इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के प्रदेश अध्यक्ष साकिब अनवर चिश्ती ने कहा कि चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला और महिला पत्रकारों के साथ अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं 'द मैनपुरी प्रेस क्लब' के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होता और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और पत्रकार दीपक कटारिया, अजय दीक्षित, नदीम सिद्दीकी, ब्रह्मेश, शिव कुमार, अवनीश मिश्रा, अच्छे आर्यन, देवेंद्र पाल, दीपू, जाहिर खान, अवनीश, अर्जुन सिंह, मोहित, जीतू, राजमोहन, दीपक, दिनेश और अमित कुमार सहित जिले के कई अन्य पत्रकार साथी मुख्य रूप से मौजूद रहे।2
- मैनपुरी में महिला पत्रकार से मारपीट के खिलाफ सड़कों पर उतरे पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन मैनपुरी: दिल्ली में महिला पत्रकार शाइन खान के साथ हुई मारपीट और उत्पीड़न की घटना को लेकर पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को 'द मैनपुरी प्रेस क्लब' और 'इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के संयुक्त तत्वावधान में जिले के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के विरोध में पत्रकारों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक चार सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित महिला पत्रकार को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। 'इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के प्रदेश अध्यक्ष साकिब अनवर चिश्ती ने कहा कि चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला और महिला पत्रकारों के साथ अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं 'द मैनपुरी प्रेस क्लब' के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होता और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और पत्रकार दीपक कटारिया, अजय दीक्षित, नदीम सिद्दीकी, ब्रह्मेश, शिव कुमार, अवनीश मिश्रा, अच्छे आर्यन, देवेंद्र पाल, दीपू, जाहिर खान, अवनीश, अर्जुन सिंह, मोहित, जीतू, राजमोहन, दीपक, दिनेश और अमित कुमार सहित जिले के कई अन्य पत्रकार साथी मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- करहल आज संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया ! निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने कहा माता-पिता हमें जीवन देते हैं,लेकिन उस जीवन को सही दिशा,संस्कार और आकार हमारे शिक्षक ही देते हैं। शिक्षक वह दीपक हैं जो खुद जलकर हमारे जीवन को रोशन करते हैं,वे हमें सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत में फर्क करना सिखाते हैं। जब हम गलती करते हैं तो उनकी डांट में हमारी परवाह छिपी होती है,और जब हम सफल होते हैं तो उनकी आँखों में जो गर्व होता है,वही उनका असली इनाम होता है। 5 सितंबर का यह दिन हम सबके लिए बेहद खास है,साल के बाकी दिन तो कक्षाओं,घंटी और पढ़ाई-लिखाई के नाम होते हैं,लेकिन आज का यह पूरा दिन सिर्फ और सिर्फ हमारे प्यारे गुरुजनों को समर्पित है!" इसी खूबसूरत अहसास के साथ अपने कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।" आज का दिन अपने उन सभी गुरुओं को धन्यवाद कहने का दिन है,जिन्होंने हमें बेहतर इंसान बनाया। आज 5 सितंबर है और हम सब यहाँ डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाते हैं ।1
- मेरठ में Blinkit डिलीवरी बॉय को बंधक बनाकर पीटा? ऑर्डर कैंसिल पर मचा बवाल | Meerut Blinkit News मेरठ में Blinkit डिलीवरी बॉय के साथ हुई मारपीट का मामला सुर्खियों में है। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की इरा गार्डन कॉलोनी में एक डिलीवरी पार्टनर ने आरोप लगाया है कि खराब रास्ते की वजह से ग्राहक से ऑर्डर कैंसिल करने की बात कहने पर उसके साथ बंधक बनाकर मारपीट की गई। इस घटना के बाद पूरे शहर में डिलीवरी कर्मचारियों के बीच आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में डिलीवरी पार्टनर्स पुलिस चौकी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। जानकारी के मुताबिक, ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय दीपक पार्सल लेकर इरा गार्डन कॉलोनी पहुंचा था। रास्ता खराब होने के कारण उसने ग्राहक से कहा कि वह अंदर तक नहीं पहुंच सकता, इसलिए ऑर्डर कैंसिल कर दिया जाए। आरोप है कि इसी बात पर विवाद शुरू हो गया और वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। पीड़ित का कहना है कि एक महिला समेत कई लोगों ने उसे एक कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया और उसके साथ लात-घूंसों, थप्पड़ों और डंडों से मारपीट की। इस दौरान उसका चश्मा टूट गया और डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाला टैब भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में मौके पर और लोगों को बुलाया गया, जिसके बाद करीब 20 से 22 लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों डिलीवरी पार्टनर्स माधवपुरम पुलिस चौकी पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। मेरठ में डिलीवरी कर्मचारियों के साथ मारपीट का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगा हाइट्स अपार्टमेंट में डिलीवरी में देरी को लेकर एक डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट की घटना सामने आ चुकी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में सीओ ब्रह्मपुरी राम प्रकाश ने बताया कि पुलिस को अभद्रता और मारपीट की सूचना मिली है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अगर आप ऐसी ही Breaking News, UP News, Meerut News, Crime News और Viral Hindi News सबसे पहले देखना चाहते हैं, तो GD NEWS NETWORK को Subscribe करें, वीडियो को Like करें और अपने दोस्तों के साथ Share करें। #Meerut #Blinkit #DeliveryBoy #MeerutNews #UPNews #BreakingNews #HindiNews #CrimeNews #ViralNews #GDNewsNetwork1
