झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित सूमर कस्बे और इसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार हुई इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों, मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का, उड़द और बाजरा को नया जीवनदान मिला है। किसानों का कहना है कि सही समय पर हुई यह बारिश फसलों की बढ़वार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी और इससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद जगी है। बारिश के दौरान ही कई किसान फसलों की स्थिति का जायजा लेने खेतों की तरफ निकल पड़े। दूसरी तरफ, इस लगातार बारिश के कारण कस्बे के कई निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो गया, जिसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस व गर्मी से बड़ी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी संतुलित बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो यह खरीफ सीजन की फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा और इससे उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित सूमर कस्बे और इसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार हुई इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों, मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का, उड़द और बाजरा को नया जीवनदान मिला है। किसानों का कहना है कि सही समय पर हुई यह बारिश फसलों की बढ़वार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी और इससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद जगी है। बारिश के दौरान ही कई किसान फसलों की स्थिति का जायजा लेने खेतों की तरफ निकल पड़े। दूसरी तरफ, इस लगातार बारिश के कारण कस्बे के कई निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो गया, जिसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस व गर्मी से बड़ी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी संतुलित बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो यह खरीफ सीजन की फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा और इससे उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
- झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित सूमर कस्बे और इसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार हुई इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों, मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का, उड़द और बाजरा को नया जीवनदान मिला है। किसानों का कहना है कि सही समय पर हुई यह बारिश फसलों की बढ़वार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी और इससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद जगी है। बारिश के दौरान ही कई किसान फसलों की स्थिति का जायजा लेने खेतों की तरफ निकल पड़े। दूसरी तरफ, इस लगातार बारिश के कारण कस्बे के कई निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो गया, जिसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस व गर्मी से बड़ी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी संतुलित बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो यह खरीफ सीजन की फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा और इससे उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।1
- झालावाड़ के खानपुर उपखंड क्षेत्र में अल सुबह से लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस दौरान पनवाड़ क्षेत्र में करीब 35 मिनट तक तेज बारिश हुई। इस अच्छी बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है और उनके चेहरे खिल उठे हैं।1
- कोटा जिले के सांगोद और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद कुदरत का अनोखा करम हुआ है, जिसने क्षेत्र के हजारों अन्नदाताओं के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। बीते करीब बीस दिनों से बारिश की एक-एक बूंद को तरस रही सोयाबीन की सूखती फसल के लिए यह बरसात किसी अमृत और वरदान से कम साबित नहीं हुई है। सांगोद कस्बे सहित समीपवर्ती बपावर और मोईकलां क्षेत्र में सुबह लगभग नौ बजे के आसपास अचानक बादलों की आवाजाही बढ़ी और देखते ही देखते मध्यम गति की बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे किसानों की तमाम चिंताएं धुल गईं। दरअसल, क्षेत्र के किसानों ने लगभग तीन सप्ताह पहले भारी उम्मीदों के साथ अपने खेतों में सोयाबीन की बुवाई की थी, लेकिन बुवाई के बाद से ही मौसम लगातार शुष्क बना हुआ था। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी तेजी से सूखने लगी थी और किसानों की रातों की नींद उड़ चुकी थी। फसल के पूरी तरह से नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था, जिससे पूरा किसान समुदाय बेहद चिंतित और हताश नजर आ रहा था। ऐसे संकट के समय में शुरू हुई इस लगातार और मध्यम गति की बारिश ने खेतों की प्यास बुझाई है और सोयाबीन की फसल को एक नया जीवनदान दे दिया है। मानसून की इस मेहरबानी से अब पूरे क्षेत्र के वातावरण में ठंडक घुल गई है और कृषि गतिविधियों में एक बार फिर से नई ऊर्जा का संचार हो गया है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश न केवल पौधों की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी थी, बल्कि इससे आने वाले दिनों में फसल की पैदावार भी काफी बेहतर होगी।1
- झालावाड़ के झालरापाटन स्थित गोमती सागर तालाब पर मंगलवार को मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण करना था। मॉकड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोमती सागर तालाब का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव से किनारे पर मौजूद लगभग 30 लोगों के पानी में घिरने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने SDRF, NDRF, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस की टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना किया। बचाव दलों ने मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद घटनास्थल पर बने अस्थायी राहत शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार का अभ्यास किया। इस संयुक्त मॉकड्रिल में SDRF के 34, NDRF के 31 और भारतीय सेना के 81 जवानों सहित कुल 146 प्रशिक्षित जवानों ने भाग लेकर आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्रिगेडियर संजय रावत, कमांडिंग ऑफिसर रोहित ढोबाल, मेजर निखिल, कंपनी कमांडर SDRF एकता हाड़ा, पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया, जिला परिषद CEO शंभुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, DSP हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ASP भागचंद मीणा और NDRF कमांडेंट निशांत कुमार ने भी इस मॉकड्रिल की तैयारियों और सफल संचालन की जानकारी दी।1
- धर्मेंद्र प्रधान के साथ अब नरेंद्र मोदी से भी इस्तीफा देने की मांग की गई है। कोकरोच जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए इन दोनों के इस्तीफे की मांग उठाई गई है।1
- झालावाड़ के खानपुर कस्बे में कांता प्लाजा के सामने जैन मंदिर दर्शन के लिए आए तीर्थयात्रियों को मंगलवार रात करीब 8:50 बजे एक अज्ञात बाइक सवार ने निशाना बनाया। आरोपी मध्य प्रदेश के विदिशा से आई एक महिला का पर्स झपटकर फरार हो गया, जिसमें करीब ₹20 हजार नकद और एक मोबाइल फोन रखा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। इस वारदात के बाद तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्याप्त है।1