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टोंक जिले के देवली उपखंड के रघुनाथपुरा गांव में दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों का धैर्य जवाब दे गया है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार सुबह धनराज की मृत्यु की खबर मिलने के बाद से क्षेत्र में गहरा मातम छा गया और साथ ही सिस्टम के प्रति भारी रोष फैल गया। धनराज की मौत विद्युत निगम कर्मचारियों की कथित लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है। बताया गया है कि गत 2 जून को एक लाइनमैन के कहने पर धनराज बिजली के खंभे पर मरम्मत का काम करने चढ़ा था, उसे भरोसा दिलाया गया था कि सप्लाई बंद है। हालांकि, अचानक जीएसएस से बिजली चालू कर दी गई, जिससे धनराज 11 हजार वोल्ट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया था। इस हादसे में उसने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे और तभी से वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। रविवार सुबह करीब 9 बजे उसकी स्थिति बिगड़ने से उसकी असामयिक मृत्यु हो गई, जिससे उसका परिवार बेसहारा हो गया। पीड़ित परिवार आरोप लगा रहा है कि लाइनमैन की जल्दबाजी और लापरवाही ने उनके हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया। न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के बैनर तले सैंकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने देवली के डाक बंगला परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगले से नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय के पास रोडवेज बस स्टैंड के प्रवेश द्वार को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी हेमराज चौधरी, प्रशिक्षु आरपीएस कुसुम मीणा और थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। डीएसपी हेमराज ने बताया कि विरोध का यह तरीका जनहित में नहीं है और आमजन को इससे असुविधा हो रही है। इस पर प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन उनकी नारेबाजी जारी रही। मुकेश मीणा ने स्पष्ट किया कि धनराज के साथ अन्याय हुआ है और उसकी भरपाई के लिए वे मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए हैं। बारिश के बावजूद परिजन और ग्रामीण सड़क पर धरना देकर बैठे रहे। प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम न निकलने से आक्रोशित ग्रामीण अब संघर्ष के मूड में हैं और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं। धरना प्रदर्शन के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर एक टेंट भी लगा दिया गया है। अंबेडकर विचार मंच ने धनराज बैरवा को न्याय दिलाने के लिए 15 जून सोमवार को देवली बंद का आह्वान किया है और इस बंद को सफल बनाने के लिए व्यापार महासंघ से भी समर्थन मांगा है।

7 hrs ago
user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
7 hrs ago

टोंक जिले के देवली उपखंड के रघुनाथपुरा गांव में दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों का धैर्य जवाब दे गया है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार सुबह धनराज की मृत्यु की खबर मिलने के बाद से क्षेत्र में गहरा मातम छा गया और साथ ही सिस्टम के प्रति भारी रोष फैल गया। धनराज की मौत विद्युत निगम कर्मचारियों की कथित लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है। बताया गया है कि गत 2 जून को एक लाइनमैन के कहने पर धनराज बिजली के खंभे पर मरम्मत का काम करने चढ़ा था, उसे भरोसा दिलाया गया था कि सप्लाई बंद है। हालांकि, अचानक जीएसएस से बिजली चालू कर दी गई, जिससे धनराज 11 हजार वोल्ट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया था। इस हादसे में उसने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे और तभी से वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। रविवार सुबह करीब 9 बजे उसकी स्थिति बिगड़ने से उसकी असामयिक मृत्यु हो गई, जिससे उसका परिवार बेसहारा हो गया। पीड़ित परिवार आरोप लगा रहा है कि लाइनमैन की जल्दबाजी और लापरवाही ने उनके हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया। न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के बैनर तले सैंकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने देवली के डाक बंगला परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगले से नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय के पास रोडवेज बस स्टैंड के प्रवेश द्वार को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी हेमराज चौधरी, प्रशिक्षु आरपीएस कुसुम मीणा और थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। डीएसपी हेमराज ने बताया कि विरोध का यह तरीका जनहित में नहीं है और आमजन को इससे असुविधा हो रही है। इस पर प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन उनकी नारेबाजी जारी रही। मुकेश मीणा ने स्पष्ट किया कि धनराज के साथ अन्याय हुआ है और उसकी भरपाई के लिए वे मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए हैं। बारिश के बावजूद परिजन और ग्रामीण सड़क पर धरना देकर बैठे रहे। प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम न निकलने से आक्रोशित ग्रामीण अब संघर्ष के मूड में हैं और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं। धरना प्रदर्शन के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर एक टेंट भी लगा दिया गया है। अंबेडकर विचार मंच ने धनराज बैरवा को न्याय दिलाने के लिए 15 जून सोमवार को देवली बंद का आह्वान किया है और इस बंद को सफल बनाने के लिए व्यापार महासंघ से भी समर्थन मांगा है।