- *शहर के प्राचीन अस्तल मंदिर में आधी रात गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’ का जयघोष, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव* इटावा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन अस्तल मंदिर में शुक्रवार रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। जैसे ही मध्यरात्रि में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ, मंदिर परिसर ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की और पंचामृत व पंजीरी का भोग अर्पित किया। जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक झांकियों, रंग-बिरंगी लाइटों और सजावट से भव्य रूप दिया गया था। देर रात तक मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। करीब 500 वर्ष पुराना बताया जाता है अस्तल मंदिर अस्तल मंदिर को शहर के प्राचीन और सिद्धपीठ मंदिरों में शामिल बताया जाता है। मंदिर में भगवान श्री नरसिंह और राधाकृष्ण की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं। स्थानीय लोगों में प्रचलित मान्यता के अनुसार करीब 500 वर्ष पूर्व मुगल शासक औरंगजेब इन मूर्तियों को खंडित करने के उद्देश्य से मंदिर पहुंचा था। मान्यता है कि इसी दौरान मंदिर से विराट आवाज सुनाई दी, जिसके बाद औरंगजेब अपने सैनिकों के साथ वापस लौट गया। इसी वजह से श्रद्धालुओं में इस मंदिर के प्रति विशेष आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर परिसर में कभी पहलवानों के लिए अस्तल अखाड़ा भी हुआ करता था, जिसकी अपनी अलग पहचान रही है। अस्तल अखाड़े से जुड़ी हैं स्वर्गीय नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव की स्मृतियां अस्तल मंदिर और यहां के अखाड़े का संबंध समाजवादी आंदोलन के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नेता जी श्री मुलायम सिंह यादव की पुरानी स्मृतियों से भी जोड़ा जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजनीतिक जीवन के शुरुआती सोशलिस्ट पार्टी के दौर में स्वगीर्य नेता जी श्री मुलायम सिंह यादव इटावा में रहकर इसी अखाड़े में पहलवानी किया करते थे। बताया जाता है कि अखाड़े में अभ्यास के बाद वह कुएं के पानी से स्नान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना करते और इसके बाद साइकिल से क्षेत्र में निकलकर लोगों से संपर्क करते थे। जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और आगे चलकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर देश के रक्षा मंत्री तक का दायित्व संभाला। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब भी स्वगीर्य नेता जी श्री मुलायम सिंह यादव इटावा आते थे, वह इन प्राचीन मंदिरों में पूजा-अर्चना अवश्य करते थे। उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वह इन मंदिरों को अपनी आस्था से जोड़कर देखते थे और भगवान का आशीर्वाद अपने राजनीतिक जीवन की शक्ति मानते थे। अस्तल मंदिर के साथ ही शहर के नीलकंठ महादेव मंदिर को भी स्थानीय श्रद्धालु सिद्ध मंदिर के रूप में मानते हैं। मंदिर से जुड़ी पुरानी स्मृतियां आज भी शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो. 74171970644
- मैनपुरी गांव की गलियों में पसरा अंधेरा, मासूमों ने लगाई योगी और डीएम से गुहार,‘साहब! रात में डर लगता है... सांप-बिच्छू का खतरा रहता है’, बच्चों की भावुक अपील का वीडियो वायरल जनपद मैनपुरी के गांव की गलियों में शाम ढलते ही छा जाने वाला अंधेरा अब मासूम बच्चों के लिए डर का कारण बन गया है। स्ट्रीट लाइट की सुविधा न होने से परेशान बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मैनपुरी के जिलाधिकारी से गांव में रोशनी का इंतजाम कराने की भावुक अपील की है। बच्चों की इस मार्मिक अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला विकासखंड किशनी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बसैत का है। वायरल वीडियो में गांव के मासूम बच्चे अपनी परेशानी बयां करते नजर आ रहे हैं। बच्चों का कहना है कि गांव की गलियों और मोहल्लों में बिजली के खंभे तो हैं, लेकिन उन पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। शाम होते ही रास्तों पर अंधेरा छा जाता है। बच्चों ने बताया कि अंधेरे में उन्हें सांप, बिच्छू और जहरीले कीड़े-मकौड़ों का डर सताता है। रात के समय गलियों से गुजरने में भी परेशानी होती है। बच्चों की मासूम आवाज में गांव की एक बुनियादी जरूरत साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में बच्चे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी से अपील करते हुए कहते हैं कि उनके गांव की गलियों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि रात में उन्हें डर के साये में न रहना पड़े और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी न हो। मासूमों की इस अपील ने गांव की बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि बच्चों की भावुक पुकार जिम्मेदार अधिकारियों तक कब पहुंचती है और बसैत गांव की गलियों का अंधेरा कब दूर होता है।1