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प्रयागराज जिला अधिकारी मनीष वर्मा ने जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्या सुनी। इस दौरान उन्होंने एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला अधिकारी ने कहा तत्काल इस मामले में निस्तारण करके कार्यालय को रिपोर्ट भेजें। प्रयागराज जिला अधिकारी मनीष वर्मा ने जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्या सुनी। इस दौरान उन्होंने एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला अधिकारी ने कहा तत्काल इस मामले में निस्तारण करके कार्यालय को रिपोर्ट भेजें।
Rajesh Kumar
प्रयागराज जिला अधिकारी मनीष वर्मा ने जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्या सुनी। इस दौरान उन्होंने एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला अधिकारी ने कहा तत्काल इस मामले में निस्तारण करके कार्यालय को रिपोर्ट भेजें। प्रयागराज जिला अधिकारी मनीष वर्मा ने जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्या सुनी। इस दौरान उन्होंने एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला अधिकारी ने कहा तत्काल इस मामले में निस्तारण करके कार्यालय को रिपोर्ट भेजें।
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- तेज रफ्तार ट्रक, महिला और दो वर्षीय मासूम को रौंदा, दोनों की मौत, मचा कोहराम तेज रफ्तार ट्रक, महिला और दो वर्षीय मासूम को रौंदा, दोनों की मौत, मचा कोहराम नैनी ,प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला और उसके दो वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई। महूवारी स्थित सरस्वती हाईटेक सिटी के सामने पानी लेने जा रही महिला और उसके मासूम बेटे को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मृतकों की पहचान माया देवी पत्नी परमचंदर उर्फ बचनू और उनके दो वर्षीय पुत्र खतरू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों सुबह पानी लेने के लिए जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार मृतक परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलोही कला पोस्ट हनुमना गांव का रहने वाला है। परिवार पिछले करीब चार वर्षों से सरस्वती हाईटेक सिटी के समीप झोपड़पट्टी में रहकर मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना में शामिल ट्रक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।1
- *शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक का मरीजों से तीन से चार हजार रुपए के लेनदेन को लेकर वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय : भाग तीन ?*1
- ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर पंडालों में विराजमान हुए गजानन गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा बारा, भगवा झंडों के साथ नाचते-गाते निकले श्रद्धालु यूनाइटेड भारत बारा मनोज कुमार बिन्द बारा, प्रयागराज। गणेश चतुर्थी के अवसर पर रविवार रात बारा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। रात करीब आठ बजे विभिन्न स्थानों पर सजाए गए गणेश पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विधि-विधान के साथ विराजमान कराया गया। इससे पहले श्रद्धालुओं ने ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर भव्य शोभायात्रा निकाली। इस दौरान बारा का वातावरण ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त हाथों में भगवा झंडे लेकर नाचते-गाते गणपति प्रतिमाओं के साथ बारा बाजार में भ्रमण करते नजर आए। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। ढोल-ताशों की थाप और धार्मिक गीतों पर युवा जमकर झूमते रहे। महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान बारा बाजार में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गणपति की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए सड़क के किनारे बड़ी संख्या में लोग एकत्रित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। शोभायात्रा निर्धारित पंडालों में पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच गणपति की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। प्रतिमा स्थापित होते ही पंडालों में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया। आयोजकों की ओर से पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। देर रात तक बारा स्थित भैरव बाबा मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा। गणपति बप्पा के जयकारों, ढोल-ताशों और धार्मिक गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर पंडालों में विराजमान हुए गजानन गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा बारा, भगवा झंडों के साथ नाचते-गाते निकले श्रद्धालु यूनाइटेड भारत बारा मनोज कुमार बिन्द बारा, प्रयागराज। गणेश चतुर्थी के अवसर पर रविवार रात बारा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। रात करीब आठ बजे विभिन्न स्थानों पर सजाए गए गणेश पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विधि-विधान के साथ विराजमान कराया गया। इससे पहले श्रद्धालुओं ने ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर भव्य शोभायात्रा निकाली। इस दौरान बारा का वातावरण ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त हाथों में भगवा झंडे लेकर नाचते-गाते गणपति प्रतिमाओं के साथ बारा बाजार में भ्रमण करते नजर आए। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। ढोल-ताशों की थाप और धार्मिक गीतों पर युवा जमकर झूमते रहे। महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान बारा बाजार में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गणपति की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए सड़क के किनारे बड़ी संख्या में लोग एकत्रित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। शोभायात्रा निर्धारित पंडालों में पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच गणपति की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। प्रतिमा स्थापित होते ही पंडालों में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया। आयोजकों की ओर से पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। देर रात तक बारा स्थित भैरव बाबा मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा। गणपति बप्पा के जयकारों, ढोल-ताशों और धार्मिक गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।2