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  • टोंक जिले के देवली उपखंड के रघुनाथपुरा गांव में दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों का धैर्य जवाब दे गया है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार सुबह धनराज की मृत्यु की खबर मिलने के बाद से क्षेत्र में गहरा मातम छा गया और साथ ही सिस्टम के प्रति भारी रोष फैल गया। धनराज की मौत विद्युत निगम कर्मचारियों की कथित लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है। बताया गया है कि गत 2 जून को एक लाइनमैन के कहने पर धनराज बिजली के खंभे पर मरम्मत का काम करने चढ़ा था, उसे भरोसा दिलाया गया था कि सप्लाई बंद है। हालांकि, अचानक जीएसएस से बिजली चालू कर दी गई, जिससे धनराज 11 हजार वोल्ट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया था। इस हादसे में उसने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे और तभी से वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। रविवार सुबह करीब 9 बजे उसकी स्थिति बिगड़ने से उसकी असामयिक मृत्यु हो गई, जिससे उसका परिवार बेसहारा हो गया। पीड़ित परिवार आरोप लगा रहा है कि लाइनमैन की जल्दबाजी और लापरवाही ने उनके हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया। न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के बैनर तले सैंकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने देवली के डाक बंगला परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगले से नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय के पास रोडवेज बस स्टैंड के प्रवेश द्वार को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी हेमराज चौधरी, प्रशिक्षु आरपीएस कुसुम मीणा और थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। डीएसपी हेमराज ने बताया कि विरोध का यह तरीका जनहित में नहीं है और आमजन को इससे असुविधा हो रही है। इस पर प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन उनकी नारेबाजी जारी रही। मुकेश मीणा ने स्पष्ट किया कि धनराज के साथ अन्याय हुआ है और उसकी भरपाई के लिए वे मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए हैं। बारिश के बावजूद परिजन और ग्रामीण सड़क पर धरना देकर बैठे रहे। प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम न निकलने से आक्रोशित ग्रामीण अब संघर्ष के मूड में हैं और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं। धरना प्रदर्शन के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर एक टेंट भी लगा दिया गया है। अंबेडकर विचार मंच ने धनराज बैरवा को न्याय दिलाने के लिए 15 जून सोमवार को देवली बंद का आह्वान किया है और इस बंद को सफल बनाने के लिए व्यापार महासंघ से भी समर्थन मांगा है।
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    टोंक जिले के देवली उपखंड के रघुनाथपुरा गांव में दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों का धैर्य जवाब दे गया है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार सुबह धनराज की मृत्यु की खबर मिलने के बाद से क्षेत्र में गहरा मातम छा गया और साथ ही सिस्टम के प्रति भारी रोष फैल गया। धनराज की मौत विद्युत निगम कर्मचारियों की कथित लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है।

बताया गया है कि गत 2 जून को एक लाइनमैन के कहने पर धनराज बिजली के खंभे पर मरम्मत का काम करने चढ़ा था, उसे भरोसा दिलाया गया था कि सप्लाई बंद है। हालांकि, अचानक जीएसएस से बिजली चालू कर दी गई, जिससे धनराज 11 हजार वोल्ट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया था। इस हादसे में उसने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे और तभी से वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। रविवार सुबह करीब 9 बजे उसकी स्थिति बिगड़ने से उसकी असामयिक मृत्यु हो गई, जिससे उसका परिवार बेसहारा हो गया। पीड़ित परिवार आरोप लगा रहा है कि लाइनमैन की जल्दबाजी और लापरवाही ने उनके हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया।

न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के बैनर तले सैंकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने देवली के डाक बंगला परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगले से नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय के पास रोडवेज बस स्टैंड के प्रवेश द्वार को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी हेमराज चौधरी, प्रशिक्षु आरपीएस कुसुम मीणा और थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। डीएसपी हेमराज ने बताया कि विरोध का यह तरीका जनहित में नहीं है और आमजन को इससे असुविधा हो रही है। इस पर प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन उनकी नारेबाजी जारी रही। मुकेश मीणा ने स्पष्ट किया कि धनराज के साथ अन्याय हुआ है और उसकी भरपाई के लिए वे मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए हैं। बारिश के बावजूद परिजन और ग्रामीण सड़क पर धरना देकर बैठे रहे। प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम न निकलने से आक्रोशित ग्रामीण अब संघर्ष के मूड में हैं और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं। धरना प्रदर्शन के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर एक टेंट भी लगा दिया गया है।

