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उदयपुर जिले के भटेवर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर मंगलवार देर रात दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिंघानिया कॉलेज के पास हाईवे रोड पर तब हुआ, जब पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही दूसरी कार को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, दोनों कारें मंगलवाड़ से उदयपुर की ओर जा रही थीं और इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में बोराव (रावतभाटा) निवासी रामलाल धाकड़ (35) पुत्र उदय लाल के पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
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उदयपुर जिले के भटेवर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर मंगलवार देर रात दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिंघानिया कॉलेज के पास हाईवे रोड पर तब हुआ, जब पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही दूसरी कार को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, दोनों कारें मंगलवाड़ से उदयपुर की ओर जा रही थीं और इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में बोराव (रावतभाटा) निवासी रामलाल धाकड़ (35) पुत्र उदय लाल के पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती समारोह उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुई, जहां से बड़ी संख्या में समाजजन एक भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्किल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए अहिल्या सर्किल पहुंची। अंत में नए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई, इस दौरान पूरा नगर महाराणा प्रताप के जयघोषों से गुंजायमान रहा। इसके बाद चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें साकेत साहित्य संस्थान के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ। कवियों ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मरण कराया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह के दौरान मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा करते हुए दिवंगत हुए कार्यकर्ताओं के परिजनों का भी सम्मान किया गया, जिनमें स्वर्गीय भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी कोयाद के परिवारजन शामिल थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) थे, विशिष्ट अतिथियों में सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मेवाड़ क्षत्रिय महासभा तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने की, जबकि संचालन प्रेमसिंह राणावत ने किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने अपने संबोधन में युवाओं से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, इसे उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक महाप्रसाद एवं भोजन प्रसादी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएं उपस्थित रहीं।3
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी हाल ही में राजसमंद के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, राजसमंद में आयोजित जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं खेत बचाओ अभियान के प्रमोशन कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने राजसमंद जिले भर के प्रगतिशील किसानों से सीधे बातचीत की। कार्यशाला का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र में हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्री चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने प्राकृतिक खेती के महत्व, मिट्टी के स्वास्थ्य के संरक्षण और कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती का एक तरीका नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण को बचाने, मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का एक मजबूत साधन भी है। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता कम होती है, जबकि प्राकृतिक खेती मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत को भी कम करती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ मिलाकर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। किसानों को जैविक और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों जैसे जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और मिट्टी के संरक्षण के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अलावा, 'खेत बचाओ अभियान' के उद्देश्यों और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक बी एस राठौड़, उप निदेशक उद्यान कल्प वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी पी सी रैगर, सहायक निदेशक आत्मा संतोष दूरिया सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।4
- राजसमंद जिले के गोगाथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर प्रशासक छोगालाल सालवी और ग्राम वासियों ने महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित कर पुष्पांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के मातृभूमि की रक्षा, राष्ट्र प्रेम, स्वाभिमान और मेवाड़ की सुरक्षा के लिए दिए गए अमिट योगदान को याद किया गया। उन्हें अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक बताया गया। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने, कर्तव्य निष्ठा, साहस और जन सेवा के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मोतीलाल कुमावत, रतनलाल कुमावत और रमेश चंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।4
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद4
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं में किसानों ने कारखानों के विरोध में एक उग्र आंदोलन किया। यह प्रदर्शन कल हुआ, जिसमें सभी किसान कारखानों के खिलाफ एकजुट हुए और अपनी आवाज बुलंद की।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के डगला का खेड़ा में नर्वदेश्वर महादेव एवं शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे माहौल में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे।1
- राजस्थान के उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोड़ी के रोहिखेड़ा में एक जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला और 'खेत बचाओ अभियान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसानों से रासायनिक खादों का उपयोग छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाने का आग्रह किया।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई। कार्यक्रम का आरंभ चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुआ, जहाँ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्कल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुँची। यहाँ प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। शोभायात्रा के उपरांत चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा और साकेत साहित्य संस्थान के सहयोग से कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान का स्मरण किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी को विशेष रूप से याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) रहे, जबकि सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और प्रेमसिंह राणावत ने इसका संचालन किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने युवाओं से महाराणा प्रताप के स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। इस अवसर पर चतरसिंह राजावत, नवलसिंह राणावत, शंकरसिंह, भरतसिंह, प्रतापसिंह, दरियावसिंह, युवराजसिंह, नारायणसिंह सोलंकी, भूपेंद्रसिंह, रतनसिंह, लालसिंह, धन्सिंह, चंद्रवीरसिंह, खुमाणसिंह, राजेंद्रसिंह, ओनारसिंह, शैलेंद्रसिंह, रणवीरसिंह, कानसिंह, हेमेंद्रसिंह झाला, रतन भंवरसिंह, रतनसिंह राणावत, तेजसिंह, दीपसिंह, शंभूसिंह, पर्वतसिंह और भंवरसिंह सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन महाप्रसादी के आयोजन के साथ हुआ।4
- आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 400वीं जयंती मनाई जा रही है, जिसके उपलक्ष्य में उनकी युद्धस्थली हल्दीघाटी में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर युवाओं ने महापुरुषों के प्रति अपनी देशभक्ति का अद्भुत जज्बा दिखाया। खमनोर पंचायत समिति द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा खमनोर के रक्त तलाई में पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद शुरू हुई, जहाँ देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शोभायात्रा खमनोर के मुख्य मार्ग से होते हुए शाही बाग पहुँची। इस शोभायात्रा में ऊंट गाड़ी, घोड़े और महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी सजीव झांकियाँ शामिल थीं, साथ ही मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महापुरुषों की झांकियां भी सजाई गई थीं, जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। शाही बाग में एक विशाल मेला और विभिन्न देशभक्ति व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति ने यहाँ तीन दिवसीय मेले की व्यवस्था भी की है, जहाँ रात्रि में सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान उमड़ी भीड़ को देखते हुए खमनोर थाना पुलिस द्वारा पर्याप्त छात्र तैनात किया गया है।1