- धारा पहाड़ी पर ब्लास्टिंग से हड़कंप घायल अवस्था में मिला राष्ट्रीय पक्षी मोर ग्रामीणों ने उठाए सवाल बारा, प्रयागराज बारा, प्रयागराज। धारा पहाड़ी पर हो रही हैवी ब्लास्टिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहाड़ी पर आज घायल अवस्था में राष्ट्रीय पक्षी मोर मिला है, जिसके बाद स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे धारा पहाड़ पर सैकड़ों मोरों का प्रवास है और यह क्षेत्र उनका प्राकृतिक आशियाना है। लगातार हो रही एक्सप्लोसिव ब्लास्टिंग से वन्य जीवों का जीवन खतरे में पड़ गया है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि खनन जरूरी है तो बिना एक्सप्लोसिव ब्लास्टिंग के ही खनन कार्य कराया जाए, ताकि राष्ट्रीय पक्षी मोर और अन्य वन्य जीवों को बचाया जा सके। वहीं लोगों वन विभाग पर ही उठा रहे सवाल1
- Post by Raju Yadav1
- उत्तर-प्रदेश के बाराबंकी में आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद और पुलिस के बीच हुई जोरदार झड़प... गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी पुलिस ने रामनगर थाना क्षेत्र के पास रोक लिया, जिसके बाद वहां भारी हंगामा और पुलिस से तीखी झड़प हुई। यह पूरी घटना आज दिनांक 13 सितंबर 2026 की है जब गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई है, चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ गोंडा के लिए निकले थे। कानून-व्यवस्था और तनाव की स्थिति को देखते हुए बाराबंकी पुलिसने बहराइच-बाराबंकी हाईवे पर रामनगर क्षेत्र और शहाबपुर टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोक दिया। रोके जाने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोक-झोंक हुई, इस दौरान उग्र समर्थकों द्वारा टोल प्लाजा का बैरियर तोड़े जाने की भी खबर सामने आ रही है ।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस चंद्रशेखर आजाद को रामनगर के सर्किट हाउस और बुढ़वल गेस्ट हाउस ले गई, जहां उन्हें कुछ समय के लिए रोक कर रखा गया, बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें वापस भेज दिया गया, चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना को राजनीतिक करार देते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।2
- बिजली कटौती से परेशान यमुनापार के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने सरकार को प्रयागराज जसरा,। यमुनापार के गौहनिया पावर हाउस से बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं।कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष जसरा पवन मालवीय ने कहा कि सरकार 18-22 घंटे बिजली का दावा करती है, लेकिन शाम होते ही बारा-जसरा क्षेत्र में बिजली गायब हो जाती है। 12 बजे, 2 बजे रात में कटौती से बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं।मालवीय ने कहा कि इसको लेकर JE से लेकर MD तक शिकायत की गई है। जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा।1
- अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है। अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है।2
- *राष्ट्रीय लोक अदालत ने रचा इतिहास-2,54,642 मामलों का निस्तारण, 1990 से चला आ रहा विवाद सुलह से समाप्त* *12.70 लाख जुर्माना वसूल, 9.19 करोड़ का प्रतिकर अवार्ड पारित* मीरजापुर 12 सितम्बर 2026- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर अनुपम कुमार के मार्गदर्शन में दिनांक 12.09.2026 को जनपद न्यायालय, मीरजापुर, वाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान, ग्राम न्यायालय लालगंज एवं जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों/स्थलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत) संतोष कुमार गौतम, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनन्द कुमार-प्प्, समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अभयराज सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं बैंक अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, वादकारियों को त्वरित एवं अधिकाधिक सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद न्यायालय परिसर सहित जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों एवं स्थलों पर बड़ी संख्या में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,54,642 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में कुल मु0 12,70,405.00 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा मृतकों एवं घायलों के पक्ष में मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में लगभग 9,19,80,360.00 रुपये़ के प्रतिकर अवार्ड पारित किए गए। मीरजापुर के इतिहास में इतने मुकदमों का निस्तारण पहली बार हुआ है। राष्ट्रीय लोक अदालत की विशेष उपलब्धि अपर जनपद न्यायाधीष-प्रथम संतोश कुमार गौतम द्वारा 1990 से चले आ रहे मुकदमें का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, यह निस्तारण इस बात का उल्लेखनीय उदाहरण है कि वर्षों से लंबित विवादों का भी संवाद, सहमति एवं समझौते के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान संभव है एवं प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह द्वारा 20 वर्ष से अधिक पुराने 02 वाद तथा 10 वर्ष से अधिक पुराने 09 वादों का भी निस्तारण किया गया। लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, दीवानी वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित प्रकरण, विद्युत एवं अन्य विभागों से संबंधित मामले, राजस्व संबंधी प्रकरण तथा विभिन्न प्रकार के प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर आनन्द कुमार-ll ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मुकदमों की संख्या कम करना नहीं है, बल्कि पक्षकारों को ऐसा न्यायसंगत एवं सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट होकर न्यायालय से वापस लौटें। वर्ष 1990 से चले आ रहे विवाद का निस्तारण इसी भावना की एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी मिसाल है। लोक अदालत के माध्यम से वादों का निस्तारण होने से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा पारस्परिक संबंध बने रहते है।2