अंबेडकर विचार मंच ने धनराज बैरवा को न्याय दिलाने के लिए 15 जून सोमवार को देवली बंद का आह्वान किया है और इस बंद को सफल बनाने के लिए व्यापार महासंघ से भी समर्थन मांगा है।
    user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • देवली उपखंड क्षेत्र के गांवड़ी पंचायत के दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की दो सप्ताह तक चली जिंदगी की जंग जयपुर के एसएमएस अस्पताल की बर्न यूनिट में रविवार सुबह समाप्त हो गई। गत 2 जून को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण 11 हजार वोल्ट की चपेट में आए धनराज के निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, और उनके गांव व परिजनों में मातम पसर गया है। यह दर्दनाक घटना 2 जून को हुई थी, जब लाइनमैन जयशेखर के बुलावे पर धनराज बिजली के खंभे पर चढ़ा था। उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि विद्युत सप्लाई बंद है, लेकिन जीएसएस की लापरवाही के चलते अचानक सप्लाई चालू हो गई, जिससे धनराज बुरी तरह झुलस गया। जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसके दोनों हाथ काटने का कठिन निर्णय लेना पड़ा था। धनराज अपने माता-पिता का एकमात्र सहारा था, जिस पर तीन छोटी बेटियों और गर्भवती पत्नी के भरण-पोषण का भार था। प्रशासन ने घटना के बाद मुआवजे और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। हालांकि लोगों ने धनराज की मदद के लिए आर्थिक सहायता भी एकत्र की थी, और विद्युत निगम के अभियंताओं ने भी आर्थिक सहयोग दिया था, लेकिन इतने प्रयासों के बावजूद भी उसका जीवन नहीं बचाया जा सका। घर के कमाऊ सदस्य को खोने के बाद अब उस असहाय परिवार के सामने केवल पेट पालने का ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य का अस्तित्व बचाने का भी गहरा संकट खड़ा हो गया है।
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    देवली उपखंड क्षेत्र के गांवड़ी पंचायत के दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की दो सप्ताह तक चली जिंदगी की जंग जयपुर के एसएमएस अस्पताल की बर्न यूनिट में रविवार सुबह समाप्त हो गई। गत 2 जून को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण 11 हजार वोल्ट की चपेट में आए धनराज के निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, और उनके गांव व परिजनों में मातम पसर गया है।

यह दर्दनाक घटना 2 जून को हुई थी, जब लाइनमैन जयशेखर के बुलावे पर धनराज बिजली के खंभे पर चढ़ा था। उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि विद्युत सप्लाई बंद है, लेकिन जीएसएस की लापरवाही के चलते अचानक सप्लाई चालू हो गई, जिससे धनराज बुरी तरह झुलस गया। जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसके दोनों हाथ काटने का कठिन निर्णय लेना पड़ा था। धनराज अपने माता-पिता का एकमात्र सहारा था, जिस पर तीन छोटी बेटियों और गर्भवती पत्नी के भरण-पोषण का भार था। प्रशासन ने घटना के बाद मुआवजे और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।

हालांकि लोगों ने धनराज की मदद के लिए आर्थिक सहायता भी एकत्र की थी, और विद्युत निगम के अभियंताओं ने भी आर्थिक सहयोग दिया था, लेकिन इतने प्रयासों के बावजूद भी उसका जीवन नहीं बचाया जा सका। घर के कमाऊ सदस्य को खोने के बाद अब उस असहाय परिवार के सामने केवल पेट पालने का ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य का अस्तित्व बचाने का भी गहरा संकट खड़ा हो गया है।
    user_Akshay Sharma
    Akshay Sharma
    Local News Reporter देवली, टोंक, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • कमलेश्वर महादेव मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं। मंदिर से करीब पाँच किलोमीटर पहले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहाँ से श्रद्धालुओं को पैदल मंदिर की ओर भेजा जा रहा है। इस भारी भीड़ को देखते हुए मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या और यातायात व्यवस्था के चलते जगह-जगह जाम की स्थिति बनी हुई है।
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    कमलेश्वर महादेव मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं। मंदिर से करीब पाँच किलोमीटर पहले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहाँ से श्रद्धालुओं को पैदल मंदिर की ओर भेजा जा रहा है।

