राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती समारोह उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुई, जहां से बड़ी संख्या में समाजजन एक भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्किल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए अहिल्या सर्किल पहुंची। अंत में नए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई, इस दौरान पूरा नगर महाराणा प्रताप के जयघोषों से गुंजायमान रहा। इसके बाद चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें साकेत साहित्य संस्थान के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ। कवियों ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मरण कराया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह के दौरान मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा करते हुए दिवंगत हुए कार्यकर्ताओं के परिजनों का भी सम्मान किया गया, जिनमें स्वर्गीय भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी कोयाद के परिवारजन शामिल थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) थे, विशिष्ट अतिथियों में सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मेवाड़ क्षत्रिय महासभा तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने की, जबकि संचालन प्रेमसिंह राणावत ने किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने अपने संबोधन में युवाओं से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, इसे उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक महाप्रसाद एवं भोजन प्रसादी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएं उपस्थित रहीं।
राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती समारोह उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुई, जहां से बड़ी संख्या में समाजजन एक भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्किल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए अहिल्या सर्किल पहुंची। अंत में नए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई, इस दौरान पूरा नगर महाराणा प्रताप के जयघोषों से
गुंजायमान रहा। इसके बाद चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें साकेत साहित्य संस्थान के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ। कवियों ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मरण कराया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह के दौरान मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा करते हुए दिवंगत हुए कार्यकर्ताओं के परिजनों का भी सम्मान किया गया, जिनमें स्वर्गीय भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी कोयाद के परिवारजन शामिल
थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) थे, विशिष्ट अतिथियों में सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मेवाड़ क्षत्रिय महासभा तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने की, जबकि संचालन प्रेमसिंह राणावत ने किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने अपने संबोधन में युवाओं से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, इसे उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक महाप्रसाद एवं भोजन प्रसादी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएं उपस्थित रहीं।
- राजसमंद जिले के रेलमगरा स्थित ग्राम पंचायत गोगाथला के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी और अन्य ग्रामीणों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप को मातृभूमि की रक्षा, स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम और त्याग का अद्वितीय प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपना जीवन मेवाड़ और भारत माता की रक्षा के लिए समर्पित किया और उनके अदम्य साहस, शौर्य तथा संघर्षपूर्ण जीवन से आज भी देशवासियों को प्रेरणा मिलती है। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने, कर्तव्यनिष्ठा, साहस, राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस दौरान मोतीलाल कुमावत, रतनलाल कुमावत, रमेशचंद्र सहित अन्य ग्रामीणजन मौजूद रहे। यह समारोह श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।3
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 किलोग्राम एमडी (MD) ड्रग्स बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बिजोलिया क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में, एक सुनसान जगह पर पूरा एमडी बनाने का कारखाना संचालित पाया गया। एएसपी पारसमल की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जहां एमडी नशा बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल और अन्य पदार्थ भी बड़ी मात्रा में मिले। पुलिस ने तैयार 36 किलोग्राम एमडी जब्त कर ली है।1
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी हाल ही में राजसमंद के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, राजसमंद में आयोजित जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं खेत बचाओ अभियान के प्रमोशन कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने राजसमंद जिले भर के प्रगतिशील किसानों से सीधे बातचीत की। कार्यशाला का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र में हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्री चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने प्राकृतिक खेती के महत्व, मिट्टी के स्वास्थ्य के संरक्षण और कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती का एक तरीका नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण को बचाने, मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का एक मजबूत साधन भी है। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता कम होती है, जबकि प्राकृतिक खेती मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत को भी कम करती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ मिलाकर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। किसानों को जैविक और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों जैसे जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और मिट्टी के संरक्षण के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अलावा, 'खेत बचाओ अभियान' के उद्देश्यों और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक बी एस राठौड़, उप निदेशक उद्यान कल्प वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी पी सी रैगर, सहायक निदेशक आत्मा संतोष दूरिया सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।4
- भीलवाड़ा जिले के आमली गाँव में जोरदार हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से क्षेत्र में अचानक मौसम बदल गया और ग्रामीणों को गर्मी से राहत मिली।1
- बड़ी सदड़ी में रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में क्वेंच स्टूडियो में फंसे लोगों की शिकायतें सामने आई हैं। यहां रेलवे ट्रैक पर स्टोन स्टोन स्टॉकहोम का विरोध भी किया जा रहा है। इस संबंध में, एक ग्रामीण महिला ने रेलवे अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि यह अवशेष तुरंत नहीं हटाया गया, तो गांव के लोग, बकरियां और गाय के बच्चे रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। महिला ने रेलवे निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की लेबल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों तथा दशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, महिला ने ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों से नारियल के गोले को भी तुरंत हटाने की अपील की है।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद4
- उदयपुर जिले के भटेवर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर मंगलवार देर रात दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिंघानिया कॉलेज के पास हाईवे रोड पर तब हुआ, जब पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही दूसरी कार को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, दोनों कारें मंगलवाड़ से उदयपुर की ओर जा रही थीं और इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में बोराव (रावतभाटा) निवासी रामलाल धाकड़ (35) पुत्र उदय लाल के पैर में गंभीर चोटें आई हैं।1
- राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती समारोह उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुई, जहां से बड़ी संख्या में समाजजन एक भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्किल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए अहिल्या सर्किल पहुंची। अंत में नए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई, इस दौरान पूरा नगर महाराणा प्रताप के जयघोषों से गुंजायमान रहा। इसके बाद चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें साकेत साहित्य संस्थान के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ। कवियों ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मरण कराया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह के दौरान मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा करते हुए दिवंगत हुए कार्यकर्ताओं के परिजनों का भी सम्मान किया गया, जिनमें स्वर्गीय भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी कोयाद के परिवारजन शामिल थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) थे, विशिष्ट अतिथियों में सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मेवाड़ क्षत्रिय महासभा तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने की, जबकि संचालन प्रेमसिंह राणावत ने किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने अपने संबोधन में युवाओं से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, इसे उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक महाप्रसाद एवं भोजन प्रसादी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएं उपस्थित रहीं।3