इस भारी भीड़ को देखते हुए मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या और यातायात व्यवस्था के चलते जगह-जगह जाम की स्थिति बनी हुई है।
    user_Lokesh meena 7014875854
    Lokesh meena 7014875854
    इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • सवाई माधोपुर के मानटाउन में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को हुनरमंद, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया पाँच दिवसीय विशेष शिविर 14 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। बम्बोरी चौराहा स्थित आर-सेटी परिसर में आयोजित इस “अभिरुचि शिविर” एवं “आत्मरक्षा शिविर” के समापन समारोह में बालिकाओं और महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस पहल की शुरुआत 10 जून, 2026 को शाखा अध्यक्ष प्रदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम श्री विकास नारंग ने अतिथि के रूप में भाग लिया और परिषद के इस कार्य को देश की तरक्की के लिए एक मील का पत्थर बताया था। शाखा सचिव उमेश कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि इस निशुल्क शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया। पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में, अभिरुचि प्रशिक्षण ट्रेनर निशा गौतम ने महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए विभिन्न विधाओं का हुनर सिखाया। वहीं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण ट्रेनर सीमा नसीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, ताकि वे हर विपरीत परिस्थिति का सामना निडरता और आत्मविश्वास से कर सकें। इस शिविर को सफल बनाने में प्रकल्प प्रभारी (आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत) संगीता अग्रवाल और प्रकल्प प्रभारी (अभिरुचि शिविर) बबीता गुप्ता ने अपनी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी परिषद और अतिथियों द्वारा सराहना की गई। शिविर के समापन पर सभी संभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे ग्रामीण बालिकाओं के चेहरे खुशी और गौरव से खिल उठे। इस मौके पर, दोनों प्रशिक्षकों निशा गौतम और सीमा नसीम को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए परिषद की ओर से बधाई पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन सत्र में मीना उपाध्याय, उमा अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, रत्नाकर गोयल एवं मुकेश उपाध्याय भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और भारत विकास परिषद के इस सेवा कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।
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    सवाई माधोपुर के मानटाउन में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को हुनरमंद, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया पाँच दिवसीय विशेष शिविर 14 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। बम्बोरी चौराहा स्थित आर-सेटी परिसर में आयोजित इस “अभिरुचि शिविर” एवं “आत्मरक्षा शिविर” के समापन समारोह में बालिकाओं और महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस पहल की शुरुआत 10 जून, 2026 को शाखा अध्यक्ष प्रदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम श्री विकास नारंग ने अतिथि के रूप में भाग लिया और परिषद के इस कार्य को देश की तरक्की के लिए एक मील का पत्थर बताया था।

शाखा सचिव उमेश कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि इस निशुल्क शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया। पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में, अभिरुचि प्रशिक्षण ट्रेनर निशा गौतम ने महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए विभिन्न विधाओं का हुनर सिखाया। वहीं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण ट्रेनर सीमा नसीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, ताकि वे हर विपरीत परिस्थिति का सामना निडरता और आत्मविश्वास से कर सकें। इस शिविर को सफल बनाने में प्रकल्प प्रभारी (आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत) संगीता अग्रवाल और प्रकल्प प्रभारी (अभिरुचि शिविर) बबीता गुप्ता ने अपनी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी परिषद और अतिथियों द्वारा सराहना की गई।

शिविर के समापन पर सभी संभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिससे ग्रामीण बालिकाओं के चेहरे खुशी और गौरव से खिल उठे। इस मौके पर, दोनों प्रशिक्षकों निशा गौतम और सीमा नसीम को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए परिषद की ओर से बधाई पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन सत्र में मीना उपाध्याय, उमा अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, रत्नाकर गोयल एवं मुकेश उपाध्याय भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और भारत विकास परिषद के इस सेवा कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    7 hrs ago
  • सारसोप क्षेत्र में रविवार को अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ दोपहर बाद धूल भरी तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इस बदलाव से कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया और लोगों को घरों व दुकानों में शरण लेनी पड़ी। आंधी के बाद शुरू हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों और पशुओं के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी सूचना मिली। ग्रामीणों ने मौसम में आए इस बदलाव का स्वागत करते हुए इसे गर्मी से राहत देने वाला बताया।
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    सारसोप क्षेत्र में रविवार को अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ दोपहर बाद धूल भरी तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इस बदलाव से कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया और लोगों को घरों व दुकानों में शरण लेनी पड़ी।

आंधी के बाद शुरू हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों और पशुओं के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी सूचना मिली। ग्रामीणों ने मौसम में आए इस बदलाव का स्वागत करते हुए इसे गर्मी से राहत देने वाला बताया।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • राजस्थान के पोकरण में एक मालगाड़ी बीच ट्रैक पर रुक गई, जिससे एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, लोको पायलट ने तुरंत कार्यवाही करते हुए एक बड़े संकट को टाल दिया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
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    राजस्थान के पोकरण में एक मालगाड़ी बीच ट्रैक पर रुक गई, जिससे एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, लोको पायलट ने तुरंत कार्यवाही करते हुए एक बड़े संकट को टाल दिया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस घटनाक्रम के बीच चार लोगों की दर्दनाक मौत होने की खबर सामने आई है, जिसने हालात को और चिंताजनक बना दिया है।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस घटनाक्रम के बीच चार लोगों की दर्दनाक मौत होने की खबर सामने आई है, जिसने हालात को और चिंताजनक बना दिया है।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    3 hrs ago
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